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updated 8:08 AM UTC, Apr 24, 2018
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Namamibharat Reporter

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देश को शिक्षा के साथ संस्कार परोस रहा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय- महामहिम सत्यपाल मलिक

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में छठवें दीक्षांत समारोह 2018 का हुआ आयोजन, मुख्य अतिथि बिहार के महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक ने मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित। 1467 छात्रों को मिली डिग्रीयां। एमबीबीएस 2011 बैच की ओवर आॅल टाॅपर बनी आकांक्षा मित्तल को ग्यारह गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ छात्रा का खिताब फाइन आर्ट एंड फैशन डिजाइन काॅलिज की छात्रा श्वेता सिंह को मिला एवं सर्वश्रेष्ठ छात्र का खिताब सुभारती लाॅ काॅलिज के छात्र ज्योतिनमोए मुखर्जी को मिला। 44 मेधावी छात्र छात्राओं को मिले गोल्ड मेडल।

 

मेरठ। हाथों में डिग्रीयां चहरे पर कामयाबी की चमक एवं इरादों में देश को बुलंदियों पर ले जाने की पे्ररणा के साथ सोमवार को स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का मांगल्य पे्रक्षागृह छठवें दीक्षांत समारोह-2018 का गवाह बना। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बिहार के महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक ने शिरकत की। महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक के स्टेज पर पहंुचते ही मांगल्य प्रेक्षागृह में सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक को सुभारती विश्वविद्यालय की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधा देकर उनका स्वागत किया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक ने माॅ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। उनको स्वामी विवेकानंद सुभारती विष्वविद्यालय के संस्थापक डा. अतुल कृष्ण एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की संस्थापिका डा. मुक्ति भटनागर, कुलाधिपति डा. जी.सी.श्रीवास्तव, कुलपति डा. एन.के आहूजा एवं रजिस्ट्रार पीके गर्ग ने सहयोग किया। इस दौरान छात्रों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा.जी.सी. श्रीवास्तव ने दीक्षांत समारोह को प्रारंभ करने की घोषणा की। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डा. अतुल कृष्ण ने मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक का जीवन परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्य अतिथि श्री सत्यपाल मलिक जी ने मेरठ काॅलिज से छात्र राजनीति से अपना राजनैतिक सफर प्रारम्भ किया और आज वो एक उच्च शिखर पर पहुँचे हैं इस पर समस्त मेरठवासियों को गर्व महसूस होता है। उन्होंने जिस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में समाज एवं देश की सेवा की है वह आज हम सबके लिए आदर्श हंै। उन्होंने मुख्य अतिथि के द्वारा समाज सेवा के लिए किए जा रहे कार्य के बारे में सभी को अवगत कराया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के मंत्र को मुख्य अतिथि से परिचय कराया।

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा.जी.सी श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में छात्रों से कहा कि आप युवा हैं और देश का भविष्य हैं और आने वाले समय में आप अपनी क्षमता से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगे। उन्होंने छात्र छात्राओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में हमेशा सकारात्मक मानसिकता एवं रचनात्मक विचारधारा के साथ कार्य करना चाहिए जिससे सफलता हासिल होती है, जीवन में कभी हार से डरना नही चाहिए क्योकि असफलता ही सफलता को हासिल करने का कारण बनती है।

 

मुख्य अतिथि बिहार के महामहिम राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक ने सुभारती विश्वविद्यालय को थाईलैंड में वैश्विक प्रकृति संरक्षण अवार्ड मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय का शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता का जो मंत्र है उसे आज पूरे देश को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय अपने छात्रों को देश की विरासत को संभालने एवं अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए जो प्रेरणा दे रहा है वह सराहनीय है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में संस्कारों के साथ देश हित में अपना योग्दान देने के लिए इरादों का बुलंद होना आवश्यक है। जीवन में लक्ष्य बनाकर उसे प्राप्त करने के लिए परिश्रम करना भी आवश्यक है ताकि सफलता प्राप्त हो सके, इसके साथ छात्र अपनी विरासत और जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा क्षण होता है जिसमें छात्र ज्ञान अर्जित करके देश के भविष्य निर्माण में जुट जाते है। उन्होंने सभी छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनसे देश हित में अपना योगदान देने के लिए कामना की।

