Log in

 

updated 6:53 PM UTC, Jan 16, 2018
Headlines:

भारत में हुआ लॉन्च Samsung galaxy A8+ जानिए क्या हैं खूबियाँ



नई दिल्ली  सैमसंग आज भारत में अपना नया प्रिमियम स्मार्टफोन सैमसंग गैलक्सी A8+ (2018)लॉन्च कर दिया है. भारत में यह फोन ऐमजॉन पर ही उपलब्ध होगा। सैमसंग भारत में इस साल का पहला लॉन्च किया जाने वाला स्मार्टफोन होगा. इससे पहले सैमसंग वियतनाम में लॉन्च किया जा चुका है।

 

सैंमसंग कि स्पेसिफिकेशन की बात कि जाए तो 6 इंच का फुल एचडी प्लस सुपर एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है। इसमें दो इसमें 2.2GHz ऑक्टाकोर प्रोसेसर है. और 6GB रैम,  इंटरनल मेमोरी 64GB है. माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए इसे बढ़ा कर 256GB तक किया जा सकता है.  

 

कैमरे कि बात करें तो फोटोग्राफी के कंपनी ने पहली बार किसी स्मार्टफोन में डुअल फ्रंट कैमरा दिया है. एक लेंस 16 मेगापिक्सल का तो दूसरा लेंस 8 मेगापिक्सल का है. रियर कैमरा 16 मेगापिक्सल का है जिसका अपर्चर f/1.7 है. इसमे डिजिटल इमेज स्टेब्लाइजेशन भी दिया गया है.

 

भारत में इस फोन की कीमत 32,990 रूपए रखी गई है और जल्द ही 20 जनवरी से ऐमजॉन पर मिलेगी।

 

पुस्तक मेले मे उमड़े एक लाख से ज़्यादा पुस्तक प्रेमी

 

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के दूसरे दिन अर्थात् रविवार को छुट्टी के दिन मेले में पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रगति मैदान में हर तरफ सभी आयु-वर्गों के पाठक अपनी पसंदीदा पुस्तकें खरीदते और यहाँ आयोजित हो रही विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते नज़र आए। आज एक लाख से अधिक पुस्तक प्रेमी मेला देखने पहुँचे और हर तरफ लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली।

थीम मंडप

थीम मंडप पर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्त न पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे आज यहाँ पंजाब के प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, संत श्री बलवीर सिंह सीचेवाल तथा डाॅ. इंद्रजीत कौर से डाॅ. मनजीत सिंह और सरदार जसवंत सिंह ने ‘प्रदूषण से मुक्ति के लिए सीचेवाल माॅडल‘ पर चर्चा की तथा इस विषय पर डाॅक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष, डाॅ. बल्देव भाई शर्मा ने इन समाजसेवियों के मेले में उपस्थिति को उनका आशीर्वाद माना व उनकी निष्काम

सेवा की सराहना की।

इसी मंडप में दिल्ली गुरुक ुल तथा श्री निवास संस्कृत विद्यापीठ के छात्रों ने प्रकृति पर आधारित वैदिक मंत्रों का पाठ किया तथा शुद्ध जल, वायु और आकाश की कामना की। कार्यक्रम का संचालन आॅल इंडिया रेडियो में संस्कृत सामाचार वाचक, श्री बलदेवानंद सागर ने किया। मंत्रों का सार हिंदी में भी समझाया

गया। यूरोपीय संघ मंडप आज मेले में यूरोपीय संघ मंडप पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों की शुरुआत ‘भारत और स्लोवानिया के बीच सहयोग के अवसर‘ विषय पर आयोजित पैनल-विमर्श से हुई। इस अवसर पर वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे। इवो स्वेतीना तथा इवाल्ड फ्लिसर, स्लोवेनिया से आए लेखक एवं प्रकाशक; युयुत्सु शर्मा; स्लोवेनिया बुक एजेंसी, निदेशक, रेनेटा जेमिदा। यहाँ आयोजित चर्चा में स्लावेनिया के प्रकाशन

तथा अनुवाद के बारे में चर्चा की गई।

 

