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updated 1:07 PM UTC, Jan 21, 2017
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मुश्किल में माया- बसपा की मान्यता रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कल

 

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी द्वारा नोटबंदी के बाद दिल्ली के करोल बाग़ स्थित यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के अपने पार्टी अकाउंट में 02 दिसंबर से 09 दिसंबर 2016 के बीच 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराये जाने के सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका पर कल (18 जनवरी) इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी।

 

याचिकाकर्ता प्रताप चन्द्र की अधिवक्ता डॉ नूतन ठाकुर ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने 29 अगस्त 2014 द्वारा वित्तीय पारदर्शिता सम्बन्धी कई निर्देश पारित किये जिन्हें आयोग ने अपने आदेश दिनांक 19 नवम्बर 2014 द्वारा और अधिक स्पष्ट किया। इन निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी राजनैतिक दल उन्हें चंदे में प्राप्त नकद धनराशि को प्राप्ति के 10 कार्यकारी दिवस के अन्दर पार्टी के बैंक अकाउंट में अवश्य ही जमा करा देगा। इन निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी पार्टी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ निर्वाचन चिन्ह (आरक्षण एवं बटाई) आर्डर 1968 के प्रस्तर 16ए में पार्टी की मान्यता रद्द करने सहित तमाम कार्यवाही की जा सकती है।

 

डॉ ठाकुर ने कहा कि चूँकि नोटबंदी का आदेश 08 नवम्बर को आया था, अतः इन निर्देशों के अनुसार अधिकतम 20 नवम्बर तक नकद धनराशि बैंक खाते में जमा कर देना चाहिए था पर बसपा ने 2 दिसंबर के बाद 104 करोड़ रुपये जमा कराये, जो सीधे-सीधे इन निर्देशों का उल्लंघन है।

 

अतः याचिका में निर्वाचन आयोग को इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए बसपा को नोटिस जारी करते हुए आरोप सही पाए जाने पर निर्वाचन चिन्ह आर्डर के प्रस्तर 16ए के अनुसार कार्यवाही किये जाने की प्रार्थना की गयी है।

स्मार्ट फोन योजना की पंजीयन प्रक्रिया को चुनाव आयोग ने कराया बंद

लखनऊ: 16 जनवरी, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में विधान सभा सामान्य निर्वाचन की अधिसूचना के अनुक्रम में निर्गत आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में लागू की गयी स्मार्ट फोन योजना के पंजीयन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।

 

आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के विशेष सचिव सुरेन्द्र विक्रम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में शासन द्वारा प्रदेश में 10वीं पास 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को निःशुल्क स्मार्ट फोन प्रदान करने की योजना लागू की गयी थी, जिसकी पंजीयन तिथि 31 जनवरी, 2017 तक बढ़ा दी गयी थी। इस आदेश के तहत स्मार्ट फोन योजना के पंजीयन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।


विशेष सचिव ने बताया कि इस सम्बन्ध में राज्य के सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को आज (16 जनवरी, 2017) जारी किये गये शासनादेश के माध्यम से सूचित कर दिया गया है।

सीतापुर- आचार सहिंता की उड़ी धज्जिया

गौरव शर्मा/उत्तर प्रदेश आगामी विधान सभा चुनाव के चलते पुरे प्रदेश में आचार सहिंता लगी हुई है लेकिन इस बात की जानकारी शायद स्वास्थ विभाग को नहीं है। सीतापुर जनपद में स्वास्थ विभाग अपनी कार्यशैली से आचारसहिंता के नियमो की धज्जियां उड़ाते कैमरे में कैद हो गया।

सीतापुर में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल समाजवादी पार्टी का प्रचार प्रसार करते दिखाई दे रहा है लेकिन आचारसहिंता के नियमो का पालन कराने की जिम्मेदारों जिन अधिकारियो के ऊपर है वह शायद आँख बंद किये है कुछ ऐसा ही नजारा सीतापुर में देखने को मिला है। सीतापुर जिला अस्पताल में आज आचार सहिंता लगने के कई दिन बाद भी सूबे के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव की फोटो जिला अस्पताल की शोभा बढ़ा रही है जबकि नियम के अनुसार आचार सहिंता लगने के बाद किसी भी पार्टी के नेता की फोटो को सार्वजनिक स्थानों में नहीं लगाया जा सकता।


यही नही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 108 एम्बुलेंस सेवा समाजवादी स्वास्थ सेवा भी चला रखी है जिसमे साफ लिखा है समाजवादी स्वास्थ सेवा इस एम्बुलेंस सेवा के द्वारा समाजवादी पार्टी आज भी अपनी पार्टी के नाम का प्रचार प्रसार करते हुए पूरे जनपद में फर्राटे भर रही है किंतु जिम्मेदारों को आचार सहिंता का ये उल्लघन दिखाई नहीं पड़ रहा है इस मामले में जब सीतापुर जनपद के संवादाता गौरव शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट से बात करनी चाही तो कैमरे कुछ भी बोलने से उन्होंने मना कर दिया कैमरे के पीछे हुई बात में उन्होंने बताया मामला मेरे संज्ञान में आया है इस पर जल्द कार्यवाही करी जायेगी।

ड्रामें का सेटेलमेंट करेगी सपा, मुलायम को फिर मिलेगा ऱा. अध्यक्ष का पद !

