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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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12 घंटे तक मौत से लड़ने के बाद बचाया गया मासूम

दिल्ली: बुधवार को गुंटूर में स्थित विनुकोंडा मंडल के उम्मीदिवारम में 20 फीट गहरे बोरवेल में गिरने के 12 घंटे बाद दो साल के बच्चे को बचा लिया गया। चन्द्र शेखर मंगलवार की शाम तक़रीबन 4:30 बजे अन्य बच्चों के साथ खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। बोरवेल का पिछले एक साल से उपयोग नहीं किया गया था।

 

सूत्रों के अनुसार बोरवेल पर किसी प्रकार का कोई ढक्कन या आसपास कोई बाड़ नहीं था। इसे खोदा गया और बाहर छोड़ दिया गया था, आसपास घास उग जाने के कारण बोरवेल अदृश्य हो गया था।  लड़के को बचाने के लिए स्थानीय पुलिस को कार्रवाई में लगाया गया था।

 

गुंटूर जिला अधिकारी मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे और मंगलागिरी से एक एनडीआरएफ टीम भी उम्मीदिवारम में भेजी गई थी। बोरवेल में गिरने के 12 घंटे बाद लड़के को बचाया गया है।

 

एनडीआरएफ टीम ने लड़के को एक समानांतर गड्ढा खोदकर निकाला है। डॉक्टरों ने लड़के को प्राथमिक उपचार दिया और कहा कि कोई बड़ी चोट नहीं है। हालांकि, लड़के को गुंटूर के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है और यह निगरानी में है।

दिल्ली में रफ़्तार ने ली 24 वर्षीय व्यक्ति की जान!

दिल्ली: मंगलवार कि रात दिल्ली में स्थित मंडी हाऊस मेट्रो स्टेशन के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मौत उसका स्पोर्ट्स बाइक पर नियंत्रण खो देने की वजह से हुई, उसकी पहचान हिमांशु बंसल के रूप में की गई है।

 

तेज गति में मंडी हाऊस मेट्रो स्टेशन के पास एक दीवार में लड़ने से यह घटना हुई। यह पूरी दुर्घटना उसके पीछे की सवारी वाले एक दोस्त के हेलमेट में मौजूद कैमरा द्वारा कैप्चर की गई थी। पुलिस ने बताया कि उन्हें क्षतिग्रस्त बेनेली टीएनटी 600i मोटरबाइक के टुकड़े और सड़क पर खून प्राप्त हुआ।

 

नई दिल्ली पुलिस महानिदेशक बीके सिंह ने कहा कि घायल हिमांशु बंसल को उसके दोस्तों ने पास के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहाँ डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि उसकी छाती और चेहरे पर गहरी चोट आइ थी।

 

जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि हिमांशु और उनके दो दोस्त, लक्ष्य और गाजी, कनाट प्लेस से अपने घर की ओर जा रहे थे। हिमांशु और गाजी बेनेली पर सवार थे जबकि लक्ष्य कावासाकी निंजा पर था। रात के करीब 8.45 बजे वे मंडी हाउस पहुंचे थे।

 

डीसीपी सिंह ने बताया, जब तीनों मंडी हाऊस मेट्रो स्टेशन पहुंचे, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क पार कर रहा था। हिमांशु की तेज बाइक ने उस व्यक्ति को टक्कर मारी और नियंत्रण खो दिया। जिसके बाद बाइक लेडी इरविन कॉलेज की दीवार पर जा लगी।

 

हिमांशु अपने पिता को झिलमिल कॉलोनी में बर्तन निर्माण के अपने पारिवारिक व्यवसाय में मदद करता था।

अलगाववादी नेताओं के 12 स्थानों पर छापेमारी जारी

दिल्ली: बुधवार सुबह जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ एक ताजा कार्रवाई में, NIA ने आतंकी फंडिंग के संबंध में श्रीनगर और उत्तर कश्मीर में 12 स्थानों पर छापेमारी की है।केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर, बारामूला और हंडवाड़ा जिले में 12 स्थानों पर खोज की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुधवार को छापेमारी उन लोगों के घर पर की जा रही है जिन पर अलगाववादियों के साथ संबंध होने के आरोप है। छापेमारी वाले स्थानों में घाटी में एक प्रमुख व्यापारी और हुर्रियत समर्थक जहूर वटाली के रिश्तेदारों के ठिकाने शामिल हैं।

गौरतलब है कि एक टीवी चैनेल में अलगाववादी नेताओं द्वारा पाकिस्तान से धन प्राप्ति कर घाटी में अशांति के लिए पाकिस्तान से पैसे लेने का खुलासा किया था। चल रही जांच के तहत 4 जून को गुरुग्राम, दिल्ली और श्रीनगर में वटाली के आवास पर छापे मारे गए थे। एनआईए ने 8 अगस्त को अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे से हाफिज सईद के साथ कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की थी।

 

सईद, पाकिस्तान स्थित जमात-उद-दावा और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नेता को कथित तौर पर घाटी में पाकिस्तान के अलगाववादी गुटों के लिए फंडिंग का एक प्रमुख जरिया माना जाता है।एनआईए ने इस मामले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस(डीएसपी) फहीम अली से भी पूछताछ की, जो अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक की सुरक्षा को देखते हैं। अली एनआईए द्वारा पूछताछ के लिए राज्य के पहले पुलिस अधिकारी थे।

 

 

अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा सुनवाई!