 

मुख्य अतिथि ने एमबीबीएस 2011 बैच की ओवर आॅल टाॅपर आकांक्षा मित्तल को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। आकांक्षा मित्तल को अपने विभिन्न विषयों में टाॅप करने एवं सर्वश्रेष्ठ छात्रा होने के साथ कुल ग्यारह गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। सुभारती विश्वविद्यालय की सर्वश्रेष्ठ छात्रा का खिताब फाइन आर्ट एंड फैशन डिजाइन काॅलिज की छात्रा श्वेता सिंह को मिला जिन्हें गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ छात्र का खिताब सुभारती लाॅ काॅलिज के छात्र ज्योतिनमोए मुखर्जी को मिला। दो छात्रों को नकद ग्यारह हजार रूपये का पुरूस्कार मिला जिसमें एमबीबीएस 2016 बैच की अलसा गिलानी एवं एमबीबीएस 2016 बैच के छात्र भाव्या खत्री को मिला। कुल 44 मेधावी छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। सुभारती विश्वविद्यालय के विभिन्न काॅलिजो के 14 छात्र छात्राओं को विशिष्टता का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। 15 छात्र छात्राओं को पीएचडी की डिग्रीयां प्रदान की गईं एवं 06 छात्र छात्राओं को एमफिल की डिग्रीयां मिली। इस प्रकार कुल 1467 छात्र छात्राओं को उपाधि दी गई।

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एन.के आहूजा ने मुख्य अतिथि को स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सभी काॅलिजों एवं विभागों में चलाए जा रहे विभिन्न कोर्सो के बारे में अवगत कराया। उन्होंने छात्रों को डिग्रीयां मिलने पर आशा करते हुए कहा कि सुभारती विश्वविद्यलाय का प्रत्येक छात्र भविष्य में अपने संस्कारों एवं अपनी योग्यता के दम पर भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगे। उन्होंने छात्राओं को अधिक मेडल जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह बेटियों ने मेडल जीते हैं वह काबिले तारीफ है। बेटियां आगे बढ़ती है तभी समाज आगे बढता है और बेटियों की आवाज बदलाव की आवाज है।

दीक्षांत समारोह के मुख्य समन्वयक सुभारती डेन्टल कॉलिज के प्राचार्य डा. निखिल श्रीवास्तव ने बताया कि 1467 स्नातक एवं परा स्नातक की डिग्रीयां प्रदान की गई जिसमें 44 मेधावी छात्रों को विभिन्न विषयों में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने पर गोल्ड मेंडल से सम्मानित किया गया एवं 14 छात्र छात्राओं को अपने विषय में प्रथम आने पर विशिष्टता का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। पीएचडी की 15 डिग्रीयां,एमफिल की 06 डिग्री दी गई।

दीक्षांत समारोह में विशिष्ट व्यक्तियों में श्री किरनपाल सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार में रहे बेसिक शिक्षा मंत्री एवं ,सीसीएस यूनिवर्सिटी से डा. असलम जमशेदपुरी , डा. नरेंद्र , सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शल्या राज, सुभारती विश्वविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी निधि भटनागर इत्यादि रहे। दीक्षांत समारोह का संचालन डा0 दिव्या श्रीवास्तव, डा0 अंशुल एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव, ई0 पी0के0 गर्ग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य समन्वयक डा0 निखिल श्रीवास्तव, डा0 प्रदीप राघव, श्री विवेक कुमार, प्रो पिंटू मिश्रा, डा मनोज कुमार त्रिपाठी, डा. सुमित, डा. नीरज कर्ण सिंह, सैयद सफर हुसैन, अनिल भारती, दीक्षांत समारोह समिति के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

 

पत्रकार मर्डर मिस्ट्री में मास्टर मांइड की भूमिका आ रही है सामने

कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से एसआइटी गठित करने की है मांग

