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updated 5:57 PM UTC, Feb 23, 2017
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गिनीज बुक में दर्ज हो गई विश्व की सबसे बडी रंगोली

मिर्जापुर, राष्टीय मतदाता दिवस पर आज लोगो को मतदान करने के लिए जागरुकता का  संदेश  देने के लिए मिर्ज़ापुर के  पालटेक्निक मैदान में विश्व रिकार्ड रंगोली बनाया गया जिसमें  कुल 50 विद्यालय के करीब 4 हजार बच्चो ने भाग लिया। यह विशाल रंगोली को 39 हजार स्क्वायर मीटर  में बनाया गया है। इस रंगोली में 1 लाख किलो से अधिक रंगों का प्रयोग किया गया है ।रंगोली स्थल पर 4 ड्रोन कैमरों से नजर रख्खी जा रही थी।

 

रंगोली को पुणे महाराष्ट में बनाये गए 24 हजार स्क्वायर मीटर का रिकार्ड तोड़ने के लिए बनाया गया।पालटेक्निक  ग्राउंड पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौके पर पहुची थी ।जो रंगोली को देख रही है।वही मौके पर मौजूद डीएम का कहना है कि मतदान के  प्रति जागरूकता अभियान के तहत  वर्ल्ड रिकॉर्ड रंगोली बनाया जा रहा है। वही मौके पर मौजूद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज करने वाली संस्था के प्रतिनिध का कहा था कि इस रंगोली को दो हप्ते में वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाएगा।

इटली की अतिथि ग्रेको लावरा हजारीबाग के डोड़वा गांव में

ईटली की रोम युनिवर्सिटी की छात्रा ग्रेको लावरा इन दिनों हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत डोड़वा गांव में है। वह गांव के मूल निवासी एवं युवा ब्लॉगर संजय मेहता के विशेष आमंत्रण पर डोड़वा  पधारी है। ग्रेको लावरा आदिवासियों के ग्राम्य जीवन स्तर को नजदीक से समझने में रूचि रखने वाली एक छात्रा है। वर्तमान में वे आदिवासी जीवनषैली की वेदना और कठिनाइयों को नजदीक से जानने की कोशिश कर रही हैं।

 

क्या है डोड़वा रेसीडेंसी ?

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डोड़वा रेसीडेंसी संजय मेहता द्वारा शुरू किया गया एक रेसीडेंसियल कार्यक्रम है। इसके माध्यम से ग्राम्य जीवन स्तर , आदिवासी जीवन शैली , गांवों के परंपरागत रीति-रिवाज को नजदीक से जानने एवं समझने की कोशिश की जा रही है। इस रेसीडेंसी में देश - विदेश से वैसे अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा जो ग्राम्य जीवन स्तर के विकास के लिए अपने-अपने स्तर से रचनात्मक एवं ज़मीनी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र में रूचि रखने वालों को यह रेसीडेंसियल कार्यक्रम निःशुल्क अवसर उपलब्ध कराएगा। संजय मेहता  द्वारा इस कार्यक्रम की शुरूआत बिना किसी सरकारी सहायता के व्यक्तिगत तौर पर की गई है। ग्रेको लावरा इस रेसीडेंसी की पहली अतिथि है। डोडवा रेसीडेंसी के बारे में बताते हुए संजय मेहता ने कहा कि यह अनोखा कार्यक्रम इस मायने में भी खास है कि जो भी अतिथि हमारे यहां विदेश से पधारेंगे वे अतिथि नहीं बल्कि एक घरेलू सदस्य होंगे। उन्हें रेसीडेंसी में गांव के मौलिक जीवन स्तर के बीच समय बिताना होगा साथ ही भोजन भी गांव की शैली में ही करना होगा। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि जो भी इस विषय को समझने की कोशिश करें उन्हें विषय की सत्यता और भावनात्मकता से अंदर तक जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से गांव की संस्कृति को दूसरे देशों से परिचय कराना है।

 

 

क्या है रेसीडेंसी का लक्ष्य ?