साहित्यिक गतिविधियाँ

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला भारत की सभी भाषाओं विशेष रूप से कम जनसंख्या द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं में पुस्तकों के प्रकाशन को बढ़ावा देने के लिए मंच प्रदान करता है। सेंटर फाॅर स्टडीज़ आॅफ ट्रेडिशंस एंड सिस्टम्स ने मैथिली भोजपुरी अकादमी के सहयोग से मैथिली भाषा के साहित्य पर चर्चा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान सुश्री उषा किरण खान की पुस्तक ‘निर्गुण‘ का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में श्री नचिकेता तथा सुश्री स्वाति पाॅल वक्ता थे जिन्होंने समकालीन मैथिली साहित्य और सुश्री खान के मैथिली साहित्य में योगदान पर बात की। मेले में अनेक साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ जिनमें शामिल हैं - साहित्य मंच पर अनिल प्रकाशन द्वारा पुस्तक लोकार्पण एवं चर्चा जिसमें श्री विश्वम्भर श्रीवास्तव द्वारा रचित पुस्तक ‘आडवाणी के साथ 32 साल‘ का लोकार्पण; लेखक मंच पर सुश्री लोढा की पुस्तक ‘द इंडियन हीरोज‘ पर परिचर्चा आदि। लेखक  मंच पर उद्भव संस्था ने श्री राजीव जायसवाल की पुस्तक ‘मन वहीं खड़ा रहा‘ का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। इसी मंच पर नील नारायण प्रकाशन द्वारा पठन

संस्कृिति पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे: विन टेक्नाॅलाॅजी प्रालि. के सीईओ तथा एमडी, श्री स्वर्ण सिंह जग्गी; दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष, श्री राम शरण गौड़ तथा श्री दीपांकर सिन्हा।

 

बाल मंडप

मेले में बच्चों के लिए बने रोमांचक बाल मंडप पर अनेक गतिविधियाँ एवं कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यहाँ बच्चों के लिए यूरोपीय संघ के कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लेखक एवं कलाकार, पाल श्मिट द्वारा बच्चों को चित्रों के माध्यम से कहानी लिखने की कला सिखाई गई। यहाँ उपस्थित विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों से आए बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज़ पर उतारा।

 

सीईओ स्पीक - एक प्रकाशन मंच

आज नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में बी-2बी गतिविधियों के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा फिक्की के सहयोग से सीईओ स्पीक - एक प्रकाशन मंच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, उच्चतर शिक्षा विभाग, भारत सरकार, डाॅ. सत्यपाल सिंह ने समृद्ध प्राचीन भारतीय साहित्य, अध्यात्म और सामंजस्य के संदेश को पूरे विश्व तक पहुँचाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रकाशकों से अपील की कि वे वैदिक साहित्य तथा आध्यात्मिक पुस्तकों क े प्रकाशन पर और अधिक ध्यान देकर इसे बढ़ावा दें। डाॅ. सिंह ने सीईओ स्पीक जैसा मंच प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास तथा फिक्की की सराहना की। इस अवसर पर भारत में यूरोपीय संघ केमाननीय राजदूत, महामहिम टोमाश कोज़लौस्की ने भारत और यूरोपीय देशों की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख किया और भविष्य में भारतीय बाज़ार में यूरोपीय प्रकाशकों की रुचि बढ़ने की संभावना प्रकट की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकाशन उद्योग में ई-बुक्स के आगमन से यूरोप और भारत दोनों के बाज़ारों में क्रांति आ सकती है और यूरोपीय साहित्य को भारतीयों के और समीप लाने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष, डाॅ. बल्देव भाई शर्मा ने वैश्विक बाज़ार में अनूदित साहित्य के महत्व पर जोर दिया और कहा कि अनुवाद तथा काॅपीराइट के आदान-प्रदान के व्यवसाय के लिए एक-दूसरे की संस्कृति और साहित्य की जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। फिक्की प्रकाशन समिति के सह-अध्यक्ष तथा कैंब्रिज यूनिवर्सि टी प्रेस के प्रबंध निदेशक, श्री रत्नेश झा ने कहा कि काॅपीराइट, राइट्स तथा लाइसेंस से संबंधित कानून की सही व्याख्या करने की ज़रूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के सृजन के लिए सभी हितधारकों का

सहयोग ज्ञान-अर्थव्यवस्था के लिए वांछित है।

सीईओ स्पीक - एक प्रकाशन मंच कार्यक्रम में मैड्रिगल, फ्रांस के प्रमुख, श्री एन्टायन गेलिमार्ड ; फिक्की की महानिद निदेशक (अंतरराष्ट्रीय), सुश्री अंबिका शर्मा; डायरेक्टर आॅफ राइट्स, उलेस्टीन बुकवर्लेज, सुश्री एनीमैरी ब्लूमैनहेजन तथा ग्वाडालाजारा मैक्सिको अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले की महानिदेशक, मैरीसोल शुल्ज ने भी