वरिष्ठ संवाददाता।खबरिया चैनल न्यूज-24 के पत्रकार कामता सिंह की असमय मौत शुरू से ही कई सवाल खड़े कर रही थी लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही असल सच्चाई से पर्दा उठता जा रहा है। इंटरनल जांच व सूत्रों से पता चला है कि कामता मर्डर केस का मास्टर माइंड कोई तीसरा ही है जिसके इशारे पर उसकी पत्नी अलका सिंह और रिश्ते के भाई रवि सिंह ने अंजाम दिया।

 

कामता को मारने की प्लानिंग भीरा में मेडिकल चलाने वाले एक सख्त ने की थी। सूत्रों बताते है कि रवि को अलका से मोहब्बत हो गई थी। इसलिए रवि कामता को रास्ते से हटाना चाहता था। कामता ने कई बार अलाक और रवि को आपत्तिजनक स्थिति में भी पकड़ लिया था। लाज-लज्जा के कारण उन्होंने उस वक्त विरोध नहीं किया।

 

पर सही वक्त का इंतजार कर रहा था लेकिन इससे पहले ही कामता को रास्ते से हटा दिया। रवि ने पूरे मामले से अपने करीबी रिश्तेदार सेवा सिंह को अवगत करा दिया। उनको विश्वास में लेकर रच डाली मौत की कहानी। सेवा मेडिकल का अच्छा जानकार है इसलिए उसके घटना को अंजाम देने के लिए रवि को कुछ नशीले पदार्थ मुहैया कराए।

 

गौरतलब है कि जिस दिन कामता को किनारे लगाने का प्लान किया गया उस दिन रवि ही कामता को किसी बहाने रात 11 बजे घुमाने के बहाने घर से बाहर ले गया। इसी बीच उनकी पत्नी ने कमरे में मारने के पूरे इंतजाम कर लिए। आधे घंटे के बाद जब कामता और रवि घर पहुंचे तो रवि बाहर वाले कमरे में बैठ गया।

 

और कामता अपने कमरे में चला गया। अंदर घुसते ही उसपर किसी नशीली दवा का छिड़काव कर बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में ही उसका गला तकिए से दवा दिया गया। कामता बेहोशी की हालत में अपनी जान का बचाव भी नहीं कर सका। और उसका दोनों ने मिलकर काम तमाम कर दिया।

घटना को अंजाम रात करीब एक-डेढ़ दिया गया। घटना का मास्टर माइंड भीरा से जैसा निर्देश देता रहा कातिल वैसा ही करते गए। कामता को मारने के बाद दोनों हर तरह के सबूत मिटाए और लाश को कमरे में छोड़कर दूसरे कमरे में आकर सुबह होने का इंतजार करने लगे।

 

कामता मर्डर केस से आरोपी अलका, रवि और खुद को बचाने के लिए मास्टर माइंड सेवा ने मौत को दूसरे के सिर मंडने की भी कोशिश की। पुलिस जांच को प्रभावित करने में भी सेवा कोई कसर नहीं छोडी। सेवा ने सासंद अजय मिश्रा से जांच अधिकार को फोन करवा कर दवाब भी डलवाया।

 

सेवा खुद को भाजपा नेता और सीएम योगी का करीबी बताता है। खैर, सासंद मिश्रा को जब इनपर शक हुआ तो उन्होंने किनारा कर लिया। पुलिस के पास आरोपियों के सविलांस पर डाले गए फोन काल्स व सीडीआर की बातचीत मौजूद है। घटना के बाद से ही रवि, सेवा और अलका एक दूसरे के संपर्क में हैं।

 

सेवा और रवि हर माह लखनउ जाकर अलका से मुलाकात करते हैं। सूत्रों से पता चला है कि अलका ने रवि को शादी करने का झांसा दे रखा है। लेकिन वह ऐसा नहीं करेगी जबतक केस है तभी तक वह रवि सेवा के संपर्क में हैं समय पाते ही दोनों को किक मार देगी। कोर्ट में जज के समक्ष मृतक के वकील मोहम्मद फारूख ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने के लिए सात लाख रूपए लेने का भरी अदालत में आरोप लगाया। मामले को लेकर कोर्ट में अब तेजी से सुनावाई शुरू हो गई है। पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है कोर्ट उसे भी गंभीरता से जांच कर रहा है।

