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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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जानिए निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिये क्या हैं आयोग के इंतजाम

लखनऊ, प्रथम चरण में 15 जिलों के 73 विधान सभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं कि संख्या 2,60,17,081,पुरूषों की संख्या- 1,42,76,128 तथा महिला मतदाताओं की संख्या- 1,17,76,308 तथा थर्ड जेन्डर की संख्या- 1,508। प्रथम चरण में आज होने वाले चुनाव में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिये निर्वाचन आयोग ने भारी तैयारी की है।

  • मतदान का समय प्रातः 07.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक

  • सबसे ज्यादा मतदाता साहिबाबाद विधान सभा क्षेत्र  में - 8,65,658

  • सबसे कम मतदाता जलेसर विधान सभा क्षेत्र में - 2,80,441

  • मतदान केन्द्रों की संख्या- 14,514

  • मतदेय स्थलोें की संख्या- 26,823

  • कुल प्रत्याशियों की संख्या- 839

  • महिला प्रत्याशियों की संख्या- 77

 

मतदेय स्थलों की संख्या जहॉ लगाये गये हैं-

(1) डिजिटल कैमरा- 2362 (2) वीडियो कैमरा- 1526 (3) वेब कास्टिंग- 2857

  • माइक्रो आब्जर्वर की संख्या- 3910

  • केन्द्रीय बलों की तैनाती- 826 कम्पनी

  • पुलिस बल की तैनाती- 8011 सब-इंस्पेक्टर, मुख्य आरक्षी- 4823, आरक्षी- 60289

  • सेक्टर मजिस्ट्रेट- 2268, जोनल मजिस्ट्रेट- 285 तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट- 429

  • मतदान कार्य में लगे वाहनों की संख्या- हल्के वाहन- 6525 तथा भारी वाहन- 7083

  • मतदान कार्य में प्रयोग की जाने वाली ईवीएम की संख्या- 26,823

  • आरक्षित ईवीएम की संख्या- 1683

वीवीपैट- मेरठ , गाजियाबाद , अलीगढ़, आगरा कैन्ट तथा आगरा साउथ विधान सभा           क्षेत्रों के 1899 पोलिंग स्टेशन पर लगे वीवीपैट की संख्या- 2649 (आरक्षित वीवीपैट भी इसमें शामिल)

  • चिन्हित क्रिटिकल पोलिंग स्टेशन- 5140

  • क्रिटिकल पोलिंग सेन्टर की संख्या- 3243

  • संवेदनशील चिन्हित हैमलेट (मजरे) की संख्या- 1674

  • मतदान कार्य में लगे कार्मिकों की संख्या- 1,24,528

  • जनरल आब्जर्वर की संख्या- 62

  • व्यय प्रेक्षकों की संख्या- 19

  • पुलिस आब्जर्वर की संख्या- 10

 

विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2012 में पहले चरण के जिलों में सम्पन्न हुए मतदान का  कुल प्रतिशत 61.04

 

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निर्वाचन आयोग की बडी कार्यवाई, डीएम एसपी समेत दर्जनों स्थानान्तरित

लखनऊ,भारत निर्वाचन आयोग ने आबकारी आयुक्त श्री भवनाथ केा तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करते हुए श्री मृत्युंजय कुमार नारायण को आबकारी आयुक्त के पद पर तैनात करने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा आई0जी0 बरेली श्री विजय सिंह मीणा के स्थान पर श्री विजय प्रकाश तथा आई0जी0 वाराणसी, सुवेन्दª कुमार भगत के स्थान पर असीम कुमार अरूण की तैनाती के निर्देश दिये हैं।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री टी0 वेंकटेश ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डी0आई0जी0 गोरखपुर श्री शिव सागर सिंह को स्थानान्तरित करते हुए श्री नीलाब्जा चौधरी, डी0आई0जी0 आजमगढ़ श्री धरम वीर के स्थान पर श्री उदय शंकर जायसवाल की तैनाती के निर्देश दिये हैं।

उन्हेांने बताया कि डी0एम0 बहराइच श्री अभय के स्थान पर श्री अजय दीप सिंह, डी0एम0 कन्नौज श्री अशोक चन्दªा के स्थान पर श्री जय प्रकाश सागर, डी0एम0 देवरिया श्रीमती अनीता श्रीवास्तव के स्थान पर श्री अबरार अहमद, डी0एम0 सोनभदª श्री चन्दª भूषण सिंह के स्थान पर श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय की तैनाती के निर्देश चुनाव आयोग ने दिये हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा एस0पी0 हरदोई श्री राजीव मल्होत्रा को स्थानान्तरित करते हुए उनके स्थान पर श्री चन्दª प्रकाश, एस0पी0 गाजीपुर श्री अरविन्द सेन के स्थान पर श्री सुभाष चन्द दुबे, एस0पी0 फतेहपुर श्री बलिकरन सिंह यादव के स्थान पर श्री उमेश कुमार सिंह, एस0पी0 जालौन डा0 राकेश सिंह के स्थान पर श्री स्वप्निल मैमगेन, एस0पी0 पीलीभीत श्री सभा राज के स्थान पर श्री देव रंजन वर्मा तथा एस0पी0 बहराइच श्री सालिग्राम वर्मा के स्थान पर डा0 मनोज कुमार की तैनाती के निर्देश आयोग ने दिए हैं ।