अपने विचार व्यक्त किए।



Tagged under

18 वर्ष से कम की आयु की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना होगा रेप

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता के तहत 15 से 18 साल के बीच की उम्र वाली पत्नी के साथ यौन संबंध एक दंडनीय अपराध होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यदि महिला एक साल के भीतर इसकी शिकायत दर्ज कराती है तो इसपर रेप का मामला दर्ज हो सकता है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच के समक्ष मामला दर्ज किया गया था।

 

शीर्ष अदालत ने बाल विवाह पर भी चिंता जताते हुए कहा कि सामाजिक न्याय कानून उन भावनाओं के साथ लागू नहीं किए गए हैं जिनके तहत उन्हें लागू किया जाना था। बेंच ने कहा, "आईपीसी के तहत बलात्कार कानून में अपवाद अन्य विधियों के विपरीत है और लड़की की शारीरिक अखंडता का उल्लंघन करता है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से देश भर में बाल विवाह को प्रतिबंधित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने को कहा। अक्षय तृतीया के अवसर पर सामूहिक विवाह समारोहों में हजारों छोटी लड़कियों की शादी होने पर भी चिंता व्यक्त की गई। कोर्ट ने कहा 18 वर्ष की लड़की का विवाह करना उसके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की तरह है।

 

एनजीओ इंडिपेंडेंट थॉट द्वारा की गई याचिका ने धारा 375 आईपीसी (जो कि बलात्कार से संबंधित है) में अपवाद खंड(2) को चुनौती दी है, जो कि 15 वर्ष से कम की पत्नी के साथ किसी संभोग या यौन कृत्य को बलात्कार नहीं मानता है।

 

इसपर कोर्ट ने कहा आईपीसी की धारा 375 का वो प्रावधान असंवैधानिक है जिसमें 15 से 18 वर्ष की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने को रेप नहीं होने की बात कही गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने महिला को 26 वें सप्ताह में गर्भपात की मंज़ूरी दी।

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महिला को गंभीर भ्रूण रोगों से पीड़ित भ्रूण रद्द करने के लिए अनुमति दी है, महिला गर्भावस्था के अपने 26 वें सप्ताह में है। बेंच ने मेडिकल बोर्ड और एसएसकेएम अस्पताल की रिपोर्ट को मद्देनज़र रखते हुए यह निर्देश दिया, जिसने इस आधार पर गर्भावस्था को समाप्त करने की सलाह दी कि अगर गर्भावस्था जारी रहती है तो बच्चे के जीवित होने पर माता को गंभीर मानसिक चोट पड़ेगी।

 

महिला और उसके पति ने सर्वोच्च न्यायालय से अपील की थी कि वह अपने भ्रूण के असामान्यताओं के आधार पर गर्भपात करने की अनुमति चाहते हैं। उन्होंने गर्भावस्था के मेडिकल टर्मिनेशन (एमटीपी) अधिनियम की धारा 3(2)(बी) की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी थी जो 20 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद गर्भपात को निषेध करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा निर्देशित एक सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को देखते हुए महिला से कहा था कि वह अपने स्वास्थ्य पर रिपोर्ट की जांच करे और उसे अपनी स्थिति की जानकारी दे।

 

अदालत ने 23 जून को एसएसकेएम अस्पताल के सात डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड की स्थापना का आदेश दिया था। जिसे महिला और उसके 24 सप्ताह के भ्रूण के स्वास्थ्य से संबंधित कुछ पहलुओं का पता लगाना था। इस दंपत्ति ने दलील में, एक रिपोर्ट का सुझाव दिया था जिसमें कहा गया था कि भ्रूण गंभीर असामान्यताओं से पीड़ित है, जिसमें हृदय संबंधी मुद्दे शामिल हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर जन्म की इजाजत होती है, तो बच्चा पहली सर्जरी में भी जीवित नहीं रह सकता है और इसके अलावा भ्रूण मां के लिए घातक साबित हो सकता है।

 

 

याचिका में कहा गया था कि गर्भवती होने के 21वें सप्ताह में असामान्यताओं के बारे में पता चलने के बाद महिला को मानसिक और शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा था। इस याचिका में गर्भावस्था अधिनियम, 1971 (एमटीपी) के मेडिकल टर्मिनेशन की धारा 3(2)(बी) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी जिसमें गर्भपात निर्धारित 20 सप्ताह की सीमा तक सीमित है।

