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updated 12:34 PM UTC, Jun 23, 2017
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NEET 2017 का रिजल्ट जारी! यहां देखें अपना रिजल्ट

नई दिल्ली: मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट परीक्षा का आयोजन इस साल 7 मई को किया गया था। बोर्ड ने 7 मई को देशभर के 1921 परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। जिसका रिजल्ट आज आ गया है।

ऐसे देखें रिजल्ट

1- बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in और cbseneet.nic.in पर जाएं।

2- CBSE NEET 2017 Results पर क्लिक करें।

3- रोल नंबर और मांगी गई जानकारी सब्मिट करें।

 

4- अब अपना रिजल्ट डाउनलोड करें, आप उसे प्रिंट भी कर सकते हैं।

इस मंत्री के घर रहेंगे रामनाथ कोविंद आज करेंगे नामांकन दाखिल

नई दिल्ली: देश के अगले राष्ट्रपति के लिए भाजपा नीत एनडीए ने रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित करके एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए उम्मीदवार के चयन प्रक्रिया और योग्यता पर नई बहस छेड़ दी है। राष्ट्रपति चुनावों में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे। उनका राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। जेडीयू और शिवसेना के बाद अन्नाद्रमुक ने भी कोविंद का समर्थन करने का ऐलान किया है। वहीं राष्ट्रपति चुनावों तक रामनाथ कोविंद केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के आवास पर रहेंगे।

रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आशीर्वाद लिया। इससे पहले बुधवार को उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की थी।

 

वहीं विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनावों में अपना उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को बनाया है। मीरा कुमार जगजीवनराम की बेटी हैं और 5 बार सांसद रह चुकी हैं। एनडीए के उम्मीदवार दलित हैं, ऐसे में विपक्ष ने मीरा कुमार को दलित की बेटी बताकर पेश किया है।

जर्मनी ट्रेन स्टेशन पर फायरिंग कई घायल, एक व्यक्ति गिरफ्तार

जर्मनी के म्यूनिख में अज्ञात हमलावरों द्वारा एक रेलवे स्टेशन पर गोली चलाए और आग लगाए  जाने की खबर से सनसनी फैल गई है। एएफबी की रिपोर्ट के अनुसार इस घटना में एक महिला पुलिस अधिकारी की अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।अधिकारियों ने बताया कि एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान एक हथगोला बरामद बरामद किया गया है।

 

म्यूनिख पुलिस के प्रवक्ता माइकल रीहेलेन के मुताबिक सुबह-सुबह पुलिस की जांच के दौरान यूनीर्फ़ेहाइंग सबवे स्टेशन पर यह घटना हुई थी। लेकिन म्यूनिख के एक अख़बार ने बताया है कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक संदिग्ध ने पुलिस अधिकारी की  ही पिस्तौल निकल कर उसे गोली मार दी और की अन्य को भी घायल कर दिया।

लैण्ड पूलिंग से दिल्ली देहात का विकास होगा-सुषमा स्वराज

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के विकासोन्मुख सफल तीन वर्ष पूरे होने पर दक्षिणी दिल्ली संसदीय क्षेत्र का सबका साथ सबका विकास कार्यक्रम आज नई दिल्ली के सिरी फोर्ट सभागार में सम्पन्न हुआ। खचाखच भरे सभागार में केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के पहुंचने पर वहां उपस्थित भारत सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों, दक्षिणी दिल्ली के विभिन्न नागरिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि एवं जयकार से उनका भव्य स्वागत किया।

