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updated 8:08 AM UTC, Apr 24, 2018
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पीडिता के पिता व चाचा पर विधायक के खास लोगों ने कराये 6 मुकदमे, जेल में बंद चाचा पर भी ढाये गये जुर्म

उन्नाव : विधायक पर युवती के द्वारा मुकदमा दर्ज होने के बाद युवती के पिता और चाचा के खिलाफ उन्नाव जनपद के माखी और सफीपुर थानों में पांच मुकदमे दर्ज कराए गए। इनमें चार मुकदमे चाचा के खिलाफ तो दो मुकदमे पिता के खिलाफ दर्ज कराए गए। बाद में दर्ज कराए गए आर्म्स एक्ट मुकदमे में पिता को दो दिन पहले जेल भेजा गया।

 

21 अक्टूबर से लेकर 15 नवंबर के बीच माखी और सफीपुर कोतवाली पुलिस ने युवती के चाचा के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए तो पिता के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया। वहीं 3 अप्रैल को कोर्ट में 156-3 में दिए गए आवेदन पर सुनवाई के बाद गांव पहुंचे पिता पर शराब के नशे में तमंचा लेकर चलने का मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि विधायक के छोटे भाई अतुल सिंह ने कोर्ट से आवेदन वापस न लेने पर मारा पीटा। पुलिस के मुताबिक दूसरे दिन युवती की मां आशा सिंह की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया।

 

मुकदमा दर्ज कराने वाले सभी विधायक के खास

 

चाचा पर दर्ज मुकदमों में पहला उस पड़ोसी महिला की तरफ से दर्ज कराया गया जिस पर युवती को धोखे से घर ले जाने का आरोप है।

 

दूसरा मामला विधायक के अति करीबी विनोद मिश्र ने दर्ज कराया जिसमें पर्चे बंटवाने का दबाव बनाने और न मानने पर जान से मारने की नियत से दो फायर झोंकने का आरोप लगाया गया।

 

तीसरा मुकदमा विधायक के रिश्तेदार राजकुमार ने दर्ज कराया जिसमें आरोप लगाया कि डरा धमका कर एक करोड रुपये की रंगदारी मांगी गई।

 

चौथा मामला विधायक के खास नवाबगंज के ब्लाक प्रमुख अरुण सिंह ने कराया, जिसमें धमकाने और गलत आरोप लगाकर विधायक की बदनामी करने का आरोप है। युवती के पिता पर दर्ज कराए गए दोनों मुकदमों में भी वादी विधायक के करीबी होने का आरोप भी परिवार ने लगाए।



1320 मेगावाट ओबरा सी बिजली परियोजना में जमीन खाली कराने में हुई झडप

सोनभद्र। सूबे में बिजली की कमी को दूर करने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी 1320 मेगावाट ओबरा सी बिजली परियोजना का निर्माण सोनभद्र के ओबरा में किया जा रहा है। जिसके निर्माण के लिए ओबरा बिजली  परियोजना द्वारा पुरानी समेत अन्य क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है इस ध्वस्तीकरण की जद में शिशु शिक्षा निकेतन विद्यालय भी आया है जिसकी बिल्डिंग को गिराया गया और उसके समान को परियोजना के कर्मियों ले जाने लगे तो विद्यालय के शिक्षकों ने ले जाने से मनाकर दिया जिस पर दोनों पक्षो के बीच झड़प होने लगी और देखते ही देखते यह लाठीचार्ज में तब्दील हो गई ।

 

इस पर अध्यापकों का कहना है कि परियोजना के सुरक्षाकर्मियों को स्कूल का ग्रिल और अन्य सामना ट्रैक्टर पर लाद ले जा रहे थे जिसे रोका गया तो लाठीचार्ज करने लगे । मौके पर पहुची पुलिस ने दोनों पक्षो को समझ कर मामले को शांत कराया है। सोनभद्र  में ओबरा थाना इलाके के ओबरा में 1320 मेगावाट की ओबरा सी बिजली परियोजना निर्माणाधीन है जिसके निर्माण को लेकर बिजली परियोजना की पुरानी कालोनी सेक्टर 6 में स्थित शिशु शिक्षा निकेतन विद्यालय को भी तोड़ा गया जिसके ग्रिल व खिड़की व अन्य समान को आज परियोजना के सुरक्षाकर्मी ट्रैक्टर पर लाद कर ले जाने लगे तो विद्यालय के शिक्षकों ने विरोध किया और सुरक्षाकर्मियों से कहा की विद्यालय के मैनेजर को आ जने दीजिये तब समान लोड करियेगा लेकिन सुरक्षाकर्मी इसी बात को लेकर हाथापाई और लाठीचार्ज करने लगे ।