सिंथेटिक चावल की शिकायत पर खाद्य विभाग की छापेमारी शुरू

कन्हैया लाल/बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सिंथेटिक चावल बेचे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, चावल के सेवन से बीमार हुए एक शख्स ने इसकी शिकायत जिला अधिकारी से की है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा टीम को संबंधित दुकान पर छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीएम के आदेश पर पीड़ित युवक की निशानदेही पर सिंथेटिक चावल बेचे जाने वाली भगवतीगंज बाजार स्थित दुकान पर छापेमारी की गई और सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। इसी दौरान दर्जनों की संख्या में व्यापारी इकठ्ठा हो गए और व्यापारी नेता ताराचंद्र अग्रवाल ने टीम के साथ अभद्रता करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। आनन-फानन में खाद्य सुरक्षा टीम को सैंपलिंग का सामान लेकर वहां से जैसे-तैसे निकलना पड़ा। बड़ी बात यह है कि जब यह सब कुछ हो रहा था तो कोतवाली नगर की पुलिस मूकदर्शक बनी वहीं खड़ी हुई थी।

 

मामला कोतवाली नगर के भगवतीगंज बाजार का है जहां विशाल गुप्ता नामक शख्स की दुकान से सुशील मिश्रा पुत्र स्व0 जगदीश प्रसाद मिश्रा निवासी पुराबटोला ने 25 किलो चावल "माखन भोग" खरीदा था जिसके 10 दिन के सेवन के बाद वह बीमार हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, 3 दिन बाद जब वह अस्पताल से वापस घर आया तो "तमाम चैनलों पर चल रही असली और नकली चावल पहचान करने की खबर" को देख कर उसे भी शंका हुई और उसने घर में बने चावल को चेक करने के लिए चावल के गोले बनाएं और उसे जमीन पर पटक कर देखने लगा वह गोले चावल के थे लेकिन किसी गेंद से कम नहीं वह रबर की तरह उछल रहे थे। एक भी चावल उसमे अलग नहीं हो रहा था। जिसके बाद सुशील ने जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई।

 

जिलाधिकारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा की टीम को तत्काल मौके पर जाकर संबंधित दुकान पर छापामारी करने व सिंथेटिक चावल के मुख्य स्रोत तक पहुँच कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर खाद्य सुरक्षा की टीम ने आनन-फानन में भगवती गंज बाजार स्थित विशाल गुप्ता की दुकान पर छापेमारी की और सैंपलिंग शुरू कर दी इसी दौरान दर्जनों की संख्या में व्यापारी इकट्ठा हो गए और उन्होंने अपने व्यापारी नेता ताराचंद्र अग्रवाल को भी मौके पर बुला लिया। ताराचंद्र अग्रवाल ने पहुंचते ही खाद्य सुरक्षा टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता शुरू कर दी साथ ही टीम को वहां से चले जाने की बात कही। टीम ने जब इसका विरोध किया तो ताराचंद्र अग्रवाल ने व्यापारियों को एकजुट कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान कोतवाली नगर की पुलिस भी वहीँ मौजूद थी लेकिन वह भी मूकदर्शक बनी रही।

 

 

व्यापारियों के हंगामे को देखकर खाद्य सुरक्षा की टीम ने आनन-फानन में सैंपलिंग की और वहां से बमुश्किल निकल सकी। पूरे मामले पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि सैम्पलिंग कर ली गई है। सैंपल लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे जाएंगे जिसकी रिपोर्ट करीब 40 दिन बाद आएगी रिपोर्ट में सिंथेटिक चावल होने की पुष्टि यदि होती है तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। पूरे मामले पर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सिंथेटिक चावल बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है मामले में खाद्य सुरक्षा टीम को कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया गया है टीम द्वारा उसकी सैंपलिंग कर जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के पश्चात टीम द्वारा उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

पीसीवी और जेई का टीकाकरण शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने तक रहेगा जारी

कन्हैया लाल /बलरामपुर: बच्चों में मृत्यु दर कम करने के लिए निमोनिया जैसी भयानक बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत निमोनिया एवं दिमागी बुखार के टीकाकरण का शुभारंभ तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला तथा जिला अधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने संयुक्त चिकित्सालय शिशुओं को पीसीवी वैक्सीन का टीका लगा कर किया।

 

कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर ए के सिंघल ने किया मुख्य अतिथि कैलाश नाथ शुक्ला ने सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण को शत प्रतिशत लगवाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने आम जनता के लिए अत्यधिक महंगे और उच्च गुणवत्ता के टीके को निशुल्क सभी सरकारी चिकित्सालयों पर उपलब्ध कराया है जिसके लगवाने से नवजात शिशुओं में निमोनिया और दिमागी बुखार जैसी भयानक बीमारियों से पूर्णतया निजात पाया जा सकता है। जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित नवजात शिशुओं के उपचार के लिए कंगारू केयर यूनिट और आधुनिक उपकरण अति पिछड़े इस जनपद के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

 

जिला अधिकारी राकेश मिश्रा ने बताया कि देश में हर साल निमोनिया की चपेट में आकर 3.5 लाख बच्चे दम तोड़ देते हैं। हर साल 36 लाख बच्चे निमोनिया की चपेट में आते हैं। निमोनिया का सबसे बुरा प्रभाव उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमांचल प्रदेश में देखने को मिल रहा है। बच्चों को निमोनिया के प्रभाव से बचाने के लिए पीसीवी वैक्सीन को उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में पहले चरण में नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में इस टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। तथा जापानी इंसेफेलाइटिस के बचाव के लिए जे ई का टीकाकरण अभियान शतप्रतिशत पूर्ण होने तक जारी रहेगा।

 

कार्यक्रम में मौजूद नेशनल हेल्थ मिशन की आरती सिंह ने कहा कि अत्यधिक प्रभावित 6 जिलों को चिह्नित किया गया है। बलरामपुर में निमोनिया से बाल मृत्यु दर ज्यादा हैं। आमतौर पर न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन को लगवा कर पांच साल से कम उम्र के बच्चे वाले परिवार निमोनिया की बीमारी के इलाज में होने वाले खर्च और परेशानियों से बच सकते हैं बच्चों को इसके तहत दो प्राइमरी टीके और एक बूस्टर दिया जाएगा।

 

 

कार्यक्रम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह चिकित्सा अधीक्षक संयुक्त चिकित्सालय डॉक्टर एस डी भारती ने संबोधित किया इस अवसर पर डॉक्टर एस के वर्मा डॉक्टर अरविंद डॉक्टर बाजपेई सहित टीकाकरण के लिए लगाई गई ए एन एम आशा बहू स्टाफ नर्स तथा भारी संख्या में नवजात शिशु और  माताएं मौजूद रही।

चुनाव आयोग आज साझा करेगा ईवीएम की कार्यप्रणाली

दिल्ली: देश भर में तमाम विरोधी पार्टियों द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी की बात को ग़लत साबित करने को पूर्ण रूप से तैयार है चुनाव आयोग, इसी के संदर्भ में चुनाव आयोग ने जनता के साथ ईवीएम के कार्य करने के तरीक़े को साझा करने का फ़ैसला किया है। 12 मई को चुनाव आयोग की बैठक में यह अहम फ़ैसला लिया गया था। ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के डैमो के बाद चुनाव आयोग के अधिकारी एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे।

 

तमाम पार्टियों के ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप को ग़लत साबित करने के लिए चुनाव आयोग खुली चुनौती शूरवात से देता आ रहा है। आज ईवीएम के डैमो के साथ आयोग हैकाथौन की तारीख़ की घोषणा भी करेगा। सूत्रों के अनुसार हैकाथौन जून के पहले सप्ताह में आयोजित कराई जा सकती है।

 

इस हैकाथौन के दौरान तमाम आरोप लगाने वाली पार्टियों को ईवीएम में गड़बड़ी करने का मौक़ा दिया जाएगा। हैकाथौन के दौरान आरोप लगाने वाली पार्टियाँ किसी भी हैकर की मदद लेकर ईवीएम में गड़बड़ी करने की कोशिश कर सकती है। चुनाव आयोग का मानना है ईवीएम की विश्वसनीयता पर किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।


ईवीएम में गड़बड़ी की बात सबसे पहले उत्तर प्रदेश चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने कही थी, उसके बाद कई अन्य पार्टियों ने उनके सुर से सुर मिलाए और ईवीएम में गड़बड़ी की बात कही।

पतंजलि आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टिट्यूट का उद्घाटन करने पहुँचे पीएम

