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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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सुभारती में फिल्म निर्माण कार्यशाला का शुभारम्भ

मेरठ। सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार संस्थान में पन्द्रह दिवसीय फिल्म निर्माण कार्यशाला का आज से शुभारम्भ किया गया। फिल्म निर्माण विशेषज्ञ संजय कुमार श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए संस्थान के डीन एवं प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यशाला का मूल उद्देश्य पत्रकारिता एनं जनसंचार के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रायोगिक रूप से कार्यकुशल बनाना है और इंडस्ट्री की जरूरतानुसार उन्हें तैयार करना है।

 

पन्द्रह दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में विद्यार्थी फिल्म निर्माण के सभी चरणों का प्रायोगिक (प्रेक्टिकल) ज्ञान अर्जित कर सकेंगे, जिसमें आईडिया विकसित करने से लेकर फिल्म के सम्पादन तक का स्तर शामिल है। इस कार्यशाला का संचालन फिल्म निर्माण विशेषज्ञ संजय कुमार श्रीवास्तव करेंगे। पहले दिन उन्होंने विद्यार्थियों को आईडिया और विषय का बृह्द ज्ञान दिया साथ ही कई फिल्में भी दिखाई।


इस मौके पर विभाग  के डीन डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पांच-पांच विद्यार्थियों का समूह निर्माण कर कई फिल्में भी निर्मित की जायेगी जिनकी एक निश्चित तिथि पर स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग का इस कार्यशाला के आयोजन में निहीत उद्देश्य है कि विभाग के विद्यार्थी अधिक से अधिक कार्यकुशल बनें और मीडिया इंडस्ट्री में जिस तरह के कुशल लोगों की जरूरत है उसी पैमाने पर विभाग उन्हें तैयार कर फील्ड में उतार सके। इस तरह की कार्यशाला विभाग पहले भी करता रहा और आगे भी आयोजित करने की योजना है। इस मौके पर विभाग के उप-प्राचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह, सहायक प्राध्यापक प्रियंका गौतम, राकेश कुमार, कामिनी अलोरिया, मुद्दसिर सुल्तान सहित कई विद्यार्थी मौजूद थे।

धारदार लेखनी के कारण पांच बार जेल गए थे ,गणेश शंकर विद्यार्थी रखी थी आधुनिक पत्रकारिता की नीवं

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सुभारती जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में आज अमर शहीद, प्रखर पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के जन्मदिवस के अवसर पर समाज एवं राष्ट्र की सेवा में किए गए कार्यों को याद कर उन्हें, श्रृद्धाशुमन अर्पित किए गए।गणेश शंकर विद्यार्थी सुभारती जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में आज अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जी के 127वें जन्मदिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर जनसत्ता के ब्यूरों चीफ अनिल बंसल ने विद्यार्थी जी के समय की पत्रकारिता और उनके संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होना वर्तमान समय में भी संभव नहीं हो पाता है ऐसे में हमारे पूर्वजों और महान व्यक्तित्व रखने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने नाम के साथ विद्यार्थी जोड़ना अपने आप में अहम बात रखता है।उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति विशेष तौर पर पत्रकार विद्यार्थी नहीं होगा, तो वह न तो समाज की विसंगतियों को समझ सकता है और ना ही उस पर कुछ कह या लिख सकता है। सामाजिक सरोकार ही पत्रकारिता की रूह है। 
जो आज के पत्रकारों और पत्रकारिता के विद्यार्थियों में होना बेहद आवश्यक है क्योंकि जीवन परियंत पत्रकार समाज के साथ जुड़ कर काम करता6 है और समाज ही उसकी प्रयोगशाला है ऐसे में समाजिक सरोकार की स्थापना की अत्यंत आवश्यकता है जिसको विद्यार्थी जी ने जाना, परखा और आने वाली पीढ़ी को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि गणेश शंकर की लेखनी ऐसी थी कि जो सीधा असर करती थी, जिसके कारण उन्हें पांच बार जेल जाना पड़ा। सुभारती जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के डीन डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि गणेश शंकर जी कि पत्रकारिता में उस समय की परिस्थितियों को बखूबी समझा और उसे प्रस्तुत किया। साथ ही परिस्थियों से उत्पन्न प्रताड़ना का प्रति उत्तर भी प्रस्तुत किया।

विभाग के उप-प्राचार्य डॉ. नीरज करण सिंह ने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता की नीवं रखने वाले पहले पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी ही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी ने हिंदी पत्रकारिता को दशा और दिशा प्रदान की है, संकाय के नाम पर उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए सोभाग्य की बात है कि हमारे विभाग का नाम गणेश शंकर विद्यार्थी के नाम पर रखा गया ताकि उनकी सोच और विचारों का संचार सभी विद्यार्थियों में हो सके। कार्यक्रम का मंच संचाल सुरेंद्र कुमार अधाना ने किया। इस दौरान असि. प्रोसेसर गुंजन शर्मा, दीपा रानी, प्रियांका, मुद्दसिर, कामिनी अलोरिया, पूनम, मुईद, यासिर अर्फात आदि मौजूद रहे।
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