भय्यू जी महाराज की संपत्ति के मालिक बने सेवादार विनायक
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रवि उपाध्याय/ भय्यू जी महाराज सुसाइड केस में एक बड़ा मोड़ आ गया है पुलिस को अध्यात्मिक गुरू भय्यू जी महाराज केस में एक और सुसाइड़ नोट मिला है जिसमें अध्यात्मिक गुरू ने अपने सेवादार और सबसे करीबी रहे विनायक के नाम अपनी संपत्ति कर दी है।

बताया जा रहा है कि विनायक अध्यात्मिक गुरू भय्यू जी महाराज के साथ पिछले 15 सालों से रहता आ रहा है।प्राप्त हुए सुसाइड़ नोट के दूसरे पन्ने में लिखा कि मैं अपने आश्रमों, प्रॉपर्टी और वित्तीय शक्तियों को संभालने की जिम्मेदारी विनायक को देता हूँ।प्राप्त सुसाइड नोट के अनुसार मैं विनायक पर काफी विश्वास करता हूँ।मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी विनायक को दे रहा हूँ मैं यह सब बिना किसी दबाव के कर रहा हूँ।इसके बाद भय्यू जी महाराज ने शुद को गोली मारी।जिस वक्त भय्यू जी महाराज ने गोली मारी उस वक्त विनायक घर पर ही मौजूद था।

भय्यू जी महाराज के शव के पास से पुलिस को टैब लेपटॉप और मोबाइल के अलावा 7 गैजेट्स प्राप्त हुए है।पुलिस इस केस में परिवार और आश्रम के लोगों से पूछताछ कर रही है।डीआईजी हरिनारायाणाचारी ने कहा कि प्राप्त सुसाइड नोट में सेवादार विनायक का जिक्र है इस सुसाइड नोट में लिखा है कि सेवादार विनायक मेरी करीब 15-16 सालों से देखरेख कर रहा है।

हालांकि डीआईजी ने यह भी कहा है कि अध्यात्मिक गुरू ने भावनाओं में बहकर सेवादार विनायक के नाम अपनी संपत्ति कर दी हो।इसक जांच भी की जायेगी।आत्महत्या के वक्त भय्यू जी महाराज के साथ सेवादार  विनायक उनकी मां और कई सेवादार मौजूद थे।अध्यात्मिक गुरू की पत्नी डॉ. आयुषी बाहर किसी काम से गयी हुई थी।भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली अपनी बेटी के कमरे में जाकर मारी थी।

 

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