अधिकारी मस्त, किसान त्रस्त, बिचौलिए मालामाल
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नैमिष शुक्ला। सीतापुर जनपद मे क्रय केंद्रों की धान खरीद आज तक अक्टूबर में 2,86,926 कुंतल व 12 नवंबर तक 99,832 कुंतल शहर गल्ला मंडी में धान की आवक हुई जिसमें शहर की गल्ला मंडी सरकारी क्रय केन्द्रो में भारतीय खाद्य निगम व हॉट शाखा के 5 क्रय केंद्रों पर महज 3500 कुंतल खरीद हो पाई। मंडी कार्यालय द्वारा बताया गया की शेष आवक धान किसान का मनचाहे भाव बिचौलियों के हाथ बेचने पर मजबूर है । 9.89 लाख कुंतल धान खरीद के लक्ष्य के तीन प्रतिशत ही धान खरीद होना बताया गया है ।

उत्तर प्रदेश जनपद सीतापुर में धान क्रय केंद्रों में 65 अनुमोदित किए गए जिसमें 32 पीसीएफ के 22 केंद्र निष्क्रीय है 40 क्रय केंद्र की अब तक खरीद होना बताया गया जबकि जिले में 05 लाख 50 हजार किसान है जिसमे जिसमे 5062 किसान अभी तक पँजीकृत है ।जबकि अब तक मात्र 577 किसानो द्वारा अपना 28793 कुंतल धान क्रय केन्द्रों पर बेचा गया है जो धान खरीद के लक्ष्य के तीन प्रतिशत ही होना बताया गया है। जबकि शहर गल्ला मंडी में अक्टूबर माह में धान की आवक 2,86,926 तथा 12 नवंबर तक 99,832 कुंतल हुई है लेकिन 5 सरकारी क्रय केंद्रों में कर्मचारी कल्याण निगम ,भारतीय खाद्य निगम व हॉट शाखा आदि पर केवल 3500 कुंतल ही खरीद हो पाई होना मंडी कार्यालय द्वारा बताया गया जिसमे शेष धान को किसान बिचौलियों के हाथ बेचने पर मजबूर होना पड़ा ।

जबकि किसान अशोक का कहना है कि मैं रेउसा से धान बेचने के लिए 105 कुंतल लाया था लेबी में बिक्री न होंने से 1365 रूपये प्रति कुंतल में विचौलियो के हाथ बेचा जिसमें मेरा लगभग 400 रूपये प्रति कुंतल की हानि हुई है यही सरकारी खरीद होती तो खाद पानी व बीज का पैसा निकल आता ।

वहीं जगजीत सिंह का कहना है कि हमने 300 कुंतल धान 1300 रूपये प्रति कुंतल में बिचौलियों के हाथ बेचने पर मजबूर होना पड़ा क्योंकि लेबी ने मेरा धान नही खरीदा वह किसानों का कोई न कोई बहाना बनाकर वापस कर देती है बिचौलियों तथा बनियों का ही धान खरीदती है जिससे बहुत नुकसान हुआ इसकी कौन भरपाई करेगा ।

इसी प्रकार फत्तेपुर से धान बेचने आये केशन ने बताया की मेरा 55 कुंतल धान 1340 रूपये प्रति कुंतल में बेचना पड़ा जिसमे मेरा भारी नुकसान हुआ ।

जबकि धान की सरकारी खरीद 1750 रूपये प्रति कुंतल तथा ए ग्रेट का 1770 रूपये प्रति कुंतल है किसान अपना धान बिचौलियों व दलालो या खुली मंडी के हाथ बेचने पर मजबूर है ।

केवल शहर की मंडी में धान की आवक अक्टूबर में 2,86,926 कुंतल व 12 नवम्बर तक 99,832 कुंतल है तथा कुल शहर मण्डी में धान की आवक 3,86,758 कुंतल हुई है वही सरकारी खरीद 3500 कुंतल मंडी कार्यालय के आंकड़ो के अनुसार हुई है तब 3,83,258 कुंतल धान किसान को या विचौलियो ,दलालो , खुले बाजार में बेचना पड़ रहा है यही प्रश्न चिन्ह लगाता है वही सरकारी खरीद जिले में मात्र 40 क्रय केन्द्रो से लक्ष्य के सापेक्ष तीन प्रतिशत ही हो पायी है यही जाँच का विषय है ।

प्रश्न यह उठता है जब किसानो का क्रय केंद्रों पर जिले की खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग तीन प्रतिशत ही सरकारी खरीद हो पायी ऐसा क्यों – ?
जबकि उदाहरण स्वरूप जिले की खरीद का लक्ष्य 9.89 लाख कुंतल था खरीद केवल 28795 कुंतल लगभग तीन प्रतिशत जो कि बहुत कम है इसी प्रकार शहर गल्ला मंडी में आज तक धान की आवक अक्टूबर माह की 2,86,926 कुंतल तथा 12 नवम्बर तक 99,832 कुंतल है वही सरकारी क्रय केन्द्रो पर खरीद महज 3500 कुंतल हुई शेष धान 3,83,258 कुंतल विचौलियो के हाथ किसान को बेचने पर मजबूर होना पड़ा ऐसा क्यों – ?

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