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updated 6:53 PM UTC, Jan 16, 2018
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नोएडा में लगभग 500 लोगों के बीच हुई पत्थरबाजी!

दिल्ली: दिल्ली से सटे नोएडा में दिन के उजाले में दो गुटों के बीच पत्थरबाज़ी की घटना सामने आइ है। बुधवार की सुबह नोएडा के सेक्टर 78 में एक आवासीय परिसर में एक कर्मचारी द्वारा नौकरानी को बंधक बनाए रखने के मामले में महिला के गाँव वालों की भीड़ ने आवासीय परिसर में पत्थरबाजी शुरू करदी।

 

रिपोर्ट के अनुसार सेक्टर 78 में महागुन मॉडर्न सोसाइटी में लगभग 500 लोगों के रूप में अराजकता देखी गई, भीड़ ने सोसायटी व सोसायटी के गार्ड रूम को घेर लिया और पत्थरबाजी शुरू करदी। भीड़ ने आरोप लगाया कि नौकरानी पूरी रात बंधक बनाई गयी थी और उसके साथ शारीरिक और यौन उत्पीड़न किया गया था।

 

महिला के रिश्तेदारों और सुरक्षा गार्डो ने एक दूसरे पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया। पुलिस के अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंचे। भीड़ को फैलाने के लिए एक सुरक्षा गार्ड ने हवाइफ़ायर किया।

 

 

मीतुल सेठी नौसेना में एक कप्तान हैं और उनकी पत्नी हर्षु सेठी एक निजी स्कूल में शिक्षक है। दुर्घटना के समय युगल और उनका पांच वर्षीय बेटा घर पर थे। हालाँकि, परिवार ने नौकरानी पर किसी भी हमले से इनकार किया है और पैसों की चोरी में नौकरानी को पकड़ने की बात कही है। महिला को एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अब तक उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।

 

अमरनाथ हमला: बजरंग दल ने आतंकवाद का पुतला फूँका

औरंगाबाद : जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में सोमवार को अमरनाथ यात्रियो को निशाना बनाकर किये गये आतंकी हमले में अमरनाथ यात्रा पर गये आठ श्रद्धालुओं को मारे जाने के विरोध में मंगलवार को औरंगाबाद में बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला और जहांगीराबाद चौराहे पर आतंकवाद का पुतला आग के हवाले कर दिया।

 

बजरंगदल के जिला संपर्क प्रमुख दीपक उर्फ़ दीनू अग्रवाल ने अनंतनाग में मारे गये श्रद्धालुओं के परिजनों को भारत सरकार से आर्थिक मदद दिये जाने की मांग की है। जुलूस में कविश अग्रवाल,मोहक बंसल,रवि सैनी,लोकेश गुजर,पारुल सैनी,सतीश सैनी,अनुज सैनी,मुकुल गर्ग, आदि मौजूद रहे।

मंत्री के आदेश को भी नही सुनते योगी के अधिकारी !

सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र के बड़गाँवा गाँव मे बिजली विभाग की उदासीनता से महीनों  से बिजली आपूर्ति से वंचित है ग्रामीण। सप्ताह भर पूर्व जिले में आईं खनन राज्य मंत्री के पहल के बाद भी नही मिला अबतक कोई निजात। सूबे की सत्ता में आई बीजेपी सरकार के 100 दिन से भी ज्यादा पूरे हो जाने पर भले ही सरकार के मंत्री इस बात का ढिढोंरा पीट रहे हों कि हमने मूलभूत सुविधाओं में काफी सुधार ला दिया हैं पर इसकी हकीकत कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है। तमाम तरह के हेल्प लाइन नम्बर भी खोले गए अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक हिदायतें भी दी गई कि अपनी कार्यशैली में सुधार लायें पर हालात आज भी पूर्व सरकार से कुछ जुदा नही है।

 

