रक्षा अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
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वर्तमान दौर एक ऐसा दौर है जिसमें संविकास से ही राष्ट्रीय सुरक्षा की जा सकती है क्योंकि जो हम मानतें हैं कि सुरक्षा सेना एवं हथियार से होगी हम गलत हैं। यदि मानव अपने आप में परिपूर्ण है तो समाज की बुराइयों से लड़ने का उसमें अद्म साहस उत्पन्न हो जाता है। आज के दौर में दुनिया के किसी एक कोने में होने वाली घटनाएं सकारात्मक या नकारात्मक दुनिया के दूसरे कोने में त्वरित संप्रेषित हो जाती हैं इसलिए आवश्यक है कि कोई भी सूचना संप्रेषित करने से पूर्व उसकी प्रमाणिकता कि हम जांच कर लें यह तभी संभव है जब शिक्षा का स्तर और मानव के मन में राष्ट्रभाव उत्पन्न हो उक्त बातें बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीपीगंज के रक्षा अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान के पूर्व प्रति कुलपति डॉ अशोक कुमार सिंह ने कही।

मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा प्रोफेसर,रक्षा अध्ययन विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रिंट मीडिया का अवलोकन करने वाली संख्या में सोशल मीडिया के कारण काफी गिरावट आई है जो उसका अध्ययन कर रहे हैं वे भी 40 वर्ष से ऊपर के लोग हैं। सोशल मीडिया पर एक वैज्ञानिक टिप्पणी आई है कि उसके ज्यादा उपयोग से मानव में एकाग्रता की प्रवृत्ति घटती जा रही है और सामाजिक रुप से वह अलग-थलग पडते जा रहे हैं इसलिए जो सोशल मीडिया के द्वारा खुद लेखन, संपादन एवं प्रतिपादन कर रहे हैं उसका कहीं खुद एवं राष्ट्र को नुकसान ना उठाना पड़े। इसका ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोल रहे प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह रक्षा अध्ययन विभाग दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर ने कहा कि भारत मीडिया के रूप में आदिकाल से कार्य कर रहा है जिसमें सबसे बड़े मीडिया कर्मी नारद मुनि थे लेकिन वर्तमान में मीडिया के द्वारा सकारात्मक कम एवं नकारात्मक सूचनाएं अधिक संप्रेषित की जा रही हैं उस पर रोक लगनी चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं अधिष्ठाता विज्ञान संकाय दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर प्रोफेसर हरि शरण ने कहा कि समाज एवं सोशल मीडिया एक सिक्के के दो पहलू हैं जिनको अलग नहीं किया जा सकता लेकिन उनके प्रयोग में सतर्कता के माध्यम से उसको राष्ट्र उपयोगी बनाया जा सकता है। इस कार्य के लिए उन्होंने सभी युवाओं का आह्वान किया। संगोष्ठी का संचालन राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉक्टर करुणेन्द्र सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार प्रसाद ने किया ।कार्यक्रम के शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एस पी एल श्रीवास्तव ने सभी आगत अतिथियों, प्रतिभागियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शोध छात्र, शिक्षक बंधु उपस्थित रहे जिसमें डॉक्टर अभिनव कुमार, डॉ अभय कुमार श्रीवास्तव, डॉ उमेश कुमार प्रसाद आदि मुख्य थे। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ नित्यानंद ,डॉ प्रमोद कुमार , डॉ श्रीराम यादव, डॉ सूरज प्रकाश मिश्रा,डॉ राकेश प्रताप सिंह,डॉ अमित तिवारी, डॉक्टर रवि पांडे, डॉ नम्रता प्रसाद,डॉक्टर रूपम शर्मा एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

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