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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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कैशलैस ट्रांजेक्शन भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए बड़ा कदम- राधा मोहन सिंह

पटना, कृषिमंत्री राधा मोहन सिंह ने पटना में डिजीधन मेले में संबोधन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा विमुद्रीकरण गरीब कल्याण हेतु एक साहसिक निर्णय है। केन्द्र सरकार द्वारा कैशलैस ट्रांजेक्शन बढ़ाने के लिए यूपीआई, यूएसएसडी, एईपीएस एवं रूपे-कार्ड के प्रयोग को बढ़ाना स्वागत योग्य है। सरकार का यह कदम भ्रष्टाचार मुक्त भारत की ओर की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार इस दृढ़ निर्णय का विश्वसनीयता के साथ सफल क्रियान्वयन कर रही है। भारत के 125 करोड़ जनमानस की ताकत ने अपने धैर्य और विश्वास के साथ सरकार के, कालेधन के खिलाफ, गरीबों के हित में साहसिक निर्णय का पूर्ण समर्थन किया है। फलस्वरूप देश में कालेधन, भृष्टाचार, आतंकवाद, जाली नोट एवं काली कमाई के द्वारा निर्मित सामानांतर अर्थव्यवस्था के खिलाफ एक महत्वपूर्ण एवं सफल अभियान को सरकार ने पूर्ण किया है।

 

केन्द्रीय कृषिमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई सशक्त, समरस और समर्थवान भारत के पुनर्निर्माण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सरकार के इस कदम से इस विश्वास को बल मिला है कि भारत की राजनीतिक परंपरा में अब केवल मात्र देशहित की बात करना देशभक्ति नहीं है अपितु देशहित के लिए राजनीति से ऊपर उठकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के पक्ष में निर्णय लेकर दृढता एवं विश्वसनीयता के साथ कार्य करना देशभक्ति है।

देशहित का यह कार्य भारत के गरीबों के आर्थिक समायोजन, पारदर्शी शासन एवं समतामूलक समाज की स्थापना के लिए बड़ा पड़ाव है। विमुद्रीकरण की यह प्रक्रिया टैक्स नहीं देने वालों के काले धन का गरीबों और कमजोरों में वितरण है। यह जानकर आश्चर्य होगा कि 125 करोड़ की आबादी में 2015-16 में 3.7 करोड़ लोगों ने रिटर्न फाइल किया जिसमें 1 करोड़ लोग 2.50 लाख के नीचे थे जिसमें टैक्स नहीं देना पड़ता है। शेष 2.7 करोड़ में 1.95 करोड़ लोगों ने 5 लाख के नीचे का रिटर्न दिया, 52 लाख लोगों ने 5 से 10 लाख के बीच तथा सिर्फ 24 लाख लोगों ने 10 लाख के ऊपर का रिटर्न दिया।

 

विमुद्रीकरण के इस पवित्र अभियान में एक ओर देश का जनमानस जहाँ उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ, देश को लम्बे कष्ट से मुक्ति दिलाने के लिए थोड़ी तकलीफ सहकर भी पुननिर्माण के संकल्प के लिए खड़ा था। वहीं दूसरी ओर विमुद्रीकरण के 50 दिन के दौर में ना तो आमजन का धैर्य टूटा, ना ही बाजार के आपूर्ति में बाधा आई और ना ही सार्वजनिक जीवन में किसी प्रकार की क्षति हुई। देश में रबी की बुवाई भी पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष ज्यादा हुई।

राधा मोहन सिंह ने आगे कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाना आवश्यक है। केन्द्र सरकार के विमुद्रीकरण के इस कदम से सरकारी व्यवस्था के बाहर तहखाने में कैद पैसा वापस बैंक में आया है। सरकार के द्वारा चलाये गये इस अभियान में जिस दृढ़ता से सरकार द्वारा दोहरी चालाकियों एवं भ्रष्ट लोगों से लड़ाई लड़ी। वह स्वागत योग्य है। देश के विकास का लाभ देश में हर नागरिक तक पहुंचे इसके लिए ईमानदार तरीके से देश में व्यापार का वातावरण बनाना आवश्यक है। विमुद्रीकरण और डिजिटल इकनॉमी पर उसकी नीतियों एवं उनके कुशल क्रियान्वयन से हम विकसित भारत के लक्ष्यों को पूरा करेंगे।

सरकार के इस कदम से हम उस आधुनकि भारत को बनाने में सफल सिद्ध होगे जहां आधुनिक तकनीक, पारदर्शी शासन, सर्वजन हित, समरस समाज और सम्यक आजीविका के बेहतर तालमेल से हम सबका साथ-सबका विकास के लक्ष्य को पूरा करेंगे।

 

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