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गोरखपुर के एक अस्पताल में बच्चों की मौत से जुड़े मामले में स्वतः संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। मामले से जुड़ी दलील में विशेष जांच किए जाने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहार और न्यायमूर्ति डीवाय चंद्रचुद की पीठ ने खंडपीठ से कहा कि इससे पहले इस मुद्दे का उल्लेख करने के लिए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दलील दी जानी चाहिए क्योंकि यह मामला प्रदेश का है जिसे मुख्यमंत्री ख़ुद देख रहे हैं।

 

अदालत ने कहा कि अधिकारियों ने स्थिति को संभाला था और यदि शिकायतें हों तो उन्हें संबंधित उच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। 7 अगस्त को बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 60 से अधिक बच्चों का निधन हो गया था। दो दिनों में कम से कम 30 बच्चों की मौत हो गई थी। पीड़ितों में से कई शिशुओं को नवजात गहन देखभाल इकाई में रखा गया था। यह आरोप लगाया गया है कि बिलों का भुगतान न करने के कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी मौतों की वजह से हो सकती है।

 

हालाँकि पुलिस ने कहा कि औपचारिक शिकायत के आधार पर अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने मृत्यु के पीछे के कारण ऑक्सीजन की कमी से इनकार कर दिया था। राज्य स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, जांच के पहले स्तर के बाद, हम दावा कर सकते हैं कि गैस की आपूर्ति में बाधा आने के कारण मृत्यु नहीं हुई है।

 

सरकार ने भी मुख्य सचिव द्वारा एक आधिकारिक जांच का नेतृत्व करने का आदेश दिया था और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य राजीव मिश्रा को निलंबित कर दिया था।

 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भयानक त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 50 लोगों की मौत

दिल्ली: रविवार सुबह हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटरुपी गांव में करीब 50 लोगों की भूस्खलन के चलते मौत हो गई। यह हादसा मंडी-पठानकोट राजमार्ग पर 250 मीटर के छेत्र में हुआ है। हादसे में दो हिमाचल रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) की बसों में करीब 55 यात्रियों के साथ, कुछ निजी वाहन और कई घरों की भूस्खलन में बहने की ख़बर है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 17 शव बरामद किए गए हैं, जबकि पांच घायल को मंडी में जोनल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

अधिकारियों का कहना है कि 12.24 बजे कोटरुपी के पास राजमार्ग पर भूस्खलन की घटना हुई, उससे कुछ समय पहले दो बसें जलपान के लिए रुक गईं थीं। जबकि पठानकोट डिपो की एसी बस मनाली से कटरा के लिए जा रही थी, चंबा डिपो की दूसरी बस चंबा से मनाली के रास्ते पर थी। अधिकारियों ने बताया कि कटरा-बस में आठ यात्री थे, जिनमें से तीन की मृत्यु हो गई और पांच को बचाया गया। इस दुर्घटना में मनाली की बस में 47 यात्री सवार थे। उनमें से कितने बचाए गए थे अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है।

 

सूत्रों के अनुसार कटरा जाने वाली बस को पहले एक बड़े पत्थर से टक्कर लगी थी। इसके बाद बस 200 मीटर की दूरी पर जा गिरी। बाद में बचाव दल ने वाहन के कुछ अवशेष को पुन प्राप्त किया। चंबा डिपो बस लगभग 2 किमी दूर मलबे के एक विशाल टुकड़े के नीचे दब गई है। प्रशासन ने मंडी-जोगिंदरनगर रोड को बंद कर दिया और वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता दिया है और बचाव अभियान जारी है।

पाकिस्तानी सेना द्वारा भारी गोलाबारी में महिला की मौत

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंधार सेक्टर में शनिवार सुबह पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन और गोलाबारी में एक महिला की मौत हुई है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने पुंछ सेक्टर में सुबह 5:15 बजे से गोलीबारी की शुरूआत की। जिसके बाद भारतीय सेना ने जोरदार जवाब दिया। पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा भारी गोलाबारी में मेंधार क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के करीब वाले नागरिक क्षेत्रों पर 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई।

 