 

रेसीडेंसी के रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से आदिवासियों एवं ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी। अतिथि अपने अनुभवों को लिखेंगे। उनके अनुभवों एवं विचारों के आधार पर एक बेहतर कार्ययोजना तैयार करने का लक्ष्य है। रिसर्च के माध्यम से रेसीडेंसी देश - विदेश के लोगों से जुड़कर कार्य  करेगा।

 

कौन हैं संजय मेहता

 

 

हजारीबाग जिला निवासी 23 वर्षीय युवा संजय मेहता राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ काम कर चुके हैं। लॉ की पढ़ाई के कारण फिलहाल राजनीतिक प्रबंधन के काम से दूर हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नात्कोत्तर किया है। वर्तमान में युनिवर्सिटी लॉ कॉलेज,हजारीबाग के छात्र हैं। ‘अपनी दरिया’नाम से ब्लॉग लिखते हैं। ऑल इंडिया लेखन प्रतियोगिता  में इन्हें 2012 में मुंबई में सम्मानित किया जा चुका है। आदिवासी एवं ग्राम्य जीवन स्तर के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। आदिवासियों पर रिसर्च कर रहे हैं। सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए लगातार नवीन पहल करने के लिए प्रयासरत हैं।

 

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न मामले में 30 दिनों में पूरी होगी जाँच, ये हैं नये नियम

नयी दिल्ली, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के बारे में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों में यौन उत्पीड़न के लंबित मामलों की भी जांच की गई। विचार-विमर्श के आधार पर यह निर्णय लिया गया था कि डीओपीटी नए निर्देश जारी करेगा ताकि कुछ मुद्दों को उचित रूप से हल किया जा सके।  

 

लिए गए निर्णयों के आधार पर डीओपीटी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय ज्ञापन के अनुसार मंत्रालयों/ विभागों और आंतरिक शिकायत समितियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना है :

 

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के अधिनियम के कार्यान्वयन के बारे में  संक्षिप्त विवरण में प्राप्त होने वाले और निपटाए जाने वाले मामलों की संख्या भी शामिल होगी। यह कॉलम सभी मंत्रालयों/ विभागों और प्राधिकारियों की वार्षिक रिपोर्ट का हिस्सा होगा।

 

मामले की जांच 30 दिनों में और विशेष परिस्थितियों में शिकायत मिलने की तारीख के 90 दिनों के भीतर पूरी हो जानी चाहिए।

 

मंत्रालयों/ विभागों को शिकायतकर्ता के बारे में यह नजर रखनी चाहिए कि उसे शिकायत करने के कारण किसी भी तरह से प्रताड़ित न किया जा सके। अगर पीड़ित महिला को यह लगे कि उसकी शिकायत के कारण उसे प्रताड़ित किया जा रहा है तो उसे अपना अपना प्रतिवेदन सचिव या संगठन के प्रमुख को भेजने का विकल्प भी दिया गया है। संबंधित अधिकारी को उसकी शिकायत का 15 दिनों के भीतर निपटान करना आवश्यक हो जाएगा।

 

सभी मंत्रालयों/ विभागों को मासिक प्रगति रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पास भेजना आवश्यक होगा ताकि इस बारे में हुई प्रगति पर नजर रखी जा सके।

 

 

मेनका संजय गांधी ने बहुत जल्द जारी किए गए दिशा-निर्देशों के लिए डीओपीटी की सराहना करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित मुद्दों पर लगातार काम करेगा और अगर उसे किसी अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत पड़ती है तो इस बारे में आगे विचार-विमर्श करेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केन्द्र सरकार के मंत्रालयों/ विभागों के तहत आंतरिक शिकायत समिति के प्रमुखों को प्रशिक्षित करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करेगी।   

गन्ना किसानों का शोषण व घटतौली की प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत

श्यामलाल शुक्ल/गोंडा उ.प्र. का गोंडा जनपद अत्यन्त पिछडा जनपद है कल कारखाने उद्योग नहीं, गन्ने की नकदी फसल ही एक मात्र आर्थिक मजबूती का साधन है जिसे पिछले एक दशक से किसान अधिकाधिक बुआई कर आत्म निर्भर बनना चाहते हैं। जैसे जैसे गन्ने की फसल बढी उसी के साथ गन्ना किसानों का मिलों व उनके प्रबंधकों का शोषण भी बढने लगा। केंद्र व राज्य सरकारें हों या राजनैतिक दल या शासन व प्रशासन के आला अधिकारी, गरीबी मिटाने के मंत्र शक्ति से गरीबी तो नहीं मिटा सके गरीबों को मिटाकर मालामाल हो रहे है।

