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updated 12:34 PM UTC, Jun 23, 2017
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बादशाह के इंतकाल से साहित्य जगत में गम की लहर

पवन पांडे/गोरखपुर कहानीकार और ताउम्र रेलवे में नौकरी कर के रिटायर्ड मशहुर लेखक  उर्दू और हिन्दी अदब में समान रूप से दखल रखने वाले कहानीकार बादशाह हुसैन रिजवी ने 80 वर्ष की उम्र में रविवार की सुबह इस  दुनिया को अलविदा कहा। वह अपने पीछे पांच पुत्र, एक पुत्री और नाती पोतों का भरापूरा कुनबा छोड़कर गये हैं। उनके निधन से साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी कमी शिद्दत से महसूस की जा रही है।

 

सामाजिक सरोकार व साहित्य से जुड़े भाई बादशाह हुसैन रिजवी जीवन भर अपने मित्रों के दुख से दुखी व उनके सुख में सुख मानते रहे   सबके मददगार साबित इस कहानीकार ने डुमरियागंज तहसील (जनपद सिद्धार्थनगर) के हल्लौर कस्बे से जीवन की प्रारंभिक सफर  शुरू की और रेलवे में काम करते हुए गोरखपुर को अपना कर्मभूमि बनाया। वर्ष 1995 में रेलवे से रिटायर होने के बाद वह जाफराबाजार क्षेत्र में अपना मकान बनाकर रहने लगे थे। एक साल से बीमार चल रहे बादशाह भाई ने गोरखपुर के अपने आवास पर ही अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हल्लौर में किया गया।

 

बादशाह हुसैन रिजवी जनवादी लेखक संघ के गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष थे. इनकी १०० कहानियां हिंदी और उर्दू की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं. इनकी कहानी संग्रह ‘टूटता हुआ भय’, ‘पीड़ा गनेसिया की’, ‘चार मेहराबों वाली दालान’ और उपन्यास ‘मैं मोहाजिर नहीं हूँ’ पाठकों में बेहद लोकप्रिय  हुए थे।  रिज़वी की कहानियाँ नए  आंदोलन से प्रभावित हैं। ‘नई कहानियाँ’ पत्रिका में छपी उनकी कहानी ‘खोखली आवाजें’ काफी चर्चित हुई थी। वह इस समय एक और उपन्यास लिख रहे थे. बीमारी के कारण वह इसे पूरा नहीं कर पाए

 

 

उनके निधन पर जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय संगठन सचिव मनोज कुमार सिंह, पत्रकार अशोक चौधरी, इप्टा के डा मुमताज खान, कवि देवेन्द्र आर्य, कहानीकार मदनमोहन, रवि राय, आलोचक कपिलदेव, प्रो अनिल राय, प्रो जर्नादन, प्रो केसी लाल, प्रो चित्तरंजन मिश्र, प्रो अनंत मिश्र, कवि सच्चिदानंद पांडेय, डा अजीज अहमद, डा कलीम कैसर, अलख कला मंच के बैजनाथ मिश्र, राजाराम चौधरी, स्वदेश सिन्हा, प्रेमचंद साहित्य संस्थान के डा राजेश मल्ल और साहित्यिक सांस्कृतिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

बहन की तलाश में मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिव्यांग

गोंडा, यूपी सरकार के मंत्री और पुलिस डीजीपी कहते है कि अपराध होते है उन्हें रोका नही जा सकता, लेकिन क्या अपराध जो घट चुके है ,जो पीड़ित है क्या उन्हें इंसाफ तक नही मिल सकता?? क्या पुलिस पीड़ितों को न्याय नही दिला सकती?? क्या इन्साफ़ पाने के लिए सताए हुए लोगों को दर दर भटकना पड़ेगा??  कुछ ऐसा ही हो रहा है गोण्डा जिले में, जी हां यहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी आपबीती लेकर दर दर भटक रहा है, लेकिन कही से किसी भी तरह की इस दिव्यांग को न्याय की उम्मीद नज़र नही आ रही। दिव्यांग पीड़ित राजेन्द्र तिवारी अपनी बहन की तलाश में पिछले (5) पांच महीनों से पुलिस प्रशासन से गुहार लगा रहा है, 18 जनवरी 2017 को पीड़ित ने गोण्डा नगर कोतवाली में अपनी बहन की अपहरण का केस दर्ज कराया था।