इस बीच, शुक्रवार की रात देर से कुपवाड़ा जिले के कलरूस में 41 राष्ट्रीय राइफल्स सेना मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया। हमले में एक सैनिक घायल हो गया था आतंकवादियों को पकड़ने के लिए एक खोज अभियान अभी जारी है।

 

भारत ने 9 अगस्त को पाकिस्तान के उच्चायोग के अधिकारी तारिक करीम को बुलाया था और पिछले दिनों कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम के उल्लंघन में भारतीय सैनिक की मौत पर एक भारी विरोध ज़ाहिर किया था।

 

विदेश मंत्रालय ने कहा शांति बनाए रखने के लिए 2003 की संघर्ष विराम की समझ का पालन करने के लिए पाकिस्तान को समझाए जाने के बावजूद, पाकिस्तान बलों ने इस वर्ष नियंत्रण रेखा पर अनौपचारिक संघर्ष विराम उल्लंघन की 301 घटनाओं को अंजाम दिया है।

 

ऑक्सीजन की कमी से गोरखपुर में 30 बच्चों की मौत

गोरखपुर: पिछले 48 घंटों के दौरान राज्य सरकार के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में कम से कम 30 बच्चों की मौत हुई, जिला मजिस्ट्रेट राजीव रोतेला ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की है लेकिन अब तक इस तरह की बड़ी संख्या में मौतों के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है। रोतेला ने बताया कि नवजात प्रारम्भिक वार्ड में 17 बच्चे, एईएस वार्ड में पांच और सामान्य वार्ड में आठ बच्चो की मौत हुई है।

 

ख़बरों के अनुसार शनिवार की सुबह अस्पताल में दो और मौतें दर्ज की गईं हैं। घटना के मद्देनजर राज्य स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और तकनीकी तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। उनकी बैठक के बाद वे अस्पताल जायेंगे।

 

मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच समिति की स्थापना की गई है और इसे कल शाम तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में लगे फर्म को बकाया का भुगतान न करने के कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति गुरुवार रात को बंद कर दी गई थी। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि बकाया राशि और अस्पताल, जो पूर्वांचल में सबसे बड़ा है, के लिए असाधारण कुछ भी नहीं है, अस्पताल किसी भी वित्तीय संकट का सामना नहीं कर रहा है।

 

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मृत्यु के पीछे के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति में व्यवधान से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मौतों की एक मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा की है।

बक्सर डीएम की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस

दिल्ली: बक्सर जिला मजिस्ट्रेट मुकेश पांडे ने गुरुवार को गाजियाबाद में रेलवे ट्रैक पर कूदकर आत्महत्या की। मुकेश ने इस घटना से पहले अपने दोस्तों को अपने मकसद के बारे में बताया था। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से करीब 1 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के पास उनका शरीर मिला था। पुलिस ने कहा कि घटनास्थल से एक आत्मघाती नोट बरामद किया गया है। घटना गुरुवार को लगभग 8.30 बजे दर्ज की गई थी।

 

जांच के दौरान, यह पाया गया कि 2012 के बैच के आईएएस अधिकारी दिल्ली आए हुए थे और दोपहर के आसपास होटल लीला पैलेस के कमरे नंबर 742 में ठहरे थे। उन्होंने लगभग 4.30 बजे होटल को छोड़ दिया और जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के लिए एक ओला कैब ले लिया और आत्महत्या करने के इरादे से गाजियाबाद पहुँचे।

 

इस बीच, उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों को आत्महत्या करने की अपनी इच्छा के बारे में लिखा और माफी मांगी और उल्लेख किया कि लीला पैलेस के कमरे न. 742 में एक बैग में उनकी आत्महत्या का नोट रखा हुआ है।

 

पुलिस वरिष्ठ अधीक्षक एचएन सिंह के अनुसार नोट में कहा गया है, मैं पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर क्षेत्र में आत्महत्या कर रहा हूं, इमारत के 10 वीं मंजिल से कूद कर। मैं जीवन से नाराज हूं और मेरा मानना है कि मानव अस्तित्व खत्म हो गया है, मेरा आत्महत्या नोट बैग में रखा हुआ है। मुझे खेद है, मैं आपको सबको प्यार करता हूं! सिंह ने कहा कि यह तुरंत पता नहीं चला है कि किस समय और कैसे जिला मजिस्ट्रेट ने आत्महत्या की होगी।

 

पश्चिम दिल्ली के जिला डीसीपी, विजय कुमार के मुताबिक, पुलिस को मुकेश के इरादों के बारे में 6.30 बजे उनके दोस्तों और बैचमैट्स के माध्यम से बताया गया था।

ब्लू व्हेल चैलेंज से आत्महत्या करने की एक और घटना सामने आइ!

