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updated 12:34 PM UTC, Jun 23, 2017
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यहाँ के भू माफिया से डरता है पुलिस प्रशासन, जिस-जिस ने की जाँच उसका हुआ तबादला

गौरव शर्मा/उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको जानने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे और कई बार सोचने पर मजबूर हो जायेंगे अगर आप के पास जमीन मकान  कारखाना आदि है तो आप भी ये जान ले की भू-माफिया यहाँ इस तरह से हावी हैं कि आपको जानकारी भी नहीं होगी और प्रशासन की मदद से आप की जमीन भू माफिया बेच लेंगे और जब आपको जानकारी होगी तब आप थानों के चक्कर लगाते रहेंगे। उसके बाद आपको कार्यवाही के नाम पर मिलेगी सिर्फ तारीख। क्योंकि यहाँ के भू-माफिया दबंग होने के साथ राजनीति और प्रशासन में अपना बड़ा रसूक भी रखते है जिसके चलते कोई भी अधिकारी इनके खिलाफ कार्यवाही की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। और जो अधिकारी न्याय संगत कार्यवाही करने की सोचता है उसका स्थानांतरण हो जाता है।

 

कुछ ऐसा ही मामला  सीतापुर जनपद के इमलिया थाना क्षेत्र से सामने आया है थाना क्षेत्र के काजीकमालपुर में पीड़ित सुरेश कुमार ने वर्ष 2003 में जमीन खरीदी थी जिस पर वर्ष 2005 में आनन्द ब्रिक फिल्ड नाम का भट्ठा संचालित कर दिया था जो आज तक संचालित हो रहा है लेकिन रसूकदार भूमाफिया की नजर पड़ने पर वर्ष 2015 में कूटरचित तरीके से फर्जी बैनामा कर जमीन को जनपद के बड़े रसूकदार ललित मेहरोत्रा के नाम कर दिया गया।

 

 

जिसके सम्बन्ध में पीड़ित के द्वारा मुकदमा संख्या 419,420,467,468,471, धारा के तहत इमलिया थाने में मामला दर्ज कराया गया था मामले की जांच करने वाले विवेचक को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है जबकि पीड़ित के द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज साक्ष्य सिद्ध हो चुके है मामले में सीतापुर पुलिस से न्याय न मिलता देख पीड़ित ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मामले में न्याय दिलाने की मांग की है।

डीएसपी आयूब पंडित की जामिया मस्जिद के बाहर पीट पीट कर हत्या

जम्मू। शहर में जामिया मस्जिद के बाहर पत्थरबाजी कर रही भीड ने एक पुलिस अधिकारी की पीट पीटकर हत्या कर दी। भीड की वीडियोग्राफी कर रहे डीएसपी आयूब पंडित को भीड ने घसीट घसीट कर मारा और हत्या कर दी। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही एक एसएचआे और पांच पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। भीड ने उनको नंगा कर 300 मीटर तक घसीटा और इस दौरान "मूसा मूसा जा़किर मूसा" के नारे भी लगाए। इस सिलसिले में आज दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

डीजीपी एसपी वैद ने मृतअधिकारी आयूब पंडित के श्रद्धांजलि समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा, "अब तक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और एक तिहाई की पहचान हो चुकी है। पुलिस के उप अधीक्षक को नग्न करके उनका मोबाईल और हथियार छीन लिया क्रुद्ध भीड़ ने उन्हें मार डाला।

 

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने डीएसपी आयूब पंडित की हत्या के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह शर्मनाक है और उपद्रवी पुलिस के सब्र का इंतहान न लें अगर उनका बांध टूट गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

 

 

डीएसपी अयूब जामिया मस्जिद के इंचार्ज थे और उस समय वहां पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे वोअकेले थे जब भीड ने उनको मस्जिद के बाहर दबोच लिया जिसके बाद अयूब पंडित ने फायरिंग की थी जिसमें कुछ लोग घायल हुए थे।घटना के वक्त अलगाववादी नेता मीरवाइस भी वहाँ पर मौजूद था।