 

मास्टर मांइड का पूर्व अपराधिक इतिहास          

 

कुछ और सबूत हाथ लगने के बाद मास्टर मांइड सेवा को पुलिस धर लेगी। सेवा की अपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अपराधिक कृत्यों के चलते उसकी पत्नी सालों पहले छोड़कर चली गई। पत्नी ने दहेज प्रताड़ना, मानसिक हानि, मारपीट, जबरदस्ती जिस्मानी रिश्ता आदि को लेकर केस किया हुआ है। मामला अभी कोर्ट में है और तलाक भी नहीं हुआ।

 

लेकिन सेवा ने कुछ साल पहले एक नाबालिक लड़की से चुपके से दूसरे राज्य में जाकर ब्याह कर लिया। मैरिज अधिनियम कानून का खुलेआम उलंघन किया है। आसपास के लोगों से यह भी पता चला है कि सेवा डृग्स सप्लाई करता है और अपने मेडिकल में प्रतिबंधित दवाओं को भी बेचता है।

 

क्या डिजिटल दुनिया में सुरक्षित हैं ?

 

दिल्ली..क्या आप सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव होंगे। आप अपनी दिनचर्या की सारी तस्वीरें औऱ जानकारी फेसबुक, ट्वीटर या इंन्सटाग्राम जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट करते हैं। आपने कब क्या खाया, कब किससे मिले, क्या पहना, कब कहां गए अगर आप इन सभी चीज़ों की जानकारी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डाल रहे हैं या फिर आपको नई मोबाइल एप्स ट्राय करना बहुत पसंद है...तो ज़रा सावधान हो जाइए क्योंकि आपकी इन्हीं पर्सनल डिटेल्स का मिसयूस हो सकता है।

 

अब आप सोच रहे होंगे कि आपके ज़रिए ही डाली गई जानकारियों का भला क्या दुरुपयोग हो सकता है। लेकिन क्या आपको इस बात का अंदाज़ा है कि कोई आप पर हर समय नज़र रखे हुए है। जब भी आप मोबाइल फोन से कोई नया ऐप डाउनलोड या यूज करते हैं तो वो ऐप आपसे आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटोस, मेसेजेस ऐक्सेस करने की भी परमीशन मांगता है जो हम बेझिझक ऐक्सेप्ट कर लेते हैं।

 

बिना ये सोचे कि एक गेमिंग ऐप को आपकी कॉन्टैक्ट और फोटोस की भला क्या जरुरत? अक्सर कॉन्टैक्ट लिस्ट में बैंक एकांउट, आधार कार्ड जैसी सवेंदनशील जानकारी भी शामिल होती है। जो बहुत ही आसानी से हम खुद ही अन्जाने में उसकी एक्सेसिबिलिटी किसी ऐसे को दे रहे हैं जिसको हम जानते तक नहीं लिहाज़ा उसका मिसयूस बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।

 

कैम्ब्रीज एनलाटिका के फेसबुक हेरफेर पर हुए खुलासे इस बात की तश्दीक करते हैं। आम लोगों को डिजिटल दुनिया के इसी दुरुपयोग के बारे में जागरुक करने के लिए और डाटा में सेंध के बढते हुए खतरे को देखते हुए आईटी सोल्यूशन फर्म सिजिटेक ने #DataSafe कैंपेन लॉन्च किया है। ये सिग्नेचर याचिका आईटी मीनिस्टर रवि शंकर प्रसाद को एड्रेस करते हुए डाटा ब्रीच को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग भी करती है।

 

#डाटासेफ मुहीम को राइज़िंग इंडिया का समर्थन

 

सिजिटेक की इस मुहीम को काफी सराहना व भारी समर्थन मिल रहा है. ब्रेन एक्टिवेशन के क्षेत्र में अग्रणी इंस्टीट्यूट चेन - राइसिंग इण्डिया ने भी इस मुहीम में भागीदार बनने का निर्णय लिया है. इसी कड़ी में आज राइसिंग इण्डिया के इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद सेंटर में बच्चों और अभिभावकों को ऑनलाइन सेफ्टी के प्रति जागरूक करने के लिए वर्कशॉप्स का आयोजन किया गया.

