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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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स्वतंत्रता दिवस पर एनसीसी कैडेट्स ने किया वृक्षारोपण

गोरखपुर। पीपीगंज के क्षेत्र में आज सुबह से ही स्वतंत्रता दिवस की धूम रही क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं विभिन्न सरकारी कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बापू इण्टर कालेज पीपीगंज एवं क्रिस्तूरजा पब्लिक स्कूल में क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व काबीना मंत्री एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर विधान सभा उत्तर प्रदेश माननीय फ़तेह बहादुर सिंह ने ध्वजारोहण किया।

 

ध्वाजारोहण के पश्चात गाँधी जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।अपने संबोधन में श्री सिंह ने इस क्षेत्र के विकास हेतु सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया और क्षेत्र के चहुमुखी विकास पर जोर दिया उन्होंने केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की नीतियों को जनजन तक पहुँचाने का आवाहन किया। इस अवसर पर बापू इण्टर कालेज के प्रबंधक कमाल जावेद एवं प्रधानाचार्य ने उनका स्वागत किया क्रिस्तूराजा पब्लिक के प्रबंधक बनारसी सिंह एवं प्रधानाचार्या श्रीमती चंदा श्रीवास्ताव  ने भी अतिथियों का स्वागत किया।
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नगर पंचायत पीपीगंज में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार जैसवार निवर्तमान चैयरमैन रमाशंकर मद्धेशिया भाजपा नेत्री वन्दना गुप्ता उपस्थित रही। बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य डाक्टर एस पी एल श्रीवास्तव बापू चिल्ड्रेन एकेडमी में प्रबंधक कमाल जावेद डाक्टर बदरूद्दीन सन ग्रेस पब्लिक स्कूल में प्रबंधक गुप्ता जी ,एम वी जी आई सी में प्रबंध लक्ष्मण विश्वकर्मा प्रधानाचार्य संजय सहानी एवं निदेशक रवि प्रताप विश्वकर्मा क्रिस्तूराजा आइकॉन में प्रधानाचार्य अजय त्रिपाठी बी पी एस प्रबंधक डाक्टर पाठक एवं श्रीमती सुनीता सिंह  लाल बहादुर इण्टर कालेज में प्रबंधक मुकुल कुमार पांडेय प्रधानाचार्य मेजर यू पी नायक दिग्विजय चौक माफी में प्रबंधक बद्री प्रसाद त्रिपाठी प्रधानाचार्य केशव प्रसाद त्रिपाठी कृषि विज्ञान शोधकेन्द्र में वैज्ञानिक श्री सिंह ने झंडारोहण के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया।

 

इस अवसर पर सुबह वारिस होने के बाद भी लोगो ने गजब का उत्साह दिखाया आज इस अवसर पर बापू इण्टर कालेज पीपीगंज में कार्यक्रम के पश्चात वृक्षारोपण का कार्य एन सी सी कैडेट्स द्वारा किया गया जिसमें लेफ्टिनेंट संजय कुमार सिंह एवं सी ओ संजय यादव के अगुआई में लगभग 100 पौधों को लगाया गया और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी कैडेट्स को सौंपी गई।

 

कृष्ण जन्माष्टमी पर हुआ सास्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर नृत्य, गायन और फेंसी ट्रेस प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान नन्हें-मुन्हें बच्चों, छात्र-छात्राओं और प्रवक्ताओं के लिए अलग-अलग श्रृंख्ला में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया साथ ही श्री कृष्ण की मन-मोहक छवि और लीलाओं पर आधारित झांकियां प्रतियोगिता में भी छात्र-छात्राओं एक से बढ़कर एक मन-मोहक झांकियों का निर्माण किया।

 

कार्यक्रम का प्रारम्भ स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की संस्थापिका डॉ. मुक्ति भटनागर, विवि के प्रति-कुलपति डॉ. डी.सी.सक्सेना, डॉ. विनिता निखिल, डॉ. अंजलि खरे, डॉ. वैभव गौयल भारतीय, प्रो. पिंटू व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कृष्ण को याद करते हुए भक्तिमय गीतों का गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार अरून खरे ने, द्वितीय पुरस्कार पीहू और गीन ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया और तृतीय पुरस्कार किरन ने प्राप्त किया।

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फेंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार गीन ने, द्वितीय पुरस्कार पीहू ने और तृतीय पुरस्कार आशी ने प्राप्त किया। इस दौरान नन्हें-मुन्हें बच्चों, छात्र-छात्राओं और प्रवक्ताओं के लिए अलग-अलग श्रृंखला में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजयी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए गए। श्री कृष्ण की मन-मोहक छवि और लीलाओं पर आधारित झांकी प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मन-मोहक झांकियों का निर्माण किया।