एक ओर प्रदेश भर में बिजली की समस्या से निजात के लिए 24 घण्टे का अधिकत समय दिया गया है तो वही 24 दिन से भी ज्यादा गुजर जाने पर कोई समाधान नही हुआ जिस कारण ग्रामीण इस बरसात में विषैले जन्तुओं के खौफ में रहते हुए अंधेरे में जीने को विवश हैं। इससे एक बात का पता स्पस्ट रूप से चलता है कि मौजूदा प्रदेश सरकार के अधिकतम फरमान कागजों तक ही सीमित है ।

 

आपको बताते चलें कि विगत महीने भर से जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गावा गाँव का ट्रांसफार्मर 25 kv का जल गया था जिसके बदले पुरवर्त की तरह दोबारा उतने ही kv का ट्रान्सफार्मर लाया गया जो महज 2 घन्टे में ही पुनः जल गया जिसके बाद ग्रामीणो ने ट्रांसफार्मर के मानक छमता बढाने की मांग की जिसपर उक्त सबस्टेशन अंतर्गत कार्यरत अवर अभियन्ता रामलाल ने अश्वासन दिया कि हम तत्काल ही इसको बदलवा देंगे। लेकिन 20 दिनों तक कोई कार्यवाई नही हुई तो इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिले में दौरे पर आई खनन मंत्री अर्चना पांडेय से की। जिसके बाद उन्होंने हालात को जानने के बाद तत्काल प्रभाव से अधीक्षण अभियन्ता से फोन पर बात कर मामले को हल करने का आदेश दिया लेकिन नतीजा फिर वही ढाक के तीन पात। एक सप्ताह बीत जाने पर भी कोई निवारण नही निकला।

 

स्वतः ही इस बात का भी बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के फरमान का किस हद तक पालन किया जा रहा है जब एक मंत्री तक कि बातों को कोई तहजीब न मिलती हो तो आम जनमानस के लिए क्या होगा।जिसबात को लेकर ग्रामीणों द्वारा सरकार के नुमाइंदों और कर्मचारियों के प्रति काफी असन्तोष और आक्रोश व्याप्त है।

गायब अधेड़ महिला टाइगर रिजर्व में सुरक्षित मिली वन विभाग ने की कानूनी करवाई

पीलीभीत 11जुलाई । एक अधेड़ महिला के टाइगर रिजर्व में जंगल में लापता होने की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की नींद हराम हो गई। मंगलवार को उसकी सकुशल बरामदगी के बाद पूरे अमले की जान में जान आई। वन विभाग के अधिकारियो ने बताया कि 57 वर्षीय महिला निरमा देवी पत्नी रामप्रसाद निवासी ग्राम पंडरी थाना न्यूरिया, गांव वालों के साथ सोमवार को कटरुआ बीनने जंगल गई थी। जंगल से वह लापता हो गई। आशंका जताई जा रही थी कि वह बाघ का शिकार हो गई है। इसके बाद वन विभाग और पुलिस हरकत में आ गई। मंगलवार को पुलिस और वन विभाग की टीम ने गायब निरमा देवी को ढूंढ निकाला।

 

वन विभाग की टीम ने बताया कि जंगल में भटकी महिला डरकर वाचटावर पर चढ़ गई थी। वह टीम को वहीं बैठी मिली। यह मामला टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज भीमताल का है।डीएफओ टाइगर रिजर्व कैलाश प्रकाश ने बताया कि इस प्रकरण में वरामद महिला निरमा देवी और उसके परिजनों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसमें सजा और अर्थ दंड का प्राविधान है। इस मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया है।

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घाघरा नदी में फिर छोड़ा गया १.८८ लाख क्यूसेक पानी,बाढ़ और कटान से बचाने के नहीं हुए उपाय

बहराइच । तराई में हो रही मूसलाधार वर्षा के बीच घाघरा नदी का कम हो रहा जलस्तर अचानक रुक गया है। नदी फिर धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी है। कैसरगंज और महसी में स्थित जरमापुर और गोलागंज गांव नदी के निशाने पर आ गए हैं। वहीं रामजानकी मंदिर व देवी मंदिर को लीलने के लिए घाघरा की लहरें आतुर दिख रही हैं। निरंतर कटान हो रही है। खेती योग्य जमीनें कट रही हैं। अब तक १९० बीघा जमीन व फसल नदी में समाहित हुई है। सूचना के बावजूद अब तक कटान रोकने के उपाय नहीं हो सके हैं।