 

पांच महीने पूरे हो जाने पर पुलिस कोई कार्यवाही करने में नाकाम रही, पहले जिले की पुलिस ने उससे कहा चुनाव हो जाने दे उसके बाद हम इस केस की ओर ध्यान देंगे, पुलिस के आश्वाशन पर पीड़ित दिव्यांग चुनाव खत्म होने का इंतज़ार करता रहा, और चुनाव खत्म होने के बाद अपना दुखड़ा लेकर जब पुलिस के पास पहुँचा तो पुलिस आज -कल, कल - परसों कहते हुए 5 महीने बिता दिए। पीड़ित दिव्यांग पुलिस के रवैये से दुखी होकर , जिले के एसपी, डीआईजी, आईजी व डीजीपी तक दौड़ लगाया , लेकिन वहां से भी उसे इंतज़ार करने की नसीहत ही मिली। थक हार कर दिव्यांग ने मुख्यमंन्त्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में  22 अप्रैल, 5 जून और 13 जून की तारिख पर पहुँच कर कई बार गुहार लगाई, लेकिन वहां उसकी मुलाकात  मुख्यमंत्री से नही हो पाई लेकिन जनता दरबार में योगी के सहयोगियों ने उसकी फ़रियाद को 13 जून को सुनकर उसे भरोसा दिलाया की उसकी समस्या का हल किया जाएगा । लखनऊ से पुलिस प्रशासन को आदेश आया कि आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की जाए, लेकिन अब भी पुलिस हाथ पर हाथ रख कर बैठी है।

 

इस दौरान पीड़ित दिव्यांग ने अपने अथक प्रयास से आरोपी का लोकेशन व मोबाइल नंबर तक पा गया। आरोपी अमित जो नेपाल का रहने वाला है जो गोण्डा में काशीराम मोहल्ले में रहता था, पीड़ित दिव्यांग की बहन को बहला फुसलाकर आरोपी अमित नेपाल लेकर चला गया, अमित के इस साजिश में उसका पूरा परिवार शामिल था, इस घटना के बाद से ही आरोपी अमित अपने परिवार के साथ नेपाल भाग गया।

 

इस मामले पर जिले के एसपी ने बताया कि आरोपी और आरोपी का परिवार नेपाल भाग गया है, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे है, वैसे ये मामला प्रेम प्रसंग का है। पुलिस चाहे जो कहे लेकिन अगर समय रहते पुलिस कारवाही करती तो शायद आरोपी को आसानी से पकड़ा जा सकता था। आरोपी के परिवार के अन्य सदस्यों का क्राइम रिकॉर्ड है, जिससे देखते हुए पुलिस नेपाल पुलिस की मदद से कार्यवाही कर सकती थी, लेकिन पुलिस ने ऐसा नही किया, और मामला प्रेम प्रसंग का बताकर अपना पल्ला झाड़ना चाहती है।

 

 

बाघ ने बनाया किसान को निवाला, एक की हालत गंभीर

पीलीभीत, यूपी के पिलीभीत में बाघ ने शुक्रवार को दो हमले किये। एक घटना में किसान को निवाला बना डाला और दूसरी घटना में बाघ के हमले में किसान गम्भीर रूप घायल हुआ है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  पहली घटना माला रेंज के वनकटी रेंज की है। ग्रामीणों को खेत से कुछ ही दूर जंगल में किसान का क्षत-विक्षत शव मिला है। घटना को लेकर ग्रामीणों और टाईगर रिजर्व प्रशासन के अलग-अलग दावे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ किसान को खेत से खींचकर जंगल में ले गया वहीं टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश का इसके ठीक विपरीत कहना है कि यह घटना वन क्षेत्र के अन्दर की है। घटना स्थल पर लकड़िया भी मिली हैं। दूसरी घटना थाना अमरिया क्षेत्र के गाँव सूरजपुर की है।

 

