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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ‘तीव्र मिशन इंद्रधनुष’ करेगा लांच

दिल्ली, पूर्ण टीकाकरण कवरेज में तेजी लाने और निम्‍न टीकाकरण कवरेज वाले शहरी क्षेत्रों एवं अन्‍य इलाकों पर अपेक्षाकृत ज्‍यादा ध्‍यान देने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने वर्ष 2018 तक लक्ष्‍य हासिल करने हेतु एक आक्रामक कार्य योजना तैयार की है। योजना के मुताबिक राज्‍य 07 अक्‍टूबर, 2017 से निरंतर चार महीनों तक हर माह की सात तारीख से सात कार्य दिवसों के दौरान तीव्र मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाएगी, जिसमें रविवार, अवकाश दिवस एवं सामान्‍य टीकाकरण दिवस शामिल नहीं हैं। तीव्र मिशन इंद्रधनुष के तहत कुल मिलाकर 118 जिलों, 17 शहरी क्षेत्रों और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के 52 जिलों को लक्षित किया जाएगा।

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तीव्र मिशन इंद्रधनुष के तहत उन शहरी क्षेत्रों पर अपेक्षाकृत ज्‍यादा ध्‍यान दिया जाएगा, जिन पर मिशन इंद्रधनुष के तहत फोकस नहीं किया जा सका था। शहरी क्षेत्रों में इससे वंचित रही आबादी के मानचित्रण और इन क्षेत्रों में टीकाकरण सेवाएं मुहैया कराने के लिए एएनएम की आवश्‍यकता आधारित तैनाती के जरिए यह काम पूरा किया जाएगा। शहरों के इन क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी तैनाती के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों को आवाजाही संबंधी सहायता मुहैया कराई जाएगी।

 

सभी स्‍तरों पर गहन निगरानी एवं सुदृढ़ जवाबदेही व्‍यवस्‍था स्‍थापित की जा रही है। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कैबिनेट सचिव और राज्‍य स्‍तर पर मुख्‍य सचिव इस दिशा में हो रही तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा करेंगे। तीव्र मिशन इंद्रधनुष के लिए चिन्हित प्रत्‍येक जिले पर संबंधित भागीदार प्रत्‍येक जिले हेतु चिन्हित मुख्‍य व्‍यक्ति के जरिए करीबी नजर रखेंगे। इसके अलावा, तीव्र मिशन इंद्रधनुष के विभिन्‍न चरणों के पूरा हो जाने के बाद तीव्र मिशन इंद्रधनुष के सत्रों को सामान्‍य टीकाकरण सूक्ष्‍म योजनाओं के साथ एकीकृत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इन सत्रों के एकीकरण पर संबंधित भागीदार और वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारी करीबी नजर रखेंगे।

 

तीव्र मिशन इंद्रधनुष की एक विशिष्‍ट खूबी यह है कि इसके तहत अन्‍य मंत्रालयों/विभागों विशेषकर महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज, शहरी विकास, युवा मामले, एनसीसी इत्‍यादि से जुड़े मंत्रालयों एवं विभागों के साथ सामंजस्‍य बैठाने पर अपेक्षाकृत ज्‍यादा ध्‍यान दिया जा रहा है। विभिन्‍न विभागों के जमीनी स्‍तर वाले कामगारों जैसे कि आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कर्मचारियों, एनयूएलएम के तहत जिला प्रेरकों, स्‍वयं सहायता समूहों के बीच समुचित सामंजस्‍य तीव्र मिशन इंद्रधनुष के सफल क्रियान्‍वयन के लिहाज से अत्‍यंत आवश्‍यक है।

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1050 मेगावाट पवन ऊर्जा के लिए ऊर्जा खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर

दिल्ली, ऊर्जा राज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने आज यहां नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन प्रथम विंड ऑक्‍शन योजना के तहत 1050 मेगावाट पवन ऊर्जा की खरीद के लिए ऊर्जा खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर होने वाले कार्यक्रम की अध्यक्षता की।  इन समझौतों पर कारोबारी कंपनी पीटीसी इंडिया लिमिटेड और सफल पवन ऊर्जा डेवलपर्स के बीच हस्ताक्षर किए गए।