केन्द्रीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के अतिरिक्त क्षेत्रीय सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने क्रमानुसार सम्बोधित किया। प्रदेश मंत्री सतेन्द्र सिंह, गजेन्द्र यादव, विक्रम बिधूड़ी, शोभा उपाध्याय, दक्षिणी दिल्ली जिला अध्यक्ष रोहताश बिधूड़ी एवं महरौली जिला अध्यक्ष आजाद सिंह, क्षेत्रीय निगम पार्षद, पूर्व विधायक, पूर्व निगम पार्षद, जिला एवं मंडल पदाधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सिरी फोर्ट सभागार परिसर में भारत सरकार के गत तीन वर्ष के कार्यों की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कार्यक्रम के प्रारम्भ में दो लघु फिल्मों का चित्रण किया गया जिनमें से एक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का चित्रण हुआ तो दूसरे में सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा विगत तीन सालों में क्षेत्र में किये गये विकास कार्यों एवं संघर्ष को दर्शाया गया।

केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने सम्बोधन में केन्द्र के प्रयासों से दिल्ली को मिली लैंड पूलिंग योजना का उल्लेख किया और कहा कि इसका लाभ दिल्ली में नियोजित विकास द्वारा नागरिकों को घर एवं व्यापारिक स्थान देने में तो होगा ही वहीं दिल्ली देहात की जनता को उचित लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को एक स्वावलम्बी समाज के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं और इसके लिए वह देश की जनता को सब्सिडियों पर निर्भर करने की बजाये विकास के मौके उपलब्ध कराने पर विश्वास करते हैं।

 

 

स्पेशल रिपोर्ट: मंदसौर हिंसा में मारे गये किसानों में एक 9वीं का छात्र, किसी के पास नही थी खुद कि जमीन

मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए थे। जिसके बाद स्थिति इतनी खराब हो गई कि किसानों का प्रर्दशन में हिंसा शुरू हो गई। पुलिस ने किसानों के उग्र प्रर्दशन पर फांयरिग कर दी, जिसमें 5 किसानों की जान चली गई थी। इन किसानों के बारे में एक बड़ी बात सामने आया आई है। मारे गए किसानों में से कोई भी जमीन का मालिक नहीं था।

मरने वाले में एक 19 वर्षीय लड़का भी था जो 9वीं का छात्र था। मरने वाले में एक 23 वर्षीय युवक भी था जिसकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी और वो सेना में भर्ती होना चाहता था। एक 30 वर्षीय व्यक्ति दिहाड़ी मजदूर था। बाकी दो अपनी खेती करते हैं, लेकिन उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं थी।

वहीं परिवार वालों को जब घटना की जानकारी मिली तो दुख और आक्रोश से भरी आंखे एक सवाल ही पुछ रही थी, ‘आखिर गोली क्यों मारी’?

 

बताते हैं उन किसानों के बारे जिनकी फायरिंग में मौत हो गई

1.अभिषेक दिनेश पाटीदार

अभिषेक की उम्र महज 19 साल थी। वह कक्षा 9वीं का छात्र था। वह अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। अभिषेक का परिवार मंदसौर-नीमच हाईवे पर स्थित बरखेड़ा पंथ गांव में रहता हैं।

2.चैनराम गनपत पाटीदार

नयाखेड़ा गांव के चैनराम की 29 अप्रैल को अक्षय तृतिया के दिन शादी हुई थी। उनके पिता के पास दो बीघा जमीन है और वो खेती मजदूर के तौर पर भी काम करते हैं। चैनराम के पिता के अनुसार वो सेना में भर्ती होना चाहता था। चैनराम तीन बार सेना के भर्ती कैंप में जा चुका था लेकिन सफल नहीं हो सका। परिवारवालों के अनुसार चैनराम एक आंख में कुछ समस्या होने के कारण मेडिकल में रह जाता था।

3.पुनमचंद उर्फ बबलू जगदीश पाटीदार

पिपलिया मंडी से 25 किलोमीटर दूर तकरवाड़ गांव के रहने वाले पूनमचंद घर की जिम्मेदारियों को अकेले उठाए हुए था। उसके पिता का जनवरी 2016 में देहांत हो गया था। बबलू ने Bsc की पढ़ाई दूसरे साल में ही छोड़ दी और खेती करने लगे।