शनिवार की सुबह थाना न्यूरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत सैजना के गाँव रूपपुर में ग्रामीणों को खेत किनारे साईकिल खड़ी मिली, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। आस पास की घास और पौधे टूटे हुए थे। अनहोनी की आंशका के चलते ग्रामीण उसी दिशा में बढ़े तो एक क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। शव की पहचान गाँव के ही केवल राम (50) के रूप में हुई। शव अधखाया हुआ था। सूचना पर डीएफओ कैलाश प्रकाश टाईगर रिजर्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुँचे। शव को देखकर साफ हो गया कि यह बाघ का शिकार है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भिजवा दिया। घटना से एक वार फिर ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया।

 

क्या कहना है ग्रामीणों का

 

वाघ के हमले की घटना पर ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि केवल राम मजदूरी पर खेत की रखवाली कर रहे थे। जंगल से निकलकर बाघ ने उन्हें शिकार बनाया और खीचकर जंगल में ले गया। केवल राम की साईकिल खेत के किनारे ही खड़ी थी और किसान को खेंचकर ले जाने के निशान दिख रहे थे।

 

क्या कहना है टाईगर रिजर्व प्रशासन का

 

टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश का कहना है कि घटना जंगल के अन्दर की है। कुछ लकड़ियां भी घटना स्थल के आसपास बिखरी हुई थीं। जहाँ तक घायल बाघ की बात है यह सच है कि वह घायल था लेकिन अब वह काफी हद तक ठीक है। उस जगह पर कई बाघ हैं। ऐसे में किस बाघ ने ग्रामीण को मारा यह कहना कठिन है। जंगल में जाना हमेशा ग्रामीणों के लिए खतरनाक हो सकता है।

 

टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश व विश्व प्रकृति निधि के जिला प्रभारी नरेश कुमार मृतक के परिजनों को सहायता राशी देते हुए मृतक केवल प्रसाद के परिजनों को फौरी तौर पर विश्व प्रकृति निधि की ओर 10 हज़ार रु. की आर्थिक सहायता दी गई है । विश्व प्रकृति निधि निधि के जिला प्रभारी नरेश कुमार ने टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के साथ पहुंचकर यह राशी नकद रूप में मृतक केवल प्रसाद के परिजनों को सौंपी ।

 

 

अमरिया में बाघ के हमले में किसान घायल, टाइगर से भिड गया पुत्र

 

दूसरी घटना अमरिया क्षेत्र के गाँव सूरजपुर की है। अमरिया क्षेत्र के ग्राम सूरजपुर का 55 वर्षीय किसान गोपाल एक फार्म पर मजदूरी पर खेतों में काम करता है। सुबह वह खेत पर काम कर रहा था,कि उस पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। गोपाल के साथ उसका पुत्र भी खेत पर था । वह भी खाद लगा रहा था । उसने जब  पिता पर हमलावर बाघ को देखा तो वह खाद डालने बाली झोली से  ही बाघ को मारने लगा । झोली बाघ के मुंह पर लगी और उसके बाद बाघ गोपाल को छोड़कर भाग गया । आनन -फानन में वन विभाग को सूचना दी गई। जिसके बाद मौके पर सामाजिक वानिकी के रेंजर गजेन्द्र यादव टीम के साथ पहुंचे। इस हमले में घायल ग्रामीण की हालत गम्भीर बनी हुई है। उसे  जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है । रेंजर गजेन्द्र यादव ने बताया की ग्रामीण पेरी फार्म पर मजदूरी करता है। वह अपने पुत्र के साथ खेत में खाद लगा रहा था की पीछे से बाघ ने हमला किया है। इस हमले में ग्रामीण के पुत्र ने बहादुरी से काम लिया । जिससे बाघ ग्रामीण को छोड़कर भाग गया। ग्रामीण का अच्छा उपचार कराया जायेगा और आर्थिक सहायता भी की जाएगी ।

 

 

मुख्यमंत्री के आदेश से जी डी ए ने तोड़ा चौधरी स्वीट हाउस का सील

विगत दिनों पार्किंग की सुविधा नही होने के कारण शहर के मशहूर चौधरी स्वीट हाउस पर कार्यवाही करते हुए उसकी दो दरवाजो को जी डी ए ने वड़ी कार्यवाही करते हुए  सील कर दिया  था 14 जून को जब मुख्य मंत्री शहर में थे तभी रेस्तरां के मालिक ने

मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत किया था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने विजय चौक स्थित चौधरी स्वीट हाउस का सील तोड़ दी। रेस्त्रां के मालिक भीष्म चौधरी ने मुख्यमंत्री से मिलकर बताया कि रेस्त्रां के ठीक सामने उन्होंने पार्किंग का इंतजाम कर रखा है। जीडीए ने इसे अपनी अनुमति भी दी थी, मगर आठ जून को पार्किंग के खिलाफ चले अभियान में प्राधिकरण ने आंशिक कार्रवाई करते हुए उनके रेस्त्रां के भी दो शटर सील कर दिए थे।

मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जीडीए उपाध्यक्ष ओएन सिंह को मंदिर बुलाया और सील तोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह रेस्त्रां शहर के चंद पुराने रेस्त्रां में से एक है। जब रेस्त्रां का निर्माण शुरू हुआ था तो सड़कों पर यातायात का इतना दबाव नहीं था। प्राधिकरण भी अस्तित्व में नहीं आया था। रेस्त्रां के मालिक भीष्म चौधरी ने बताया कि समय के साथ जब सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ा तो जरूरतों को देखते हुए उन्होंने पार्किंग का भी इंतजाम किया जो रेस्त्रां के सामने वाली गली में है। जीडीए ने इसे अनुमति भी दी थी। चार पहिया वाहन वहीं खड़े कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने वाली टीम को उन्होंने संबंधित कागजात भी दिखाए थे मगर टीम ने सुना ही नहीं।

 

उधर, मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जीडीए की टीम ने गुरुवार की शाम चार बजे रेस्त्रां का सील तोड़ दिया। बता दें कि हाल ही में सदर तहसील प्रशासन ने बिजली बकाये पर सहारा स्टेट का क्लब सील कर दिया था। नगर विधायक डॉ आरएमडी ने जब इस कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध किया तो अफसरों ने सील तोड़ दी।

वर्षो पुराने मन्दिर को तोड़कर दबंग द्वारा किये गये अबैध कब्जे को हटवाया गया

गोरखपुर/पीपीगंज कैम्पियरगंज तहसील के हिरुआ ग्राम पंचायत के बंसीधर यादव,और मुरलीधर यादव ने सैकड़ो साल पूर्व शिव मन्दिर और रामजानकी का अर्धनिर्मित मन्दिर को तोड़ कर छपर डाल कर नाद और खुटा गाड़ कर कब्जा कर लिया था और कुएं में भी मिटटी भराई करने का प्रयास कर रहा था। इस की जानकारी जब ग्रमीणों को हुई तो वह काम बन्द करने का प्रयास किये तो यह कहने लगा की मन्दिर तोड़ कर फिर से मन्दिर बनाऊंगा। लेकिन दबंग वहा पर जानवरो को बांधने लगा तब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया लेकिन दबंगों ने किसी की नहीं सुनी।

शुक्रवार को बन्धे के निरीक्षण पर तहसीलदार बिपिन सिंह के साथ निकली कैपियरगंज की उपजिलाधिकारी पूजा मिश्रा को रोककर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी दी जानकारी मिलने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए  उपजिलाधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा  ने  दल बल के साथ मौके पर पहुच कर मन्दिर पर हुये कब्जे को तुरन्त हटवाया तथा दबंगों को भविष्य में इस पर निर्माण न करने की हिदायद भी दी।जबकि ग्राम प्रधान एवं सदर सांसद प्रतिनिधि एवं विश्व हिंदू परिषद के नेता विजय शंकर यादव को भी हिदायत दिये की मन्दिर की जमीन और कुये का सुंदरीकरण करा दे।साथ अवैध कब्जे करने वालो के खिलाफ तहसीलदार से कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया।

 

  वर्षो पुराने मन्दिर पर से हटाए गए कब्जे से ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर है और इस बात के लिए ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन  की सराहना भी की है।

