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updated 5:35 PM UTC, Apr 26, 2017
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बेसिक शिक्षा परिसर में चले लात-घूसे, जमकर बरसीं गालियां

गोंडा, बेसिक शिक्षा परिसर मे मामूली विवाद पर दो कर्मचारियों में जमकर हाथापायी हुई, विवाद बस इतना सा था की महिला कर्मचारी का 4 साल का बच्चा महिला कर्मचारी के दफ्तर में जूता पहने हुए ही अंदर चला गया था कि इतने से ही वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बच्चे को जूता पहने देख भड़क गया। जिसके बाद बचे की माँ ज्योत्सना सिंह ने संवैदा पर नौकरी कर रहा शिशिर श्रीवास्तव को बच्चे से की गयी बत्तमीजी पर सवाल जवाब किया तो वह भड़क उठा। इसी दौरान महिला का पति जो इसी विभाग से सम्बंधित है जिसकी नियुक्ति करनैलगंज में है वह भी वहां यकायक पहुँच गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते महिला के पति और शिशिर के बीच मलयुद्ध शुरू हो गया, लोगों के काफी बीच बचाव के बाद भी दोनों तरफ के लोग एक दुसरे पर जमकर गलियां बरसाने से थामते नहीं दिखे।

 

 

बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने CCTV  फुटेज के आधार पर और दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद अनुशाशन हीनता का परिचय देने वाले शख्श को तत्काल प्रभाव से संवेदा पर काम कर रहे शिशिर श्रीवास्तव का चार्ज वापस ले लिया गया। यह सारा घटना क्रम तब हुआ जब मीडिया के लोग भी वहां मौजूद थे, जिनके कैमरे में यह सारा घटना क्रम रिकॉर्ड हो गया।

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16 फर्जी शिक्षको का भंडाफोड़, बीएसए ने किया शिक्षको को निलंबित

गोंडा, गोण्डा के बीएसए अजय कुमार सिंह ने अपने जाँच के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 16 हजार 448 शिक्षको में से 16 शिक्षक की नियुक्ति फर्जी पायी जो दूसरो का प्रमाणपत्र लगा कर नौकरी कर रहे थे, तत्कालीन अधिकारियो व कर्मचारियों के मिली भगत से फलफूल रहे इस गोरखधंधा का भंडाफोड़ कर सभी आरोपी शिक्षको को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में जिला अधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया कि 3 सदस्यीय टीम गठित कर दिया गया जो 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी इस जाँच के दौरान सभी आरोपी शिक्षको को निलंबित कर दिया गया और जाँच रिपोर्ट आने के बाद जैसी रिपोर्ट आएगी उस तरह कार्यवाही की जायेगी।   

 

इस विषय पर जब बैसिक शिक्षा अधिकारी से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत हमारे संज्ञान मे आने के बाद हमने जांच करवाई जिसमे प्रमाणपत्र तो सही पाये गये किंतु उस प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले व्यक्ति फर्जी निकले। उन्होंने बताया कि इस नियुक्ति के विरुद्ध श्रीमती स्वाती.उत्तम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मे अनियमित नियुक्ति शिकायत की थी।    

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प्रेमी युगल ने पहले मंदिर में की शादी ,फिर की आत्महत्या

गौरव शर्मा/सीतापुर।आपने लैला मजनू हीर राँझा का नाम जानते ही होंगे ये वह लोग है जिनके लिए उनका प्यार ही सब कुछ था और अपने प्यार के लिए अपनी जाने दे दी।  आज जनपद सीतापुर में भी इसी तरह प्यार करने वाले मोहन और वन्दना ने पहले तो मन्दिर में शादी की फिर मन्दिर में ही आत्महत्या कर ली और मन्दिर की दीवारो पर लिख दी 23 लाइने ।

 

जाने क्या था पूरा मामला

सीतापुर अन्तर्गत अटरिया थाना क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने मंदिर के अन्दर जहर खाकर ख़ुदकुशी कर ली . घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गयी. प्रेमी युगल ने हत्या से पहले मंदिर की दीवार पर लिखे अपने सुसाइड नोट में परिजनों द्वारा हत्या किये जाने के चलते आत्महत्या करने की बात कही है . मौके से पुलिस को जहर की शीशी और कई प्रेम पत्र मिले है , जिनकी तफ्तीश के बाद पुलिस कोई भी कार्यवाही करने की बात कह रही है . पुलिस ने दोनों के शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