4.कन्हैयालाल धुरीलाल पाटीदार

कन्हैयालाल कक्षा 8वीं तक ही पढ़ें थे। घर की जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने खेती को ही अपना रोजगार बना लिया। कन्हैयालाल चिल्लौड़ पिपलिया गांव के रहने वाले थे। कन्हैयालाल के दो बच्चे 16 वर्षीय बेटी और 11 वर्षीय बेटे स्कूल जाते हैं।

5.सत्यनारायण मांगीलाल धनगर

मंदसौर से 20 किलोमीटर दूर स्थित लोध गांव के सत्यनारायण 7वीं कक्षा तक ही पढ़े थे। वो दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते थे और काम मिलने पर एक दिन में 200 रुपये कमा पाते थे। सत्यनारायण की अभी शादी नहीं हुई थी।

 

 

मंदसौर में अभी हालत सामान्य नहीं हुए हैं।

क्या आपको पता चला बिग बॉस फेम स्वामी ओम का नया कारनामा, कांग्रेस के बारे में कह गये ये बात

नई दिल्ली: टीवी इंडस्ट्री के सबसे बड़े सो में से एक बिग बॉस सीजन 10 के सबसे खतरनाक प्रतियोगी (नही घटिया कहना अच्छा होगा) रहे बाबा स्वामी ओम आए दिन सुर्ख़ियों में रहने के लिए कुछ न कुछ अजीब करते ही रहते हैं। सबसे पहले बिग बॉस के घर से निकाले जाने के बाद उन्होंने अपने सल्लू भाई यानि सलमान खान पर पाकिस्तानी एजेंट होने के साथ साथ उन्हें पीटने की बात कही थी। जब बाबा की यह चाल भी कामयाब नही हुई तो बाबा ने कहा की मुझे बिग बॉस के घर से बाहर निकलवाने में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का हाथ है सोनिया अमेरिका से मिली हैं और न जाने ऐसे कितने हवा में आरोप लगाए।

 

आज कल ख़बरों में स्वामी ओम का नया ड्रामा

 

 

हाल ही स्वामी ओम का नया कारनामा कहें या ड्रामा सामने आया है, जिसमे स्वामी ओम राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाले हैं। बाबा के मुताबिक वह चुनाव जीत भी जायेंगे और भारत के अगले राष्ट्रपति होंगे। स्वामी ओम का कहना है जब वो राष्ट्रपति का पद संभालेंगे तो सबसे पहले कांग्रेस को ख़त्म करेंगे उनके मुताबिक कांग्रेस आतंकवादियों का संगठन है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया आतंकवादियों की देवी हैं। बहरहाल बाबा की बातों में जरा सी भी सच्चाई नही है स्वामी ओम के बडबोलेपन के चलते उनकी कई बार पिटाई भी हो चुकी है यहाँ तक की काफी बार पब्लिक ने ही दौड़ा-दौड़ा कर मारा है।

प्रेरणादायक है आशा खेमका का साधारण गृहणी से सफल सीईओ और प्रिंसिपल का सफर

उन दिनों आशा 13 साल की थीं। पढ़ाई में खूब मन लगता था उनका। लेकिन एक दिन अचानक उनका स्कूल जाना बंद करवा दिया गया। कहा गया, पढ़कर क्या करोगी? अब तुम घर के काम-काज सीखो। शादी के बाद घर ही तो संभालना है तुम्हें। उनका परिवार संपन्न था। पिताजी का बिहार के चंपारण शहर में अपना फलता-फूलता कारोबार था। घर में किसी चीज की कमी नहीं थी। परिवार में सबका मानना था कि महिलाओं को घर संभालने चाहिए और मर्दों को व्यापार। इसीलिए बेटियों को पढ़ने का रिवाज नहीं था। उन्हें बस इतना ही पढ़ाया जाता कि वे किताब पढ़ सकें और खत लिख सकें। 14-15 साल की उम्र में लड़कियों की शादी करा दी जाती थी।
बात 1966 की है। तब आशा 15 साल की थीं। अचानक एक दिन मां ने उन्हें एक सुंदर सी साड़ी थमाते हुए कहा- ‘आज तुम्हें कुछ लोग देखने आ रहे हैं। इस पहनकर तैयार हो जाओ।’ आशा हैरान थीं। कौन आ रहा है घर में ? पूछने पर पता चला कि परिवार ने उनकी शादी का फैसला किया था। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, पर किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। आशा चुपचाप सज-धजकर ड्राइंग रूप में बैठ गई। लड़के वाले आए, उन्हें पसंद किया और शादी पक्की हो गई। परिवार में सब खुश थे। खासकर मां। उन्होंने चहककर बताया- ‘तेरा होने वाला दूल्हा मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। कुछ दिनों में वह डाॅक्टर बन जाएगा और तू डाॅक्टरनी।’ मगर आशा बिल्कुल खुश नहीं थीं। ससुराल जाने के ख्याल से खूब रोईं। मां ने समझाया, ‘तेरे ससुराल वाले बहुत अच्छे हैं। सुखी रहेगी तू वहां।’

