Log in

 

updated 3:12 PM UTC, Dec 12, 2017
Headlines:

छात्रों ने दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को सुधारने में मोटर चालकों से माँगा सहयोग

दिल्ली: दीवाली के एक सप्ताह बाद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हुई है जिसके चलते कुछ स्कूल के छात्रों ने शहर भर में मोटर चालकों के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया। आर्मी स्कूल धौला कुआं के कई छात्रों ने मोतीबाग चौराहे पर प्लेकार्ड के साथ दो घंटे लम्बा अभियान चलाया। उन्होंने मोटर चालकों से अनुरोध करते हुए अपील की जब वे ट्रैफिक सिग्नल पर 15 सेकंड या उससे ऊपर का संकेत देखे तो अपने वाहनों के इंजन बंद कर दें।

 

एक छात्र ने कहा, वाहन चालकों द्वारा दिल्ली से प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है, अगर वे 15 सेकंड से अधिक समय के प्रत्येक ट्रैफिक सिग्नल पर अपना इंजन बंद कर देते हैं तो वे कम कार्बन फुट प्रिंट का उत्पादन करेंगे और कम से कम प्रदूषण कर साथी नागरिकों की मदद करेंगे।

 

छात्रों ने ऑटो रिक्शा चालकों, दोपहिया सवार और यातायात पुलिस को प्रदूषण मास्क वितरित किए। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले एक और छात्र ने कहा, आज हमने #breathdelhi से भी सोशल मीडिया पर अपना अभियान शुरू कर दिया है। लोग हमारे साथ शामिल हो सकते हैं जो हमें दिल्ली के हवा को साफ रखने में मदद करेंगे।

 

जागरूकता फैलाने के लिए व्यस्त आईटीओ क्रॉसिंग पर प्लेकार्ड और बैनर के साथ अन्य स्कूलों के छात्र भी ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े थे।

गुटका व्यापारी रसिकलाल एम धारीवाल की कैंसर से हुई मौत

दिल्ली: मानिकचंद ग्रुप के अध्यक्ष रसिकलाल एम धारीवाल का मंगलवार की रात अस्पताल में निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। धारीवाल पिछले लगभग दो महीनों से खासे बीमार थे वह कैंसर का इलाज करा रहे थे। वह रुबी हॉल क्लिनिक अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया, धारीवाल को पेरोटिड कैंसर था और मल्टी ऑर्गन फैल्यूर के चलते उनकी मौत हो गई।

 

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ संजय पठारे ने कहा धारीवाल को 4 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और मंगलवार को रात 8.15 बजे उनका निधन हो गया। उन्हें एक साल पहले पेरोटिड कैंसर का पता चला था और बेंगलुरु के एचसीजी कैंसर अस्पताल और पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में इलाज किया जा रहा था।

 

मानिकचंद समूह भारत में उद्योगों का एक समूह है जो मुख्य रूप से तंबाकू उत्पादों का उत्पादन करने वाली कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। धारीवाल ने अपने पिता से बीड़ी कारोबार को विरासत में लेने के बाद एक तंबाकू व्यापारी के रूप में उद्योग शुरू किया था।

 

वह बाद में भारत में तंबाकू उत्पाद के सबसे बड़े गुटका उत्पादक और एक निर्माता बन गए।

जानें रोनाल्डो की 19 करोड़ वाली नई कार के बारे में

दिल्ली: स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के पास पहले से ही आश्चर्यजनक कारों का एक संग्रह मौजूद है। इस संग्रह में एक नई कार को जोड़ा गया है। रोनाल्डो ने अपने कार संग्रह में बुगाती शिरौन को जोड़ा है। रियल मैड्रिड फुटबॉलर ने अपनी नई सुपरकार के लिए तीन मिलियन डॉलर यानी लगभग 19 करोड़ रूपए खर्च किए हैं।

 

आपको बता दें यह उनकी पहली बुगाती कार नहीं है, उनके पास पहले से एक बुगाती मौजूद है जिसकी किमत 2.28 मिलियन डॉलर है। हालाँकि शिरौन उनके संग्रह में सबसे महँगी कार है।

 

पुर्तगाली फ़ुटबॉलर पहले से ही एक लेम्बोर्गिनी, एक रोल्स रॉयस, एक एस्टन मार्टिन डीबी 9 और पोर्श केयेन टर्बो के मालिक हैं, जो कि उनका कार के प्रति रुझान को साफ़ करती हैं।

 

namami.jpg

 