 

गन्ने की 0238 प्रजाति को बताया रिजेक्ट

 

जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोटबंदी करके कालाधन निकलवा रहे है वहीं गरीब किसान की फसल को चीनी मिलों के मालिकों द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के सहयोग से अपनी मनमानी शर्तों पर खरीद रहे हैं। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की मनकापुर व बभनान इकाई तो सरकारी आदेश निर्देश नहीं मानती। यूपी सरकार की सट्टानीति में गन्ना आपूर्ति की समानुपातिक व्यवस्था का खुल्लमखुला उल्लंघन हो रहा है, यही नहीं पिछले सालों गन्ने की 0238 प्रजाति को अगेती फसल बताकर बीज देकर बोई गई गन्ना फसल को मिल गेट व तौल केंद्रो पर रिजेक्ट बताकर पांच रूपया कुंतल निर्धारित दर से कम भुगतान किया जाने लगा। उसी अगेती प्रजाति को मिल कर्मी 9302 कहकर निरस्त प्रजाति कहा जाने लगा जबकि उक्त प्रजाति का गन्ना उ प्र में पाया ही नहीं जाता।

किसान के शोषण की नाजायज कमाई से अधिकारी हुए मालामाल

गन्ने की तौल भी मिल के लोग अपने नियंत्रण वाले इलेक्ट्रानिक यंत्र से करते है जिसकी रीडिंग मनमाने ढग से घटाई बढाई जाती है किसान का शोषण हो रहा है अधिकारियों से शिकायत पर कार्यवाही के नाम पर उनकी जेब गर्म करके मामला रफा दफा कर दिया जाता है। इस समस्या को आम कृषक कभी हल न होने की मानकर चुप रहते हुए अगले को भी चुप रहने की नेक सलाह दे देता है। कहने को इंसपेक्टर राज खत्म हो गया पर ऐसा नहीं गन्ना किसान के शोषण की नाजायज अनियमित कमाई की फसल से जिले का कलेक्टर एसपी सीओ थानेदार एस डी एम पर्यावरण अधिकारी बांटमाप निरीक्षक गन्ना अधिकारी इन सबों के शानो शौकत का खर्च चलाकर मिल प्रबंधन भी कुछ नाजायज कमाई कर लेते हैं।

 

 

 

प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई शिकायत,आंदोलन की चेतावनी

 

अधिवक्ता श्याम लाल शुक्ल उच्च न्यायालय लखनऊ ने इन सब समस्याओं से शासन प्रशासन सबको चेताया कि किसानों का शोषण रोक दें लेकिन शोषण न रूक कर अधिकारियों व मिल प्रबंधन की आमदरफ्त बढ गई अब पुन गन्ना किसानों के शोषण की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री कार्यालय केंद्रीय कृषि मंत्री भारत सरकार राज्यपाल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ,प्रमुख सचिव गन्ना विकास राहुल भटनागर, आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा, गन्ना आयुक्त देवी पाटन मंडल गोंडा, जिला गन्ना अधिकारी गोंडा व जिलाधिकारी गोंडा को भेजकर तत्काल रोक लगाने भ्रष्ट मिल प्रबंधन व अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग करते हुए चेताया है कि कागजों में विकास व अमन की बर्षा करना बंद कर गन्ना किसानों का शोषण रोका जाय ऐसा न होने पर जनाक्रोश बढेगा और जनान्दोलन को गन्ना किसान बाध्य हो जायेंगे।

 

पीएओं और राधामोहन सिंह ने दियो जल्द जाँच का भरोसा

इस पूरे मामले पर जब नमामि भारत ने पीएमओ के अधिकारी और केन्द्रीय कृषिमंत्री राधामोहन सिंह से अलग अलग बात की तो दोनों ने मामले की पूरी डिलेल फैक्स करने को कहा और जल्द कार्यवाई का

