जनसंख्या वृद्धि का कृषि उत्पादन पर प्रभाव विषय़ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीपीगंज,गोरखपुर के भूगोल विभाग के तत्वाधान में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह कुलपति, उत्तर प्रदेश राजश्री टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने यह बताया कि भारत देश में एक तरफ जनसंख्या का दबाव दिखाई देता है लेकिन दूसरी तरफ वह कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी इसका प्रभाव कृषि पर दिखाई नहीं देता। यदि शिक्षित एवं कौशलयुक्त जनसंख्या का दबाव बढ़ता है तो देश के लिए वरदान है लेकिन जैसे ही अशिक्षित एंव कौशलविहीन जनसंख्या बढ़ेगी देश के लिए अभिशाप होगा।उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत शिल्प प्रधान देश है जहां पर वह विभिन्न कृषि संसाधनों से उत्पाद तैयार कर सकता है। यदि किसी राष्ट्र का विकास करना तो वहाँ बाहर से आयातित किया गया तकनीक काम नहीं आएगा उसके गर्भ में, उसकी संस्कृत में जो तकनीक या विधियां होंगी उसी से राष्ट्र विकसित होगा।

मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जगदीश सिंह ने यह बताया कि भारत प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण सघन कृषि योग्य जनसंख्या संसाधन से भरपूर एक राष्ट्र है जिसमें खाद्य कृषि सघनता से की जा सकती है जिसका परिणाम हरित क्रांति, श्वेत क्रांति एवं इंद्रधनुष क्रांति के माध्यम से भारत देख चुका है।जरूरी यह है कि कोई भी कृषि उत्पाद जब उपलब्ध हो तो उसको एक सशक्त मार्केटिंग की व्यवस्था मौजूद हो तब कृषि वस्तुओं का मूल्य अच्छा मिल सकता है। उदाहरण देकर बताया कि कोई चैन तभी मजबूत हो सकती है जब उसकी सबसे कमजोर कड़ी भी ताकतवर हो इसलिए जो कृषि उत्पाद होते हैं उनके लिए आवश्यक मार्केट और उपभोक्ता मौजूद रहें।

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोल रहे हैं बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर भूगोल विभाग के अध्यक्ष डाब बृजेश सिंह ने बताया कि गंगा बेसिन में जितनी सघन कृषि की जा सकती है उतना किसी भी परीक्षेत्र में संभव नहीं है और यहां से पूरे विश्व को खिलाने की क्षमता केवल गंगा बेसिन में है।आगत अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नित्यानंद ने किया संगोष्ठी के विषय परिवर्तन डॉ प्रमोद कुमार ने किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील कुमार प्रसाद एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री सूरज प्रकाश मिश्रा ने किया इस अवसर पर डॉ अमित कुमार, डॉ श्रीराम यादव,डॉ करुणेन्द्र सिंह डॉ संजीव कुमार सिंह डाॅ रूपम शर्मा डाॅ रंजू यादव श्रीमती स्नेहा श्रीवास्तव, डॉ उमेश कुमार,डॉ नरेंद्र शर्मा ,डॉ अरविंद कुमार डॉ रामचेत यादव Dr Sanjit Kumar Singh आदि उपस्थित रहे। शाम को तकनीकी सत्र में लगभग 6 पेपर पढ़े गए।

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