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मुखर्जी नगर के विकास के लिये सांसद ने जारी किया 48 लाख का फंड

नयी दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुखर्जी नगर के विकास के लिये अपने पूर्व में किये वादे के अनुसार एमपी फंड से 48 लाख रूपये जारी किए हैं। इस फंड के लिये निगम पार्षद पूजा मदान और क्षेत्र के नेता संजय मदान काफी वक्त से प्रयासरत थे| पार्षदों ने इस फंड के लिए अपने सांसद को क्षेत्रवासियों की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 

मनोज तिवारी भी कुछ महीने पहले एक आम सभा में इसका वायदा किया था जिसे पूरा किया है |गौरतलब है कि अभी  दो दिन पहले तिमारपुर के पूर्व प्रत्याशी कल्पना कुमारी द्वारा श्री तिवारी जी के स्वागत समारोह में उन्होने तिमारपुर क्षेत्र  को लिये भी 50 लाख देने का वायादा किया है |आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुये भाजपा विकास को मुख्य मुद्दा बनाना चाहती है|

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NEET 2017 का रिजल्ट जारी! यहां देखें अपना रिजल्ट

नई दिल्ली: मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट परीक्षा का आयोजन इस साल 7 मई को किया गया था। बोर्ड ने 7 मई को देशभर के 1921 परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। जिसका रिजल्ट आज आ गया है।

ऐसे देखें रिजल्ट

1- बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in और cbseneet.nic.in पर जाएं।

2- CBSE NEET 2017 Results पर क्लिक करें।

3- रोल नंबर और मांगी गई जानकारी सब्मिट करें।

 

4- अब अपना रिजल्ट डाउनलोड करें, आप उसे प्रिंट भी कर सकते हैं।

बॉलीवुड: सलमान खान और डायरेक्टर कबीर खान की फिल्म टाइगर और बजरंगी भाई जान के बाद तीसरी फिल्म 'ट्यूबलाइट' लेकर आये हैं। इस बार कबीर खान ने हॉलीवुड की फिल्म 'लिटिल बॉय' से प्रेरित होकर इस फिल्म की कहानी पर्दे पर दर्शाने की कोशिश की है। वैसे हॉलीवुड की फिल्म 'लिटिल बॉय' को बहुत ज्यादा सराहा नहीं गया था पर उसके हिंदी रुपांतरण में कुछ न कुछ खास मिलने की उम्मीद है।

ट्यूबलाइट की कहानी

यह कहानी लक्ष्मण (सलमान खान) की है जिसे पास पड़ोस के बच्चे ट्यूबलाइट के नाम से बुलाते हैं। लक्ष्मण का भाई भरत (सोहेल खान) है। भरत और लक्ष्मण एक तरह से एक दूसरे के लिए सब कुछ है क्योंकि बचपन में ही इन माता पिता का देहांत हो गया था, दोनों भाई एक दूसरे के साथ ही बड़े होते हैं। कहानी में इमोशनल पल तब आता है जब भरत की नौकरी आर्मी में लग जाती है और इंडो-चाइना युद्ध के लिए उसे जाना पड़ता है और जिसके वापस आने की कोई उम्मीद नहीं होती। लक्ष्मण पूरी तरीके से भावुक हो जाता है और उसकी भरपूर कोशिश होती है कि किसी भी कीमत पर वह अपने भाई को वापस ला सके जिसके लिए लक्ष्मण की जर्नी शुरू होती है। कहानी में बन्ने खान (ओम पुरी) और छोटे बच्चे गुओ (मतीन) और उसकी मां (जू-जू) की एंट्री से कई सारे ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं, लेकिन लक्ष्मण को यकीन रहता है कि उसका भाई भरत जरूर वापस आएगा।

फिल्म में शाहरुख़ खान का भी रोल है जिसको जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अवधि: 2 घंटा 16 मिनट