प्रेमी युगल द्वारा मंदिर के अन्दर ख़ुदकुशी की ये वारदात अटरिया थाना क्षेत्र के पश्चिमपुर गाँव की है, जहा पर बुधवार की सुबह मंदिर के दरवाजे अन्दर से बंद होने पर किसी अनहोनी की आहट स्थानीय लोगो को महसूस हुई. पुलिस को सूचना देने के बाद जब मौके पर पहुची पुलिस ने दरवाजे खोले तो गाँव के ही एक प्रेमी युगल मोहन और वंदना मौत की आगोश में लिपटे हुए मिले. दोनों प्रेमी युगल अलग अलग बिरादरी से ताल्लुक रखते थे और उनके परिजनों को उनका प्रेम सबंध नागवार थे।

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साड़ी में लिपटी वंदना, गले में लटका मंगल सूत्र और माथे पर लगा सिन्दूर इस बार की तस्दीक कर रहा था की मरने से पहले दोनों ने मंदिर में ही प्रेम विवाह किया था. सबसे चौकाने वाली बात यह थी की दोनों प्रेमी युगल ने मरने से पहले मंदिर की दिवार पर एक सुईसाइड नोट लिखा था, जिसमे स्पष्ट शब्दों में लिखा था की वंदना की शादी उसके परिजनों ने कही तय कर दी थी . वंदना की शादी के बाद उसके परिजन मोहन को जान से मार देने वाले थे. इसलिए वंदना ने मोहन के साथ ही मरने का फैसला लिया और मंदिर में ही विवाह करने के बाद जहर खाकर जान दे दी. पुलिस को मौके पर कई प्रेम पत्र भी बरामद किये है. जिनकी पड़ताल के बाद पुलिस कार्यवाही किये जाने की बात कह रही है।

 

प्रेमी युगल द्वारा ख़ुदकुशी की इस वारदात के बाद जब वंदना और मोहन के घरवालो से इस घटना के बाबत बातचीत की गयी तो दोनों के परिजनों ने खुद को इस घटना से अनभिज्ञ बताते हुए किसी की भी हत्या और उनके प्रेम संबंधो की जानकारी से इनकार कर दिया।

 

आखिर किसी समाज के लिए मान सम्मान और जात बिरादरी की दीवार उनके किस काम का कि उनके अपने ही इस दुनिया से रुखसत हो जाये। ये सही है कि गलती अपनों से ही होती है लेकिन क्या सजा इतनी बड़ी होनी चाहिए कि गलती करने वाले खुद को दुनिया से अलविदा करने के लिए मजबूर हो जाये।

बुलंदशहर में डॉक्टर की नाबालिग बेटी का अपहरण, लोगों ने किया बाजार बंद

चेतन शर्मा/बुलंदशहर- बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र में डॉक्टर की नाबालिग पुत्री का अपहरण, गैर समुदाय के युवक पर अपहरण का आरोप, व्यापारियों ने किया बाजार बंद, धरना प्रदर्शन जारी।

 

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बुलंदशहर में एसी घटनाये पहले भी हो चुकी हैं।

सीतापुर में दरोगा से हाथापाई, मृतक के परिजनों ने लगाया जाम

गौरव शर्मा/सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आज नाराज़ परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया. परिजनों के साथ इलाके के सैकड़ों लोग मौजूद थे. इलाके के दरोगा के जाम हटाने का विरोध करने के बाद मौजूद लोगों ने दरोगा की पिटाई कर दी। आरोप है की हत्या के बाद नामज़द आरोपियों को पुलिस बचाने का काम कर रही है. इतना ही नहीं आरोप ये भी है की पुलिस हत्या का केस दर्ज करने के बाद भी हत्या को सड़क हादसे में बदलना चाहती है।

 

परिवार वालों का कहना है की कुतुबनगर चौकी के अंतर्गत दधनामऊ के निकट संदिग्ध परिस्थित में सोनू सिंह का शव मिला था. पिता ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तीन दोस्तों पर नामज़द केस दर्ज कराया था. परिवार वालों का कहना है की घटना तब हुई जब दो दिन पहले सोनू अपने दोस्तों के साथ घर से निकला लेकिन वापस नहीं आया. सोनू हरदोई के रहने वाले अपने दोस्त सूरज सिंह, दुर्गेश और रमेश के साथ घर से निकला था. कल दोपहर में उसका शव दधना मऊ गांव के पास मिला. इलाके के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान की और सोनू के घर वालों को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसकी पहचान सोनू सिंह के नाम की. जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्मार्टम के लिए भेज दिया.