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झांकी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार बीएनवाईएस कॉलेज के अंकित और प्रवीन ने, द्वितीय पुरस्कार बीएनवाईएस के अभिजीत और अम्बर ने और तृतीय पुरस्कार शिक्षा विभाग के छात्र नेत्रपाल, पुनित, परिक्षित, शिवानी, श्रृति और नेहा ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. विनिता निखिल, डॉ. अंजलि खरे, डॉ. पूजा गुप्ता ने अदा की। श्री कृष्ण की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। मंच संचालन डॉ. विवेक संस्कृति ने किया।     

 

इस कार्यक्रम को आयोजित कराने में स्वामी विवेकानंद सुभारती विवि के संस्कृतिक विभाग की अध्यक्ष डॉ. भावन ग्रोवर और संस्कृतिक समिति का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम में डॉ. संदीप कुमार, डॉ. नीरज करण सिहं, सुरेंद्र कुमार अधाना, डॉ. संरताज, डॉ. पूजा गुप्ता, जयराज सिंह आदि मौजूद रहे।  

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन-जागरुकता रैली निकाल लोगो को किया जागरुक

गोरखपुर।ग्रामीण स्वच्छता अभियान एवं हर गाँव को खुले में शौच से मुक्त करने की मुहिम आज काल पूरे जिले में चल रही है और धीरे धीरे लोग जागरूक भी हो रहे है इसी क्रम में कैम्पियरगंज तहसील के विकास खंड जंगल कौडिया मे चल रहे 5 दिवसीय आवासीय  कार्यक्रम के समापन के क्रम में ग्राम पंचायत डीहाघाट मे सहायक विकास अधिकारी  (पंचायत ) श्री राम प्रवेश मिश्रा जी और ग्राम पंचायत नयनसर मे ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन  के आशीष  कुमार श्रीवास्तव कि अगुवाई मे जन-जागरूकता रैली निकाली गई और लोगो को खुले मे शौच  से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया!

 

कार्यक्रम को आगे बढाते हुए गरिमा दस्ता के लीडर जगदीश कुमार और खंड प्रेरक अंगद  प्रजापति ने लोगो को शौचालय का प्रयोग करने कि ग्रामीण पुरुषों एवं महिलाओं प्रेरित किया  और अपने मान - सम्मान को बचाने के लिए कहा। रवि कुमार और मंजू देवी द्वारा शौच के बाद बच्चो को हाथ धोने का तरीका  भी ग्राम पंचायतों मे बताया गया।

 

इस मौके पर सचिव श्री ताज़ुल आर्फीन जी सुनिता , बबिता , मानव विकास सेवा संस्थान से ज्योति जी और गरिमा दस्ता के सूर्यभान, सतिश , रणविजय , अमरजीत, राजकुमार, छोटेलाल, प्रमोद, अजय और सोमनाथ आदि लोग मौजूद रहे।

हाॅस्पिटल प्रशासन है बच्चों की मौत का जिम्मेदार

पवन पांडेय/गोरखपुर। गोरखपुर में मेडिकल काॅलेज हादसे के बाद डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के प्रत्येक वार्ड का दौरा किया और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से ही इतनी बड़ी घटना घटी। ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई मुख्यमंत्री इतने कम समय में मेडिकल कॉलेज का चार बार दौरा किया हो  इतनी बड़ी घटना मात्र मेडिकल कॉलेज के प्रशाशन की लापरवाही से हुई।

 

प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज को पैसे देने के बावजूद प्रिंसिपल ने ऑक्सीजन सप्लायर को पैसे नहीं दिया जिसकी वजह से घटना घटी जिसपर प्रदेश एवं केंद्र दोनो सरकार ने संवेदना में स्वयं योगी आदित्यनाथ जी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गोरखपुर पहुचकर पीड़ितों की व्यथा को सुना।

 

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने  कहाँ की किसी दोषी को छोडा नहीं जायेगा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी ने बाल रोगों पर गहन शोध के लिए 85 करोड़ के लागत से मेडिकल कॉलेज में एक वायरस रिसर्च सेंटर खोलने की घोषणा की है। साथ ही इस घटना की एक उच्चस्तरीय समिति बना कर जाँच कराकर दोषियों के ऊपर तुरंत कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो सके।      