भरोसा दिया है।

 

आवश्यक वस्तु निगम की गोदाम का ताला तोड़ हुआ स्टाक मिलान

सीतापुर/पिसावां। आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम प्रभारी के फरार हो जाने के बाद दिसम्बर माह के राशन से वंचित रह जाने पर कोटेदारो की शिकायत पर गुरूवार को पहुचे महोली तहसीलदार व जिला प्रबंधक की मौजूदगी में ताला तोड़कर गोदाम का स्टॉक मिलान किया गया।जिला प्रबन्धक ने बताया कि स्टाक कम पाये जाने पर डीएम के निर्देश पर आरोपी गोदाम प्रभारी पर हो सकता है केस दर्ज।

गोदाम प्रभारी के फरार होने से 27 कोटेदार रह गए थे वंचित

मिली जानकारी के अनुसार दिसम्बर माह में बटने वाला खाद्यान का उठान 23 नवम्बर से 30 नवम्बर तक हो जाना था,गोदाम में खाद्यान कम होंने के कारण बारह दिसम्बर तक चला,बारह दिसम्बर से गोदाम प्रभारी नागेंद्र सिंह बगैर विभाग को सुचना दिए फरार हो गए। खाद्यान उठाने से वंचित रह गए कोटेदारो ने गोदाम प्रभारी से फ़ोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन मोबाईल स्विच ऑफ होने के कारण सम्पर्क नहीं हो सका, जिसको लेकर खाद्यान उठान से वंचित रहे दो दर्जन से अधिक कोटेदारो ने लिखित शिकायत एसडीएम महोली अतुल प्रकाश व पूर्ति निरीक्षक भदेस्वर प्रसाद से किया,जिसके बाद गुरूवार को पिसावां आवश्यक वस्तु निगम की गोदाम जो की हजियापुर में संचालित है,जिसका ताला महोली तहसीलदार नीरज पटेल व जिलाप्रबंधक श्याम चन्द्र पाठक व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ओम प्रकाश राणा,एवं पूर्ति निरीक्षक भदेस्वर प्रशाद की मौजदगी में तोड़कर के गोदाम के स्टॉक का मिलान किया गया।

 

शुक्रवार को डीएम के अनुमोदन पर दर्ज हो सकता है केस दर्ज

जिसमे चीनी 170 बोरी,गेहू 2738 बोरी,चावल 671 बोरी मौजूद मिली।जिला प्रबन्धक ने बताया की गोदाम प्रभारी के फरार होने से स्टाक रजिस्टर नहीं मिल पाने से जिले के रिकार्ड से इसको मिलान कर के पता चलेगा कि खाद्यान कितना कम है।अगर खाद्यान कम पाया जाता है,तो आरोपी गोदाम प्रभारी नागेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया जायेगा।मिलान किया गया खाद्यान खैराबाद गोदाम प्रभारी दिनेश श्रीवास्तव के सुपुर्दगी में दे दिया गया है।

 

-नमामि भारत के लिये सीतापुर से गौरव शर्मा के साथ अरुण शर्मा की रिपोर्ट

सीतापुर पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान को बनाया मजाक

गौरव शर्मा/सीतापुर पुलिस के द्वारा वाहन चेकिंग अभियान को मजाक बना कर रख दिया गया है वाहन चेकिंग करने वाले जिम्मेदार अफसरों को इस बात की जानकारी ही नहीं है की वाहन चेकिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है किन कारणों से वाहन का चालान किया जाता है और कौन से वाहन के कागज पर चालान किया जाता है। कुल मिलाकर सीतापुर पुलिस में ऐसे भी दारोगा है जो वाहन चेकिंग करना भी नहीं जानते है। ऐसे गैरजिम्मेदार पुलिस की कार्यशैली के चलते जनता अपना चालान छुड़ाने के लिये चक्कर लगाते हुए परेशान होती रहती है। नमामि भारत के सामने आज कुछ ऐसा ही मामला सीतापुर से सामने आया है।

 

