पाली हाउस, ग्रीनहाउस एवं नेट हाउस उपयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण

पवन पांडेय।आज दिनांक 24-01-2020 दिन शुक्रवार को उद्यान विज्ञान विषय द्वारा महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र चौक माफी पीपीगंज में सरकारी सेवारत कर्मियों के लिए औधायानिक फसल उत्पादन में पाली हाउस, ग्रीनहाउस एवं नेट हाउस उपयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी सेवारत कर्मियों को संरक्षित खेती के विषय में विस्तृत जानकारी कराना था जिससे जनपद में सब्जी की उत्पादकता बढ़ सके। डॉक्टर आरपी सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि संरक्षित खेती का मुख्य उद्देश्य फसलों को मुख्य जीवित या अजीवित कारकों से बचाकर प्रतिकूल वातावरण व प्रतिकूल परिस्थितियों में भी फसलों से गुणवत्ता युक्त अधिक उत्पादन प्राप्त करना है इसके पश्चात केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ अजीत कुमार श्रीवास्तव मुख्य विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारे देश में सब्जियों की कम उत्पादकता का मुख्य कारण सब्जी उत्पादन में अभी भी परंपरागत विधियों एवं तकनीकों का अपनाया जाना है खुले वातावरण में उत्पादकता एवं गुणवत्ता प्रभावित होती है संरक्षित खेती दारा इन जीवित कारकों को आसानी से नियंत्रण किया जा सकता है मुख्यता सब्जी व फूलों के उत्पादन हेतु पाली हाउस ग्रीन हाउस एवं नेट सेट हाउस का उपयोग किया जाता है पाली हाउस दो तरह के होते हैं प्रथम नेचुरल वेंटिलेटेड हाउस दूसरा फैन एवं पैड द्वारा पॉली हाउस, पाली हाउस के अंदर बे मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर सकते हैं फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है इसके द्वारा कम क्षेत्रफल से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं प्राप्त उपज की गुणवत्ता भी अच्छी होती है संकर बीजों की नर्सरी आसानी से तैयार हो जाती है पाली हाउस में लगाने के लिए उपयुक्त सब्जियां हैं जैसे शिमला मिर्च, चेरी टमाटर, बीज रहित खीरा, ब्रोकली, बैगन इत्यादि। पौध उत्पादन हेतु प्रयोग में ली जाने वाली प्लास्टिक प्रो ट्रे में खाने के आकार व आयतन का विभिन्न सब्जी पौध लगाने के लिए उपयोग किया जाता है प्लास्टिक ट्रे में उपयोग किए जाने वाला माध्यम मुख्यता कोकोपीट वर्मीकोलाइट व परलाइट को तीन अनुपात एक अनुपात एक के अनुपात में मिलाया जाता है तथा इस में पानी मिलाकर गीला होने के बाद पो ट्रे में भरा जाता है तथा सब्जियों के बीजों को प्रत्येक खाने में एक बीज के हिसाब से बोया जाता है बीज के जमाव हेतु उपयुक्त तापमान इस पाली हाउस में उपलब्ध कराना आवश्यक है बीज के अंकुरण के बाद ट्रे को नेट हाउस में रख दिया जाता है इस तरह से पाली हाउस में सब्जियों की पौध को आसानी से उगाया जा सकता है कार्यक्रम की अगली कड़ी में कर्मियों को केंद्र पर स्थापित पाली हाउस एवं नेट हाउस का भ्रमण कराया गया तथा कार्यक्रम के अंत में केंद्र के तकनीकी सहायक श्री जितेंद्र कुमार सिंह द्वारा आए हुए भटहट पिपराइच एवं चरगांवा ब्लॉक के समस्त सेवारत कर्मियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक कुमार गिरी हृदय स्वर यादव राकेश शर्मा खुशी नंद कुशवाह जामवंत पटेल निखिलेश मणि त्रिपाठी मनोज कुमार मिश्र आदि ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष द्वारा कर्मियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया

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