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updated 1:03 PM UTC, Aug 18, 2017
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गुण्डे-बदमाशो को सही स्थानों पर पहुँचा रही योगी सरकार-धर्मपाल

बुलंदशहर। स्याना में महारानी अबंतीबाई लोधी की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। ओमप्रकाश लोधी के आवास पर हुए कार्यक्रम में प्रदेश के सिंचाई व यांत्रिक काबीना मंत्री धर्मपाल लोधी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा. मलखान सिंह चौहान ने तथा संचालन भाजपा जिला सचिव नेमपाल सिंह ने किया। कार्यक्रम संयोजकगण किसान मोर्चा के पूर्वाध्यक्ष सुंदरपाल तेवतिया, ओमप्रकाश लोधी व जयचंद चौहान ने मंत्री जी का स्वागत फूल-मालाएं पहनाकर किया। स्वर्णकार एसोसियेशन के पंकज सोनी ने चांदी का मुकुट पहनाकर मंत्री जी का सम्मान किया। ओमप्रकाश लोधी ने मंत्री जी को स्मृति चिह्न तथा जयचंद चौहान ने तलवार भेंट की।

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सिंचाई मंत्री ने महारानी अबंतीबाई लोधी के स्वर्णिम इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए मंत्री धर्मपाल लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। सर्वधर्म समाज के वर्गों के सम्मान व सुरक्षा के प्रति सरकार कटिबद्ध है। अपराध की स्थिति पर कहा कि विरासत में मिली बिगड़ी कानून व्यवस्था पटरी पर आ गई है। गुण्डे-बदमाशो को उनके सही स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

 

सिंचाई विभाग के लक्ष्य को बताते हुए कहा कि टेल तक ही नहीं, बल्कि खेत तक पानी पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। समारोह में शंभूसिंह लोधी, पूर्व चेयरमैन मोहनलाल, नीरज लोधी, राजू लोधी, कैलाश लोधी, देवेन्द्र फौजी घनसूरपुर, व्यापारी नेता राजेश चौहान, रतनलाल अग्रवाल, गजेन्द्र चौहान, आनंद वर्मा, सुमित वर्मा, मा. राजपाल चौहान, रूपकिशोर लड़ाना, राजेश चौधरी, हरिओम लोधी, अभिषेक सोनी, साहिल सोनी, कृष सोनी, शिव कुमार वर्मा, अशोक वर्मा, ऋत्विक सोनी, प्रथम सोनी, राज सोनी, जितेन्द्र चैहान, मोहन लोधी, खजान लोधी, संजय चैहान सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे

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बुलंदशहर में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत, दहशत

बुलंदशहर। यूपी के बुलंदशहर में भी स्वाइन फ्लू ने फौजियों के गांव में दस्तक दे डाली और स्वाइन फ्लू से एक फौजी की गर्भवती पत्नी की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गयी। स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है, विभाग ने गांव में लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए रक्षक दवाएं वितरित की है। हालांकि फौजियों के गांव सैदपुर में स्वाइन फ्लू की दहशत के कारण फौजियों के परिजन मूह पर रूमाल व मास्क बांधकर रहने को मजबूर है। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत स्वीकार की है।

 

मूंह पर कपडा व मास्क बांधे ये है बुलंदशहर के सैदपुर गांव के वांशिदें, जो देश में फौजियों के गांव के रूप में प्रख्यात है। दरअसल 10 दिन पूर्व सीआरपीएफ के जवान मनोज सिरोही की 25 वर्षीय गर्भवती पत्नी प्रियांशी सिरोही को नजला, खांसी और बुखार हुआ तो पहले गुलावठी, फिर हापुड और फिर मेरठ में भर्ती कराया, जहां सांस लेने में प्रियांशी को परेशानी होने लगी। मेरठ में 13 अगस्त को आयी प्रियांशी की इस ब्लड रिर्पोट में एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर ने प्रियांशी सिरोही को स्वाइन फलू घोषित कर दिया, जिसके बाद दिल्ली के एक मैक्स हास्पिटल में भर्ती कराया, जहां स्वाइन फ्लू के कारण गुरूवार को इलाज के दौरान प्रियांशी सिरोही की मौत हो गयी। फौजियों के गांव में स्वाइन फ्लू से मौत की खबर से जहां ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वही स्वास्थ्य विभाग में भी हडकम्प मच गया, आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग ने मृतका के परिजनों व ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाएं दी।