मनोज श्रीवास्तव /लखनऊ। समाजवादी पार्टी के ड्रामें से हुए नुकसान के डर से मुलायम एंड फेमली सेटलमेंट का रास्ता खोजने लगी।इस झगड़े के बाद पार्टी के चुनाव चिन्ह  के साथ ही जनाधार, खासकर मुस्लिमों का सपा से मोहभंग के खतरों को भांप कर यादव कुनबा सुलह -सुलह खेलने लगा।

 

मंगलवार की सुबह मुलायम सिंह के दिल्ली वापस आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव,शिवपाल यादव ,आजम खान और कुंवर रेवतीरमण सिंह की साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक चली। सूत्रों के अनुसार दोनों खेमा इस बात पर एक मत हो गया है कि मुलायम सिंह यादव को फिर से पार्टी का अध्यक्ष बना कर उनका सम्मान वापस किया जायेगा। लेकिन इस बैठक से सपाइयों ने जो खबर लीक कराई है उसके अनुसार शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह को अखिलेश खेमा पुराना सम्मान नहीं चाहता।

 

सूत्रों की मानें तो जिस दिन से अखिलेश यादव के इमेज बिल्डिंग को लेकर एक कथित मेल का खुलासा हुआ था उसी दिन से ही मुलायम सिंह अपना मजमा समेटने लगे थे। सूत्र इस बात पर डटा है कि बिना मुलायम सिंह की अनुमति के इतनी बड़ी संख्या में पार्टी  के वरिष्ठ नेता अखिलेश के बुलावे पर नहीं जा सकते।  

यूपी सहित 5 राज्यों में 7 फरवरी से मार्च के पहले हफ्ते के बीच होंगे चुनाव

नयी दिल्ली,भारतीय निर्वाचन आयोग जल्दी आगामी पांच राज्यो में होने वाले चुनावो की तारीखों का ऐलान करेगा।आयोग के सूत्रों ने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान चार जनवरी तक हो सकता है। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान हो सकते है। बाकी चार राज्यों में एक बार में चुनाव होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, यूपी में 7 फरवरी से मार्च के पहले हफ्ते के बीच चुनाव संभव है। यूपी विधानसभा चुनाव 7 चरण में हो सकते हैं जबकि उत्‍तराखंड, पंजाब, गोवा व मणिुपर में चुनाव एक चरण में होंगे। उत्‍तराखंड और पंजाब में 8 फरवरी को चुनाव करवाए जा सकते हैं।

 

कैबिनेट सचिव और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर तथा पंजाब के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में आयोग ने पहल ही  जारी निर्देशों को संकलित करके जरुरी दिशा निर्देशों के साथ प्रेषित  किया हे। जिनमें कहा गया है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी तरीके से लागू होनी चाहिए। आयोग की ओर से जारी ‘किये जाने वाले’ और ‘नहीं किये जाने वाले’ कार्यों की सूची में सार्वजनिक स्थान के दुरुपयोग से बचना, प्रचार के लिए सरकारी वाहनों के इस्तेमाल से बचना, राज्य सरकार की वेबसाइटों से राजनीतिक पदाधिकारियों की तस्वीरें हटाना और सत्तारूढ़ पार्टी की मदद के लिहाज से विज्ञापनों के लिए सरकारी धन के इस्तेमाल पर रोक लगाना शामिल है।

 

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में जारी होने वाले प्रस्तावित राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणन के लिए जिला और राज्यस्तर पर मीडिया प्रमाणन और निगरानी समितियों से संपर्क करने को भी कहा है।गौरतलब ही की आगामी 31 दिसम्बर को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यकम में कुछ बड़ी व् आगामी चुनाव के मद्देनजर विशेष घोषणाएं कर सकते हे।

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चुनाव आयोग ने 255 पार्टियों को किया डी-लिस्‍ट,फर्जी पते पर पंजीकृत हैं कई दल