सर्टिफिकेट: U

 

रेटिंग: 2.5 स्टार

इस मंत्री के घर रहेंगे रामनाथ कोविंद आज करेंगे नामांकन दाखिल

नई दिल्ली: देश के अगले राष्ट्रपति के लिए भाजपा नीत एनडीए ने रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित करके एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए उम्मीदवार के चयन प्रक्रिया और योग्यता पर नई बहस छेड़ दी है। राष्ट्रपति चुनावों में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे। उनका राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। जेडीयू और शिवसेना के बाद अन्नाद्रमुक ने भी कोविंद का समर्थन करने का ऐलान किया है। वहीं राष्ट्रपति चुनावों तक रामनाथ कोविंद केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के आवास पर रहेंगे।

रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आशीर्वाद लिया। इससे पहले बुधवार को उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की थी।

 

वहीं विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनावों में अपना उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को बनाया है। मीरा कुमार जगजीवनराम की बेटी हैं और 5 बार सांसद रह चुकी हैं। एनडीए के उम्मीदवार दलित हैं, ऐसे में विपक्ष ने मीरा कुमार को दलित की बेटी बताकर पेश किया है।

जिलाधिकारी गोरखपुर ने किया बांध का निरीक्षण दिये आवश्यक निर्देश

गोरखपुर, गुरूवार की दोपहर में जिलाधिकारी द्वारा बन्धो के निरीक्षण की खबर मिलते ही सिचाई विभाग के अधिकारियों ने आनन फानन में बन्धो पर हुए रेंन कट की भराई शुरू करा दिया और उनके पहुचने  पर  भी ट्रैक्टर ट्राली से मिटटी भराई का कार्य चलता  रहा।

 

सिचाई विभाग के अधिकारियों ने भगवानपुर से पक्की सड़क  से रबेलिया के रास्ते से बन्धे पर महुआसर के समीप बने बोरी से बनाये गए लांचिंग का निरीक्षण किया  जहां जिलाधिकारी राजीव  रौतेला ने किये गए कार्य पर संतोष व्यक्त  किया जबकि महुआसर में बने कटान स्थल पर लांचिंग के कई जगहों पर बैठने की ग्रामीणों की शिकायत पर सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता एवं सहायक अभियंता  को डीयम ने चेतावनी भी दिया ।

 

 

ग्रामीणों ने इस दौरान जिलाधिकारी को बताया कि पिचिंग में पड़ी बोरियो में रेत की जगह मिटटी भरकर डाली गयी है इसलिए अभी नदी में महज एक मीटर पानी बढ़ने पर ही हाल ही में बना लांचिंग आधे से अधिक दूरी  में बैठ गया है।जिलाधिकारी ने बंधे के निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को अविलंब सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया

आजादी के बाद से ही विकास को तरसता गोंडा का ये गांव

गोण्डा, मुख्यालय से 40 किलोमीटर मनकापुर के टिकरी जंगल मे बसे वनटांगिया गावँ जहां आज भी मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं, यहाँ सड़के नहीं हैं,नालियां नहीं हैं बिजली नही है पक्के मकान नही है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि यहां के लोगो विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में वोट तो करते है पर पंचायत चुनाव में वोट करने का हक नही है।यहाँ के लोग किस गांव में रहते है इस बारे में इनको कोई जानकारी नही। यूँ कहें तो ये भारत के नागरिक तो है पर सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम सरकारी योजनाओ का लाभ इनको नही मिलता है।

 

इस गावँ में 200 से अधिक परिवार रहते है,जिनकी आबादी लगभग 700 है जिनमे 300 से अधिक बच्चे है। यहाँ बच्चों के पढ़ाई के लिये एक भी स्कूल नही है । इस गावँ में सैकड़ो सालों से रह रहे लोग आज के डिजिटल युग मे भी जंगलियों की भांति जिंदगी गुजारने को मजबूर है। इस गाँव की बदहाली को लेकर फिलहाल कोई भी नेता मुह खोलने को तैयार नहीं है। पीएम मोदी के स्वच्छता मिशन और डिजिटल इंडिया और यूपी सरकार के दावों को मुह चिढ़ाता असलियत ज़रूर इस गाँव में देखी जा सकती है। अब देखना ये होगा कि इस व्यवस्था के दम पर कैसे डिजिटल भारत बन सकेगा।