 

इस अवसर पर राइसिंग इण्डिया के संस्थापक पंकज सिंह ने बताया, "बच्चों के मस्तिष्क पर हर उस जानकारी का जो उनकी नज़रों के सामने से गुज़रती है, का प्रभाव पड़ता है. इन भटकाओं के चलते वे अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को नहीं पहचान पाते और उनके मस्तिष्क का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है।

 

हम बच्चों के मस्तिष्क को एक्टिवेट करने की ट्रेनिंग देते हैं. बच्चे डिजिटल मिडिया और सोशल मिडिया के खतरों से आगाह हों और उनसे ध्यान हटाकर बेहतर फोकस प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करें, यही हमारा लक्ष्य है."

 

जहां एक ओर सिजिटेक के अनिरुद्ध सिंह ने अभिभावकों को ऑनलाइन दुनियां के खतरों के प्रति जागरूक किया वहीं बच्चों और टीनेजर्स के बीच आकर्षण का केंद्र रही युट्यूब सेंसेशन प्रियांशु गुप्ता की वर्कशॉप।

 

चूँकि प्रियांशु खुद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और उनके वीडियो हज़ारों लोगों द्वारा देखे जाते हैं, उनकी जानकारी और मार्गदर्शन बच्चों को सुरक्षित ब्राउज़िंग सीखने के लिए प्रभावी साबित हुयी.

 

#डाटासेफ मुहीम को शुरू करने वाले सिजिटेक समूह के सीईओ अनिरुद्ध सिंह ने कहा, "डिजिटल दुनिया में पूर्ण जानकारी जैसी कोई चीज़ नहीं होती है. आज हम जो बातें बताते हैं हो सकता है कल वो बेकार हो जाएँ क्यूंकि टेक्नोलॉजी और आगे बढ़ जाती है. लेकिन यदि आप डाटा लीक के खतरों से आगाह हो गए तो आप हमेशा समय के साथ अपडेट होते चलेंगे की क्या करें और क्या नहीं. इस मुहीम का लक्ष्य यही है."

 

इतना ही नहीं लोगों को इस गंभीर विषय के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरुक करने के लिए देशभर में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही आरडब्लयूए, कॉरपोरेट्स, शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर कई वर्कशॉप्स का भी आयोजन किया जाएगा।

 

इस कैम्पेन के बारे में जानकारी देते हुए सिजिटेक के सीईओ अनिरुद्ध सिंह ने बताया- ‘ये देखकर मुझे हैरानी होती है कि फेसबुक के साथ जो भी हुआ उसके बाद भी लोगों को लगता है कि वो अपना जो भी डाटा ऑनलाइन पोस्ट कर रहे हैं उसमें कोई खतरा नहीं है। उनको इस बात का अंदाज़ा ही नहीं है कि उनके डाटा का किस हद तक मिसयूस हो सकता है।

 

हमारे इस अभियान का यही मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच कर उन्हें न सिर्फ जागरुक किया जाए बल्कि कैसे इस खतरे से बचा जा सकता है इसके बारे में भी बताया जाए।’

नोटबंदी का फायदा उठा करोडों की ठगी, ठग गिरफ्तार

पीलीभीत।नोटबंदी का सही लाभ उठाते हुए एक नटवर लाल जालसाज ने देश के मिज़ाज को भांपते हुए पीएम मोदी व कई सेलिब्रेटिज के फोटो का सहारा लेकर उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश से करोडों रूपये डिजिटल ट्रान्जेक्शन के नाम पर ठग लिये। पीलीभीत की थाना सुनगढ़ी पुलिस ने जालसाज को एक साल के लंबे अन्तराल के बाद पकड़ ही लिया।

 

