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updated 9:55 AM UTC, Oct 23, 2017
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रो-रो फेरी सेवा और परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स पर उसका प्रभाव

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने द्वारा दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी एवं अत्याधुनिक रो-रो परियोजना का उद्घाटन सौराष्ट्र के भावनगर जिले में घोगा से दक्षिण गुजरात में भरूच जिले के दहेज को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अध्याय का शुभारंभ हुआ है। हजीरा परियोजना के दूसरे चरण की शुरूआत भारत के परिवहन क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव का सूचक है। इस जलमार्ग की पूरी क्षमता का दोहन करने से लोगों, वस्तुओं और वाहनों की आवाजाही को एक बड़ी रफ्तार मिलेगी। माल ढुलाई के लिए समय और लागत की बचत का भारत के विनिर्माण एवं निर्यात क्षेत्र पर लाभकारी असर पड़ेगा। अब तक सौराष्ट्र के घोगा से दक्षिण गुजरात के दहेज तक जाने के लिए 360 किलोमीटर की सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। इसे तय करने में लगभग 8 घंटे का समय लगता था। समुद्री मार्ग से यह दूरी अब मात्र 31 किलोमीटर रह गई है।

 

भारत में लगभग 14,500 किलोमीटर नौगम्य अंतर्देशीय जलमार्ग और करीब 7,517 किलोमीटर समुद्र तट है जिन्‍हें परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्‍य से प्रभावी तौर पर विकसित किया जा रहा है। इससे सड़क एवं रेल नेटवर्क पर भीड़भार कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्रों के समग्र आर्थिक विकास को कई गुना बढ़ाया जा सकेगा। समुद्र तटीय नौवहन और अंतर्देशीय जल परिवहन के ईंधन कुशल, पर्यावरण के अनुकूल एवं कम लागत वाले साधन हैं, विशेष रूप से थोक वस्तुओं के लिए। मालवाहक जहाजों से उत्‍सर्जन 32-36 ग्राम कार्बन डाईऑक्‍साइड प्रति टन-किलोमीटर तक होता है जबकि सड़क परिवहन के भारी वाहनों के मामले में यह 51-91 ग्राम कार्बन डाइऑक्‍साइड प्रति टन-किलोमीटर के दायरे में होता है। इसके अलावा सड़क परिवहन की औसत लागत 1.5 रुपये प्रति टन-किलोमीटर और रेलवे के लिए यह 1.0 रुपये प्रति टन-किलोमीटर है जबकि जलमार्ग के लिए यह महज 25 से 30 पैसे प्रति टन-किलोमीटर होगी। एक लीटर ईंधन से सड़क परिवहन के जरिये 24 टन-किलोमीटर और रेल परिवहन के जरिये 85 टन-किलोमीटर माल की ढुलाई हो सकती है जबकि जलमार्ग के जरिये इससे अधिकतम 105 टन-किलोमीटर तक माल की ढुलाई की जा सकती है। इन आंकड़ों से इस बात को बल मिलता है कि भूतल परिवहन के मुकाबले जलमार्ग परिवहन का कहीं अधिक किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल माध्‍यम है। यदि लॉजिस्टिक्‍स लागत को जीडीपी के 14 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत तक घटा दी गई तो देश को प्रति वर्ष 50 बिलियन डॉलर की बचत हो सकती है। माल ढुलाई की लागत कम होने पर उत्‍पादों के मूल्‍य में भी गिरावट आएगी।

 

भारत में कुल नौगम्‍य अंतर्देशीय जलमार्गों में से करीब 5,200 किलोमीटर (36%) प्रमुख नदियां और करीब 485 किलोमीटर (3%) नहरें हैं जो यांत्रिक जहाजों की आवाजाही के लिए अनुकूल हैं। अंतर्देशीय जलमार्ग अपनी परिचालन लागत कुशलता (60-80% प्रति टन किलोमीटर कम), कम पर्यावरणीय प्रभाव, सुविधाजनक अंतरसंक्रियता और भूमि अधिग्रहण एवं बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कुछ मुद्दों के कारण रेल एवं सड़क परिवहन के मुकाबले कहीं अधिक फायदेमंद है। वर्तमान में केवल 4,500 किलोमीटर अंतर्देशीय जलमार्ग का व्यावसायिक रूप से उपयोग किया जा रहा है और भारत में 1% से भी कम घरेलू कार्गो की ढुलाई जलमार्ग के जरिये होता है।