रोनाल्डो ने एक Instagram वीडियो के माध्यम से अपनी नई कार की तस्वीरें साझा की है। वीडियो में वे अपने बेटे के साथ गाड़ी चलाते दिख रहे हैं। उन्होंने वीडियो को कैप्शन में ऐनिमल के रूप में कार का भी वर्णन किया है।

 

इस साल की शुरुआत में, रोनाल्डो को बुगाती शिरौन का परीक्षण करने का मौका मिला था।

 

बुगाती शिरौन का सिर्फ 42 सेकंड में 261 मील प्रति घंटे की एक शीर्ष गति तक पहुंचने का एक विश्व रिकॉर्ड है। जो इसे रोनाल्डो के कार संग्रह में सबसे तेज कार बनाता है।

बारिश से बचाव कार्य बाधित, भूकंप में मरने वालों की संख्या 3,218 हुई

नेपाल में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या आज 3,200 पार कर गई, जबकि 6,000 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस बीच, बारिश और ताजा झटकों के कारण मकानों और इमारतों के मलबे के ढेर के नीचे दबे जीवित लोगों को निकालने के प्रयास भी बाधित हो रहे हैं।

गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन खंड के प्रमुख रामेश्वर डांगल ने कहा, मृतकों की संख्या 3,218 पहुंच चुकी है और 6,500 से ज्यादा लोग घायल हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय दूतावास के एक कर्मचारी की बेटी समेत पांच भारतीय इस भूकंप में मारे गए लोगों में शामिल हैं।

बिजली न होने की वजह से काठमांडू शहर कोई भूतिया शहर मालूम होता है। वहां भारी बारिश हो रही है। इस स्थिति के चलते हवाईअड्डे को बंद करना पड़ा और अफरातफरी के इस माहौल के बीच अपने घर जाने के लिए बेताब विदेशी पर्यटक यहां फंसे हैं। हजारों लोगों को बारिश से बचने के लिए शहर की सड़कों पर लगाए गए प्लास्टिक से बने अस्थायी तंबुओं में रात गुजारनी पड़ी।

नेपाली टाइम्स के संपादक कुंदा दीक्षित ने ट्वीट किया, अभी भी बारिश हो रही है, जो कि स्थिति को और खराब बनाती है। इसमें तसल्ली सिर्फ इतनी है कि इससे कुछ शरणस्थलियों पर पानी का संकट कम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नेपाल को तत्काल ही तंबुओं और दवाओं की जरूरत है।

भूकंप के मुख्य झटकों के बाद कल आए शक्तिशाली झटकों के कारण पीड़ित लोगों के बीच दहशत मच गई थी और माउंट एवरेस्ट पर हिमस्खलन हो गया था। इस कारण 22 लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार के भूकंप के मुख्य झटकों के बाद भी झटकों का सिलसिला जारी रहा और कल 6.7 तीव्रता और उसके बाद फिर 6.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसके कारण खौफजदा लोग निकलकर खुले स्थानों पर आ गए थे।

शनिवार को आए 7.9 तीव्रता के भूकंप के कारण भारी तबाही हुई है। ताजा भूकंप के झटकों के डर के कारण लोग ठंड से भरी रात में खुले इलाके में रह रहे हैं। अकेली काठमांडू घाटी में ही 1,053 लोगों के मारे जाने की खबर है। बचे हुए लोगों की जांच जारी होने के कारण अधिकारियों को इस संख्या के बढ़ने की आशंका है। मृतकों के अंतिम संस्कार सामूहिक रूप से किए गए और मृतकों की संख्या में दिनभर वृद्धि होती रही।

बीते 80 से भी ज्यादा वर्षों में देश के इतिहास में आए अब तक के सबसे भीषण भूकंप को देखते हुए नेपाल ने आपातस्थिति की घोषणा कर दी है और भारतीय बचाव दलों समेत अंतरराष्ट्रीय बचाव दल नेपाल पहुंच चुके हैं। भारत ने बचाव और पुनर्वास के एक बड़े प्रयास के तहत 13 सैन्य विमान तैनात किए हैं, जिनमें अस्पताल सुविधाएं, दवाएं, कंबल और 50 टन पानी एवं अन्य सामग्री है।

