राजधानी में लाॅकडाऊन में फंसे लोगों की भूख मिटाती माँ अन्नपूर्णा सेवा समिति

कोरोना की चपेट में पूरी दुनिया है। भारत भी उसका हिस्सा है। हालांकि वह ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है। इसकी एक मात्र वजह लाॅकडाउन है।  लेकिन इसकी वजह से कुछ व्यवहारिक समस्याएं भी खड़ी हो गई है।  वे लोग जो रोज कमाते और रोज खाते थे। ऐसे लोगों संख्या करोड़ो में है।  लाॅकडाउन की वजह से वे भूख से जूझने लगे हैं।  सरकार ने तो इन लोगों व्यवस्था बनाई ही है। लेकिन कई स्वयंसेवी संस्थान भी इस काम में लगे हुए है। 

मां अन्नपूर्णा भोजन सेवा समिति उन्हीं में एक है। यह संस्थान  लाॅकडाउन  के दौर में दिहाड़ी मजदूरी का मसीहा बन गया है।  रोजाना तकरीबन 20 हजार लोगो को संस्था भोजन करा रही है। रोहणी और उसके आसपास के इलाकों में संस्था सक्रिय है। इसने अपना काम बस भोजन मुहैया कराने तक सीमित नहीं रखा है।  कोरोना संकट को देखते हुए और भी कई सामाजिक जिम्मेदारी का वहन कर रहा है। सेनिटाइजेशन उसमें से एक है। कोरोना से बचने का यही एक मात्र हथियार भी है। संस्था उसी के साथ सड़कों पर उतरी है। उसने दिल्ली के कई इलाकों में सेनिटाइजेशन अभियान छेड़ रखा है। जापानी पार्क, साऊथ एक्स मार्केट, शास्त्री नगर, रूप नगर, मधुबन चौक आदि ऐसे ही क्षेत्र है।

जहां बात संस्थान की है तो इसे 2017 में अशोक गर्ग ने शुरू किया था। उन्हें इसकी प्रेरणा अंबेडकर अस्पताल से मिली। वहां मरीजों के साथ जो लोग आते थे, उन्हें खाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। उनकी दशा को देखकर ही मुफ्त भोजन मुहैया कराने का विचार आया।  इसे उन्होंने अपने कुछ मित्रों के साथ साझा किया। यह बात 2 नवंबर 2017 की है।  दो दिन बाद विचार ने संस्था का रूप ले लिया। तब से मां अन्नपूर्णा भोजन सेवा समिति भूखों का पेट भरने में लगी है।  सकंट के इस दौर में संस्था ने अपनी भूमिका को बढ़ा दिया है।

+91 -9136133187 संस्था के इस नंबर पर संपर्क करके आप जरूरतमंदों को लाभानिवत करें।

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