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मां की बात सही साबित हुई। वाकई उन्हें ससुराल में बहुत अच्छा माहौल मिला। पति को पढ़ने का बड़ा शौक था। वह चाहते थे कि उनकी पत्नी भी पढ़ी-लिखी हो। उन्होंने पत्नी को आगे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। इस बीच आशा तीन बच्चों की मां बनीं। आशा बताती हैं- ‘21 साल की उम्र में मैं पहले बच्चे की मां बनी। अगले तीन साल में दो और बच्चे हुए। इस तरह 24 साल में मैं तीन बच्चों की मां बन गई। एक साथ तीन छोटे बच्चों को संभालना मुश्किल था। मगर इस दौरान परिवार के लोगों ने मेरा बहुत साथ दिया।’
वर्ष 1978 में उनके पति को ब्रिटेन के एक बड़े अस्पताल में सर्जन की नौकरी मिल गई। शुरूआत में आशा विदेश जाने के ख्याल से बहुत उत्साहित नहीं थीं। मगर पति के करियर का सवाल था, इसलिए राजी हो गईं। ब्रिटेन में पति बकिंघम अस्पताल में बतौर आॅर्थोपेडिक सर्जन नौकरी करने लगे। अब आशा को अंग्रेजी का बिल्कुल ज्ञान नहीं था। वह अंग्रेजी का एक अक्षर भी नहीं समझती थीं। जबकि पति फराटेदार अंग्रेजी में बातें किया करते। जल्द ही आशा को एहसास हुआ कि ब्रिटेन में सबके साथ घुलने-मिलने के लिए अंग्रेजी सीखना जरूरी है।
पति ने उन्हें अंग्रेजी के टीवी शो देखने की सलाह दी। उनके अंदर अंग्रेजी सीखने की लगन बढ़ती गई। फिर उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू करने की इच्छा जताई। हालांकि मन में हिचक थी कि पता नहीं, ब्रिटेन की पढ़ाई समझ में आएगी या नहीं? 12वीं तो वह पहले की पास कर चुकी थीं। कार्डिफ यूनिवर्सिटी में स्नातक में दाखिला लिया। आत्म-विश्वास बढ़ता गया। ताज्जुब की बात यह थी कि हिंदी मीडियम से पढ़ी होने के बावजूद उन्हें अंग्रेजी माध्यम के कोर्स समझने में कोई खास दिक्कत नहीं आई। परिवार के लोग उनका हौसला देखकर दंग थे। आशा बताती हैं- ‘यह सब आसान नहीं था, पर मेरे पति ने बहुत सहयोग किया। उन्होंने न केवल मेरा उत्साह बढ़ाया, बल्कि हर कदम पर मेरी मदद भी की। उनके बिना मैं यह मुकाम कभी हासिल नहीं कर पाती।’
पढ़ाई पूरी करने के बाद आशा आॅसवेस्ट्री काॅलेज में पढ़ाने लगीं। अपने छात्रों के लिए वह आदर्श टीचर थीं। एक ऐसी टीचर, जो बच्चों को अतिरिक्त समय देकर उनकी मदद करने को हर पल तैयार रहती। वर्ष 2006 में वह वेस्ट नाॅटिघम काॅलेज की प्रिंसिपल बनीं। यह काॅलेज इंग्लैंड के सबसे बड़े काॅलेजों में एक है। उनके नेतृत्व में काॅलेज ने कामयाबी की नई दास्तान लिखी। उनकी मेहनत की वजह से काॅलेज ब्रिटेन के सर्वाधिक प्रतिष्ठित काॅेलेजों में शुमार होने लगा।
वर्ष 2008 में आशा को ‘आॅर्डर आॅफ ब्रिटिश एम्पायर’ से सम्मानित किया गया। 2013 में उन्हें ब्रिटेन के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘डेम कमांडर आॅफ आॅर्डर आॅफ द ब्रिटिश एम्पायर’ से सम्मानित किया गया। आशा इस सम्मान को पाने वाली दूसरी भारतीय महिला हैं। इससे पहले धार की महारानी लक्ष्मी देवी को 1931 में यह सम्मान मिला था। आशा एक चैरिटेबल ट्रस्ट ‘द इंस्पायर एंड अचीव फाउंडेशन’ भी चलाती हैं। इस फाउंडेशन का मकसद 16 से 24 साल के युवाओं को शिक्षा और रोजगार में मदद करना है।
हाल में उन्हें ‘एशियन बिजनेस वूमन आॅफ द ईयर’ के अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। आशा कहती हैं- ‘मैं बहुत खुश हूं कि ब्रिटेन में मुझे आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने का मौका मिला। मगर मैं अपनी जड़ों को कभी नहीं भूल सकती। मैं बिहार की रहने वाली हूं और मुझे इस बात पर गर्व है।’