आदमखोर को पकडने में नाकामयाब वन विभाग, 5 दिन में मिले सिर्फ पैर के निशान

पीलीभीत। पता नही नरभक्षी बाघ कब पकड़ा जाएगा। पीड़ित ग्रामीणों को तो कतई नहीं लगता है की वन विभाग शायद कुछ कर पाये। बाघ की दहशत का आलम ये है कि प्रभावित क्षेत्र के लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। विद्यालय बंद हैं और सड़कें सूनी पड़ी है। इस समाचार यह है कि वन विभाग ने बाघ को लोकेट कर लिया है। विभाग की ट्रेकिंग टीम को आदमखोर बाघ के देवहा नदी के किनारे दहगला गांव पास में पगमार्ग मिले हैं । बस इसी को अपनी बहुत बड़ी सफलता मानकर वन विभाग फूले नहीं समा रहा है। वन विभाग ने आदमखोर को पहचान कर एक फोटो भी निकाला है। यह फोटो 4 अगस्त को एक ट्रैप कैमरा के कैद हुआ था। बाघ का आतंक कम करने के नाम पर विभाग ने शहर व गाँव में एलान करवाया है।

 

वन अधिकारियों की माने तो उसे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व से निकलकर 20 किलोमीटर के दायरे में आतंक का पर्याय बने बाघ को वन विभाग ने ट्रेस कर लिया है। इस बीच यह बाघ तीन किसानों को अपना निवाला बना चुका है। वन विभाग की  टीमें पिछले 5 दिनों से बाघ को ट्रैक करने के लिए खाक छान रही थी। रविवार को वन विभाग को ट्रेकिंग के दौरान बाघ की लोकेशन मिल गई। वन विभाग को बाघ ट्रेकिंग के  दौरान ड्रोन कैमरे के जरिये देवहा नदी के किनारे दहगला गाँव के पास बाघ के पगमार्क मिले हैं। जिसके जरिये अब वन विभाग के अधिकारी जल्द बाघ पकड़ने का दावा कर रहे हैं | विभाग ने आदमखोर बाघ का फोटो भी जारी किया है जो 4 अगस्त को दहगला गाँव में ट्रैप कैमरे में कैद हुआ था।

 

विभाग के विशेषज्ञ एक ही बाघ को आदमखोर मान रहे हैं जो उंन्होने लोकेट कर लिया है। ग्रामीणों के अनुसार टाइगर रिज़र्व के बाहर 5 बाघों को देखा गया है। बाघ की दहशत कम करने के लिए बरेली मंडल के वन संरक्षक वी.के. सिंह ने बताया कि शहर व किनारे के 17 गाँव को चिन्हित करके वहां ऐलान करवाया जा रहा है । जिसमे बाघ के वन क्षेत्र शहर के आसपास होने की बात कही जा रही है। लिहाजा रात में कम निकलने व निकलने पर झुंड बना कर निकलने के लिए ताकीद किया जा रहा है।वन महकमा बाघ को जल्द पकड़ने का दावा जरूर कर रहा है,लेकिन इन दावों पर आम जन को तो यकीन कतई नही है।

यूपी के इस सरकारी अस्पताल में होती है "कैंडल लाइट डिलीवरी"

छपिया। आपने अभी तक कैंडिल लाईट लंच डिनर तो सुना होगा लेकिन क्या आपने कैडिल लाईट डिलीवरी के बारे में सुना है? जी हाँ देश के सबसे ज्यादा गंदे शहर का खिताब पाने वाले शहर गोण्डा के अस्पताल में होती कैंडल लाईट डिलीवरी। यहाँ मोमबत्तियों की रोशन में बच्चे जन्मते हैं। चौकिये नहीं जनाब यह हाल है जिले के नामी गिरामी कस्बे में शुमार लगभग बीस हजार की आबादी वाला पीएचसी मसकनवा का। जहां पर जननी सुरक्षा वार्ड में मोमबत्ती जला कर प्रसव कराया जा रहा है। यहां प्रसूताओं के लिए एक अदद एमरजेंसी लाईट भी मयस्सर नहीं हो पा रही है। भीषण उमस भरी गर्मी में जच्चा व बच्चे को गुजारना पड़ता है। स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक की मनमानी का दंश मासूमों को सहना पड़ा रहा है। यह मसकनवा स्वास्थ्य विभाग का रियल सच सामने आया है। यहां लगा इनवर्टर अधीक्षक के आदेश पर हटवा दिया गया। कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गयी।

 

प्रदेश  सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर अतिरिक्त सुविधाएं देने के लिए तरह-तरह के उपाय सोच रही है लेकिन मसकनवा पीएचसी की हकीकत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। जिसने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। यहां की स्वास्थ्य कर्मी खुद ही मजबूर है क्योंकि उन्हें अपने अधीक्षक का डर सता रहा है कुछ कहने से सहमी रही। दबे जुबान से बताया कि जो अधिकारी व्यवस्था देते हैं उसी से काम चलाना है।