 

अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के विकास एवं परिचालन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016 के तहत इस क्षमता के दोहन के लिए काम काम कर रहा है। भारत के तटवर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार ने मार्च 2015 में 'सागरमाला कार्यक्रम' शुरू किया था और भारत के तटवर्ती क्षेत्रों के व्‍यापक विकास के लिए इसके तहत राष्‍ट्रीय परिप्रेक्ष्‍य योजना (एनपीपी) तैयार की जा रही है।

 

रोल-ऑन व रोल-ऑफ ('आरओ-आरओ') जलमार्ग परियोजनाओं में रो-रो जहाज/नौकाएं शामिल होती हैं जिन्‍हें कारों, ट्रकों, सेमी-ट्रेलर ट्रकों, ट्रेलरों और रेलरोड कारों जैसे पहिये वाले कार्गो की ढुलाई के लिए डिजाइन किया जाता है जिन्‍हें उनके पहियों पर चलाते हुए अथवा किसी प्‍लेटफॉर्म वाहन के जरिये जहाजों पर चढ़ाया अथवा उतारा जाता है। इसमें संबंधित पोर्ट टर्मिनल और संबंधित कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे के साथ जेट्टीज (घाट या सेतु) भी शामिल होते हैं। यात्री जेट्टीज का इस्‍तेमाल पूरी तरह से यात्रियों के नौकायन के लिए किया जाता है लेकिन रो-रो जेट्टीज इस तरीके से निर्मित होते हैं अथवा उनमें किनारा आधारित रैंप होते हैं ताकि बंदरगाह पर जहाजों में माल की लदान एवं उठाव कुशलता से किया जा सके। गुजरात में रो-रो परियोजना दो टर्मिनल के बीच 100 तक वाहनों (कार, बस और ट्रक) और 250 यात्रियों को ले जाने में समर्थ होगी। ऐतिहासिक तौर पर सीमित विकल्‍प उपलब्‍ध होने के कारण इस क्षेत्र में सड़क परिवहन में अक्‍सर काफी भीड़ और जाम का सामना करना पड़ता है। साथ ही रो-रो फेरी ऑपरेटर ने जो किराये का प्रस्‍ताव दिया है वह प्रचलित बस किराये के बराबर है। इसलिए इस सुविधा से इस क्षेत्र के यात्रियों को बहुप्रतीक्षित राहत मिल जाएगी।

 

भारत में असम, गुजरात, कर्नाटक महाराष्‍ट्र और केरल में विभिन्‍न रो-रो परियोजनाओं में भौगोलिक दृष्टि से प्रतिकूल भारत के आंतरिक इलाकों में आवाजाही के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्‍हें जलमार्ग से जोड़कर इस विषमता को व्‍यापक फायदे में बदला जा सकता है।

 

भारत में इस प्रकार की अधिकतर रो-रो परियोजनाओं को राज्‍य सरकार द्वारा परिचालन एवं रखरखाव के साथ ईपीसी मोड अथवा निजी कंसेस्‍नायर द्वारा निर्माण और परिचालन एवं रखरखाव के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (डीबीएफओटी) मोड के तहत लागू की गई हैं। हाल में ऐसी एक परियोजना महाराष्‍ट्र में शुरू की गई है।

 

वस्तुओं के मूल्य निर्धारण में वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा और विभिन क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक समृद्धि लाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि सरकार कई स्तर वाली परिवहन की एकीकृत एवं कुशल व्‍यवस्‍था विकसित करे जिनमें से प्रत्येक स्‍तर को जीवंत एवं कुशल तरीके से विकसित करने की आवश्‍यकता है। परिवहन का ऐसा ही एक स्‍तर जलमार्ग है।

 