शर्मनाक: दलित लड़के से शादी करने पर गर्भवती मुस्लिम महिला को परिवार वालों ने जिन्दा जलाया

कर्नाटक: बीजापुर जिले के एक गांव में, आॅनर किलिंग की एक अमानवीय घटना सामने आई है। शनिवार की रात, एक 21 वर्षीय गर्भवती मुस्लिम महिला को उसके अपने परिवार के सदस्यों द्वारा एक दलित आदमी से शादी करने के लिए जिंदा जला दिया गया था।

बानू बेगम और 24 वर्षीय सयाबन्ना शारानप्पा कोनूर, बीजापुर के मुद्देबाहिल तालुक के गुंडकानाल गांव के रहने वाले थे दोनों ने अपने रिश्ते को छुपा रखा था क्योंकि उनके परिवारवाले ये रिश्ता अस्वीकार कर देंगे। 22 जनवरी को, बानू के माता-पिता को उनके रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद सयाबन्ना को मारा पीटा था।

यह पूरा मामला बीजापुर जिले के रहने वाली 24 वर्षीय बानु बेगम का जिसे अपने ही गांव के रहने वाले सायबन्ना शराप्पा से प्यार हो गया। सायबन्ना दलित और बानु मुस्लिम थी। दोनों के रिश्ते की बात सुनकर लड़की के परिजन भड़क उठे। बताया जा रहा कि लड़की के घरवालों ने लड़के पर रेप का आरोप भी लगाया था। लेकिन पुलिस ने जांच के बाद फर्जी आरोप पाने पर इस मामले को खारिज कर दिया।

हालांकि इन दोनों ने अपने परिजनों के विरोध से तंग आकर भाग के शादी करने का मन बना लिया था। जिसके बाद दोनों भागकर गोवा चले गए थे। वहां सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एक-दूसरे से शादी कर ली। कुछ दिनों के बाद उन्हें लगा कि हमारी फैमिली मान जाएंगी जिसके बाद उन्होंने वापस आने का मन बना लिया था। कुछ समय बीतने के बाद दोंनों वापस गांव आ गए। उस समय बानो गर्भवती हो चुकी थी।