नयी दिल्‍ली : तरह तरह के तरीके अपनाकर पैसों के लिए अन्य बडी पार्टियों तथा उनके कैंडिटेट को मदद करने वाली करीब 255 ऐसी पार्टियों को चुनाव आयोग की ओर से फर्जी राजनीतिक दलों घोषित कर आयोग ने उन्हें डीलिस्ट कर दिया है। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल कर निष्क्रिय हो चुकी और लंबे समय से चुनाव नहीं लड़ने वाली पार्टियों को असूचीबद्ध किया है। देखिए पूरी लिस्ट-

 

मतलब अब ऐसी पार्टियों की धंधेबाजी बंद हो जाएगी तथा सिस्‍टम से फर्जी राजनैतिक दल बाहर हो जाएंगे। यही नही चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को निर्देश दिया है की इन 255 फर्जी राजनीतिक दलों के बैंक अकाउंट की जांच की जाय।जिसके बाद अब 255 पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के वित्तीय लेन-देन की जाँच की जाएगी।

 

255 पार्टियों के सामने आए चौंकाने वाले एड्रेस

 

दिल्ली में ऐसी 52,उत्‍तर प्रदेश से 41, तमिलनाडु से 30, महाराष्‍ट्र से 24 फर्जी पार्टियाँ रजिस्टर्ड हैं इन 255 दलों ने 2005 से 2015 तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। चुनाव आयोग के अनुसार इन रजिस्टर्ड पार्टियों के पते में भी गडबडझाला किया गया है।कुल फर्जी पार्टियाों में सबसे अधिक 52 ऐसी पार्टियाँ दिल्‍ली में ही रजिस्‍टर्ड है। जिसमें एक का पता दल का पता 17, अकबर रोड नई दिल्‍ली पंजीकृत है। जम्‍मू कश्‍मीर की एक पार्टी तो सीआईडी के कार्यालय के पते पर रजिस्‍टर्ड है। आयोग की इस कार्रवाई के बाद फर्जी राजनीतिक दलों को अब अन्‍य मान्‍यता प्राप्‍त की तरह टैक्‍स छूट नहीं मिलेगी।

 

चुनाव आयोग के पास राजनीतिक पार्टी को पंजीकृत करने का अधिकार तो नही है, लेकिन चुनावी कानूनों के तहत किसी पार्टी को अपंजीकृत करने का अधिकार दिए जाने की आयोग की मांग कानून मंत्रालय में लंबित है।

 

देश में कुल 1780 से ज्यादा पंजीकृत, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां हैं। इसके अलावा, सात राष्ट्रीय पार्टियां हैं जिनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा और एनसीपी शामिल हैं। देश में 58 राज्य स्तरीय पार्टियां हैं।

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आज होगा बडा फैसला- अखिलेश कर सकते हैं नयी पार्टी का एलान

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में दरार बढती ही जा रही है। मुलायम सिंह तथा चाचा शिवपाल  एक तरफ तो अखिलेश के साथ जमें हैं रामगोपाल यादव। दरार इतनी बड़ी हो गई है कि पार्टी अब दो फाड़ होने के कगार पर है। कल ही रामगोपाल ने अखिलेश के पक्ष में चिठ्ठी लिखी है। अब सबकी नजर आज होने वाली सीएम अखिलेश यादव की   उस बैठक पर है जिसमें अखिलेश पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की बैठक में अखिलेश बड़ा फैसला ले सकते हैं।

चर्चा के बीच राजनीति के गलियारों के लोग यहाँ तक कह चुके हैं कि अखिलेश पार्टी छोडकर नई पार्टी बना सकते हैे और अपनी नई पार्टी का एलान भी कर सकते हैं। नई पार्टी की बात पर बल इस बात से भी मिला है कि हाल ही में उथल पुथल के बीच रामगोपाल यादव की चुनाव आयोग में बैठक हो चुकी है।

अखिलेश और शिवपाल के बीच की लडाई इतना बढ जाएगी ये किसी को यकीन नही था कुछ लोगों का यह भी मानना है की यह सब दिखावा है दरअसल ये सब मीडिया का धयान भटकाने की सपा की सोची समझी रणनीति है। अखिलेश ने अकेले रथयात्रा पर निकलने काफैसला कर लिया है वही अखिलेश के साथ पूरी यूथ ब्रिगेड खडी नजर आ रही है। अखिलेश अपनी छवि को चाचा और पिता से अलग दिखाने की कोशिश में हैं। हाल ही में चाचा ने अखिलेश के पक्ष में चिठ्ठी लिखने वाले नेता उदयवीर को पार्टी से बाहर कर दिया था तो अखिलेश ने चाचा के करीबी रहे दीपक सिंघल को उनके पद से हटा दिया। अब आज मीटिंग में क्या फैसला होगा इससे समाजवादी पार्टी का भविष्य तय होगा। अब पुराने समाजवादियों को समझ नही आ रहा कि वो कहाँ जाऐं। क्योंकि यूथ ब्रिगेड खुलकर अखिलेश के पक्ष में है।

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