 

आरोप है कि विरोध करने पर असलहा भी उनके द्वारा लहराकर धमकाया गया।

मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर

सोनभद्र। सोनभद्र में आगामी 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं । कार्यक्रम की तैयारियों के खर्च को लेकर जिले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है ।PWD विभाग ने रविवार 8 अप्रैल को 89 लाख का टेंडर तैयारियों के खर्च को लेकर निकाला है जिसे आज 9 अप्रैल को दोपहर बाद खोला जाना है ।लेकिन इससे पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पंडाल बनाने का बैरिकेटिंग और कुर्सियों की व्यवस्था से संबंधित कार्य इत्यादि शुरू हो गए हैं जबकि तैयारियों के खर्च को लेकर टेनडर अभी ओपन तक नहीं हुआ है । ऐसे में यह साफ है कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा  निकाला गया टेंडर मात्र दिखावा है और कार्य पहले से ही किया जा रहा है ।वही जब इस संबंध में PWD के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा विषम परिस्थितियों में किया गया है। ठेकेदार के भुगतान की जिम्मेदारी विभाग की होती है बिना टेंडर भुगतान संभव नहीं है।

 

वीओ- सोनभद्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम 11 अप्रैल 2018 का संभावित है इसको लेकर राबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान में पंडाल मंच बैरिकेटिंग की व्यवस्था की जा रही है ।  विभाग द्वारा तैयारियों के खर्च को लेकर रविवार 8 अप्रैल को 89 लाख का एक टेंडर रविवार 8 अप्रैल 2018 को निकाला गया जिसे आज 9 अप्रैल को 3:30 बजे दोपहर को खोला जाना है। लेकिन इससे पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पंडाल बैरिकेटिंग रास्ते का निर्माण कुर्सियों की व्यवस्था इत्यादि का काम जारी है इससे यह साबित हो जाता है की तैयारियों के खर्च को लेकर निकाला गया टेंडर मात्र दिखावा है।

 

एक्सईएन का कहना है बिना टेंडर के ठेकेदार को भुगतान संभव नहीं है ।इसलिए टेंडर निकाला गया है इससे साबित होता है कि विभाग द्वारा निकाला गया टेंडर मात्र दिखावा है और कार्य पहले से ही किया जा रहा है ।सरकारी धन का बंदरबांट के लिए शासन की मंशा के विरुद्ध यह कार्य किया जा रहा है। अगर मामले की जांच की जाए तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

मंत्री ने किया दौरा नदारद मिले डाॅक्टर, हुई ये कार्यवाई

गोण्डा। यूपी सरकार के मंत्री उपेन्द्र तिवारी की बड़ी कार्यवाही करते हुए, अस्पताल से नदारद मिले डॉक्टर को दिया कारण बताओ नोटिस जारी किया है,  मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने अस्पताल प्रशासन और बिना बताए गायब मिले डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा। प्रदेश में चल लोक कल्याण मेले का उदघाटन करने आज मंत्री उपेन्द्र तिवारी गोण्डा पहुँचे थे, इस दौरान मंत्री गोण्डा जिला अस्पताल का औचक निरक्षण किया। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त लापरवाही और भ्रस्टाचार की भी जाँच की। स्वास्थ्य विभाग के कार्यशैली से नाराज मंत्री ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।

 

लोक कल्याण मेले के आयोजन पर मेले का उदघाटन करने योगी सरकार व गोण्डा के प्रभारी मंत्री उपेन्द्र तिवारी आज गोण्डा पहुँचे। यहाँ पर मंत्री ने लोक कल्याण मेले का उदघाटन करते हुए मीडिया से बातचीत में  प्रदेश सरकार के एक साल के विकास कार्यों को गिनाया। इसके बाद मंत्री ने गोण्डा जिला अस्पताल का औचक निरक्षण किया, निरक्षण के दौरान समय से पहले अपने स्थान से गायब मिले डॉक्टर के बारे में सीएमओ से जबाब मांगा, अस्पताल प्रशासन  से संतोषजनक उत्तर न पाकर मंत्री ने सीएमओ से नदारद डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

 

साथ ही मंत्री ने सीएमओ व सीएमएस को निर्देश दिया कि समय से पहले और देर से आने वाले डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। इस दौरान मंत्री ने अस्पताल के वार्डों का भी निरक्षण किया और ओपीडी रजिस्टर की भी जांच की। मंत्री ने कहा कि पिछले बार की तुलना में इस बार अस्पताल में काफी सुधार हुआ है। अस्पताल से गायब मिले डॉक्टर पर जबाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सीएमओ से स्पष्टकरण मांगा गया है और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों का वेतन काटने का आदेश दिया है।