बीजेपी नेता के बेटे और उसके साथियों की वनकर्मियों ने की जमकर धुनाई

पीलीभीत 16 जून।बीजेपी जिलाध्यक्ष के बेटे और उसके साथियों के साथ पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में वन कर्मियों ने जमकर मार की। बीजेपी अध्यक्ष के पुत्र पर आरोप है कि उसने शराब खोरी की और वहां तैनात वन कर्मियों से भिड़ गया। गुस्साए वन कर्मियों ने उसकी व उसके तीन दोस्तो की जमकर धुनाई कर दी। बीजेपी नेता ने डिप्टी रेंजर समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।उधर वन विभाग ने भी जिलाध्यक्ष के बेटे व तीन दोस्तो के खिलाफ फाॅरेस्ट एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मारपीट और सरकारी कार्य मे बाधा पहुचने के एक अन्य मुकदमे की तहरीर थाने में दे दी है। जिस पर भी मुकदमा दर्ज हो गया है। वन विभाग ने आरोपी डिप्टी रेंजर को हटा दिया है। मामला माधोटांडा थाना इलाके के पर्यटन स्थल चुका स्पॉट का है।

बीजेपी जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार का बेटा दक्ष गुरुवार की शाम अपने तीन अन्य दोस्तो के साथ पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में चुका टूरिस्म घूमने गया था। वह अनधिकृत तौर पर टाइगर रिज़र्व में घुसकर चूका पहुंचा और दोस्तो के साथ बैठ कर गाड़ी में ही शराब पीने लगा। जिसे वन कर्मियों ने मना किया। जिसके बाद नशे में धुत नेता पुत्र वहां स्थित कैंटीन के कर्मियों से जा भिड़ा। तब वन कर्मी भी आक्रोशित हो गए और जिलाध्यक्ष के बेटे और उसके साथियों की जमकर पिटाई कर दी।

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वन विभाग ने आरोपी नेता के पुत्र व उसके साथियों के खिलाफ 27 फारेस्ट एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।बीजेपी जिलाध्यक्ष ने भी अपने पुत्र के दोस्तों की तरफ से माधोटांडा थाने में डिप्टी रेंजर व कुछ अन्य लोगो खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाया है। वहा तैनात डिप्टी रेंजर मुबीन आरिफ ने भी सरकारी कार्य मे बाधा पहुचाने मारपीट करने का मुकदमा थाने में दर्ज करवाया है। डीएफओ टाइगर रिज़र्व कैलाश प्रकाश ने बताया कि आरोपी डिप्टी रेंजर को वहां से हटा कर दियूरिया रेंज में तैनात कर दिया है। पुलिस पूरे मामले में जांच में जुटी है।

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बीजेपी अध्यक्ष सुरेश गंगवार ने आरोप लगाया कि हटाया गया डिप्टी रेंजर प्रारम्भ से ही विवादित था। इसकी पिछले लंबे समय से वहां तैनाती थी। बहेड़ी,नवाबगंज के विधायक व पूरनपुर के एक सपा नेता से भी हाल ही में उसके द्वारा अभद्रता व मारपीट की जा चुकी है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि डिप्टी रेंजर मोवीन वहां अपनी मनमानी चला रहा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका पुत्र अपने शिक्षकों के साथ था,साथ ही वह डीएफओ से अनुमति लेकर चूका सपाट पर गया था। इसलिए विना अनुमति होना और शराब पीकर मारपीट करने का आरोप पूर्णतः निराधार है। डीएफओ ने भी अनुमति की पुष्टि की है।

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यूपी के इस जिले में धडल्ले से चल रहा नशे का कारोबार

बस्ती। जिले के नौजवान नशे की तपिश में झूम रहे हैं जिससे इनका भविष्य चौपट होने की राह पर है जिम्मेदार खामोश हैं। जी हां जिले में नशे का कारोबार परचून और चाय की दुकानों से चल रहा है, खुलेआम जिले को उड़ता पंजाब बनाने की कोशिश आगे बढ़ चुकी है। गलियों चौराहों पर बन चुके है नशीली वस्तु वितरण केंद्र। आये दिन मिल रही सूचना को आधार बनाकर जब इसकी पड़ताल की गयी तो जो कुछ दिखा वह न सिर्फ चिंतित कर रहा बल्कि अगर  ऐसे ही महीना साल चल गया तो जिले के अधिकाँश नौजवान नशे की जबरदस्त चंगुल में फंस चुके होंगे जिन्हें बाहर निकलना मुश्किल होगा।