दिल्ली: गुरूवार को इंदौर में एक कक्षा 7 के छात्र ने ब्लू व्हेल चैलेंज के भाग के रूप में आत्महत्या करने का प्रयास किया, इसके अलावा बच्चे द्वारा स्कूल की डायरी में इस खतरनाक खेल में हर सफल चरण को पूरा किए जाने के बाद लिखे जाने की बात सामने आइ है।

 

स्कूल में छात्र के कुछ दोस्तों को पता था कि वह इस चुनौती का प्रयास कर रहा था लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया क्योंकि वे इसके परिणाम से अवगत नहीं थे। पुलिस के अनुसार लड़के की बाँह में किसी प्रकार की कोई चोट नहीं पाई गई है।

 

दुनिया भर में किशोरों की कई मौतों के लिए यह घातक खेल जिम्मेदार बन चुका है, यह खेल मानसिक रूप से खिलाड़ियों को खुद को मारकर जीतने के चरण से पहले 50 दिनों तक साहसी, आत्म विनाशकारी कार्यों में शामिल होने के लिए उत्तेजित करता है।

 

1 अगस्त को भारत में ब्लू व्हेल की पहली घटना सामने आइ थी जिसमें एक 14 वर्षीय लड़के ने खेल में दी गई चुनौती के अनुसार मुंबई में इमारत की छत से कूद कर आत्महत्या की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस बात की पुष्टि अब तक नहीं की है कि आत्महत्या खतरनाक चुनौती का हिस्सा थी। भारत में एक महीने में तीसरी ऐसी घटना सामने आइ है।

 

राज्य के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वह खेल को प्रतिबंधित करने के लिए कदम उठाने के लिए केंद्र को लिखेंगे। इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी चुनौती के बारे में केंद्र सरकार से संपर्क करने की बात की थी।

खुदीराम बोस थे भारत के सबसे कम आयु के स्वतंत्रता सेनानी

दिल्ली: भारत के सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाना जाने वाले खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को हुआ था। बोस केवल 18 वर्ष के थे जब उनपर किंग्सफोर्ड की गाड़ी पर बमबारी करने का आरोप लगाया गया था। हमले में बैरिस्टर की पत्नी और बेटी, प्रालिंग कैनेडी को मार दिया गया था।

 

अपने माता-पिता की मौत के बाद खुदीराम बोस को अपनी बड़ी बहन के द्वारा पाला पोसा गया था, उन्होंने एक गांव के स्कूल में अपनी प्राथमिक शिक्षा शुरू कर कक्षा 8 तक पढ़ाई की थी। बोस ने कक्षा 9 में पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि वह देशभक्ति की गतिविधियों में अधिक दिलचस्पी लेने लगे थे, वह स्वदेशी आंदोलन में शामिल हो गए और उन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के महान उद्देश्य के लिए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला किया।

 

1902 में श्री अरबिंदो ने मेदिनीपुर का दौरा किया और क्रांतिकारी समूहों के साथ और गुप्त योजना सत्रों के साथ कई सार्वजनिक व्याख्यान आयोजित किए, उस वक़्त खुदीराम शहर के किशोर छात्र समुदाय में शामिल थे, जिन्हें क्रांति की जलती प्रेरणा मिली थी, जब वह छोटे थे, उन्होंने अपने स्कूल के एक शिक्षक से रिवाल्वर के लिए भी पूछा था, जब बोस 16 साल के हुए उन्होंने अंग्रेज़ों में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस स्टेशनों के पास बम लगाए और सरकार के अधिकारियों को लक्षित किया था।

 

30 अप्रैल, 1908 को उन्होंने गाड़ी पर बम फेंक दिया जिसमें किंग्सफोर्ड यात्रा कर रहा था। इसके बाद हमलावरों पर 1000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था, उस दिन बोस ने लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पैदल चल कर पूरी की थी और छिपने के लिए एक सुरक्षित जगह की खोज करली थी। जब वे एक रेलवे स्टेशन पर पहुँचे, जिसे अब खुदीराम बोस पुसा स्टेशन के रूप में जाना जाता है, तो उन्हें दो सशस्त्र कॉन्स्टेबल द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया था।

 

अदालत में अपने दोस्तों को बचाने के लिए, खुदीराम ने पूरे ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी ली और पूरी तरह से खुद के जीवन से समझौता किया, इसके बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।

 

जब उन्हें कुछ कहने के लिए कहा गया, तो खुदीराम ने जवाब दिया कि अगर उन्हें कुछ वक्त दिया जाए तो वह जज को बम बनाने के कौशल को सिखा सकते हैं। उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सात दिन दिए गए लेकिन उन्होंने अपील करने से इनकार कर दिया और 11 अगस्त 1908 को 18 वर्ष की आयु में उन्हें फांसी दी गई थी।

 

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