योगी का प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा, शुल्क निर्धारण विधेयक पास जानिए क्या होगा लाभ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) विधेयक-2018 पर विचार-विमर्श हुआ।इस सम्बन्ध में मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त आयोजित कैबिनेट ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराते हुए निजी स्कूलों द्वारा उनसे वसूले जा रहे मनमाने शुल्क को विनियमित करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।

 

डाॅ0 शर्मा ने कहा कि इस विधेयक को शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू किया जाएगा। विधेयक के प्राविधान प्रदेश के अल्पसंख्यक विद्यालयों सहित 20,000 रुपये वार्षिक इससे अधिक शुल्क वसूलने वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं पर भी प्रभावी होंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक में शुल्क को विनियमित किये जाने के लिये प्रत्येक मण्डल में मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय शुल्क नियामक समिति के गठन का प्राविधान किया जा रहा है, जिसे सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 के अधीन शुल्क सम्बन्धी मामलों का निस्तारण करने के लिए दीवानी न्यायालय और अपीलीय न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होंगी। मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित की जाने वाली समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा। प्रस्तावित निर्णय से छात्र/छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा तथा विद्यार्थियों/अभिभावकों पर निजी विद्यालयों द्वारा डाले जा रहे वित्तीय अधिभार से मुक्ति मिलेगी तथा निजी विद्यालय मनमाने ढंग से शुल्क वृद्धि नहीं कर सकेंगे।

 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सी0बी0एस0ई0), इण्टरनेशनल बेक्कलाॅरेट (आई0बी0) और इण्टरनेशनल जनरल सर्टीफिकेट आॅफ सेकेण्ड्री एजूकेशन (आई0जी0सी0एस0ई0) या सरकार द्वारा समय-समय पर परिभाषित किन्हीं अन्य परिषदों द्वारा मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त ऐसे समस्त स्ववित्तपोषित पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट काॅलेजों पर लागू होगा, जिनमें किसी विद्यार्थियों के लिए कुल सम्भावित संदेय शुल्क बीस हजार रुपये से अधिक हो। यह विधेयक इन परिषदों में से किसी परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त/सम्बद्ध अल्पसंख्यक संस्थाओं पर भी लागू होगा। यह स्वतंत्र पूर्व प्राथमिक विद्यालयों पर लागू नहीं होगा।

 

डाॅ0 शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के तहत विद्यालय में शुल्क संग्रह की प्रक्रिया खुली, पारदर्शी और उत्तरदायी होगी। इसके तहत, सम्भावित शुल्क संघटक तथा वैकल्पिक शुल्क संघटक एवं प्रतिदेय प्रभार की व्यवस्था होगी। सम्भावित शुल्क संघटक के अन्तर्गत विद्यालय विवरण पुस्तिका एवं रजिस्ट्रीकरण शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, संयुक्त वार्षिक शुल्क ले सकेंगे, जबकि वैकल्पिक शुल्क संघटक के तहत परिवहन, बोर्डिंग, मेस या डाइनिंग, शैक्षिक भ्रमण, कोई समान क्रियाकलाप शामिल होंगे। इसी प्रकार, प्रतिदेय प्रभार के तहत प्रतिभूति धनराशि/अवधान धनराशि, छात्रों द्वारा विद्यालय छोड़ने के समय समस्त लागू देयों का समाशोधन करने पर छात्रों को वापस की जाएगी। यह धनराशि विद्यालय में नवीन प्रवेश के समय एक बार शुल्क के रूप में होगी और संयुक्त वार्षिक शुल्क के पचास प्रतिशत की धनराशि से अधिक नहीं होगी।

 

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के तहत इस शुल्क का पूर्ण विवरण विद्यालय प्रमुख द्वारा प्रत्येक शैक्षिक सत्र के प्रारम्भ में समुचित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा। इस शुल्क का विवरण विद्यालय को अपने वेबसाइट पर अपलोड करना होगा तथा सूचना-पट पर भी प्रकाशित करना होगा। अभिभावकों को फीस मासिक, त्रैमासिक या अर्द्धवार्षिक किस्तों में देनी होगी। विद्यालय शैक्षिक सत्र के दौरान बिना समुचित प्राधिकारी की अनुमति के शुल्क वृद्धि नहीं कर सकेगा। प्रत्येक मान्यता प्राप्त विद्यालय को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों से कोई कैपिटेशन शुल्क न लिया जाए। विद्यालयों को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे शैक्षिक वर्ष के दौरान आयोजित किये जाने वाले प्रमुख कार्यक्रमों का कैलेण्डर भी प्रकाशित करना होगा।