 

समझौतों के अनुसार माईत्रह एनर्जी, इनॉक्‍स विंड और ऑस्‍ट्रो कच्‍छ विंड प्राइवेट लिमिटेड में से प्रत्‍येक 250 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा की आपूर्ति करेंगे। इसके अलावा ग्रीन इन्‍फ्रा 249.9 मेगावाट और अडानी ग्रीन एनर्जी 50 मेगावाट अन्‍तर्राज्‍यीय पारेषण प्रणाली के जरिये पवन ऊर्जा उपलब्‍ध कराएंगे। यह समझौते खुली और पारदर्शी नी‍लामी प्रक्रिया के जरिये किये गये हैं। पीटीसी इंडिया ने कई राज्‍यों के डिस्‍कॉम के साथ पवन ऊर्जा की बिक्री हेतु समझौता किया है। इसके तहत उत्‍तर प्रदेश को 449.9 मेगावाट, बिहार 200 मेगावाट, झारखंड 200 मेगावाट, दिल्‍ली 100 मेगावाट, असम 50 मेगावाट और ओडिशा को 50 मेगावाट बिजली प्राप्‍त होगी।

 

नवीकरणीय ऊर्जा की कीमतों में भारी कमी लाने संबंधी प्रयासों के लिए पीयूष गोयल ने सभी हितधारकों को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि विभिन्‍न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा खरीद शर्तों को अलग-अलग लागू किया जाए और राज्‍यों को यह आजादी हो कि वे अपनी ऊर्जा आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा का चयन कर सकें। गोयल ने कहा कि पवन ऊर्जा संबंधी बोली प्रक्रिया हर महीने की जाए। उन्‍होंने मंत्रालय के अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे नवीकरणीय ऊर्जा को सस्‍ती दरों पर आम आदमी तक पहुंचाने की दिशा में काम करें।

 

2 अक्‍टूबर तक छह राज्‍यों के 1,137 शहर हो जाएगें ओडीएफ

छह राज्‍यों मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल और तेलंगाना के समस्‍त 1,137 वैधानिक शहरों एवं कस्‍बों को इस वर्ष 2 अक्‍टूबर तक खुले में शौच मुक्‍त (ओडीएफ) घोषित कर दिया जाएगा। यह राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों से नियमित तौर पर प्राप्‍त हो रही रिपोर्टों पर आधारित है। इस वर्ष 2 अक्‍टूबर को ही स्‍वच्‍छ भारत मि‍शन के तीन साल पूरे हो रहे हैं।

 

आंध्र प्रदेश, गुजरात और चंडीगढ़ ने अपने क्षेत्राधिकार वाले समस्‍त 281 शहरों और कस्‍बों को पहले ही ओडीएफ घोषित कर दिया है। इन शहरों एवं कस्‍बों को मिलाने के बाद इस वर्ष अक्‍टूबर तक कुल मिलाकर 1,418 शहर एवं कस्‍बे खुल में शौच मुक्‍त हो जाएंगे। मिशन के तहत तय 2 अक्‍टूबर, 2019 की समय सीमा से दो साल पहले ही यह लक्ष्‍य हासिल हो जाएगा। मिशन के तहत शामिल कुल 4,041 शहरों एवं कस्‍बों में इन नौ राज्‍यों की हिस्‍सेदारी 39 फीसदी है।

 

सचिव डी. एस. मिश्रा द्वारा कल की गई स्‍वच्‍छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह जानकारी मिली। मिशन में शामिल शहरों एवं कस्‍बों की संख्‍या महाराष्‍ट्र में 384, मध्‍य प्रदेश में 378, छत्तीसगढ़ में 168, केरल में 93, तेलंगाना में 73 और झारखंड में 41 है।

 

 