हरिद्वार: बुधवार सुबह केदारनाथ के दर्शन और पूजा अर्चना के बाद पीएम मोदी हरिद्वार में स्थित पतंजलि आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टिट्यूट पहुँचे जहाँ उनके स्वागत में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण मौजूद थे। दरसल पीएम मोदी पतंजलि आयुर्वेदिक रिसर्च  इंस्टिट्यूट का उद्घाटन करने पहुँचे थे।

 

हरिद्वार में रामदेव और मोदी दोनों एक दूसरे की तारीफ़ करते नज़र आए जहाँ एक ओर रामदेव ने पीएम मोदी को ‘राष्ट्र ऋषि’ की उपाधि से नवाज़ा तो दूसरी ओर मोदी ने रामदेव को योग को दुनिया के सामने एक आंदोलन की तरह पेश करने के लिए धन्यवाद दिया। रामदेव ने कहा, मोदी देश के लिए एक महानायक की तरह काम करते है, वे अमीर ग़रीब, छोटा-बड़ा किसी में कोई फ़र्क़ नहीं देखते है और वे देश को तरक़्क़ी की ओर अग्रसर करने का काम करते नज़र आ रहें हैं।


पतंजलि आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टिट्यूट देश का सबसे बड़ा आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टिट्यूट है, यह लगभग दो सौ करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इस इंस्टिट्यूट में देश के 200 वैज्ञानिक अलग अलग जड़ीबूटियों पर रिसर्च करेंगे, रामदेव ने रिसर्च इंस्टिट्यूट के साथ हर्बल गार्डन का निर्माण भी करवाया है।

Tagged under

जाने कैसे, घर बैठे बेझिझक मँगवा सकते है कंडोम

दिल्ली: भारत और दुनियाभर में ऐड्स से लड़ने की मुहीम चलाने वाले एनजीओ ऐड्स हेल्थ केयर फ़ाउंडेशन (एएचएफ) ने अपनी दसवीं सालगीरा पर भारत में ऐड्स के ख़िलाफ़ एक बड़ा क़दम उठाते हुए घर-घर कंडोम पहुँचने का फैसला किया है। एक सर्वे के मुताबिक़ भारतीय कंडोम ख़रीदने तथा उसके बारे में बात करने से कतराते हैं, यहाँ तक की भारत में कंडोम एक वर्जना के रूप में देखा जाता रहा है।

 

भारत, दुनिया में ऐड्स से ग्रसित आबादी वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है, यूएनऐड्स रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में भारत में कुल 21लाख लोग एचआइवी पॉज़िटिव है। भारत में 2016 में कुल 68 हज़ार लोगों कि मौत का कारण ऐड्स बना था। हालाँकि ऐड्स से मरने वालों की संख्या में साल दर साल गिरावट आ रही है।

 

ऐड्स हेल्थ केयर फ़ाउंडेशन ने फ्री कंडोम स्टोर्स के लॉंच के दौरान इसे अपने आपमें एक बड़ी पहल बताया है। भारत एएचएफ प्रमुख डॉ.वी सेम प्रसाद ने बताया एनजीओ ने कंडोम डिलीवरी की शुरूआत 26 अप्रैल से करदी है।


अब कॉल या ई-मेलघर ज़रिए घर बैठे फ्री कंडोम डिलीवरी पाई जा सकती हैं। कंडोम, टोल फ्री नम्बर 1800 102 8102 पर कॉल करके या फिर This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर मेल भेजकर पाया जा सकता है।

ड्रग इंस्पेक्टर ने मारा छापा,सामने आया हैरान कर देने वाला सच

राघवेंद्र सिंह/बस्ती- ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने टीम के साथ शहर के दवा मेडिकल स्टोरो पर मारा छापा

 

नवयुग मेडिकल सेंटर और अमोघ नर्सिंग होम के अंदर चल रहे मेडिकल स्टोरो पर छापा

 

छापे के बाद मेडिकल स्टोर चलाने वाले दुकानदारो मे मची खलबली, शिकायत पर हुई कार्यवाही

 

जांच मे भारी अनियमित्ता पाई गई, दवा के नाम पर टैक्स घोटाला भी करते पाये गये दुकानदार

 

दोनो सेंटरो पर की गई मेडिकल दवाएं सील, प्रतिबंधित दवाओ का नही मिला कोई रिकार्ड

 

ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा पूछे जाने पर फार्मासिस्ट दवाओ को खुद दिखा नही पाये, डिग्री के सहारे चला रहे काम।आ

WhatsApp Image 2017-04-26 at 4.30.08 PM.jpeg

 

Subscribe to this RSS feed
loading...

New Delhi

Banner 468 x 60 px