जल आधारित परिवहन में निवेश की एक प्रमुख विशेषता यह है कि कई भूमि आधारित परिवहन व्‍यवस्‍था, जिसमें जटिल भूमि अधिग्रहण, मार्ग के अधिकार, पुनर्वास एवं अन्‍य मुद्दों से निपटने की आवश्‍यकता होती है, के विपतरीत जल अधारित परिवहन परियोजना प्रस्‍ताव अपेक्षाकृत सरल कदम है। यह कई कानूनी, नियामकीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों से भी मुक्‍त है जो आमतौर पर अन्य परिवहन परियोजनाओं को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी-डीबीएफओटी मॉडल के तहत फेरी ऑपरेटरों से बर्थिंग शुल्क और टर्मिनल पर पार्किंग राजस्व भी प्राप्त होगा। भारत में बुनियादी ढांचे का अभाव और समग्र आबादी एवं आर्थिक विकास में कमी के कारण रो-रो परियोजना से 10% से अधिक की एक परियोजना आईआरआर सृजित होती है और इसलिए यह एकल स्तर पर आर्थिक रूप से व्यवहार्य है। हालांकि इन परियोजनाओं में व्‍यापक गुणक प्रभाव मौजूद होते हैं और इसलिए इसे आर्थिक एवं सामाजिक विकास दर के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यही कारण है कि राज्‍य सरकारों ने पीपीपी-डीबीएफओटी मॉडल के तहत निजी भागीदारों को नई रो-रो परियोजनाएं आबंटित करने पर विचार कर सकती हैं जबकि मौजूदा चालू परियोजनाओं को पीपीपी-रिवर्स-बीओटी मॉडल के तहत आवंटित किया जा सकता है। उपयुक्‍त पीपीपी मॉडल के तहत सरकार स्‍वामित्‍व और अहम राष्‍ट्रीय बुनियादी ढांचे पर नियंत्रण बरकरार रख सकती हैं जबकि दूसरी ओर इससे सरकार पर वित्तीय बोझ को भी हल्‍का किया जा सकता है और परिसंपत्ति की परिचालन कुशलता में भी सुधार लाया जा सकता है। नई परियोजनाओं में टर्मिनल का निर्माण सरकार द्वारा करने की आवश्‍यकता है ताकि परिचालन को निजी क्षेत्र के लिए वाणिज्यिक रूप से व्‍यवहार्य बनाया जा सके।

 

रो-रो सेवाओं को रेलवे में भी भारतीय रेल द्वारा लागू करने की योजना बनाई गई है। भारतीय रेल ने कार्गो वाहनों के लिए बिहार में और पेट्रो उत्‍पादों के लिए त्रिपुरा में रो-रो सेवाएं शुरू की है। कुल मिलाकर सरकार इन सभी रो-रो परियोजनाओं के लिए एक साथ योजना बना रही है और इस निवेश के लिए उचित मात्रा में यातायात होने के बाद एक मजबूत पुल अवसंरचना के प्रावधान के लिए भी खुद को तैयार कर रही है।

 

लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) पर नवीनतम वर्ल्‍ड बैंक रिपोर्ट 2016 में भारत अब 35वें स्‍थान पर पहुंच चुका है जो 2014 के आरंभ में प्रकाशित पिछली रिपोर्ट में 54वें स्‍थान पर रहा था। इसके एलपीआई रैंकिंग में सुधार के लिए विभिन्‍न माध्यमों के तहत एकीकृत गतिशीलता के प्रावधानों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही बेहतर मानक के साथ इंजीनियरिंग परामर्श सेवाएं लेने और परियोजना के कार्यान्‍वयन के लिए उपयुक्‍त मॉडल चुनने का भी प्रस्‍ताव है ताकि हितधारकों के बीच जोखिम और लाभ को बांटा जा सके। इसके साथ ही सरकार देश भर में परिवहन परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन कुशलता में सुधार लाने में समर्थ होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना के शुभारंभ के अवसर पर कहा भी है कि इससे बंदरगाह समृद्धि के प्रवेश द्वार बनेंगे और पेट्रोल व डीजल के आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी और भारत को विकास की एक नई राह पर अग्रसर होगा। इससे एक करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा सकेंगे और पर्यटन एवं परिवहन क्षेत्र में नये आयाम खुलेंगे।

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* लेखक नीति आयोग के सीईओ हैं। लेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।



CBI में स्पेशल डायरेक्टर बने राकेश अस्थाना

नयी दिल्ली। गुजरात काडर के अधिकारी राकेश अस्थाना सहित 8 आईपीएस अफसरों के प्रमोशन को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दे दी है। राकेश अस्थाना को सीबीआई में स्पेशल डायरेक्टर बनाया गया है।राकेश अस्थाना का नाम कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारियों की सूची में खास तौर से शामिल रहा है। तब सीबीआई एसपी के तौर पर तैनात IPS राकेश अस्थाना बहुचर्चित चारा घोटाले की जांच के लिए तथा लालू को पहली बार हवालात भेजने के लिए चर्चा में आए थे। उन्होंने सीबीआई के एसपी रहते हुए लालू यादव के खिलाफ 1996 में चार्जशीट दायर की थी।1997 में चारा घोटाले में लालू से 6 घंटे तक पूछताछ करने वाले पहले अधिकारी थे।