 

 

मोदी के डिजिटल इंडिया के सपनो को मुह चिढ़ाता एक सच है सरकार द्वारा तमाम आवास योजनाएं चलाई जा रही है फिर भी इस गावँ के लोग छप्पर के मकानों में रहने को मजबूर है। यहाँ के बच्चे शिक्षा के अधिकार से भी दूर है। यहां के बच्चो का पढ़ लिख कर कुछ बनने का मन तो है पर स्कूल नही है, अगर है भी तो 12 किलोमीटर दूर, ये छोटे छोटे बच्चे पढ़े, कैसे देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का भविष्य आज अंधेरे में है।

 

सदियों से इस गावँ के लोग अंधेरे में है यहां रहने वाले लोग मेहनत मजदूरी करके किसी तरह पेट तो भर लेते है। लेकिन सरकार द्वारा चलाई जा रही अंत्योदय सहित अन्य सरकारी योजनाओ का लाभ इन गरीबो को नही मिल रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा चलिए गए ड्रीम योजना उज्जलवा का यहाँ नामो निशान तक नही है, महिलाएं जंगलों से लाकर इकट्ठा की गई लकड़ियों को जलाकर चूल्हे पर खाना पकाती है।

 

आजादी के बाद से हर विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में यहाँ के लोग अपने मतों का प्रयोग करते है, लेकिन ये ग्राम पंचतयों के चुनावों में अपना वोट नही डालते है, इन्हें किसी गाँव की श्रेणी में नही रखा गया है। चौकाने वाली बात एक यह भी है इनके पास आधार कार्ड, राशनकार्ड जैसे पहचान पत्र तो है, लेकिन किसी भी सरकारी योजनाओं से दूर है यहाँ के लोग। गांववालों से जब हमने बात की तो बताया कि पहले कुछ वर्षों तक हमें सरकारी राशन मिला था लेकिन 2005 से वो भी बंद हो गया।

 

इस बारे में जब मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये अभी किसी ग्राम समाज का हिस्सा नही है। लेकिन मैं इस गांव का दौरा कर वहाँ के लोगों से मिलकर उनकी समस्यओ को समझकर उन्हें दूर करने का प्रयास करूंगी व और इन गांव वालों विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा, जिससे इन लोगों को सरकारी मुलभूति सुविधाए मिल सके। शिक्षा के सवाल मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ये बहुत दुखद है लेकिन प्रशासन के तरफ से बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूर प्रयास करेंगे।

 

 

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मौत के तीन महीने बाद सऊदी अरब से घर पहुंचा युवक का शव

सुलतानपुर, जिले के एक युवक की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के तीन महीने बाद जब उसका शव जब गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पिछले ढाई महीने से परिजनों ने शव को मंगाने के लिये लखनऊ और दिल्ली के चक्कर लगाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से शव भारत आ सका,अखंडनगर थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव के रहने वाले रघुनन्दन का बड़ा बेटा सुरेन्द्र रोजी राटी की तलाश में तीन साल पहले सऊदी अरब गया था। वह दम्माम शहर के मुतलक बिन नासिर के यहां खाना पकाने का काम करता था।

 

 

