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updated 10:55 AM UTC, Jun 26, 2017
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पीएसएलवी-सी38 ने एक साथ अंतरिक्ष में भेजे 31 उपग्रह

श्रीहरिकोटा, इसरो ने आज अपने प्रमुख रॉकेट प्रक्षेपण यान पीएसएलवी से 712 किलोग्राम के कार्टोसैट-2 श्रृंखला के एक उपग्रह और 30 नैनो उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया। प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। यह पीएसएलवी का लगातार 39वां सफल मिशन था। पीएसएलवी-सी38 योजना के अनुसार पहले लॉन्च पैड से सुबह नौ बजकर 29 मिनट पर उड़ा और कुछ मिनटों बाद इसने उपग्रहों को कक्षा में प्रक्षेपित कर दिया। पीएसएलवी द्वारा लॉन्च कुल भारतीय उपग्रहों की संख्या अब 48 हो गई है।

 

 

आने वाले दिनों में उपग्रह अपने पैनक्रोमैटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल कैमरों की मदद से कई तरह की रिमोट सेंसिंग सेवाएं देगा। पीएसएलवी के साथ गए उपग्रहों में एक नैनो उपग्रह तमिलनाडु स्थित कन्याकुमारी जिले की नूरुल इस्लाम यूनिवसर्टिी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया। यह एनआईयूसैट फसलों के निरीक्षण और आपदा प्रबंधन के सहयोगी अनुप्रयोगों के लिए तस्वीरें उपलब्ध करवाएगा। अन्तरिक्ष में अमेरिका 10 और ब्रिटेन के तीन नैनो उपग्रह भेजे गए। दो भारतीय उपग्रहों के अलावा पीएसएलवी के साथ गए 29 नैनो उपग्रह 14 देशों के हैं। ये देश हैं- ऑस्ट्रिया , बेल्जियम , चिली , चेक रिपब्लिक , फिनलैंड , फ्रांस , जर्मनी, इटली , जापान , लातविया , लिथुआनिया , स्लोवाकिया । आज के सफल प्रक्षेपण के साथ विदेशों से भारत के पीएसएलवी द्वारा कक्षा में स्थापित किए गए ग्राहक उपग्रहों की कुल संख्या 209 पहुंच गई है।

पासपोर्ट अधिनियम के 50 वर्ष पूरा होने पर डाक टिकट जारी

दिल्ली, संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि सार्वजनिक निजी साझेदारी में पासपोर्ट सेवा परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करना भारत में पासपोर्ट जारी करने के इतिहास में मील का पत्थर है। नागरिक सेवा प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया को नया रूप दिया गया है। उसका मानकीकरण किया गया है और यह प्रक्रिया स्वचालित है।

 

पासपोर्ट अधिनियम 1967 के 50 वर्ष पूरा होने पर डाक टिकट जारी करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि देशव्यापी नेटवर्क के जरिये सेवा प्रदान की जारी है। पासपोर्ट जारी करने वाले सभी प्रधिकार, 91 पासपोर्ट सेवा केंद्र को एकीकृत करके यह सेवा प्रदान की जा रही है और विदेशी हितधारकों यानी प्रवासन, पुलिस, भारतीय डाक, इंडिया सिक्योरिटी प्रेस तथा विदेशों के दूतावास और कंसुलेटों को पहुंच प्रदान की जा रही है। सिन्हा ने कहा कि 24 जून, 1968 भारत को इतिहास में मील का पत्थर है। इसी दिन राष्ट्रपति ने पासपोर्ट अधिनियम को स्वीकृति दी थी। पासपोर्ट अधिनियम पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज तथा भारतीय नागरिकों के भारत से प्रस्थान संबंधी नियमों के लिए कानूनी रूपरेखा प्रदान करता है।

 

 

संचार मंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों को पासपोर्ट सेवा प्रदान करने और व्यापक क्षेत्र कवर करने का काम सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय और डाक विभाग नागरिकों की पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए देश में मुख्य डाकघरों को डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के उपयोग पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय और डाक विभाग की इस संयुक्त पाइलट परियोजना का उद्घाटन 25 जनवरी, 2017 को कर्नाटक के मैसूर और गुजरात के दाहोद में किया गया। सिन्हा ने कहा कि पासपोर्ट पोर्टल के जरिये पासपोर्ट के ऑनलाइन आवेदन करने वालों को समय लेना होगा और निर्धारित डाक घर पासपोर्ट सेवा केंद्र में जाकर पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह औपचारिकता पूरी करनी होगी।