सुनगढ़ी पुलिस ने बताया कि जालसाज ने ठगी स्वैप मशीन के माध्यम से की। उसके जाल में यूपी के पीलीभीत, बिजनौर, कानपुर, धामपुर व उत्तराखण्ड राज्य के सैकडों व्यापारियों फंसे,जिनसे करोडों की उसने ठगी की। इसने मीडिया तक को नहीं छोड़ा। बड़े अखबारों को भी लाखों रूपयों की चपत लगा दी। सभी जगहों में पीड़ितों ने इसके खिलाफ ठगी व धोखाधडी के मुकदमें दर्ज कराए थे।

 

पुलिस ने बताया कि पकड़ा गये ठग की पहचान बुलंदशहर का रहने वाला मयंक सक्सेना के रूप में हुई। दिसम्बर 2016 में नोटबंदी के दौरान भारवी फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लि0 ने योजना बैंक नाम से पीलीभीत शहर के पाॅश इलाके में अॉफिस खोला। जिसमें कम्पनी के सीएमडी मयंक सक्सेना व डिस्ट्रीब्यूटर शिरीश सक्सेना था।

 

जालसाजों ने हिन्दुस्तान व दैनिक जागरण अखबार के पहले पन्ने पर अपनी कम्पनी का विज्ञापन निकलवाया जिसमें ‘‘एक कदम कैशलेस इंडिया की ओर’’ स्लोगन लिखा था ।विज्ञापन में देश के पीएम, वित्त मंत्री व सचिन तेंदुलकर के फोटो लगे थे। कम्पनी ने जिन व्यापारियों को स्वैप मशीने बेची वे लगातार इन मशीनों से ट्रांजेक्शन कर रहे थे।

 

लेकिन कम्पनी के सीएमडी मयंक सक्सेना ने इन मशीनों को व्यापारियों के खातें में न जोड कर भारवी कम्पनी के खातें में जोड रखा था। जिसके चलते व्यापारियों का सारा पैसा भारवी कंपनी के खातें में पहुॅचता रहा। किसी को शक न हो इसके लिए भारवी कंपनी ने अपने खाते से व्यापारियों को थोडी बहुत रकम ट्रान्सफर करते रहे।

 

जनवरी 2017 तक जब व्यापारियों का लगभग 40 लाख रूपया नहीं आया तो पूछने पर कंपनी के कर्मचारियों ने नोटबंदी को कारण बताकर टरका दिया। इस झांसे में आये व्यापारी स्वैप मशीन से ट्रांजेक्शन करते रहे। मार्च 2017 में व्यापारियो ने ट्रान्जेक्शन बंद कर दिया और कंपनी पर अपने पैसे के लिए दबाब बनाया।

 

कंपनी ने अॉफिस में ताला डाल दिया और सारे कर्मचारी व संचालक फरार हो गये। विज्ञापन भुगतान के लिए अखबारों को दिए गए भी बाउंस हो गये। अखबार वाले भी मयंक की तलाश में है। शहर के  व्यापारी फैजान ने मई 2017 को मयंक सक्सेना के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा लिखवाया था।जब से पुलिस लगातार इसे पकडने का प्रयास कर रही थी।

 

काफी प्रयास के बाद करोडों की ठगी करने वाला नटवर अब पुलिस की गिरफ्त में है।पीलीभीत पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद बडी संख्या में उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के अलग-अलग जिलों से पुलिस के पास उन व्यापारियों के फोन आ रहे है। जिनके साथ ठगी की गयी। मयंक के खिलाफ बिजनौर में भी मुकदमा दर्ज है। वहां इसने सात करोड़ की ठगी की है साथ ही धामपुर, उधम सिंह नगर में भी मुकदमें दर्ज है।

 

कानपुर से दैनिक जागरण अखबार ने मयंक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है। क्योंकि मयंक ने यूपी के अन्य शहरों में भी आफिस खोलकर स्वैप मशीनें बेची थीं। और वहाॅ के व्यापारियों के साथ भी ठगी की थी। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि पुलिस ने मयंक को जेल भेज दिया है। आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।

 

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