पीएसएलवी-सी38 ने एक साथ अंतरिक्ष में भेजे 31 उपग्रह

श्रीहरिकोटा, इसरो ने आज अपने प्रमुख रॉकेट प्रक्षेपण यान पीएसएलवी से 712 किलोग्राम के कार्टोसैट-2 श्रृंखला के एक उपग्रह और 30 नैनो उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया। प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। यह पीएसएलवी का लगातार 39वां सफल मिशन था। पीएसएलवी-सी38 योजना के अनुसार पहले लॉन्च पैड से सुबह नौ बजकर 29 मिनट पर उड़ा और कुछ मिनटों बाद इसने उपग्रहों को कक्षा में प्रक्षेपित कर दिया। पीएसएलवी द्वारा लॉन्च कुल भारतीय उपग्रहों की संख्या अब 48 हो गई है।

 

 

आने वाले दिनों में उपग्रह अपने पैनक्रोमैटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरों की मदद से कई तरह की रिमोट सेंसिंग सेवाएं देगा। पीएसएलवी के साथ गए उपग्रहों में एक नैनो उपग्रह तमिलनाडु स्थित कन्याकुमारी जिले की नूरुल इस्लाम यूनिवसर्टिी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया। यह एनआईयूसैट फसलों के निरीक्षण और आपदा प्रबंधन के सहयोगी अनुप्रयोगों के लिए तस्वीरें उपलब्ध करवाएगा। अन्तरिक्ष में अमेरिका 10 और ब्रिटेन के तीन नैनो उपग्रह भेजे गए। दो भारतीय उपग्रहों के अलावा पीएसएलवी के साथ गए 29 नैनो उपग्रह 14 देशों के हैं। ये देश हैं- ऑस्ट्रिया , बेल्जियम , चिली , चेक रिपब्लिक , फिनलैंड , फ्रांस , जर्मनी, इटली , जापान , लातविया , लिथुआनिया , स्लोवाकिया । आज के सफल प्रक्षेपण के साथ विदेशों से भारत के पीएसएलवी द्वारा कक्षा में स्थापित किए गए ग्राहक उपग्रहों की कुल संख्या 209 पहुंच गई है।

पासपोर्ट अधिनियम के 50 वर्ष पूरा होने पर डाक टिकट जारी

दिल्ली, संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि सार्वजनिक निजी साझेदारी में पासपोर्ट सेवा परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करना भारत में पासपोर्ट जारी करने के इतिहास में मील का पत्थर है। नागरिक सेवा प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया को नया रूप दिया गया है। उसका मानकीकरण किया गया है और यह प्रक्रिया स्वचालित है।

 

पासपोर्ट अधिनियम 1967 के 50 वर्ष पूरा होने पर डाक टिकट जारी करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि देशव्यापी नेटवर्क के जरिये सेवा प्रदान की जारी है। पासपोर्ट जारी करने वाले सभी प्रधिकार, 91 पासपोर्ट सेवा केंद्र को एकीकृत करके यह सेवा प्रदान की जा रही है और विदेशी हितधारकों यानी प्रवासन, पुलिस, भारतीय डाक, इंडिया सिक्योरिटी प्रेस तथा विदेशों के दूतावास और कंसुलेटों को पहुंच प्रदान की जा रही है। सिन्हा ने कहा कि 24 जून, 1968 भारत को इतिहास में मील का पत्थर है। इसी दिन राष्ट्रपति ने पासपोर्ट अधिनियम को स्वीकृति दी थी। पासपोर्ट अधिनियम पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज तथा भारतीय नागरिकों के भारत से प्रस्थान संबंधी नियमों के लिए कानूनी रूपरेखा प्रदान करता है।

 

 

संचार मंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों को पासपोर्ट सेवा प्रदान करने और व्यापक क्षेत्र कवर करने का काम सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय और डाक विभाग नागरिकों की पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए देश में मुख्य डाकघरों को डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के उपयोग पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय और डाक विभाग की इस संयुक्त पाइलट परियोजना का उद्घाटन 25 जनवरी, 2017 को कर्नाटक के मैसूर और गुजरात के दाहोद में किया गया। सिन्हा ने कहा कि पासपोर्ट पोर्टल के जरिये पासपोर्ट के ऑनलाइन आवेदन करने वालों को समय लेना होगा और निर्धारित डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र में जाकर पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह औपचारिकता पूरी करनी होगी।