 

1984 में राकेश अस्थाना आईपीएस अधिकारी चुने गए और उनको गुजरात कैडर मिला। चारा घोटाले के वक्त वह धनबाद में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के एसपी थे  रांची में वह डीआईजी के पद पर थे. 1994 में उन्होंने सनसनीखेज पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप केस की फील्ड इंवेस्टिगेशन सुपरवाइज की थी।



  • धनबाद में डीजीएमएस के महानिदेशक को घूस लेते पकड़ा था।

 

  • गोधरा कांड की भी जांच की थी।

 

  • अहमदाबाद में 26 जुलाई, 2008 को हुए बम ब्लास्ट की जांच 22 दिनों में ही केस को सुलझा दिया था।

 

  • आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण सांईं के मामले में भी अस्थाना ने जांच की थी

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उ.प्र. निकाय चुनाव 2017 : सीतापुर की महाभारत कथा

गौरव शर्मा /सीतापुर। प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की आरक्षण लिस्ट जारी होने के बाद सभी राजनैतिक पार्टी और प्रत्याशियों ने अपनी कमर कस ली है। सभी प्रभावशाली पार्टियों का टिकट प्राप्त करने के लिए नेताओं में एक अजब सी होड़ मची है आलम यह है की पार्टी का टिकट प्राप्त करने की जुगत में लगे तमाम नेता हफ़्तों से लखनऊ के पार्टी कार्यालय में अपना डेरा जमाये हैं और लखनऊ गए तमाम नेताओं की एक ही मुराद है की किसी भी जुगत से पार्टी टिकट प्राप्त हो जाये।

 

अगर बात पार्टियों की करे तो भाजपा से टिकट की मुराद रखने वाले नेताओ की संख्या दर्जनों में है। सीतापुर नगर पालिका टिकट की उम्मीदवारी में टिकट प्राप्त करने की होड़ लगी है यह हर नेता अपने करीबी को टिकट दिलाने के लिए सारे हथकण्डे अपना रहे हैं

 

भाजपा की बहती गंगा में शायद हम भी जीत जायें

देश के प्रधानमन्त्री मोदी का मैजिक 2014 और 2017 में प्रचण्ड बहुमत दिला चुका है जिसे देख भाजपा से टिकट मांगने वालो का आलम यह है की यहाँ ऐसे भी चेहरे है जो कभी सभासद का भी चुनाव नही जीत पाये हैं लेकिन चेयरमैनी के टिकट के लिए हाथ पैर मार रहे हैं। शायद मोदी के मैजिक से हमारी भी लाटरी लग जाय।

 

समाजवादी पार्टी के टिकट के लिए भी होड़

सीतापुर नगर पालिका चुनाव में समाजवादी टिकट में कई वर्षों से कब्जा रखने वाले पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल को अपनी टिकट बचाने में लोहे के चने चबाने पड़ते दिखाई दे रहे हैं। सीतापुर नगर पालिका चुनाव में समाजवादी पार्टी का टिकट प्राप्त करने वाले लगभग आधा दर्जन लोग टिकट प्राप्त करने के लिए लखनऊ के लगातार चक्कर लगा रहे है ।

 

आपको बता दे की पूर्व विधायक चेयरमैन राधेश्याम के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं संजीव गुप्ता उर्फ़ टिंचू। संजीव गुप्ता को समाजवादी पार्टी के टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। संजीव गुप्ता ने जहाँ नगर के जनता में अच्छी पकड़ बना रखी है वही राधेश्याम जायसवाल की जनता में लोकप्रियता विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्यासी राकेश राठौर से मिली करारी हार के बाद घटती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी का टिकट किसको प्राप्त होगा यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन समाजवादी टिकट की रेस में टिंचु आगे दिखाई पड़ रहे है।

 

बसपा से लड़ेंगे चंचल श्रीवास्तव

अगर बात बसपा की करे तो यहा बसपा पार्टी ने भी नगर पालिका चुनाव के टिकट  पर अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी तक नही की है लेकिन बसपा से टिकट प्राप्त करने वाले उम्मीद्वार चंचल का नाम तय माना जा रहा है। चंचल श्रीवास्तव पहली बार नगर पालिका चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।  

 