क्या है पूरा मामला

सीतापुर जनपद के पुलिस कप्तान सौमित्र यादव के आदेश से लगातार पुरे जनपद में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी आदेश के चलते बीते 9 दिसम्बर के दिन थाना रामकोट पुलिस के द्वारा रामकोट कस्बा चौराहे पर भी पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी वाहन चेकिंग दौरान पुलिस ने एक मोटर साईकिल रोका वाहन मालिक से वाहन के कागज दिखाने के लिये कहा गया वाहन मालिक ने अपने सभी कागज दिखाये वाहन स्वामी के सभी कागज पूरे पाये जाने पर पुलिस ने कहा तुम हेलमेट नहीं लगाए थे तो हेलमेट पर चालान होगा। वाहन मालिक ने कहा साहब कर दीजिये मौजूद पुलिस के दारोगा ने वाहन स्वामी के पास मौके पर मौजूद  ड्राइविंग लाइसेंस को अपने पास जमा कर लिया और चालान चिट में लिख दिया बगैर लाइसेंस गाड़ी चलाते पाये जाने पर मोटर वाहन अधिनियम 3/5/181 के तहत चालान किया जाता है और चालान चिट वाहन स्वामी को पकड़ा दी जिसमे लिखा था वाहन बगैर लाइसेंस के चलाया जा रहा था

 

साथ ही चालान चिट मे ये भी लिखा गया था कि पुलिस के द्वारा वाहन स्वामी से मौके पर पाये गये ड्राइविंग लाइसेंस को पुलिस अपने पास जमा कर रही है।

अब आलम ये है की वाहन स्वामी पुलिस कार्यालय के चक्कर लगा कर परेशान हो रहा है वो ये समझ नहीं पा रहा है कि जब मौके पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था जिसके कारण पुलिस ने मेरे वाहन का चालान कर दिया किन्तु मेरे पास अगर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था तो पुलिस ने मेरा लाइसेंस को अपने पास जमा कैसे कर लिया है, जो की चालान चिट पर लिखा है।

 

 

सीतापुर पुलिस की पुलीसिंग देख तो ये ही लगता है कि रामकोट पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान का मज़ाक बना दिया है।और इतने काबिल और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को वाहन चेकिंग करने की जि़म्मेदारी दी जाती है जिनको शायद जानकारी ही नहीं की वाहन चेकिंग किस तरह करी जाती है और किन कारणों से वाहन का चालान किया जाता है।

विमुद्रीकरण के बावजूद किसानों पर नही असर रबी की बुआई हुई ज्यादा-सरकार ने दिए आॅकडे

नयी दिल्ली, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि विमुद्रीकरण का रबी की बुआई पर कोई असर नहीं पड़ा है और रबी की बुआई के रकबे में पिछले वर्ष की तुलना में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि देश भर में 2 दिसंबर तक कुल रबी फसल की बुआई की पिछले साल से 32.70 लाख हेक्टेयर (8.54%)अधिक है पिछले वर्ष 382.84 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस वर्ष 415.53 लाख हेक्टेयर पर रबी की बुआई हो चुकी है।कृषि मंत्री ने कहा कि ज्यादातर राज्यों में भी रबी की बुआई के रकबे में वृद्धि हुई है।

 

श्री सिंह ने कहा कि गेहूं फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 152.56 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 173.93 लाख हेक्टेयर है, जो कि 21.37 लाख हेक्टेयर (14.01%) से अधिक है। दलहन की बुआई की स्थिति पिछले साल के 99.83 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 112.95 लाख हेक्टेयर है, जो कि 13.11 लाख हेक्टेयर (13.14%) से अधिक है। तिलहन फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 64.21 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 70.70 लाख हेक्टेयर है, जो कि 6.49 लाख हेक्टेयर (10.11%) से अधिक है। उन्होंने कहा कि गेंहू, दलहन और तिलहन रबी की मुख्य फसले हैं और तीनों के बुआई के रकबे में वृद्धि दर्ज की गयी है। धान रबी की मुख्य फसल नहीं है।

 

