विजय रूपाणी के इस्तीफे पर छलका बेटी का दर्द

निकिता सिंह: गुजरात में विजय रुपाणी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद भूपेंद्र पटेल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है. उन्होंने सोमवार को गुजरात सीएम पद की शपथ ली. पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की बेटी राधिका रुपाणी ने सोशल मीडिया के जरिए इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है. उन्होंने अपने पिता को लेकर सवाल किया है कि क्या सरल होना राजनीति में गुनाह है?

गुजरात में बीजेपी ने बड़ा फेरबदल करते हुए विजय रूपाणी से इस्तीफा लिया और भूपेंद्र पटेल की नया सीएम बनाया. रूपाणी के इस्तीफे के पीछे कई लोग उनके अलोकप्रिय चेहरे को वजह बता रहे हैं. हालांकि, रूपाणी के बेटी राधिका ने ऐसे लोगों को जमकर लताड़ा है। एक फेसबुक पोस्ट में रूपाणी की बेटी ने कहा है कि जब साल 2002 में अक्षरधाम मंदिर पर हमला हुआ था तो मोदी जी से पहले मेरे पिता जी वहां पहुंचे थे.

विजय रूपाणी की बेटी ने अपने फेसबुक पोस्ट का शीर्षक लिखा है- ‘एक बेटी के नजरिए से विजय रूपाणी’  राधिका ने लिखा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि कोरोना और ताउते तूफान जैसी बड़ी दिक्कतों में मेरे पिता सुबह 2.30 बजे तक जगा करते थे और लोगों के लिए व्यवस्था कराते थे, फोन पर लगे रहते थे.

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बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री बदल दिया है. रूपाणी ने तीन दिन पहले सीएम पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था. कोविड-19 महामारी के दौरान भाजपा शासित राज्यों में पद छोड़ने वाले रूपाणी चौथे मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने दिसंबर 2017 में दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उन्होंने इस वर्ष सात अगस्त को मुख्यमंत्री के तौर पर पांच वर्ष पूरे किये थे.

आखिर क्यों बदला बीजेपी ने CM 

रूपाणी के बाद भूपेंद्र पटेल को सूबे की कमान सौंपी गई है. उन्होंने राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और वह सूबे में पाटीदार समुदाय से पांचवें सीएम हैं. गुजरात में पाटीदार एक प्रमुख जाति है. उसका चुनावी वोटों में से एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण होने के साथ ही शिक्षा, रियल्टी और सहकारी क्षेत्रों पर मजबूत पकड़ भी है. ऐसे में जब दिसंबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, भाजपा ने चुनाव में जीत के लिए पटेल पर भरोसा जताया है.

News Reporter

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