अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला : सोनिया व राहुल गांधी का सच देश की जनता के सामने आ रहा है- मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 31 दिसम्बर।  दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे की जांच प्रक्रिया में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल द्वारा बिगमैन, सन आॅफ इटैलियन लेडी, लीडर “आर“ का नाम लिये जाने पर कांग्रेस की भ्रष्टाचार में संलिप्तता को उजागर करने पर प्रेस वार्ता की। इस प्रेस वार्ता मीडिया प्रभारी श्री प्रत्युष कंठ, सह-प्रभारी श्री नीलकांत बक्शी मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुये  तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। सोनिया-मनमोहन-राहुल गांधी की कांग्रेस सरकार, घोटलों की सरकार थी। जल, थल, नभ, अंतरिक्ष, पाताल, सब जगह कांग्रेस की यूपीए सरकार ने घोटाले किये। सोनिया-मनमोहन का राज ऐसा था जिसने केवल और केवल देश को लूटने का काम किया। सोनिया-राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस की यूपीए सरकार ने राष्ट्र की सुरक्षा के साथ समझौता किया। बिचैलियों के बगैर कांग्र्रेस सरकार ने कोई रक्षा समझौता नहीं किया। बोफोर्स घोटाले में कांग्रेस की संलिप्तता का सभी को पता है और अब अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कांग्रेस द्वारा फिर से देश की रक्षा से खिलवाड़ किया गया है। 2010 में यूपीए-2 की तत्कालिन केन्द्र सरकार ने वीवीआईपी के लिये 12 हेलिकॉप्टर खरीदेने का निर्णय लिया था। 37 अरब की लागत से अगस्ता वेस्टलैंड नामक कम्पनी के साथ केन्द्र सरकार का करार हुआ लेकिन डील के संदेह के घेरे में आने की वजह से इटली की कोर्ट में केस चला जिसमें 360 करोड़ रूपये के रिश्वत  लेने का आरोप दिल्ली में बैठी सरकार के बड़े राजनेताओं, सैन्य अधिकारियों पर लगे।

तिवारी ने कहा कि इटली की कोर्ट के निर्णय में चार बार सोनिया गांधी का नाम आया और बताया गया कि पूरी डील के 360 करोड़ की रिश्वत में से 125 करोड़ रूपया दिया जा चुका है। 125 करोड़ में 52 प्रतिशत हिस्सा कांग्रेस का, 28 प्रतिशत सरकारी अधिकारीयों का और 20 प्रतिशत अन्य अधिकारीयों का था। इस पूरे सौदे में बिचैलिये क्रिश्चियन मिशेल को अधिकारियों की मिलीभगत के कारण डील से सम्बन्धित सभी कागजात पहले ही मिल जाते थे। बिचैलिये मिशेल ने डील से सम्बन्धित दो शब्द पहले बताए “फैमिली“ और “ए.पी.“ । अब मिशेल ने ईडी को कुछ और नाम बताये हैं। इसमें बिग मैन, सन ऑफ इटैलियन लेडी, पार्टी लीडर, ‘आर’ जैसे शब्द हैं जो कि कांग्रेस पार्टी और उनके शीर्ष नेतृत्व पर सीधे आरोप लगाते है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की नीति पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उस समय कांग्रेस ने इस केस को बार-बार दबाया और मिशेल  को छुपाने के सारे प्रयास किये ताकि उसके बड़े नेताओं की भ्रष्टाचार में संलिप्तता उजागर न हो लेकिन मिशेल को मोदी सरकार दुबई से प्रत्यार्पण करा भारत ले आई कांग्रेस ने तुरंत आरोपी को बचाने और गाँधी परिवार का राज खुल जाने के डर से वकील भी दे दिया।

तिवारी ने कहा कि इस घोटाले की जांच सीबीआई को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने ही सौंपी थी जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने केस को दबाने की पूरी कोशिश की। 29 दिसंबर को पटियाला हाउस कोर्ट में ईडी ने बताया कि मिशेल ने ‘श्रीमती गांधी’ का नाम लिया है। जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी में हलचल मच गई है और वह सीधे तौर पर प्रवर्तन निदेशालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे है जिससे यह साबित होता है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मिली-भगत से इस बड़े भष्टाचार को अन्जाम दिया गया है। दिल्ली भाजपा यह मांग करती है कि ईडी “आर“ नामक व्यक्ति की डील में संलिप्तता की जांच करे ताकि कांग्रेस का भ्रष्टाचारी व देश की रक्षा के साथ धोखा करने वाला चेहरा जनता के बीच उजागर हो सके। कांग्रेस और सोनिया व राहुल गांधी का सच देश की जनता के सामने आ रहा है और देश की जनता कांग्रेस को इसका करारा जवाब देगी।

News Reporter
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