सेना की ‘सुपर-40’ की शानदार कामयाबी

दिल्ली, सेना प्रमुख ने आज सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल के विद्यार्थियों से मुलाकात की और उन्‍हें बधाई दी। इस पहल के तहत स्‍थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्‍यक प्रशिक्षण दिया जाता है। सेना की ‘सुपर-40’ कोचिंग पहल को आईआईटी-जेईई मेन्‍स एग्‍जाम 2017 में शानदार कामयाबी मिली है। दरअसल, राज्‍य के 26 लड़कों और दो लड़कियों ने यह परीक्षा पास कर ली है और इसके साथ ही इस पहल ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 9 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक आईआईटी एडवांस परीक्षा उत्‍तीर्ण कर ली है,जिसके नतीजे 11 जून, 2017 को घोषित किए गए।

 

 

इस पहल के तहत श्रीनगर में युवाओं को कोचिंग सुविधा दी जाती है। यह कोचिंग सुविधा सेना, इसके प्रशिक्षण भागीदार सामाजिक दायित्व एवं शिक्षण केंद्र और पेट्रोनेट एलएनजी द्वारा मुहैया कराई जाती है। यही नहीं, यह ऐसा प्रथम बैच था जिसमें कश्‍मीर घाटी की पांच लड़कियों को भी कोचिंग सुविधा मुहैया कराई गई जिनमें से दो लड़कियों ने जेईई मुख्‍य परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है।

फ्री में स्‍टेडियम में देखिए चैम्‍पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल मैच

दिल्ली, खेल मंत्री विजय गोयल ने घोषणा की है कि खेल विभाग आम जनता को चैम्‍पियंस ट्रॉफी मैच सेमी-फाइनल और फाइनल ‘फ्री’ दिखाने के लिए मेजर ध्‍यानचन्‍द नेशनल स्‍टेडियम में बड़ी एलईडी स्‍क्रीन लगायेगा। बयान में उन्‍होंने कहा कि यह स्‍टेडियम में खाली जगह का उपयोग करने और सभी को शानदार कामयाबी देखने का ‍मौका देने के लिए किया जा रहा है। खेल मंत्री ने यह भी बताया कि यह विचार आम जनता के बीच खेल संस्कृति को शुरू करने और स्‍टेडियम का अनुकूल उपयोग करने के लिए है। भविष्‍य में हम छोटे-छोटे कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे जो कि पूरे भारत में खेल कार्यक्रमों के प्रति लोगों में उत्‍साह भर देगा।

 

 

गोयल द्वारा 14 जून, 2017 को बड़ी एलईडी स्‍क्रीन का उद्घाटन किया जायेगा। 14 जून को इंग्‍लैंड, पाकिस्‍तान के खिलाफ पहले सेमी-फाइनल मैच में खेलेगा और 15 जून को भारत, बांग्‍लादेश के खिलाफ खेलेगा। सेमी-फाइनल मैच का विजेता आईसीसी चैम्पियन ट्रॉफी के लिए रविवार, 18 जून को फाइनल मैच खेलेगा। बड़ी एलईडी स्‍क्रीन पर मैच देखने के लिए प्रवेश निःशुल्‍क है।   

165 दिन के रिकार्ड समय में बन गया 239 मीटर लम्बा पुल

महाड, महाराष्ट्र में महाड के निकट सावित्री और काल नदी पर 1928 में बना एक पुराना पुल 2 अगस्त, 2016 को भारी वर्षा के कारण ध्वस्त हो गया था। सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस पुल के स्थान पर 6 महीने के भीतर नया पुल खड़ा करने की घोषणा की थी। गडकरी की घोषणा का अनुपालन करते हुए इस परियोजना पर तेजी से काम किया गया और 35.77 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले ही 165 दिन के रिकॉर्ड समय में नए पुल का निर्माण कर दिया गया।

 

 

सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कल 5 जून, 2017 को सावित्री नदी पर नव-निर्मित पुल का उद्घाटन करेंगे और इसे आम लोगों की आवाजाही के लिए खोलेंगे। नया पुल 16 मीटर चौड़ा और 239 मीटर लम्बा है। इस पर फुटपाथ, बाढ़ चेतावनी प्रणाली और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके निर्माण में जंगरोधी इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।

‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ अगले साल

दिल्ली, केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय जनवरी 2018 में ‘डीप ओशन मिशन’ का शुभारंभ करने के लिए तैयार है। यह मिशन समुद्र अनुसंधान क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति को बेहतर करेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन ने राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए संबोधन के दौरान इस मिशन को शुरू करने की घोषणा की। इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव राजीवन ने कहा कि भारत ने समुद्र अनुसंधान के क्षेत्र में काफी उपलब्धि हासिल कर ली है, मगर अभी भी इस दिशा में एक लंबी दूरी तय करना बाकी है। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसे गहरे समुद्र में खनन अन्वेषण के लिए पर्याप्त क्षेत्र दिया गया था। वर्ष 1987  में भारत को केन्द्रीय हिन्द महासागर बेसिन में पॉलिमेटालिक नोड्यूल्स में अन्वेषण का मौका मिला था।

 

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित राष्ट्रीय पॉलिमेटालिक मोड्यूल कार्यक्रम के अंतर्गत नोड्यूल खनन के लिए सीएसआईआर-एनआईओ द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययन, सीएसआईआर-नेशनल मेटालर्जिकल लैबोरेट्री और सीएसआईआर- खनिज एवं धातु प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा धातु निष्कर्षण प्रक्रिया विकास और राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा खनन प्रौद्योगिकी विकास अध्ययन किया गया। संसाधन मूल्यांकन के आधार पर, भारत के पास लगभग 100 मिलियन टन सामरिक धातुओं जैसे कॉपर, निकेल, कोबाल्ट और मैंगनीज और आयरन के अनुमानित संसाधन के साथ लगभग 75,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है।

 

 

एपीवाई से लाभ लेने वालों की संख्या 53 लाख के पार

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) से जुड़े लोगों की संख्या करीब 53 लाख पहुंच चुकी है। अभी इस योजना के कार्यान्वयन में 235 बैंक सहित डाक विभाग भी शामिल हैं। बैंक की शाखाओं और सीबीएस सुविधा वाले डाक विभाग के कार्यालयों के अलावा कुछ बैंक इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भी यह सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एपीवाई योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस के समान ही निवेश पद्धति का अनुसरण करती है। वित्त वर्ष 2016-17 में, 13.91 प्रतिशत का रिटर्न कमाया है।

 

एपीवाई योजना के अभिदाताओं को और अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से नई प्रक्रियाएं विकसित की गई हैं जिसके अंतर्गत कोई भी अभिदाता ई-प्राण कार्ड और लेनदेन का विवरण देख सकता है और उसकी प्रति भी ले सकता है।इसके साथ ही, अभिदाता अपनी शिकायत/ आपत्ति इस वेबसाइट पर https://npslite-nsdl.com/CRAlite/grievanceSub.do दर्ज करा सकता हैं। अभी इसके अंतर्गत 62 प्रतिशत पुरूष एवं 38 प्रतिशत महिला अभिदाता हैं। जिनमें से ज्यादातर ने मासिक जमा का विकल्प चुना है, करीब 97.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने मासिक अंतराल का विकल्प चुना है, करीब 0.8 प्रतिशत ने त्रै-मासिक एवं 1.7 प्रतिशत ने अर्द्ध-वार्षिक का विकल्प चुना है। इनमे से ज्यादातर लोगों ने 1000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है। अभी 51.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने 1000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है और 34.5 प्रतिशत अभिदाताओं ने 5000 रूपये के मासिक पेंशन का विकल्प चुना है। अभिदाताओं के पेंशन की रकम के अनुसार विभाजन को चित्र-1 में दिखाया गया है।  

 

 

1 जून 2015 से अटल पेंशन योजना लागू की गई और यह 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इस योजना के तहत कोई भी 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रूपये से लेकर 5000 रूपये तक का मासिक पेंशन ले सकता है, यह उसके योगदान पर निर्भर करता है। अभिदाता की मृत्यु की स्थिति में यह उसकी पत्नी को मिलेगा और यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है तो वैसी स्थिति में यह नामित व्यक्ति को मिलेगा।

