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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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राष्ट्रपति कोई राजा नहीं हैं-नैनीताल हाईकोर्ट

 

 नैनीताल हाईकोर्ट  ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सख्त टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति कोई राजा नहीं हैं, जिसके फैसले की समीझा ना किया जा सके ।कोर्ट ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के समक्ष रखे गए तथ्यों के आधार पर किए गए उनके निर्णय की न्यायिक समीक्षा हो सकती है.

हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे संविधान की यही खूबी है कि राष्ट्रपति के निर्णय को भी चुनौती दी जा सकती है. पूर्ण शक्ति किसी को भी भ्रष्ट कर सकती है. राष्ट्रपति भी कभी-कभी गलत हो सकते हैं. सभी न्यायालयों के आदेशों का न्यायिक रिव्यू का अधिकार भारत के न्यायालयों में व्याप्त है।

 हाइकोर्ट के इस टिप्पणी के बाद केन्द्र ने उत्तराखंड हाइकोर्ट की टिप्पणी को गलत बताया है और कहा है कि सरकार इस टिप्पणी को निरस्त कराने या वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा सकती है. गृहमंत्रालय इसे राष्ट्रपति पर निजी टिप्पणी मान रहा है। 

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