नगर निकाय चुनाव में पार्टियो के टिकट प्राप्त करने की होड़ के साथ सभी नेताओ ने नगर की जनता को अपने अपने तरीके  रिझाने के लिए प्रयास भी जारी कर दिया है। सीतापुर नगर निकाय चुनाव के इस महाभारत में किस लड़ाके को पार्टी मैदान में लड़ने को भेजती है यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन पार्टी के टिकट की मारामारी देख तो यही लगता है की सीतापुर नगर निकाय के लिए होने वाली महाभारत देखने लायक होगी।

देश का सबसे प्रदूषित शहर बना भिवाडी, दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं ये शहर

अलवर: राजस्थान का भिवाडी जो अपने धुएं-उत्सर्जन उद्योगों के लिए कुख्यात है को अब देश के सबसे प्रदूषित शहर होने का तमगा मिल गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दीवाली पर एक रिपोर्ट जारी की जिसमें हवा की गुणवत्ता का उल्लेख किया गया है जिससे देश के विभिन्न शहरों में प्रदूषण स्तर का पता चला है।

 

दिल्ली-एनसीआर में आने वाले अलवर में स्थित भिवाडी को सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। कोलकाता दूसरे स्थान पर है, जबकि आगरा देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर है।

 

2016 में आगरा सबसे प्रदूषित शहर था। भिवाडी में बढ़ते वायु प्रदूषण का कारण उद्योगों को माना गया है जो हानिकारक धुआं का उत्सर्जन करते हैं। दीवाली पर स्थिति और बदतर हो गई।

 

19 अक्टूबर को सीपीसीबी ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (एएयूआई) पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें पता चलता है कि भिवाडी में प्रदूषण का स्तर 425 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। कोलकाता में 358 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है जबकि आगरा ने 332 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर वायु प्रदूषण दर्ज किया है।

 

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दीवाली से भी सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने पर चिंता व्यक्त की और पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। सभी उपायों के बावजूद भिवाडी को शहर के रूप में सबसे अधिक प्रदूषण के साथ चुना गया।

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स्कूल की बिल्डिंग से कूदी छात्रा, मौत

कोल्लम: शुक्रवार को कोलाम जिले में अपनी स्कूल की इमारत के तीसरे मंजिल से कूदने वाली 15 वर्षीय लड़की का सोमवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। लड़की, आईसीएसई स्कूल ट्रिनिटी लीसेम की 10वीं क्लास की छात्रा थी। शिक्षकों द्वारा परेशान करने पर लडकी ने यह कदम उठाया था। लड़की ने अपने छोटी बहन को कक्षा में बात करने पर लडकों के साथ बैठने की सजा दी थी जिसका विरोध इस लडकी ने किया था। जिसके बाद उसकी टीचरों से बहस हुई थी। उसने सज़ा पर सवाल उठाया था।

 

इस घटना के बाद लड़की के माता-पिता स्कूल के अधिकारियों से मिले थे और शिक्षकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी लेकिन उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि यह फिर से नहीं होगा।जिसके बाद दोनों बहनों का उनके दोस्तों और अन्य छात्रों ने मजाक उड़ाया और छेड़छाड़ किया।

 

लड़की के रिश्तेदारों के अनुसार शिक्षकों ने भी उसे धमकी दी थी और उसे बोर्ड की परीक्षा में नही बैठने देने की धमकी दी थी।जिसके बाद लडकी परेशान होकर अपनी स्कूल की तीसरी मंजिल से कूद गई थी और आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 

लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी को शिक्षकों ने मानसिक रूप से परेशान किया था। आत्महत्या करने के आरोपों के आरोप में पुलिस ने दो शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस शिक्षकों पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच हो रही है।

 

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यमुना एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम, फँसी रही हजारों गाडियाँ

मथुरा। मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर दीपावली पर्व की 5 दिन की छुटिृयों के बाद रविवार की रात कई किलोमीटर का लम्बा जाम लग गया । हजारों वाहन कई घंटे जाम मे फँसे रहे। जाम से बिगडती हालतो की गूॅज लखनऊ तक पहुॅचने के बाद एक घंटे के लिये मथुरा के मांट यमुना एक्सप्रेस वे टोल फ्री कर दिया गया।

 

मांट  टोल बैरियर पर दोनो ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गयी। आप स्वयं तस्वीरो मे देख सकते है कि किस प्रकार लम्बी कतारों मे वाहन फँसे हुए हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर जाम के झाम से निपटने के लिये अधिकारी भी दौड पडे। लेकिन कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही है।