भारतीय कंपनियां बनाएंगी हाइटेक रक्षा उपकरण

दिल्ली, रक्षामंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में डीएसी यानी रक्षा अधिग्रहण परिषद ने आज भारत में हाइटेक रक्षा उपकरणों के विनिर्माण में देश के निजी क्षेत्र को शामिल करने की नीति की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। इस नीति का उद्देश्य प्रमुख भारतीय कम्पनियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्षेत्र, दोनों को शामिल करते हुए देश में रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी प्रणाली विकसित करना है।

 

यह नीति भारतीय उद्योग के साथ सम्बद्ध पक्षों के व्यापक विचार विमर्श के बाद विकसित की गई है। इसमें योग्य भारतीय उद्योग प्रमुखों के साथ दीर्घावधि की कार्यनीतिक भागीदारी कायम करने की व्यवस्था है। इसके लिए भारतीय उद्योग भागीदार एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के जरिए वैश्विक ओईएम्स के साथ समझौते करेंगे ताकि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विनिर्माण संबंधी जानकारी हासिल करते हुए घरेलू विनिर्माण ढांचे और सप्लाई चेन की स्थापना की जा सके। इस नीति से रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया नीति को बढ़ावा मिलेगा।

 

शुरू में यह नीति कुछ चुने हुए क्षेत्रों में लागू की जाएगी। इनमें लड़ाकू विमान, पनडुब्बियों और बख्तरबंद वाहनों का निर्माण शामिल है। बाद में अतिरिक्त क्षेत्र इसमें जुड़ेंगे। नीति के कार्यान्वयन के लिए समुचित संस्थागत तंत्र कायम किया जाएगा।

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स्मार्ट सिटी परियोजना में मदद करेगा स्वीडन

दिल्ली, स्वीडन की यूरोपीय मामले एवं व्यापार मंत्री एन लिंडे ने शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू से भेंट की और स्मार्ट सिटी के विकास संबंधी मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में भारत और स्वीडन ने सतत शहरी विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे और स्मार्ट सिटी अभियान ने इस समझौता ज्ञापन को एक मूर्तरूप देने के लिए एक अवसर प्रदान किया है। स्वीडन की मंत्री ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी परिवहन समाधान, वायु को स्वच्छ करने, स्मार्ट पार्किंग प्रणाली, वास्तविक समय सूचना प्रणाली, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम इत्यादि के क्षेत्र में उनका देश वैश्विक नेता है। ये क्षेत्र भारत की स्मार्ट सिटी परियोजना का अभिन्न अंग हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि स्वीडन की कंपनी स्कैनिया जल्द ही नागपुर में 55 इथोनॉल बसों का परिचालन शुरू करेगी।

 

 

नायडू ने इस बात को रेखांकित करते हुए कि स्मार्ट सिटी अभियान से भारतीय और विदेशी दोनों कंपनियों के लिए निवेश के अत्यधिक अवसर पैदा होंगे, कहा कि चयनित स्मार्ट सिटीज़ के लिए स्वीडन की तकनीक से लाभान्वित होना बहुत अच्छा होगा खासतौर पर सार्वजनिक परिवहन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में। उन्होंने स्वीडन की मंत्री को सुझाव दिया कि वह स्वीडन की कंपनियों को संबंधित शहरों में स्मार्ट सिटी योजना के कार्यान्वयन में भागीदारी के लिए साथ आने की सलाह दें।

बृजभूषण सिंह बनें यूडब्लूडब्लूए के वाइस प्रेसिडेंट

दिल्ली, कैसरगंज सांसद वा राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग एशिया बीरो मेंबर्स की बैठक में चुनाव प्रक्रिया के बाद वाइस प्रेसिडेंट चुना गया। इस चुनाव में 20 एशियाई देशों के रेसलिंग फेडरेशन ने भाग लिया।  

 

राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग एशिया बीरो का उपाध्यक्ष चुना जाना भारतीय कुश्ती के लिए एक नई उपलब्धि माना जा रहा है। कैसरगंज सांसद ने राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बनने के बाद से भारतीय कुश्ती संघ में कई बदलाव किया और कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए कार्य भी किए। बृजभूषण शरण सिंह अध्यक्षता में भारत रियो ओलम्पिक हिस्सा लिया। इंटरनेशनल और एशिया में रेसलिंग के लिए किए गए कार्यो पर 20 देशों के यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग एशिया बीरो मेंबर्स ने बृजभूषण शरण सिंह को वाइस प्रेसिडेंट चुना।

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