सड़क पर हुए प्रसव मामले में सिधौली पहुंचे सीएमओ

सुधांशु पुरी, संतोष दीक्षित। सिधौली मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर के नैय्यर ने  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिधौली का किया औचक निरिक्षण किय्या जिसमे आधा दर्जन कर्मचारी  अनुपस्थित  पाए गए जिनके  एक दिन  का वेतन काटने के निर्देश  दिए और  बीते दिन सड़क पर प्रशव  के मामले में सम्बंधित  कर्मचारियों के बयान दर्ज  किए और जिम्मेदार संविदाकर्मियों के संविदा समाप्त करने अथवा सेवा  समाप्ति की सिफारिश  की बात कही गयी

गुरुवार को अटरिया क्षेत्र के बनौगा निवासी एक  प्रसूता  को  भर्ती  न किये जाने व  अस्पताल से भगा देने के मामले  की जांच करने  सीएमओ  ड़ा० आर के नैयर ने  सीएचसी पहुंच कर अस्पताल के डाक्टर, फार्मासिस्ट,लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्याय व नर्स के बयान दर्ज किए जानकारी के  अनुसार  जांच में संविदा पर तैनात नर्स ऊषा, रागिनी व ललिता की लापरवाही सामने आ रही है।  जिसमे  अधीक्षक ने बताया गया तज की रागिनी और ललित  को लेबर रूम की डियूटी से हटा दिया गया है उन्होंने बताया कि जांचअपर मुख्य चिकित्साधिकारी ड़ा० सुरेंद्र शाही को सौंपी गई है।डिलीवरी से संबंधित स्टाफ की नोडल अधिकारी मैटरनिटी विंग ड़ा० अमिता त्रिपाठी के अनुपस्थित होने के कारण उनके बयान नहीं लिये जा सके जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अमिता त्रिपाठी सहित सभी  छह अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।

बतादे  बनौगा निवासी सुधा 22 वर्ष पत्नी रामजीवन को लेकर उसके परिजन गुरुवार की सुबह डिलीवरी के लिए सीएचसी सिधौली आए थे।जहां लेबर रूम में तैनात स्टाफ नर्स ने महिला की पूर्व में जांच न कराए जाने  हो एभर्ती से मना कर दिया था  और अस्प्ताल से भगा दिया  था  और तीन घण्टे तक अस्प्ताल गेट लर तड़पने के बाद महिला ने सीएचसी के गेट के  सड़क पर ही प्रशव हो गया था

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इन पर हुई कार्यवाही

डॉ अमिता त्रिपाठी एवं विनय चौधरी, सुनीता त्रिपाठी नीतू बाजपेयी एवं संविदाकर्मी पूनम ,हिमांशू अनुपस्थित मिलें ।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एक दिन का वेतन काटकर अनुपस्थित होने का स्पस्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। सूत्रों के हवाले से सड़क पर प्रसव के मामले मे दोषी पाए गए कर्मियों के विरुद्ध जिला समिति की  बैठक मे निर्णय लेने को कहा है।

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