भारत ने राष्ट्रीय आपदा राहत बल के 700 से ज्यादा आपदा राहत विशेषज्ञों को तैनात किया है। एक वरिष्ठ स्तरीय अंतरमंत्रालयी दल नेपाल का दौरा करके यह आकलन करेगा कि भारत किस तरह राहत अभियानों में बेहतर सहयोग कर सकता है। बचावकर्मी मलबे के ढेर में फंसे जीवित लोगों की खोज हाथों से भी कर रहे हैं और भारी उपकरणों से भी। ताजा झटकों, तूफानों और पर्वतीय श्रृंखलाओं पर हिमपात के कारण बचाव कार्य बाधित हो रहे हैं।

स्थानीय लोग और पर्यटक जीवित बचे लोगों को निकालने के लिए मलबे में खोज में जुटे रहे। जब लोग जीवित पाए जाते तो वहां मौजूद लोगों में हर्ष की लहर दौड़ जाती। हालांकि अधिकतर शव ही बाहर निकाले गए। नेपाल के कई अन्य इलाकों की तरह काठमांडू इस आपदा के कारण हुई तबाही से निपटने की एक भारी चुनौती का सामना कर रहा है। राजधानी में पूरी-पूरी सड़कों और चौराहों पर मलबा पड़ा है। इस शहर की जनसंख्या लगभग तीस लाख है।

SC ने शोभा को जारी नोटिस पर लगाई रोक

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायलय ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लेखिका शोभा डे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के नोटिस पर आज रोक लगा दी. अध्यक्ष ने प्राइम टाइम में मल्टी प्लेक्स में मराठी फिल्मों की स्क्रीनिंग को अनिवार्य बनाए जाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर ट्वीट करने को लेकर यह नोटिस जारी किया था.

न्यायाधीश दीपक मिसरा और प्रफुल्ल सी पंत की पीठ ने डे की याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया और आठ सप्ताह के भीतर जवाब मांगा.
 
सोशलाइट और स्तंभकार शोभा डे ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नोटिस जारी किए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. यह आदेश शिवसेना के एक विधायक द्वारा डे के खिलाफ यह आरोप लगाते हुए शिकायत किए जाने पर जारी किया गया था. विधायक ने शिकायत की थी कि डे के ट्वीट ने मराठी भाषा और मराठी भाषी लोगों का अपमान किया है. 
 
वरिष्ठ अधिवक्ता सी ए सुंदरम ने डे का पक्ष रखते हुए कहा,' टिप्पणियां सरकार के फैसले के खिलाफ की गयी थीं और यह विधानसभा के किसी विशेषाधिकार का उल्लंघन नहीं है.' उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने विभिन्न फैसलों में विधानसभा के विशेषाधिकार की व्याख्या की है और लेखिका ने इनमें से किसी का उल्लंघन नहीं किया है.    
 
इस महीने की शुरुआत में , विधानसभा के मुख्य सचिव अनंत कल्से ने डे को नोटिस जारी कर उनसे यह बताने को कहा था कि वह सरकार के फैसले के खिलाफ अपने ट्वीट की व्याख्या करें.  शिवसेना विधायक प्रताप सरनिक द्वारा विधानसभा में शोभा डे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लए जाने के बाद यह नोटिस जारी किया था. शोभा डे ने ट्वीट किया था,' देवेन्द्र 'फतवेवाला' फडणवीस एक बार फिर ऐसा कर रहे हैं. गौमांस से लेकर फिल्मों तक. यह वह महाराष्ट्र नहीं है जिसे हम सब प्यार करते हैं. नको नको. ये सब रोको.'
 
शोभा डे ने ट्वीट किया था कि यह और कुछ नहीं बल्कि गुंडागर्दी है. उन्होंने लिखा, 'मुझे मराठी फिल्में बहुत पसंद हैं. देवेन्द्र फडणवीस, यह फैसला मुझे करने दो कि मैं इन फिल्मों को कब और कहां देखूं. यह और कुछ नहीं बल्कि दादागिरी है.' इस ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए शिवसेना विधायक ने शोभा डे पर 'मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और मराठी भाषी लोगों की भावनाओं का अपमान करने' का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया था.
 
विशेषाधिकार प्रस्ताव के नोटिस पर डे ने ट्वीट किया, 'अब माफी की मांग रखते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस. मुझे अपने मराठी होने पर गर्व है और मैं मराठी फिल्मों से प्यार करती हूं. हमेशा करती हूं और हमेशा करती रहूंगी.' डे की टिप्पणियों से गुस्साए शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने दक्षिणी मुंबई में उनके घर के बाहर प्रदर्शन भी किया था
Subscribe to this RSS feed
loading...

New Delhi

Banner 468 x 60 px