दो बड़े राज्यों- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रबी का रकबा बढ़ा है।उत्तर प्रदेश में 02/12/2016 तक कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 60.517 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 70.897 लाख हेक्टेयर है, जो कि 10.380 लाख हेक्टेयर (17.15%) से अधिक है। गेहूं फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 40.854 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 43.020 लाख हेक्टेयर है, जो कि 2.166 लाख हेक्टेयर (5.30%) से अधिक है। दलहन की बुआई की स्थिति पिछले साल के 8.560 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 15.170 लाख हेक्टेयर है, जो कि 6.610 लाख हेक्टेयर (77.22%) से अधिक है। तिलहन की बुआई की स्थिति पिछले साल के 10.093 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 11.317 लाख हेक्टेयर है, जो कि 1.224 लाख हेक्टेयर (12.13%) से अधिक है।

 

 

वहीं मध्य प्रदेश में 2 दिसंबर तक कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 60.710 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 81.390 लाख हेक्टेयर है, जो कि 20.680 लाख हेक्टेयर (34.06%) से अधिक है। गेहूं फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 24.000 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 37.450 लाख हेक्टेयर है, जो कि 13.450 लाख हेक्टेयर (56.04%) से अधिक है। दलहन फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 29.420 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 35.820 लाख हेक्टेयर है, जो कि 6.400 लाख हेक्टेयर (21.75%) से अधिक है। तिलहन की बुआई की स्थिति पिछले साल के 6.650 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 7.380 लाख हेक्टेयर है, जो कि 0.730 लाख हेक्टेयर (10.98%) से अधिक है।

मनवर संगम एक्सप्रेस को हरी झंडी-बस्ती की जनता ने हरीश द्विवेदी को किया धन्यवाद

नयी दिल्ली/बस्ती, रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने 30 नवम्‍बर, 2016 को रेल भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान रेल भवन और बस्‍ती रेलवे स्‍टेशन के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 14117/14118 मनवर-संगम एक्‍सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया। संचार राज्‍य मंत्री एवं रेल राज्‍य मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा और रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, बोर्ड के अन्‍य सदस्‍य और विभिन्‍न अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी रेल भवन में मौजूद थे।

 

इस ट्रेन की खास बात यह है कि इसमें 7 दीनदयालु कोच लगे हैं जो आरामदायक हैं, सेकेंड सीटिंग– 02,एसी चेयर कार का एक कोच लगा है।, इसके अलावा 2 सीटिंग-कम-लगेज रेक/दिव्‍यांग कोच भी इस ट्रेन में लगाए गए हैं।

 

बस्ती से चलने वाली 14118 बस्ती-इलाहाबाद एक्सप्रेस अपराह्न 1.30 से चलकर टिनिच, गौर, मनकापुर, कटरा स्टेशनों पर रुकते हुए अयोध्या शाम 4 बजे ,फैजाबाद 4.30 बजे फिर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ स्टेशनों पर रुकते हुए रात 8.30 बजे इलाहाबाद पहुंचेगी।

 

वापसी में गाड़ी संख्या 14117 इलाहाबाद-बस्ती एक्सप्रेस इलाहाबाद से सुबह 4.35 बजे चलकर प्रतापगढ़ व सुल्तानपुर स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह 8.55 बजे फैजाबाद 9.20 बजे अयोध्या पहुंचेगी। वहां से 9.30 बजे चलकर कटरा, मनकापुर, गौर, टिनिच स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह 11.25 बजे बस्ती पहुंचेगी।

 

 

सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश एक बड़ा एवं अधिक आबादी वाला राज्‍य है, इसलिये उत्‍तर प्रदेश की जनता की ओर से इस राज्‍य के सभी जिलों को निर्बाध रूप से रेल से जोड़ने की मांग सदैव ही की जाती रही है। उन्‍होंने कहा कि इलाहाबाद एवं अयोध्‍या धार्मिक स्‍थल हैं और इलाहाबाद एवं बस्‍ती के बीच नई रेल कनेक्टिविटी से लाखों श्रद्धालुओं को इन धार्मिक स्‍थलों तक पहुंचने में भी सहूलियत होगी। रेल मंत्री ने आम जनता से अनुरोध किया कि वे राष्‍ट्र हित में बगैर टिकट के यात्रा न करें।

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