 

उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आज स्थानान्तरणाधीन वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त पूर्व में भी 14 जिलाधिकारियों, 09 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक /पुलिस अधीक्षकेां , 02 अपर जिलाधिकारी, 04 उप जिलाधिकारी , 01 अपर पुलिस अधीक्षक, 08 पुलिस उपाधीक्षक एवं निरीक्षक /उप निरीक्षक स्तर के कुल 38 पुलिस अधिकारियों , 01 उपायुक्त , श्रम रोजगार / जिला विकास अधिकारी , 01 उप संचालक चकबन्दी, 01 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, 01 जिला पूर्ति अधिकारी , 01 अपर मुख्य अधिकारी , जिला पंचायत, 01 सचिव / मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला सहकारी बैंक, 03 बेसिक शिक्षा अधिकारी, 02 अधिशाषी अभियन्ता, 01 सहायक चकबन्दी अधिकारी तथा 01 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी के स्थानान्तरण किये गये हैं तथा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के कारण 19 पुलिस कार्मिकों केा निलम्बित किया गया है।

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चुनाव आयोग ने इतने लाख हथियार किए जब्त, 33 लाख हुए पाबन्द

लखनऊ,मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री टी0 वेंकटेश ने बताया कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2017 के तहत आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के अन्तर्गत फ्लाइंग स्क्वाड, पुलिस टीम एवं आयकर विभाग द्वारा की गयी कार्रवाई में आज 1.44 करोड़ तथा अब तक कुल 103.60 करोड़ रूपये जब्त किये गये है।

उड़नदस्ता, पुलिस टीम एवं आयकर विभाग की कार्रवाई में आज 1.44 करोड़ रूपये सीज

सरकारी एवं निजी सम्पत्ति से, 23.04 लाख वाल-राइटिंग, पोस्टर, बैनर्स आदि विरूपित करते हुए अब तक 787 मामलों में एफआईआर दर्ज करायी गयी है। उन्होंने बताया कि वाहन पर अवैध रूप से लाल, नीली बत्ती, झंण्डे एवं लाउडस्पीकर लगाने के विरूद्ध चलाये गये अभियान के अन्तर्गत 34167 प्रकरण में कार्यवाही करते हुए 1539 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गयी।

सरकारी एवं निजी सम्पति से 23.04 लाख वॉल राइटिंग, पोस्टर, बैनर्स आदि विरूपित, 787 एफ0आई0आर0 दर्ज

इसी प्रकार बिना अनुमति के भाषण, रैली, पार्टी कार्यालय खोलने एवं मतदाताओं को प्रलोभन देने के 519 मामलों मंे कार्यवाही करते हुए अब तक 371 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गयी। उन्होंने बताया कि लाल , नीली बत्ती , लाउडस्पीकर , अवैध मीटिंग , भाषण करने एवं मतदाता को प्रभावित करने तथा अन्य मामलों में अब तक कुल 57302 मामलों में कार्रवाई करते हुए 3162 लोगों के विरूद्ध एफ0आइर्0आर0 दर्ज करायी जा चुकी है।

लाल, नीली बत्ती, झण्डे एवं लाउडस्पीकर के विरूद्ध चलाये गये अभियान में 34167 प्रकरण में कार्रवाई ,1539 के विरूद्ध एफ0आई0आर

वेंकटेश ने बताया कि प्रदेश में निष्पक्ष एवं शांति पूर्ण मतदान कराने तथा कानून व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखने के तहत अवैध मदिरा के आवागमन के विरूद्ध आबकारी विभाग द्वारा चलाये जा रहे छापा मार अभियान में अब तक 38.46 करोड़ रूपये मूल्य की   14.13 लाख बल्क ली0 देशी विदेशी शराब एवं बियर जब्त की गयी है। आबकारी विभाग द्वारा आज 44237 देशी ,3885 विदेशी बल्क लीटर शराब तथा पुलिस विभाग द्वारा 13570 बल्क लीटर मदिरा जब्त की गयी है।

