बाढ़ की विभीषिका में दो दर्जन से अधिक घर तबाह,दर्जनों मवेशियों की मौत
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सोनभद्र। जिले के अति नक्सल प्रभावित पहाड़ी गांव रामपुर गांव में रात में हुई भीषण बरसात से घाघरा नदी में आई बाढ़ की विभीषिका में दो दर्जन से अधिक घर तबाह,दर्जनों मवेशियों की बाढ़ में बहने से मौत,लाखो की हुई क्षति।पहली बरसात में ही आई भयंकर बाढ़। जिसमे दो दर्जन से अधिक लोगो के घर गिर गए,दर्जनों मवेशी बाढ़ में वह गए,सैकड़ो घरो में घुसा पानी जिससे खाने पीने की समान हुई नष्ट।मौके पर पहुचे लेखपाल ने बताया कि लगभग 10 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है और दर्जनों,मवेशी,घर और खाने पीने की समान बह गए।

अति नक्सल प्रभावित पहाड़ी क्षेत्र के रामपुर बरकोनिया थाना इलाके के रामपुर गांव में बीती रात गांव में आई बाढ़ से एक तरफ जहां रास्ते,नाले, पुल ,पुलिया बह गए वही सभी ग्रामीणों का भारी नुकसान हो गया है। बाढ़ की खबर सुनते ही ब्लाक प्रमुख नगवां प्रशांत सिंह दल बल के साथ रामपुर पहुँचे और लोगो का हाल जाना।जहां बाढ़ की विभीषिका देखकर आश्चर्य चकित रह गए।25 से अधिक घर धराशाही हो गए और सैकड़ो घरो में पानी घुसने से जर्जर हालत में हो गए है।घर में खाने पीने की सभी आवश्यक वस्तुएं नष्ट हो चुकी है,घर के बाहर बधे मवेसी बाढ़ के पानी मे बह गए। इतना ही नही बाढ़ इतनी भयंकर थी कि गांव में लगे 11 हजार के तार के ऊपर से पानी बह रहा था संयोग अच्छा था कि बिजली नही थी नही तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

बाढ़

ब्लाक प्रमुख नगवां प्रशांत सिंह  ने बताया कि बहुत अधिक मात्रा में लोगो का नुकसान हुआ है ऐसी बाढ़ कई वर्षों बाद आई है जिससे कई पुल,नाले,घर,और मवेशी के साथ साथ घर मे रखा खाने पीने की समान बह गए है लोग परेशान है ।नेटवर्कमें आते ही इसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी को दी जाएगी।आगे श्री सिंह ने बताया कि भयंकर बाढ़ थी जिसके कारण 11 हजार बिजली के तार के ऊपर से पानी बह रहा है संयोग अच्छा था कि लाइट नही थी नही तो हजारों लोगों की मौत हो सकती थी।गांव में बने स्कूल,आगनबाड़ी केन्द्र व अन्य सरकारी भवन ग्रामीणों को रहने के लिए खोल दिये गए है।वही प्रमुख ने ये भी बताया कि आते समय बीडीओ नगवां को इस बात की सूचना दी गयी थी लेकिन दुर्भाग्य है कि अधिकारी बेलगाम हो गए है।

वही ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ इतनी भयंकर थी की ऐसी बाद एक बार 1967 में आई थी जिसके बाद आज आयी है ,गांव के बाहर जो पुल बना है बह गया जिससे लोग बच गए अगर पुल नही बहा होता तो सैकड़ो घरो के साथ जन हानि भी हुई होती। इतनाहीनही एक ग्रामीण ने बताया कि उसकी कई बकरियां बह गई है और एक ने बताया कि उसके गाय और बैल भी बह गए है । वहीमौके पर बाढ़ में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुचे क्षेत्रीय लेखपाल ने वताया की बाढ़ से लगभग 10 लाख के ऊपर नुकसान हुआ है,दर्जनों मवेशी वह गए ,दो दर्जन से आधी घर गिर गए।वही खाने पीने की समान भी बह गए।इसकी सूचना एसडीएम और जिलाधिकारी को दी जाएगी। बहरहालजनपद में स्थिति बिल्कुल ही बिपरीत है एक तरफ लोग पानी के लिए दर दर की ठोकर खा रहे है नदी नालों का पानी पीने को मजबूर है वही दूसरी तरह बाढ़ की विभीषिका ने लोगो का हाल बुरा कर दिया है।मजेदार बात यह है कि एक लेखपाल को छोड़कर के घंटो बीत जाने के बाद भी जिले का कोई भी आलाधिकारी नही पहुचा है

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