 

१९० बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित, दो ग्रामीणों के मकान पर थपेड़े ले रही नदी

 

तराई व नेपाल के पहाड़ों पर रविवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार वर्षा के चलते कम हो रहा घाघरा नदी का जलस्तर दोपहर में अचानक स्थिर हो गया है। एक घंटे के ठहराव के बाद नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि अब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में नदी ने तेज कटान शुरू कर दी है। महसी में स्थित समय माता मंदिर जहां नदी के निशाने पर है।

घाघरा की कटान से कैसरगंज और महसी के मंदिर पर संकट, दो गांव भी निशाने पर

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वहीं जरवल के दिकौलिया ग्राम पंचायत में स्थित रामजानकी मंदिर पर भी नदी कटान कर रही है। हालांकि बहाव कम होने के चलते मंदिरों के नदी में समाहित होने में समय लग सकता है। धर्मस्थलों को बचाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने तहसील को सूचना दी है। लेकिन अब तक कोई उपाय नहीं हो सके हैं। उधर महसी के जरमापुर गांव निवासी मूसुद्दीन और असगर अली के मकान पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं। कटान निरंतर बढ़ रही है। हालात यह हैं कि जरमापुर, कायमपुर, गोलागंज, मंगलपुरवा और दिकौलिया के निकट रात से अब तक नदी की लहरों ने १९० बीघा खेती योग्य जमीन को लील लिया है। दोपहर बाद से कटान और बढ़ रही है।

घाघराघाट फसल अनुसंधान केंद्र पर संकट

जरवल के घाघराघाट में स्थित फसल अनुसंधान केंद्र पर भी संकट मडराने लगा है। केंद्र की ३० बीघा जमीन में घाघरा की लहरें कटान कर रही हैं। इस खेती योग्य जमीन में इस समय ढैंचा लगा हुआ है। अगर यह जमीन कट गई तो नदी की लहरें फसल अनुसंधान केंद्र भवन की ओर बढ़ेंगी, फिर तबाही का मंजर काफी भयावह दिखेगा। फसल अनुसंधान केंद्र के परिक्षेत्र प्रभारी मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि हो रही कटान की सूचना जिला कृषि अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई है। लेकिन अब तक कटान रोकने के उपाय नहीं किए गए हैं।

घाघरा नदी में फिर छोड़ा गया १.८८ लाख क्यूसेक पानी

भारी वर्षा के बीच घाघरा नदी में चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अलावा अन्य बैराजों से लगभग एक लाख ८८ हजार क्यूसेक पानी सोमवार को डिस्चार्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के सहायक अभियंता एसआर वर्मा ने बताया कि गिरिजापुरी बैराज से ११७२३४, बनबसा बैराज से ४६४५६ और शारदा बैराज से २५२५२ क्यूसेक पानी घाघरा नदी में डिस्चार्ज हो रहा है।

 

निरंतर कर रहे भ्रमण, राजस्वकर्मी भी रख रहे नजर

 

बाढ़ व कटान प्रभावित इलाकों में निरंतर भ्रमण कर रहे हैं। नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। अभी जलस्तर बढ़ने की सूचना नहीं है। कटान पर नजर रखने के निर्देश राजस्वकर्मियों को दिए गए हैं। कटान पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ खंड को भी कटान पर अंकुश लगाने के लिए पत्र लिखा गया है।

 

फर्जी अपहरण के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार,अपहृत दोनों बच्चे बरामद

सपा को अभी और झटके देने की भजपा की तैयारी

 

बलरामपुर। फर्जी अपहरण का केस दर्ज कराने के आरोप में मकान मालिक और किराएदार तथा एक हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया गया तथाकथित अपहृत दोनों बच्चे अलग-अलग जगहों से बरामद कर लिए गए हैं।

 