अब तक 8.43 लाख लाइसेन्सी हथियार जमा, 838 असलहों के लाइसेन्स निरस्त।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाये रखने हेतु अब तक कुल 8.43 लाख लाइसेन्सी हथियार जमा कराये गये जिसमें 713 हथियार जब्त करते हुए 838 लाईसेन्स निरस्त किये गये तथा 185 असलहों के कारखानों को सीज किया गया है।

आई0पी0सी0 की धारा 107 व 116 के तहत कुल 33.13 लाख व्यक्ति पाबन्द

 

आई0पी0सी0 की धारा 107/116 के तहत 18.17 लाख एवं धारा 116 के तहत 14.95 लाख तथा कुल 33.13 लाख व्यक्तियों को पाबन्द किया गया। 19671 व्यक्तियों के विरूद्ध जारी गैर जमानती वारन्ट के सापेक्ष 18763 को वारन्ट तामील कराया गया। मतदान को प्रभावित करने तथा समस्या उत्पन्न करने वाले 23590 व्यक्तियों की पहचान करते हुए 23570 के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाई की गई है।

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04 फरवरी से 08 मार्च तक एग्जिट पोल के प्रसारण व प्रकाशन पर रोक

लखनऊ, भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत इलैक्ट्रानिक मीडिया , प्रिन्ट मीडिया तथा अन्य किसी भी माध्यम से एग्जिट पोल के परिणामों के प्रसारण , प्रकाशन एवं प्रचार प्रसार पर रोक लगा दी है।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री टी0 वेंकटेश ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि जारी अधिसूचना के अनुसार 04 फरवरी 2017 की सुबह 7.00 बजे से 08 मार्च 2017 की सायं 5.30 बजे तक एग्जिट पोल के आयोजन तथा किसी भी तरह के परिणामेां के प्रकाशन व प्रसारण पर रोक लगी रहेगी।

प्रत्येक चरण में मतदान सम्पन्न होने के अंतिम 48 घंटे के दौरान

ओपिनियन पोल के प्रसारण व प्रकाशन पर रोक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसी तरह आयोग ने ओपिनियन पोल या अन्य किसी चुनाव सर्वेक्षण के परिणामेां केा भी सभी तरह के इलैक्ट्रानिक मीडिया द्वारा प्रसारित किए जाने पर भी रोक लगा दी है। निर्वाचन के प्रत्येक चरण में मतदान सम्पन्न होने के 48 घंटे के दौरान किसी भी तरह के ओपिनियन पोल का प्रसारण नहीं होगा ।  

यह रोक विधान सभा सामान्य निर्वाचन के प्रत्येक चरण के मतदान के सम्पन्न हेाने के अंतिम घंटे के समापन तक 48 घंटे की अवधि के लिए निर्धारित की गयी है।

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मुश्किल में माया- बसपा की मान्यता रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कल

 

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी द्वारा नोटबंदी के बाद दिल्ली के करोल बाग़ स्थित यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के अपने पार्टी अकाउंट में 02 दिसंबर से 09 दिसंबर 2016 के बीच 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराये जाने के सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका पर कल (18 जनवरी) इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी।

 

याचिकाकर्ता प्रताप चन्द्र की अधिवक्ता डॉ नूतन ठाकुर ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने 29 अगस्त 2014 द्वारा वित्तीय पारदर्शिता सम्बन्धी कई निर्देश पारित किये जिन्हें आयोग ने अपने आदेश दिनांक 19 नवम्बर 2014 द्वारा और अधिक स्पष्ट किया। इन निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी राजनैतिक दल उन्हें चंदे में प्राप्त नकद धनराशि को प्राप्ति के 10 कार्यकारी दिवस के अन्दर पार्टी के बैंक अकाउंट में अवश्य ही जमा करा देगा। इन निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी पार्टी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ निर्वाचन चिन्ह (आरक्षण एवं बटाई) आर्डर 1968 के प्रस्तर 16ए में पार्टी की मान्यता रद्द करने सहित तमाम कार्यवाही की जा सकती है।

 

डॉ ठाकुर ने कहा कि चूँकि नोटबंदी का आदेश 08 नवम्बर को आया था, अतः इन निर्देशों के अनुसार अधिकतम 20 नवम्बर तक नकद धनराशि बैंक खाते में जमा कर देना चाहिए था पर बसपा ने 2 दिसंबर के बाद 104 करोड़ रुपये जमा कराये, जो सीधे-सीधे इन निर्देशों का उल्लंघन है।

 

अतः याचिका में निर्वाचन आयोग को इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए बसपा को नोटिस जारी करते हुए आरोप सही पाए जाने पर निर्वाचन चिन्ह आर्डर के प्रस्तर 16ए के अनुसार कार्यवाही किये जाने की प्रार्थना की गयी है।