 

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जापान के चुनाव 2017 में शिंजो अबे ने बहुमत हासिल कर लिया हैं बंपर जीत के बाद शिंजो अबे ने कहा की हम विनम्रतापूर्वक काम करेंगे। संसद के निचले सदन में जापानी प्रधान मंत्री शिंजो अबे की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने रविवार को दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। अबे की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। पाीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'मेरे प्रिय मित्र शिंजो आबे को चुनाव में जीत के लिए हार्दिक बधाई. मैं उनके साथ मिलकर भारत-जापान संबंधों को और मजबूत बनाने को उत्सुक हूं।

 

जापान के प्रधान मंत्री शिंजो अबे की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को गठबंधन साथी कोमिटा के साथ 465 सदस्यीय सदन में कम से कम 312 सीटों पर विजय मिली है। 465 सदस्यीय सदन में 312 सीटें जीतने वाली पार्टी, एक छोटे से गठबंधन साथी कोमिइटो के साथ, ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया इस जीत ने अबे के सत्तारूढ़ गठबंधन को जो पहले से ही ऊपरी सदन में बहुमत रखता है देश में कानून पारित करने के लिए स्वतंत्र शासन प्रदान करता है।

 

जापान ने 54 प्रतिशत मतदान हुआ था। आबे ने चुनाव परिणामों के बाद कहा, "मुझे लगता है कि परिणामों ने एक ठोस राजनीतिक आधार के लिए मतदाताओं ने हमारी नीतियों को स्वीकार किया है "मैं विनम्रतापूर्वक जीत का सम्मानना करूंगा और नम्रतापूर्वक और ईमानदारी से काम करना जारी रखूंगा।"

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नरेन्द्र पटेल ने लगाया आरोप बीजेपी ने दिया 1 करोड का आॅफर

गांधीनगर। रविवार की रात देर से घटनाओं के एक नाटकीय मोड़ में उत्तर गुजरात के वरिष्ठ पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होने के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। हार्दिक पटेल के पूर्व प्रमुख सहयोगी वरुण पटेल ने भाजपा ज्वाइन करने के बाद ही ये आॅफर उन्हे दिया था।

 

अहमदाबाद में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में, नरेंद्र पटेल ने मीडिया से पहले 10 लाख रुपये के 500 रुपये के बंडल को फैलाया और दावा किया कि यह भाजपा से प्राप्त अग्रिम धनराशि है उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए वरुण पटेल ने उन्हें राज्य अध्यक्ष जीतूभाई वाघानी से मिलने ले गए और उन्हें "टोकन" मनी दी।

 

नरेन्द्र पटेल ने कहा कि वरुण मुझे गांधीनगर में ले भाजपा के श्री कमलम कार्यालय ले गए और मुझे जीतूभाई वाघानी और कुछ मंत्रियों से मिलवाया। वो मुझे एक कमरे में ले गए और 10 लाख रुपये की एक बैग को टोकन के रूप में सौंप दिया साथ ही मुझे एक पार्टी समारोह के बाद कल और 90 लाख रुपये देने का वादा किया। जिसमें मुझे भी भाग लेना होगा ऐसा उनका कहना था।

 

उन्होंने कहा मुझे इस पैसे की ज़रूरत नहीं है मैं पाटीदारों के कल्याण के लिए इस अभियान में शामिल हुआ मैं यहां राजनीतिक लाभ के लिए नहीं आया था। यह भ्रष्ट धन है मैं इसे नही ले सकता।

 

इससे पहले नरेन्द्र पटेल मीडिया की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए थे और भगवा दुपट्टा के साथ उनका बीजेपी में स्वागत किया गया था। अब उनका कहना है कि यह सब इतनी जल्दी में हुआ और उन्होंने तुरंत मीडिया को मुझे पेश करने के लिए बुलाया और मुझे यह शो करना पड़ा। शनिवार को प्रमुख PAAS नेता वरुण पटेल और रेशमा पटेल भाजपा में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा और प्रदेश भाजपा प्रमुख जितू वाघानी की उपस्थिति में शामिल हुए थे।

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घोघा और दहेज के बीच रो-रो संचालन पूरे देश के लिए महत्व रखता है-मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोघा और दहेज के बीच रोरो (रोल, रोल ऑफ) नौका सेवा के चरण 1 का उद्घाटन किया। इस नौका सेवा में सौराष्ट्र में घोघा और दक्षिण गुजरात में दहेज के बीच यात्रा का समय लगभग सात घंटे या आठ घंटों से मात्र एक घंटे तक कम हो जाएगा।