सोमवार को नवागत पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने अपहरण की घटना का पटाक्षेप करते हुए एक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गत 8 जुलाई को कोतवाली देहात अन्तर्गत हिस्ट्रीशीटर अपराधी गणेशदत्त शुक्ला पुत्र दुखहरणनाथ शुक्ला की मां विद्दावती देवी ने डायल 100 पर सूचना देते हुये तहरीर दिया कि 6 जुलाई को समय करीब 4 बजे सुबह मेरे पोते रजनीश कुमार उम्र 14 वर्ष को अरुण कुमार उर्फ अन्नू तथा राधेश्याम पुत्रगण नान्हू विश्वकर्मा तथा नन्दू उर्फ नन्दलाल पुत्र महादेव विश्वकर्मा हत्या करने की नियत से अपहरण कर लिये है। जिसके क्रम में मुकदमा पंजीकृत करके मामले की छानबीन शुरू हुयी ही थी कि उसी दिन शाम नन्दलाल का लडका मदनलाल विश्वकर्मा अपनी पत्नी गुडिया देवी के साथ रोते चिल्लाते थाने पर आया और सूचना दिया कि अभी अभी सेखुइया चैराहे पर मेरी पत्नी दवा लेने आयी थी कि गणेशदत्त शुक्ला पुत्र दुखहरननाथ नि0हरिहरगंज तथा बंगाली डाक्टर ध्रुव विश्वास अपने 5-6 साथियो के साथ आये और मेरे भाई पवन कुमार उम्र करीब 13 वर्ष को हत्या करने की नियत से उठा ले गये ।

 

जिसके क्रम में पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार क्राइमब्रांच प्रभारी रुदल यादव तथा देहात कोतवाल संजय कुमार को टीम बनाकर अपहृत की बरामदगी के लिए निर्देशित किया। तदोपरान्त अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी नगर के कुशल नेतृत्व गहन छानबीन व पूछताछ की गयी। पूछतांछ के दौरान गणेशदत्त शुक्ला जो थाने का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, और इसके विरुद्ध कई गंभीर मुकदमे पंजीकृत है, ने बताया कि हरिहरगंज स्थित मकान जिसमे बंगाली डाक्टर रहता है, के कब्जेदारी को लेकर स्वयं ही अपने लडके को छिपा दिया था और फर्जी मुकदमा नन्दलाल उपरोक्त के खिलाफ लिखा दिया ।

 

जब नन्दलाल आदि को लगा कि कही उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही न हो जाय तो बचाने के लिये नन्दलाल ने भी अपहरण का मुकदमा लिखाया। पूछतांछ के दौरान बताया कि गणेशदत्त ने हमारे खिलाफ मुकदमा लिखाया था इसलिये मैने भी फर्जी मुकदमा लिखाया । थानाध्यक्ष संजय कुमार व क्राइम ब्रांच के संयुक्त प्रयास से पवन विश्वकर्मा को ग्राम लालाजोत गिधरैया व रजनीश शुक्ला को रेणुकानाथ मंदिर से बरामद किया। दोनो पक्षो द्वारा थाने पर फर्जी व मनगढन्त तथ्यो के आधार पर मुकदमा पंजीकृत गणेशदत्त शुक्ला धु्रव विश्वास तथा नन्दलाल को गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करने वाली टीम तथा पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया

 

सपा को अभी और झटके देने की भजपा की तैयारी

पीलीभीत 10 जुलाई। भाजपा के सत्ता में आने के साढ़े तीन महीने के बाद स्थानीय नेताओं ने करबट ली। पूर्व मंत्री हाज़ी रियाज़ अहमद पर नगर बिधायक संजय ने चोट कर दी। उनके करीबी सपा नेता व जनपद के ब्लाक अमरिया की ब्लाक प्रमुख कौसर जहाॅ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया है।

 

सोमवार को भाजपा शहर विधायक संजय गंगवार के साथ 123 में से 109 बीडीसी सदस्यों ने जिलाधिकारी शीतल वर्मा को अपने शपथ पत्र सौंपकर अमरिया प्रमुख कौसर जहां के नेतृत्व को अस्वीकार करते हुए अपनी मंशा साफ कर दी है। भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार सपा को ये सियासी चोट मिली है । पूर्व कैबिनेट मंत्री सपा नेता हाजी रियाज अहमद के बेहद करीबी  हैं ब्लाक प्रमुख पति। इस कार्रवाई के बाद से समाजवादी खेमे में हलचलों का दौर शुरू हो गया है। अब सपा नेताओं को पूरा भय है कि उनके हांथ से आगे समय में और भी कुर्सियां छिनने जा रहीं है। सत्ता के दबाब में कुर्सियां हथियाने बाले सपाई अब ये मामने लगे है कि उनका राजनैतिक धरातल खिसकने जा रहा है।