 

डाॅ0 शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के अन्तर्गत राज्य के प्रत्येक मण्डल में मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित मण्डलीय शुल्क नियामक समिति के पास फीस के सम्बन्ध में अभिभावकों की शिकायत सुनने का अधिकार होगा। शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय अपील प्राधिकरण का गठन भी प्रस्तावित है।



पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बदमाशों पर आई शामत,डकैती करने आए बदमाशों का पुलिस का कहर

बहराइच।  योगी के सत्ता सम्हालते ही इनामी बदमाशों और डकैतों पर शामत आयी है । लगातार पुलिस एक के बाद एक एनकाउंटर कारनामे कर रही है पश्चिमी यूपी से शुरु हुई सिलसिलेवार गोलियों की तड़तड़ाहट अब पूर्वी यूपी में पहुँचने लगी है। इसी क्रम में जनपद बहराइच में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। जिसमे पुलिस और लाखों के इनामिया डकैतों के बीच कई घण्टों तक फायरिंग होती रही। पुलिस की तरफ से हुई फायरिंग में 3 डकैतों को गोली लगी। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि डकैतों की गोली से SST टीम के इंस्पेक्टर और दो सिपाही भी घायल हुए हैं। सभी को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती करवाया गया है घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर रवाना हो चुके हैं बताया जा रहा है ये शातिर डकैत पेशेवर बदमाश हैं जिनकी कई थानों में क्रिमनल हिस्ट्री भी दर्ज है और कई जिलों की पुलिस को इनकी तलास भी थी।

 

रुपईडीहा इलाके में बदमाशों की टीम बड़ी डकैती की बड़ी घटना को अंजाम देने के फि़राक में लगी हुई थी सीतापुर से आये बदमाश जैता नहर पार कर गांव में घुसने ही वाले थे कि तभी इलाके में गश्त कर रही पुलिस ने डकैतों को सरेंडर करने को कहा,जिसके बाद असलहे से लैस बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग झोंक दिया,दोनो तरफ से घण्टों फायरिंग होती रही,पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में 3 बदमाशों को गोलियां लगी हैं जबकि बदमाशों की तरफ से चलाई गई गोली से पुलिस इंस्पेक्टर जयनारायण शुक्ला सहित 2 अन्य सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये शातिर बदमाश कई बड़े आपराधिक मामलों में लिप्त रहे हैं और पुलिस की तरफ से वांछित भी चल रहे थे।

 

एसपी जुगलकिशोर ने बताया कि पकडे गए तीनों बदमाश सीतापुर जनपद के रहने वाले हैं जिनमे से एक उम्रकैद की सज़ा पा चुका है जबकि दुसरा ह्त्या के मामले में वांछित है साथ तीसरा बदमाश हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। टीम में कुल 8 बदमाश थे लेकिन मुठभेड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर 5 भागने में कामयाब रहे जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें काम्बिंग कर रही हैं बदमाशों पर 1 एडीजी जोन गोरखपुर की तरफ से 1 लाख का इनाम पहले से घोषित था जबकि इस मुठभेड़ के बाद एसपी की तरफ से 25 हज़ार और डीआईजी की तरफ से 50 हज़ार का इनाम घोषित किया गया।

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे 4 गिरफ्तार, गरीबों को बना रहे थे ईसाई

गोंडा में वजीरगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में उस वक्त हंगामा मच गया जब हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओ ने पहुँच कर एक जगह पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया .... जिसका वंहा पर मौजूद लोगो ने जमकर विरोध किया। विरोध और हंगामे की सूचना मिलते ही थाने की पुलिस ने मौके पहुँचकर माहौल को शांत कराकर दो लोगो को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए लोगों पर आरोप है कि यह लोग भोले - भाले गांववासियो को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

 

इस सम्बन्ध में थाने में विश्व हिन्दू परिषद के जिला सह मंत्री ने एक महिला समेत 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में सीओ सिटी भरत यादव का कहना है कि कुछ लोगो द्वारा संज्ञान में लाया गया है कि हिन्दू से ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए कुछ लोग प्रेरित कर रहे थे जिस पर थाने में 295 ए 504 और 506 की धाराओं में मुकदमा लिखकर दो लोगो को हिरासत में लिया गया है साथ ही विधिक कार्यवाही की जा रही है।