प्रधान मंत्री ने भावनगर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड के सर्ववोत्तम पशु फ़ीड संयंत्र का भी उद्घाटन किया।

 

इस अवसर पर एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि ये गुजरात के लोगों के लिए यह एक सपना के सच होने जैसा है। नए साल के शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि घोघा और दहेज के बीच एक नौका का संचालन कार्यक्रम पूरे देश के लिए महत्व रखता है।

उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता का इतिहास नदियों और समुद्री व्यापार के जीवनशैली को दर्शाता है। गुजरात लोथल की भूमि है हम अपने इतिहास के इन पहलुओं को कैसे भूल सकते हैं। प्रधान मंत्री ने कहा यह कार्यक्रम हमारे गौरवशाली अतीत को वापस लाने के लिए है। यह नौका सेवा समय के साथ ही साथ ईंधन को बचाएगा।

 

प्रधान मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में गुजरात के विकास के लिए बहुत महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात का एक लंबा समुद्र तट है, और हमें इस से बाहर आने वाले अवसरों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तटीय बुनियादी ढांचे के विकास में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, यह नौका सेवा भी इस एक मार्ग तक सीमित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों को भी घाटियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य परिवहन क्षेत्र को एकीकृत करना है, और अत्याधुनिक बनाना है।

 

प्रधान मंत्री ने घोग से दहेज तक इस सेवा की पहली यात्रा की । इस यात्रा के दौरान, उन्हें जहाज़, और नौका सेवा के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने जहाज पर बोर्ड पर  दिव्यांग बच्चों के साथ भी बातचीत की।

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सीमा सुरक्षा बल ने अर्ध मैराथन 2017 का आयोजन कियाः शहीदों के लिए दौड़ आयोजित

केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं सूचना तथा प्रसारण राज्य मन्त्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने आज यहाँ शहीदों की याद में बीएसएफ अर्ध मैराथन 2017 को झण्डी दिखाई।

 

इस मैराथन में दिल्ली के निवासियों एवं प्रतिभागियों का अभूतपूर्व उत्साह दिखा जिन्होंने एक विशेष ध्येय के लिए दौड़ने में रूचि दिखाई। इस दौड़ के लिए 4865 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। इसके अतिरिक्त, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) प्रहरी परिवार ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। श्री राठौर ने सीमा सुरक्षा बल के शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अर्ध मैराथन को झण्डी दिखाई।

 

केन्द्रीय गृह राज्य मन्त्री श्री किरेन रिजिजू ने 05 किलोमीटर दौड़ के दूसरे खण्ड को झण्डी दिखाई। श्री रिजिजू ने भी बीएसएफ के महानिदेशक के.के.शर्मा एवं बीडब्ल्यूडबल्यूए के सदस्यों समेत सीमा बल के अन्य सदस्यों के साथ शहीदों के लिए दौड़ में हिस्सा लिया।

 

बीएसएफ अर्ध मैराथन को भारतीय एथलेटिक्स की गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर पद्मश्री सुश्री पी.टी. ऊषा, ओलम्पिक में पदक हासिल कर चुके निशानेबाज पद्मभूषण श्री अभिनव बिन्द्रा, अर्जुन पुरस्कार विजेता गोल्फर श्री अमित लूथरा एवं फिल्म अभिनेत्री सुश्री स्वरा भास्कर का समर्थन प्राप्त था और इस अवसर पर ये सभी उपस्थित थे।

 

बीएसएफ हाफ मैराथन को श्री विराट कोहली, मोहम्मद शामी एवं युसुफ पठान का भी समर्थन प्राप्त था जिन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा इस ध्येय को समर्थन दिया। श्री अक्षय कुमार ने भी शहीदों के लिए बीएसएफ अर्ध मैराथन 2017 को समर्थन दिया है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास एवं जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मन्त्री डा. सत्यपाल सिंह एवं विख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना सुश्री सोनल मान सिंह भी विजेताओं को पुरस्कार दिए जाने के अवसर पर उपस्थित थीं।

 

समारोह में शहीदों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया। सभी पदक एवं पुरस्कार सीमा सुरक्षा बल के शहीदों को समर्पित थे। सभी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

 

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