 

भाजपा की सत्ता आते ही जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध अविस्वास प्रस्ताव लाया गया था,लेकिन राजनीति के खेल में माहिर पूर्व विधायक पीतम राम ने संघ की शरण में जाकर विरोधियों को मात दे दी थी। ये प्रकरण काफी चर्चा में रह था। अब पार्टी और नगर विधायक की ओर से फिर संकेत मिल रहे है कि जल्दी ही सकारात्मक परिणाम इस ओर भी मिलेंगे। इतना ही नहीं सभी ब्लाकों और समितियों पर भजपा का झंडा लहराने के प्रयास शुरू हैं।

 

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सड़क के कारण शिक्षा पर संकट

जौनपुर: ‘तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है’ जब यह हाल जौनपुर का है, तो आप इससे अंदाज लगा सकते है कि और शहरों का क्या हाल होगा?

प्रदेश में योगी सरकार के भी 100 दिन पूरे हो गये | प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री हर जिले में जा कर सरकार की  उपलब्धियां गिना रहे हैं। लेकिन यूपी के जौनपुर की सड़को की ये तस्वीर उपलब्धियां गिनाने वाली सरकार के लिये काफी है।

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सीएम साहब आप भी देखे जौनपुर की ये तस्वीर,15 जून बीत जाने के बाद भी यूपी के सड़के गढ्ढा मुक्त नही हो सकी ,इन दिनो बरसात के कारण सड़के तालाब मे तब्दील हो चुके हैं। जौनपुर जिले के खुटहन क्षेत्र की सड़को पर बरसात के कारण दो से तीन फीट पानी भर गया है। तस्वीरो को देखने के बाद आप अंदाजा लगा सकते है कि सड़को की हालत कैसी है। ग्रामीण सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं, आय दिन लोग गिरकर घायल हो रहे है। सड़क पर पानी भरने के कारण लोगो को काफी समस्या हो रही है।

 

जौनपुर की बदहाल सड़के जो इन दिनो बच्चों के शिक्षा पर भी मुसीबत का ग्रहण लग रही है। आप को बता दे कि उक्त मार्ग पर स्थित प्राथमिक विद्यालय के साथ साथ इन्टर कालेज है रोजाना बच्चे इसी सड़को से आने के लिए मजबूर हो रहे है। सड़क पर चलते समय बच्चे गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नही है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय में खाली पड़ी कुर्सीया इस बात की गवाही दे रही है कि सड़क खराब होने के कारण बच्चे विद्यालय नही आ पा रहे हैं। विद्यालय के प्राचार्य भी सड़क खराब होने को बच्चों की कमी का कारण बता रहे है। बच्चो के अभिभावक का कहना है कि सड़के खराब व पानी भरे होने के कारण बच्चे स्कूल जाते समय गिरकर घायल हो जाते थे, इसलिए वह स्कूल नही जा रहे है।

 

योगी सरकार के मंत्री व विधायक हर जिलों मे स्कूल चलो अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर लोगो को जागरूक करने में लगे हैं, लेकिन जौनपुर मे सड़कों की स्थिति बदहाल होने के कारण अधिकांश बच्चे विद्यालय नही पहुंच पा रहे है। इसी तरह से बच्चे स्कूल जाने से इंकार करेंगे तो आखिर कैसे पढेगा इंडिया और बढेगा इंडिया।

 

विधानसभा चुनाव प्रचार जनसभा मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी खुटहन मार्ग जिक्र किया था लेकिन इसकी कायाकल्प अब तक नही बदल सकी, अब देखना यह होगा कि जौनपुर की सड़को की तस्वीर बदलने मे कितना वक्त लगता है, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

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