 

बहरहाल यही वह दो आरोपी है जिनके ऊपर आरोप है की यह धर्म परिवर्तन कराने के लिए लोगो को प्रेरित कर रहे थे जिनसे पुलिस पूछतांछ कर जांच में जुटी है। गोंडा जिले के वजीरगंज थानाक्षेत्र के सरायखत्री गांव में विहिप के जिला सहमंत्री राम शंकर शर्मा के मुताबिक जब हिन्दू संगठन के लोग एक जगह पहुंचे तो वहा पता चला की सभी मौजूद हिन्दू धर्म के लोग आज ईसाई धर्म की धार्मिक पुस्तक का पाठ कर रहे हैं। इस पर इस संगठन के लोगो ने कड़ी आपत्ति की तो वहाँ मौजूद लोगों ने इनका विरोध किया। जिससे हंगामा हो गया।

 

इस हंगामे की सूचना थाने की पुलिस को मिली तो वह मौके पर पहुंची और दो लोगो को साथ ले आई । इस पूरे मामले में थाने पर विहिप के जिला सहमंत्री ने एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी है जिस पर वजीरगंज थाना पुलिस ने मुकदमा दर्जकर लिया है। सीओ सिटी भरत यादव ने बताया कि थाने में 295 ए व 504 और 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और दो लोगो को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।

गोंण्डा: सबसे गंदे शहर ने बनाया सबसे बडा रिकाॅर्ड

यज्ञविजय चतुर्वेदी। यूपी के गोंडा जिला प्रशासन ने पांच दिन यानी 120 घँटों में 32 हज़ार शौचलाय बनाकर रिकॉर्ड कायम किया है ... इस रिकॉर्ड को "इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड" में दर्ज किया गया। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के संपादक ने गोण्डा के डीएम को पांच दिन में 32 हज़ार शौचालय बनाने के लिए रिकॉर्ड प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि गोण्डा शहर देश का सबसे गंदा शहर है, 2017 स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे निचले पायदान 434 नंबर पर आया था।

 

स्वच्छ्ता अभियान के तहत गोंडा को स्वच्छ व सुंदर बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन ने 26 मार्च 2018 को मिशन 32 नाम से एक बड़ी पहल शुरू की थी .... इस मिशन में 120 घंटों के अंदर 32 हज़ार शौचालय बनाने का लक्ष्य प्रशासन द्वारा रखा गया, मिशन 32 को सफल बनाने के लिए जिले के सभी 16 ब्लाकों के 1054 गांवों में एक साथ शौचालय निर्माण कार्य शुरू किया गया। मिशन 32 के तहत 26 मार्च को शुरू किया गया कार्य 30 मार्च 2018 को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया।

 

पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे निचले पायदान पर आने के बाद से ही गोण्डा को इस कलंक से उबारने के लिए तरह - तरह के कार्यक्रम और पहल किये जाते रहते है और इसी के तहत मिशन 32 भी चलाया गया जिस पर गोंडा को आज "इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड" में दर्ज करा जिले को सम्मान दिला जिले के डीएम जे बी सिंह ने कहा कि गोण्डा जनपद में मिशन 32 के तहत हम लोगों ने 32 हज़ार शौचालय 120 घण्टे में बनाया है इसलिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने हम लोगों को सम्मानित किया है .... एक मेडल और सर्टिफिकेट दिया है।

 

डीएम ने यह भी बताया कि हमने मिशन 32 के तहत 32 हज़ार शौचालय बनवाया है जिसके लिए हमने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने समानित किया है और  शौचालय निर्माण में जिन भी लाभार्थियों ने अच्छा काम किया और जिन बच्चों के बढ़ - चढ़कर हिस्सा लिया है हमने उनको भी सम्मानित किया है। इस रिकॉर्ड से खुश डीएम ने कहा कि आगे भी हम इस तरह काम करते रहेंगे और निर्धारित समय मे गोण्डा को बाहर शौच मुक्त जिला बनायेगे।

 

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के संपादक विश्वदीप चौधरी ने मीडिया से मुखतिब होते हुए कहा कि जब हमें मिशन 32 के बारे पता चला तो आज हमारी टीम ने कई गांवों का दौरा किया और पता किया कि वाकई में मिशन 32 के तहत 32000 शौचालय बनवाये गये है तब हमने अपने बुक में इस रिकॉर्ड को दर्ज किया है और इसके तहत जिलाधिकारी को सर्टिफीकेट व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया है।

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