लखनऊ मेट्रो परियोजना से भी तेज रफ़्तार से आगे बढ़ा कानपुर मेट्रो परियोजना का कार्य

रत्नेश श्रीवास्तव कानपुर। कानपुर में आईआईटी से मोतीझील के बीच लगभग 9 किमी. लंबे प्रयॉरिटी कॉरिडोर का निर्माण कार्य असाधारण गति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. (यूपीएमआरसी) की टीम ने 6 महीने के बेहद कम समय में 300 यू-गर्डर्स का इरेक्शन (परिनिर्माण) पूरा कर, लगभग आधी दूरी तक मेट्रो ट्रैक का आधार बिछा दिया है। प्रयॉरिटी कॉरिडोर (प्राथमिक सेक्शन) के अंतर्गत कुल 622 यू-गर्डर्स रखे जाने हैं और इस हिसाब से यूपी मेट्रो ने लगभग आधे यू-गर्डर्स का इरेक्शन पूरा कर लिया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

आईआईटी से मोतीझील के बीच आधी दूरी तक मेट्रो ट्रैक का आधार तैयार

यूपी मेट्रो की टीम ने लगभग 6 महीने में रख डाले 300 यू-गर्डर्स

पहला शतक 67 दिन, दूसरा 63 और तीसरा 57 दिनो में
11 अगस्त, 2020 को मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की उपस्थिति में और यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव के नेतृत्व में यू-गर्डर्स के परिनिर्माण की शुरुआत आईआईटी कानपुर के नज़दीक से हुई थी।इसके बाद यूपी मेट्रो ने शुरुआती 100 यू-गर्डर्स का इरेक्शन 67 दिनों में पूरा किया। यू-गर्डर्स के इरेक्शन की रफ़्तार लगातार बढ़ती गई और यूपीएमआरसी ने 200 यू-गर्डर्स के इरेक्शन का आंकड़ा अगले 63 दिनों में और 300 का अगले 57 दिनों में हासिल किया। इस तरह कुल 187 दिनों के समय में मेट्रो की टीम ने प्रयॉरिटी कॉरिडोर के अंतर्गत 300 यू-गर्डर्स के परिनिर्माण का सफ़र पूरा कर लिया है।

इस उपलब्धि पर मेट्रो टीम की सराहना करते हुए प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव ने कहा, “13 फ़रवरी की रात में यूपी मेट्रो की टीम ने 300 यू-गर्डर्स का इरेक्शन पूरा कर लिया। इतने कम समय में यह आंकड़ा छूना एक बड़ी उपलब्धि है। मैं कानपुर मेट्रो परियोजना में कार्यरत यूपी मेट्रो के इंजीनियरों के साथ-साथ प्रयॉरिटी कॉरिडोर का सिविल निर्माण कर रहे कॉन्ट्रैक्ट ऐफ़कॉन्स को और जनरल कन्सलटेन्ट (जीसी) की पूरी टीम को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया। शहरवासियों को तय-समय पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने लक्ष्य की ओर हम पूरी गति और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

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