शहर कोतवाली के गांधी नगर की पंजाब बैंक के नजदीक कटरा तिराहा स्थित चाय की दुकान, नगर बाजार थाना इलाके फुटहिया चौराहा, कलवारी बाजार में सब्जी की दुकानों पर खुलेआम बिक रहा है गांजा। जब भी आप चिन्हित दुकानों पर जाएंगे तो ये कारोबारी बिना कुछ कहे माल आपको बेच देंगे। फिर क्या नशेड़ी खुश और दुकानदार भी खुश क्योंकि इस पर न तो जीएसटी है न ही कोई और टैक्स। अगर टैक्स है तो सिर्फ एक सम्मानित विभाग कर के रूप में नकद जमा कर लेता है जिसका पाई पाई हिसाब पारदर्शी रहता है कि किसे कितना मिला।

 

24 लाख जनसंख्या के सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस विभाग के अफसर अब इस सूचना पर गंभीर हैं जिनका कहना है विभाग इस मामले पर गंभीर है जो भी सूचना मिलती है उस पर कार्यवाही तत्काल की जाती है।

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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

पवन पांडे/गोरखपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर  प्रदेश के माननीय राज्यपाल राम नाईक जी से भेंट कर शिक्षा जगत में व्याप्त प्राथमिक माध्यमिक तथा उच्च संवर्ग की विसंगतियां तथा शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया |प्रतिनिधिमंडल में डॉक्टर शक्ति कुमार पांडे ,डॉक्टर सौरभ पांडेय, तथा प्रभा शंकर पांडे सम्मिलित रहे |प्रतिनिधिमंडल ने श्री राम  नाईक जी को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा |जिसमें प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश के समस्त संवर्ग प्राथमिक ,माध्यमिक ,उच्च के 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन की सुविधा प्रदान की जाए ,सभी संवर्ग के शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा से आच्छादित किया जाए, सेवा अवधि में मृत्यु होने पर शिक्षक के पाल्य को शिक्षक के पद पर नियुक्त किया जाए, प्रतापगढ़ जनपद के मालवीय कहे जाने वाले पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए ,प्रतापगढ़ नगर में एक राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की जाए ,शिक्षकों से केवल शिक्षण  कार्य लिया जाए।

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना से ग्राम प्रधानों का हस्तक्षेप समाप्त करके उसे विद्यालय प्रबंध समिति या स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपा जाए, केंद्र के समान शिक्षकों को एचआरए प्रदान किया जाए ,उच्च शिक्षा में महाविद्यालय के योग्य प्राध्यापकों को प्रोफेसर पद( वेतन एवं पदनाम) तक पदोन्नति की जाए।

विश्वविद्यालय ,महाविद्यालय के रिक्त शैक्षणिक, प्रशासनिक पदों पर शीघ्र भक्ति की जाए, पदोन्नत में आने वाली बाधाओं को दूर कर के समय बद्ध पदोन्नत की जाए ,विश्वविद्यालय महाविद्यालयों में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को यथाशीघ्र लागू किया जाए ,शिक्षा संबंधी सभी निर्णयों में शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा राजनीतिक एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप बंद हो ,प्राथमिक विद्यालयों में भौतिक संसाधन यथा डेस्क डेस्क बेंच विद्युत जल शौचालय इतिहास की समुचित व्यवस्था की जाए ,माध्यमिक में तथा शिक्षकों का अध्यतन विनियमितीकरण किया जाए आदि मांगे की गई |

 

माननीय राज्यपाल महोदय ने उक्त मांगों के संदर्भ में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया |इसके पूर्व डॉक्टर सौरभ पांडेय ,डॉक्टर शक्ति कुमार पांडे प्रभा शंकर पांडे ने राज्यपाल महोदय को पुष्पगुच्छ प्रदान करके स्वागत किया।

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