करीब दो साल रहकर वह जुलाई 2016 में छुट्टी पर वापस घर लौटा था। चार महीने की छुट्टी के बाद सुरेन्दर नवम्बर 2016 को दम्माम लौट गया। 31 मार्च को उसकी पत्नी के पास अचानक एक फोन आया और सुरेन्द्र की मौत की खबर दी। मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने फोन पर सुरेन्दर के मालिक से बात करने की तमाम कोशिशें की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसी तरह सुरेन्द्र के परिजनों का सऊदी अरब में रह रहे पडोसी कफील से बात हुई तो उसने बताया कि सुरेन्दर दम्माम के एक गांव में था और उसके ऊपर आकाशीय बिजली गिर जाने से मौत हो गई।इसके बाद परेशान परिजनों ने शव को जल्द से जल्द मंगाने के लिये दौड़ भाग शुरू की लेकिन इन्हे निराशा हाथ लगी। तब जाकर इन्होंने अपने क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल हक की मदद ली। अब्दुल हक ने एम्बेसी से कोशिश कर शव को सऊदी अरब से मंगवा लिया।

डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की कोशिश, हिरासत में ग्रामीण

पीलीभीत, जिलाधिकारी कार्यालय में अजब नज़ारा सामने आया। 11 बजे के बीच एक अधेड़ ग्रामीण ने अपने ऊपर अचानक केरोसीन डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की। जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कम्प मच गया। ग्रामीण के इस कृत्य पर डीएम के सुरक्षा गार्ड की नज़र पड़ी तो उसने ग्रामीण को पकड़ लिया,साथ ही शोर भी मचा दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में ही मौजूद सीओ सिटी निशांक शर्मा ने पुलिस वल के साथ पहुँच ग्रामीण को आग लगाने में नकाम कर दिया और हिरासत में ले लिया। ग्रामीण जमीनी विवाद में उलझा हुआ था। उसका कहना है कि उसकी कोई सुनवाई किसी स्तर पर नहीं हुई जिसकी बजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। उसने पुलिस पर पैसे लेकर दूसरे पक्ष पर रिश्वत लेकर सहयोग का आरोप भी लगाया।

 

घटना अपराहन लगभग 11 बजे की है। जब कलेक्ट्रेट परिसर में बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गाँव भौनिया का ग्रामीण श्रीपाल तेज कदमों से आया। उसने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर अपने ऊपर केरोसीन तेल छिड़कना शुरू कर दिया। इसी बीच डीएम के सुरक्षा गार्ड राम श्रंगार की नजर पड़ी। वह तुरंत दौड़े और उससे केरोसिन छीन लिया तथा शोर मचा दिया।

 

कलेक्ट्रेट परिसर पुलिस वल के साथ मौजूद पुलिस कर्मियों ने श्रीपाल को आग लगाने में नाकाम कर दिया। श्रीपाल ने बताया कि उसने एक दलित महिला की जमीन खरीदी थी। लेकिन एक परमीशन जो दलित की जमीन खरीदने के लिए जरूरी होती है। उसे कराने की मृत्यु हो गई। महिला की मृत्यु के बाद में कुछ लोगों ने जमीन पर यह कहते हुए कब्जा कर लिया कि महिला ने मृत्यु से पूर्व जमीन उन्हें बेच दी है। इसी मामले में न्याय मांगने के लिए वह हर जगह चक्कर लगाकर थक गया तो उसने यह कदम उठाया। वही पुलिस ने आत्मदाह की कोशिश करने वाले ग्रामीण श्रीपाल को हिरासत में ले लिया है।

 

एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि इस प्रकरण में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार ग्राम भोनी तहसील व कोतवाली बीसलपुर निबासी गेंदा पत्नी स्व0 केदार की मृत्यु हो चुकी है। रिहायशी जमीन का प्लाट है। मामले में पुलिस ने गत 22 अप्रैल को दोनों पक्षों पर शांति भंग की कार्रवाई कर जेल भी भेजा था। गुरुवार को दवाब बनाने के उद्देश्य से श्रीपाल  ने आत्मदाह की कोशिश की। इस प्रकरण में जांच की जा रही है। आरोपी ने पुलिस पर दूसरे पक्ष से धन लेकर सहयोग करने का आरोप भी सरे आम लगाया।

 

 

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