सेना की ‘सुपर-40’ की शानदार कामयाबी

दिल्ली, सेना प्रमुख ने आज सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल के विद्यार्थियों से मुलाकात की और उन्‍हें बधाई दी। इस पहल के तहत स्‍थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्‍यक प्रशिक्षण दिया जाता है। सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल को आईआईटी-जेईई मेन्‍स एग्‍जाम 2017 में शानदार कामयाबी मिली है। दरअसल, राज्‍य के 26 लड़कों और दो लड़कियों ने यह परीक्षा पास कर ली है और इसके साथ ही इस पहल ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 9 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक आईआईटी एडवांस परीक्षा उत्‍तीर्ण कर ली है,जिसके नतीजे 11 जून, 2017 को घोषित किए गए।

 

 

इस पहल के तहत श्रीनगर में युवाओं को कोचिंग सुविधा दी जाती है। यह कोचिंग सुविधा सेना, इसके प्रशिक्षण भागीदार सामाजिक दायित्व एवं शिक्षण केंद्र और पेट्रोनेट एलएनजी द्वारा मुहैया कराई जाती है। यही नहीं, यह ऐसा प्रथम बैच था जिसमें कश्‍मीर घाटी की पांच लड़कियों को भी कोचिंग सुविधा मुहैया कराई गई जिनमें से दो लड़कियों ने जेईई मुख्‍य परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है।

फ्री में स्‍टेडियम में देखिए चैम्‍पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल मैच

दिल्ली, खेल मंत्री विजय गोयल ने घोषणा की है कि खेल विभाग आम जनता को चैम्‍पियंस ट्रॉफी मैच सेमी-फाइनल और फाइनल ‘फ्री’ दिखाने के लिए मेजर ध्‍यानचन्‍द नेशनल स्‍टेडियम में बड़ी एलईडी स्‍क्रीन लगायेगा। बयान में उन्‍होंने कहा कि यह स्‍टेडियम में खाली जगह का उपयोग करने और सभी को शानदार कामयाबी देखने का ‍मौका देने के लिए किया जा रहा है। खेल मंत्री ने यह भी बताया कि यह विचार आम जनता के बीच खेल संस्कृति को शुरू करने और स्‍टेडियम का अनुकूल उपयोग करने के लिए है। भविष्‍य में हम छोटे-छोटे कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे जो कि पूरे भारत में खेल कार्यक्रमों के प्रति लोगों में उत्‍साह भर देगा।

 

 

गोयल द्वारा 14 जून, 2017 को बड़ी एलईडी स्‍क्रीन का उद्घाटन किया जायेगा। 14 जून को इंग्‍लैंड, पाकिस्‍तान के खिलाफ पहले सेमी-फाइनल मैच में खेलेगा और 15 जून को भारत, बांग्‍लादेश के खिलाफ खेलेगा। सेमी-फाइनल मैच का विजेता आईसीसी चैम्पियन ट्रॉफी के लिए रविवार, 18 जून को फाइनल मैच खेलेगा। बड़ी एलईडी स्‍क्रीन पर मैच देखने के लिए प्रवेश निःशुल्‍क है।   

165 दिन के रिकार्ड समय में बन गया 239 मीटर लम्बा पुल

महाड, महाराष्ट्र में महाड के निकट सावित्री और काल नदी पर 1928 में बना एक पुराना पुल 2 अगस्त, 2016 को भारी वर्षा के कारण ध्वस्त हो गया था। सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस पुल के स्थान पर 6 महीने के भीतर नया पुल खड़ा करने की घोषणा की थी। गडकरी की घोषणा का अनुपालन करते हुए इस परियोजना पर तेजी से काम किया गया और 35.77 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले ही 165 दिन के रिकॉर्ड समय में नए पुल का निर्माण कर दिया गया।

 

 

सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कल 5 जून, 2017 को सावित्री नदी पर नव-निर्मित पुल का उद्घाटन करेंगे और इसे आम लोगों की आवाजाही के लिए खोलेंगे। नया पुल 16 मीटर चौड़ा और 239 मीटर लम्बा है। इस पर फुटपाथ, बाढ़ चेतावनी प्रणाली और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके निर्माण में जंगरोधी इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।

‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ अगले साल

दिल्ली, केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय जनवरी 2018 में ‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ करने के लिए तैयार है। यह मिशन समुद्र अनुसंधान क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति को बेहतर करेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन ने राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए संबोधन के दौरान इस मिशन को शुरू करने की घोषणा की। इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव राजीवन ने कहा कि भारत ने समुद्र अनुसंधान के क्षेत्र में काफी उपलब्धि हासिल कर ली है, मगर अभी भी इस दिशा में एक लंबी दूरी तय करना बाकी है। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसे गहरे समुद्र में खनन अन्वेषण के लिए पर्याप्त क्षेत्र दिया गया था। वर्ष 1987  में भारत को केन्द्रीय हिन्द महासागर बेसिन में पॉलिमेटालिक नोड्यूल्स में अन्वेषण का मौका मिला था।

 

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय पॉलिमेटालिक मोड्यूल कार्यक्रम के अंतर्गत नोड्यूल खनन के लिए सीएसआईआर-एनआईओ द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययन, सीएसआईआर-नेशनल मेटालर्जिकल लैबोरेट्री और सीएसआईआर- खनिज एवं धातु प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा धातु निष्कर्षण प्रक्रिया विकास और राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा खनन प्रौद्योगिकी विकास अध्ययन किया गया। संसाधन मूल्यांकन के आधार पर, भारत के पास लगभग 100 मिलियन टन सामरिक धातुओं जैसे कॉपर, निकेल, कोबाल्ट और मैंगनीज और आयरन के अनुमानित संसाधन के साथ लगभग 75,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है।

 

 

एपीवाई से लाभ लेने वालों की संख्या 53 लाख के पार

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) से जुड़े लोगों की संख्या करीब 53 लाख पहुंच चुकी है। अभी इस योजना के कार्यान्वयन में 235 बैंक सहित डाक विभाग भी शामिल हैं। बैंक की शाखाओं और सीबीएस सुविधा वाले डाक विभाग के कार्यालयों के अलावा कुछ बैंक इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भी यह सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एपीवाई योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस के समान ही निवेश पद्धति का अनुसरण करती है। वित्त वर्ष 2016-17 में, 13.91 प्रतिशत का रिटर्न कमाया है।

 

एपीवाई योजना के अभिदाताओं को और अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से नई प्रक्रियाएं विकसित की गई हैं जिसके अंतर्गत कोई भी अभिदाता ई-प्राण कार्ड और लेनदेन का विवरण देख सकता है और उसकी प्रति भी ले सकता है।इसके साथ ही, अभिदाता अपनी शिकायत/ आपत्ति इस वेबसाइट पर https://npslite-nsdl.com/CRAlite/grievanceSub.do दर्ज करा सकता हैं। अभी इसके अंतर्गत 62 प्रतिशत पुरूष एवं 38 प्रतिशत महिला अभिदाता हैं। जिनमें से ज्यादातर ने मासिक जमा का विकल्प चुना है, करीब 97.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने मासिक अंतराल का विकल्प चुना है, करीब 0.8 प्रतिशत ने त्रै-मासिक एवं 1.7 प्रतिशत ने अर्द्ध-वार्षिक का विकल्प चुना है। इनमे से ज्यादातर लोगों ने 1000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है। अभी 51.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने 1000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है और 34.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने 5000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है। अभिदाताओं के पेंशन की रकम के अनुसार विभाजन को चित्र-1 में दिखाया गया है।  

 

 

1 जून 2015 से अटल पेंशन योजना लागू की गई और यह 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इस योजना के तहत कोई भी 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रूपये से लेकर 5000 रूपये तक का मासिक पेंशन ले सकता है, यह उसके योगदान पर निर्भर करता है। अभिदाता की मृत्यु की स्थिति में यह उसकी पत्नी को मिलेगा और यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है तो वैसी स्थिति में यह नामित व्यक्ति को मिलेगा।

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