 

दोंनों घर पर पहुंचे तो दोनों पक्षों में जमकर झगड़ा और मारपीट हो गई। जिसके बाद प्रेमिका के परिजनों ने उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। और लड़के को पत्थर से घायल कर दिया, जिसके बाद लड़का कैसे न कैसे पुलिस थाने पहुंचा लेकिन तब समय निकल चुका था। पुलिस के आने से पहले ही उस लड़की को जिंदा जला दिया गया। पुलिस ने उसकी बहन और एक भाई को गिरफ्तार कर लिया। अभी भी दो बहनें फरार हैं।

पाक ने की ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नीट)’ की वेबसाइट हैक, भारत को दी चेतावनी

नई दिल्ली: पाकिस्तान को हाल ही में मिली भारत-पाक मैच में हार के बाद गुस्से में पाक ने ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नीट)’ की वेबसाइट हैक कर ली।

पाकिस्तान के एक हैकरों के समूह ‘साइबर स्कलज’ द्वारा सोमवार दोपहर तीन बजे के बाद हैक कर लिया। कश्मीर स्थित ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नीट)’ की वेबसाइट को हैक करने के बाद इस वेबसाइट पर लिखा गया ‘GO MODI- GO MODI’।

इसके आगे लिखा, “आपको पता है कि आपको हैक क्यों किया गया है? कश्मीर को आजाद करो। आजादी हमारा लक्ष्य है। कश्मीरी केवल शैतानी ‘हिंदुस्तानी फौज’ से आजादी चाहती है। बच्चों का कत्ल बंद करो। महिलाओं के साथ दुष्कर्म बंद हो, मर्दो को कैद करना बंद होना चाहिए।”

 

नीट के छात्रों ने कहा कि अचानक वेबसाइट हैक होने पर हम सभी हैरान रह गए। हमें वेबसाइट पर हरे रंग की अंग्रेजी भाषा में लिखा आपत्तिजनक संदेश नजर आया।

ऐश्वर्या नहीं खुद अमिताभ करेंगे KBC-9 होस्ट, शर्तें जानकर हो जायेंगे हैरान

मुंबई: भारत के बहुचर्चित शो में से एक केबीसी सीजन 9 के लिए महानायक अमिताभ बच्चन ने हामी भर दी है। कई महीनों से खबरें आ रही थी कि केबीसी को इस बार बच्चन परिवार की बहू ऐश्वर्या राय बच्चन होस्ट करेगी। लेकिन बीते हफ्ते इस बात से पर्दा उठ गया कि कौन बनेगा करोड़पति का यह सीजन भी हमेशा की तरह सुपरस्टार अमिताभ बच्चन होस्ट करेंगे।

वहीं सुत्रों की मानें तो इस बार अमिताभ बच्चन को केबीसी के लिए राजी करना आसान नहीं था। ऐसी खबरें सामने आ रही है कि इस शो को होस्ट करने से पहले अमिताभ बच्चन ने कुछ शर्ते चैनल के सामने रखी है।

अमिताभ बच्चन इन दिनों बैक टू बैक ठग ऑफ हिंदोस्तान और 102 नॉट आउट की शूटिंग में बिजी हैं। ऐसे में उनके पास केवल 17 दिनों का समय है। उन्होंने केबीसी को केवल के लिए अगस्त में 10 दिन और सितंबर में 7 दिन की शूटिंग का समय दिया है। यानी इस बार केबीसी का काम महज 17 दिन में पूरा किया जायेगा।

 

कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन को सोनी टीवी इस शो के प्रति एपिसोड 2 करोड रुपये फीस के तौर पर देता आ रहा है। लेकिन इस बार अमिताभ बच्चन ने केबीसी के सिंगल एपिसोड के लिए 3 करोड़ के फीस की मांग की है। इन दो शर्तों के पूरा होने के बाद ही अमिताभ जी ने केबीसी से जुड़ने के लिए हामी भरी है।

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