स्मार्ट फोन योजना की पंजीयन प्रक्रिया को चुनाव आयोग ने कराया बंद

लखनऊ: 16 जनवरी, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में विधान सभा सामान्य निर्वाचन की अधिसूचना के अनुक्रम में निर्गत आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में लागू की गयी स्मार्ट फोन योजना के पंजीयन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।

 

आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के विशेष सचिव सुरेन्द्र विक्रम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में शासन द्वारा प्रदेश में 10वीं पास 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को निःशुल्क स्मार्ट फोन प्रदान करने की योजना लागू की गयी थी, जिसकी पंजीयन तिथि 31 जनवरी, 2017 तक बढ़ा दी गयी थी। इस आदेश के तहत स्मार्ट फोन योजना के पंजीयन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।


विशेष सचिव ने बताया कि इस सम्बन्ध में राज्य के सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को आज (16 जनवरी, 2017) जारी किये गये शासनादेश के माध्यम से सूचित कर दिया गया है।

सीतापुर- आचार सहिंता की उड़ी धज्जिया

गौरव शर्मा/उत्तर प्रदेश आगामी विधान सभा चुनाव के चलते पुरे प्रदेश में आचार सहिंता लगी हुई है लेकिन इस बात की जानकारी शायद स्वास्थ विभाग को नहीं है। सीतापुर जनपद में स्वास्थ विभाग अपनी कार्यशैली से आचारसहिंता के नियमो की धज्जियां उड़ाते कैमरे में कैद हो गया।

सीतापुर में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल समाजवादी पार्टी का प्रचार प्रसार करते दिखाई दे रहा है लेकिन आचारसहिंता के नियमो का पालन कराने की जिम्मेदारों जिन अधिकारियो के ऊपर है वह शायद आँख बंद किये है कुछ ऐसा ही नजारा सीतापुर में देखने को मिला है। सीतापुर जिला अस्पताल में आज आचार सहिंता लगने के कई दिन बाद भी सूबे के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव की फोटो जिला अस्पताल की शोभा बढ़ा रही है जबकि नियम के अनुसार आचार सहिंता लगने के बाद किसी भी पार्टी के नेता की फोटो को सार्वजनिक स्थानों में नहीं लगाया जा सकता।


यही नही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 108 एम्बुलेंस सेवा समाजवादी स्वास्थ सेवा भी चला रखी है जिसमे साफ लिखा है समाजवादी स्वास्थ सेवा इस एम्बुलेंस सेवा के द्वारा समाजवादी पार्टी आज भी अपनी पार्टी के नाम का प्रचार प्रसार करते हुए पूरे जनपद में फर्राटे भर रही है किंतु जिम्मेदारों को आचार सहिंता का ये उल्लघन दिखाई नहीं पड़ रहा है इस मामले में जब सीतापुर जनपद के संवादाता गौरव शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट से बात करनी चाही तो कैमरे कुछ भी बोलने से उन्होंने मना कर दिया कैमरे के पीछे हुई बात में उन्होंने बताया मामला मेरे संज्ञान में आया है इस पर जल्द कार्यवाही करी जायेगी।

ड्रामें का सेटेलमेंट करेगी सपा, मुलायम को फिर मिलेगा ऱा. अध्यक्ष का पद !

मनोज श्रीवास्तव /लखनऊ। समाजवादी पार्टी के ड्रामें से हुए नुकसान के डर से मुलायम एंड फेमली सेटलमेंट का रास्ता खोजने लगी।इस झगड़े के बाद पार्टी के चुनाव चिन्ह  के साथ ही जनाधार, खासकर मुस्लिमों का सपा से मोहभंग के खतरों को भांप कर यादव कुनबा सुलह -सुलह खेलने लगा।

 

मंगलवार की सुबह मुलायम सिंह के दिल्ली वापस आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव,शिवपाल यादव ,आजम खान और कुंवर रेवतीरमण सिंह की साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक चली। सूत्रों के अनुसार दोनों खेमा इस बात पर एक मत हो गया है कि मुलायम सिंह यादव को फिर से पार्टी का अध्यक्ष बना कर उनका सम्मान वापस किया जायेगा। लेकिन इस बैठक से सपाइयों ने जो खबर लीक कराई है उसके अनुसार शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह को अखिलेश खेमा पुराना सम्मान नहीं चाहता।

 

सूत्रों की मानें तो जिस दिन से अखिलेश यादव के इमेज बिल्डिंग को लेकर एक कथित मेल का खुलासा हुआ था उसी दिन से ही मुलायम सिंह अपना मजमा समेटने लगे थे। सूत्र इस बात पर डटा है कि बिना मुलायम सिंह की अनुमति के इतनी बड़ी संख्या में पार्टी  के वरिष्ठ नेता अखिलेश के बुलावे पर नहीं जा सकते।  

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