सिद्धार्थनगर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का बुरा हाल

धर्मवीर गुप्ता

सिद्धार्थनगर जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का बुरा हाल है. ज्यादातर विद्यालय में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है. बाउंड्री वॉल से लेकर पीने का पानी और साफ-सफाई से लेकर बाथरूम के दरवाजे भी ज्यादातर विद्यालय में नहीं है. अफसोस की बात यह है कि सिद्धार्थनगर जिला उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी का गृह जनपद है और यही के इटवा विधानसभा सीट से वह निर्वाचित हुए हैं. आज हम आपको बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में एक आवासीय कस्तूरबा विद्यालय का हाल दिखाते हैं. इसे आप खुद अंदाजा लगाएंगे कि जिले में इन विद्यालयों का क्या हाल है।

सुनसान खेतों में खड़ी यह इमारत इटवा ब्लाक के सिसवा बुजुर्ग गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की है. इस आवासीय विद्यालय में वर्तमान में लगभग9 90 बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन है. कोरोना की वजह से बच्चियां तो नहीं है लेकिन यहां का स्टाफ रहता है. इस विद्यालय का हाल यह है कि 3 साल से यहां की बाउंड्री टूटकर पूरी तरह से धराशाई हो गई है. बाउंड्री वाल और गेट ना होने से आवारा कुत्ते और जानवर बेरोकटोक विद्यालय परिसर और कमरे में घूमते हैं विद्यालय में साफ सफाई कहीं नजर नहीं आ रही है. किचन हो या बच्चों के इस्तेमाल की अन्य चीजें इधर-उधर बिखरी पड़ी है हद तो यह है कि यहां पीने के साफ पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और विद्यालय में स्थित शौचालय में दरवाजा तक नहीं है ऐसा नहीं है कि विद्यालय की ऐसी दयनीय स्थिति अभी हाल में हुई है विद्यालय की हालत पिछले 3 सालों से ही ऐसी है।

शिक्षा मंत्री का विधानसभा क्षेत्र होने के नाते यहां का स्टाफ भी डरा सहमा रहता है. यहां मौजूद स्टाफ यहाँ की कमियों को कैमरे पर बताने को तो बिल्कुल तैयार नहीं है लेकिन छिपाकर रिकॉर्ड की गई उनकी बातों से आप उनकी परेशानी और डर का अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं।

यहां की वार्डन ने बताया कि कमियों को लेकर जिला प्रशासन को पिछले 3 सालों से कई बार लिखित अवगत करा चुकी हैं लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है वार्डन ने बताया कि विद्यालय मेंटेनेंस के लिए लगभग ₹6000 महीना आता है लेकिन मुख्यालय से उन्हें यह धनराशि भी नहीं मिलती ।

बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं और यहां हर महीने में उनका दौरा अपनी विधानसभा क्षेत्रों में होता है मंत्री बनने के बाद यहां के लोगों को उनसे काफी उम्मीदें भी थी कि जिले के सभी विद्यालयों का कायाकल्प होगा और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ सुधार होगा उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस दयनीय अवस्था में पहुंच चुके विद्यालय के बारे में उनसे बात की गई तो नेताओं के रटे रटाये सटीक शब्दों में उन्होंने कह दिया जल्द ही सभी आवासीय कस्तूरबा विद्यालयों की कमियां दूर कर दी जाएगी इस पर काम शुरू होने वाली है. वहीं स्कूल में मेंटेनेंस का पैसा ना मिलने की बात पर मंत्री जी ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही।

मंत्री के गृह जनपद में तैनात बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह को यहां के कार्यभार ग्रहण किए 2 माह से ज्यादा हो चुके हैं. इनका दावा है कि वह बराबर सभी विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी करते हैं लेकिन इस कस्तूरबा विद्यालय की इस दयनीय स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं है और ना ही उन्हें यह पता है कि विद्यालय में मेंटेनेंस का पैसा क्यों नहीं जा रहा है।

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