लोनी घटना के ट्वीट पर नहीं लगा ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग, ट्विटर सहित 8 पर FIR

गाजियाबाद जिले में एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई को सांप्रदायिक रंग देने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला किया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस मामले में 8 अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। ट्विटर पर आरोप है कि इस तरह के वीडियो पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वीडियो को इस प्रचारित किया गया कि मुस्लिम शख्स को निशाना बनाया गया, उसकी पिटाई की गई और जबरन उनकी दाढ़ी काटने का आरोप लगा। ट्विटर भ्रामक खबरों को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ कहता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें अय्यूब और सबा नकवी पत्रकार हैं, जबकि जुबैर फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के लेखक हैं। डॉ शमा मोहम्मद और निजामी कांग्रेस के सदस्य हैं, जो पूर्व में टीवी बहस के दौरान पार्टी का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष उस्मानी को कांग्रेस ने पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतारा था। इसके अलावा ट्विटर इंडिया पर भी केस दर्ज किया गया है।

पहली बार ऐसा हुआ है कि यूपी सरकार ने ट्विटर के विरुद्ध मुकदमा करवाया हो। सरकार की शिकायत का आधार यही है कि पुलिस द्वारा सच्चाई बताए जाने के बाद भी ट्विटर ने इस वीडियो पर मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग नहीं लगाया और भ्रामक ट्वीट्स को बढ़ावा मिलता रहा।

गाजियाबाद एसपी (देहात) इराज राजा ने कहा, “ये वीडियो 5 जून का है। पीड़ित ने 7 जून के अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखवाई थी। जानकारी हासिल की गई तो कुछ लड़कों के नाम सामने आए। यह वीडियो बेहटा हाजीपुर गांव में परवेश गूजर के घर का वीडियो था। इसमें जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि बुजुर्ग अब्दुल शमद अनूप शहर के निवासी हैं। ये परवेश और अन्य लोगों के बुलावे पर बेहटा हाजीपुर आए हुए थे। बुजुर्ग ताविज बनाते हैं और देते हैं। इनके (आरोपियों के) परिवार के लिए और गांव के अन्य लोगों को इन्होंने ताविज दी थी। पुलिस का कहना है कि इस पूरी घटना के पीछे की वजह तांत्रिक साधना है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित ने अपनी FIR में जय श्री राम के नारे लगवाने और दाढ़ी काटने की बात दर्ज नहीं कराई है।

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