रावण-राजभर की भेंट से उपजे नये संकेत

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।राजनैतिक सहयोगियों को छोड़ने के बाद उन्हीं से लड़ना भाजपा की फितरत हो जा रही है। इस बार भाजपा के लिए चुनौती पेश करने की कोशिश 2017 में भाजपा गठबंधन के साथ लड़े सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर खड़ा कर रहे हैं। जब से भाजपा ने उन्हें अपने गठबंधन से अलग किया है तब से वह ऐसा कोई दरवाजा खटखटाना नहीं छोड़े जो 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिये कठिनाई पैदा कर सकता हो। जानकारों की मानें तो अभी तक राजभर कौमी एकता दल के अंसारी बंधु, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस सबसे हाथ मिलाने की असफल कोशिश कर चुके हैं। इस बार वह भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण से संपर्क साधे हैं। सोमवार को वीआईपी गेस्ट हाउस में भीम आर्मी चीफ़ चंद्रशेखर आजाद से जाकर मिले। उनकी मुलाकात को उत्तर प्रदेश में नए राजनैतिक समीकरण के जन्म के रूप में देखा जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि वह 15 मार्च को अपनी नई राजनैतिक पार्टी का ऐलान करेंगे। जबकि राजभर ने बताया कि वह रावण से 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर बात-चीत किये है। उन्होंने कहा कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की अगुआई में बनी भागीदारी संकल्प मोर्चा में भीम आर्मी होगी शामिल। 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी पिछड़े, दलित,अल्पसंख्यक एक होकर चुनाव लड़ेंगे। अब देश का संविधान बचाने वाले दल एक साथ एक मंच पर होंगे।

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