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नहीं चलता है जनरेटर।

मसकनवा पी एच सी पर जनरेटर लगा हुआ है लेकिन तेल बचाने के चक्कर में उसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है।यहां तेल में भी खेल के मामले से इंकार नहीं किया जा सकता है। बताया जाता है कि एक जनरेटर बाहर लगा है।दूसरा प्रसव केन्द्र के एक कमरे में बंद पडा़ है। नीरज, पी सी गुप्ता, पवन, दारा वर्मा, शिव कुमार यादव, प्रदीप व संतोष का कहना है कि जब केन्द्र पर जनरेटर लगा है तो प्रसव के समय बिजली न रहने पर चलाया क्यों नहीं जा रहा है। कस्बावासी रात में डाक्टर के न रूकने का दंश तो झेल ही रहे हैं कि अधीक्षक ने नहीं समस्या खड़ी कर दी।

 

लगा था इनवर्टर।

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के जननी सुरक्षा वार्ड में इनवर्टर लगा हुआ था लेकिन चिकित्सा अधीक्षक डॉ उमेश चन्द्रा के गैरजिम्मेदाराना हरकत द्वारा उसे निकलवा कर छपिया में लगवा दिया गया। वहां के लिए नया डिमांड नहीं किया गया। जबकि यहाँ पर दो बैट्री लगी है। तभी तो मसकनवा में मोमबत्ती के उजाले में प्रसव हो रहा है। डॉ चन्द्रा अपनी गलती को छुपाने के लिए कहा कि इनवर्टर खराब है।सी एम ओ आभा आशुतोष ने बताया कि मामला गंभीर है जब दो बैटरी थी तो एक मसकनवा व एक छपिया में लगाया जाना चाहिए। नहीं तो डिमांड भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि  मामले की जांच की जायेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के क्षेत्र पहुँचा चोटीकटवा, खौफ़ में महिलाएं

कृष्णा गिरि/वाराणसी। वाराणसी में चोटी कटने की दो घटनाओं से हडकंप मच गया है। 2 अलग अलग जगहों पर घटी इन घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है और गांव वालों में भय का माहौल है। रविवार को सुबह जंसा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर काशीनाथ पटेल की बहू की चोटी उस समय कटकर गिर गई जब वह घर में अपने हैंडपंप से पानी लेकर बरामदे में आ रही थी। वह 5 महीने की गर्भवती हैं लोगों ने उन्हें नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

 

दूसरी घटना इसी गांव के बच्चे लाल पटेल के घर की है उनकी बहू चंदा की चोटी उस समय कट कर गिर गई जब वह बाहर लगे हैंडपंप से पानी भरकर घर में आ रही थी एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि इस घटना के ठीक पहले जब चंदा पानी भर कर सड़क पार कर रही थी तो एक वाहन की रफ्तार उस समय कम हो गई थी उसके बाद ऐसी घटना हुई है।

 

लोगों ने बताया कि जिसकी चोटी कट रही है उसका चेहरा नीला पड़ जा रहा है चोटी कटने से पहले बाल में चुनचुनाहट हो रही है और तेज सिर दर्द हो रहा है। मौके पर पहुंचे जंसा थाने के थानाध्यक्ष ने कहा कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है यह पता किया जा रहा है। एक बात तो तय है कि देश भर में हो रही इतनी घटनाओं के बाद भी यह एक रहस्य बना हुआ है और लोगों का डर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

वैज्ञानिकों ने किया सात दिवसीय क्रार्यक्रम मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण

गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र चौकमापी गोरखपुर पर नेशनल बी बोर्ड  द्वारा ग्रामीण सेवा समिति लखनऊ उत्तर प्रदेश द्वारा सात दिवसीय वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमिताभ बाजपेई ने की मुख्य अतिथि दिग्विजय नाथ इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य केशव प्रसाद तिवारी और कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष आर पी सिंह रहे।

 

कार्यक्रम में बाजपेई ने कम लागत में ज्यादा आय तथा शहद की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि शहद का सेवन करने से थकावट कमजोरी खांसी जैसी समस्याओं से निजात पया जा सकता है और डाॅ. डी पी सिंह ने मधुमक्खी पालन को भूमिहीन कृषकों के लिए आय का सर्वश्रेष्ठ स्रोत बताया। डाॅ. आर पी सिंह ने के बी के चौकमाफी के शुभारभ व प्रगति की जानकारी देते हुए विभिन्न वैज्ञानिकों व उनके विषयों व प्रगति की जानकारी देते हुए विभिन्न वैज्ञानिको व उनके विषयों की जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण की मशीन केन्द्र पर शीध्र ही उपलब्ध होने वाली हैं।

 

वहां पर उपस्थित वैज्ञानिक डाॅ. अजीत श्रीवास्तव डाॅ. प्रतीक्षा सिंह डाॅ. राहुल सिंह श्री अवनीश कुमार सिंह डाॅ. विवेक सिंह श्री संदीप उपाध्याय सहित के वी के म ऊ के प्रमुख डा डी पी सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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