पुलिस का कहना है की सोनू के साथ एक दूसरा शख्स सूरज सिंह भी मौजूद था, जो बुरी तरह ज़ख़्मी हुआ है. पुलिस का कहना है की सूरज के बयानों के बाद ये बात सामने आई है की सोनू की हत्या नहीं हुई बल्कि सड़क हादसा है. पुलिस का ये भी कहना है की सूरज और सोनू बाइक पर सवार थे और उनकी बाइक एक ट्रेक्टर ट्राली से टकरा गयी जिसके बाद ये घटना हुई. पुलिस ने ये भी बतया की कुतुबनगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार कुशवा ने मौके से मोटरसाइकिल बरामद कर ली थी. लेकिन फिर भी तीन लोगों पर हत्या के आरोप में नामज़द मुकदमा दर्ज किया गया है. पोस्मार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की जायेगी. लेकिन परिवार वालों ने आज शव को सड़क पर रक्ख कर जाम लगाया. परिवार वाले दोबारा शव को पोस्मार्टम के लिए मांग कर रहे थे।

मानव सेवा भाव के साथ राष्ट्र हित के मार्ग का अनुसरण करें-डॉ आर. बी. श्रीवास्तव

कन्हैयालाल/बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज के बीएड विभाग में चल रहे पांच दिवसीय स्काउट गाइड शिविर अंतर्गत मंगलवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया इस दौरान स्काउट गाइड के प्रशिक्षुओं को सेवा भाव की शपथ दिलाई गई ।दीक्षांत समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉक्टर आर बी श्रीवास्तव ने कहा कि कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है तथा मानव धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है इसलिए सभी स्काउट गाइड को मानव सेवा भाव के साथ राष्ट्र हित के मार्ग का अनुसरण करते हुए ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के बीएड के डीन डॉ अरुण कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत तथा डॉक्टर एस सी मिश्रा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि में स्काउट गाइड को माल्यार्पण एवं तिलक लगाकर तथा स्कार्फ पहना कर उन्हें दीक्षांत की शुभकामनाएं दी। इसके बाद स्काउट गाइड जिला कमिश्नर उमाशंकर सिंह ने कैंडल जलाकर स्काउट-गाइड बने समस्त नियमों का बिना किसी भेदभाव का पालन करने की प्रतिज्ञा दिलाई।

 

22 अप्रैल से आरंभ हुए शिविर में ट्रेनर सिराजुल हक एवं साधना पांडे ने सभी को दल के उद्देश्य गाठों के प्रकार, ताली आदि का ज्ञान कराया कार्यक्रम का समापन  कश्मीर से गुवाहाटी मेरा देश मेरा माटी से समाप्त हुआ। इस अवसर पर डॉ आर एन सिंह ,डॉक्टर बी के मिश्रा, डॉक्टर राजीव रंजन ,डॉक्टर सुशील मिश्रा, असलम ,सीमा सिन्हा ,शैलबाला, शालिनी  मिश्रा ,गीता सिंह हरि प्रकाश वर्मा, लव-कुश पांडे व संजय शुक्ला सहित विद्यालय परिवार की लोग मौजूद रहे।

जंगल में लगी भीषण आग, सैंकड़ों बोंगे बिटोरे जलकर राख

औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव खाजपुर स्थित वन विभाग के जंगल में मंगलवार की दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। जिसमें सैंकड़ों बोंगे-बिटोरे जलकर राख हो गये। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से दो घंटे कड़ी मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया।

 

औरंगाबाद-पवसरा मार्ग पर स्थित गांव खाजपुर स्थित वन विभाग के जंगलों में मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और जंगलों में रखे ग्रामीणों के बोंगे बिटारों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना पर सैंकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग पर पानी डालकर काबू पाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने जंगल में बंधे पशुओं को आग से बचाने के उद्देश्य से खोलकर मौके से भगा दिया। लेकिन ग्रामीणों से आग नहीं बुझी और आग बढ़ती हुई चली गई।

 

ग्रामीणों ने दमकल विभाग को फोन कर मामले की जानकारी दी। जानकारी पाकर दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर पानी डालकर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि अज्ञात तीन युवक आग लगाकर मौके से भाग गये हैं।

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गीदड़ के काटने से किसान की मौत

औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव भंडोरिया के जंगलों में दो दिन पूर्व खेतों पर गेंहू की कटाई करने गये एक वृद्ध किसान पर पागल गीदड़ ने हमला बोल दिया। जिसमें वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गीदड़ के कई बार हमले से ग्रामीण खेतों पर जाने को कतरा रहे हैं।

 

बता दें कि औरंगाबाद क्षेत्र में पागल गीदड़ का आतंक दिनप्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। खाजपुर और असरकपुर में हमले के बाद अब भंडोरिया में भी गीदड़ ने हमला बोला है। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी रमजानी खेतों पर गेंहू की कटाई करने के लिये गये हुए थे। वहां रमजानी को अकेला देखकर पागल गीदड़ ने उन पर हमला बोल दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

 

परिजनों ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वृद्ध की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चिकित्सकों ने दिल्ली के लिये रेफर कर दिया। सोमवार देर शाम उपचार के दौरान रमजानी ने दम तोड़ दिया । मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में मृतक के शव को दफना दिया। बताया जाता है कि पागल गीदड़ के आतंक से ग्रामीण खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।

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