 

सीएमओ ने बुलंदशहर में स्वाइन फ्लू से मौत की पुष्टि की है। साथ ही दावा किया है कि जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड तैयार करा दिया गया है। हालांकि बुलंदशहर में स्वाइन फ्लू के टेस्ट परीक्षण व इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नही है। स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध रोगियों का रक्त परीक्षण के लिए बुलंदशहर से मेरठ भेजता है।

 

कुल मिलाकर स्वाईन फ्लू जिले में दस्तक दे चूका है, इसका असर ग्रामीण क्षेत्रो से लेकर जिला मुख्यालय तक हो रहा है।  सरकारी अस्पतालों में दावे भले ही कुछ हो लेकिन इस बीमारी का इलाज नाम मात्र ही है।  मरीज़ो का इलाज ज़िले से बाहर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग पर मौत और बीमारी के आंकड़े भी पूर्ण नहीं है।

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शिक्षा मित्रों की योगी को धमकी 19 तक नही हुआ समायोजन तो जाम कर देंगे लखनऊ

गोंडा। शिक्षामित्र अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर से सड़कों पर उतर आए हैं। गोण्डा में शिक्षामित्रों ने हजारों की संख्या में सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस बार शिक्षामित्र अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर सरकार के विरोध में मोर्चा खोला। शिक्षामित्रों ने गोण्डा के जिलापंचायत सभागार से लखनऊ गोण्डा राजमार्ग होते हुए जिला कलक्ट्रेट तक तिरंगा यात्रा निकाली, जिसमे सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भारत माता जय व वंदेमातरम के नारे भी लगाए गए।इस दौरान लखनऊ गोण्डा राजमार्ग शिक्षामित्रों द्वारा ठप्प कर दिया गया।

 

शिक्षामित्र सड़क पर बैठ गए और काफी देर तक यातायात को बाधित किया जिससे राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। शिक्षामित्रों ने यूपी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा अगर 19 अगस्त तक उनका समायोजन शिक्षक के तौर पर नही होता तो पूरे प्रदेश के शिक्षामित्र संगठन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जाम कर देंगें।जिसका अंजाम बहुत बुरा होगा।

 

तिरंगा हाथों में लेकर सड़क पर प्रदर्शन के सवाल पर शिक्षामित्र संघ के मीडिया जिला प्रभारी अवधेश मणि त्रिपाठी ने तिरंगा लेकर हम सरकार को सन्देश देना चाहते है की हमारा संग़ठन शिक्षामित्रों को शिक्षक बना के ही दम लेगा।

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तो बिना पुख्ता सबूत के "दृष्टांत" मैग्जीन ने लगा दी थी कमाल खान पर आरोपों की झडी ?

'दृष्टांत' नामक मैग्जीन ने एक कवर स्टोरी प्रकाशित कर NDTV के लखनऊ के रेसीडेंट एडीटर और उनकी पत्नी व इंडिया टीवी की रिपोर्टर रुचि कुमार पर सरकारी साँठ-गाँठ कर करोडों की संपत्ति अर्जित करने का कथित तौर पर शुलासा किया है। पत्रिका के संपादक अनूप गुप्ता ने खबर में कमाल खान और रुचि कुमार की संपत्तियों का ब्योरा भी दिया है। यही नही एक कंपनी में दोनो के शयर होने के बारे में भी जानकारी दी गई है।

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लेकिन "नमामि भारत" की टीम ने जब मिनिस्ट्री आॅफ कंपनी अफेयर्स के रिकाॅर्ड खंगाले तो पत्रिका में दी गई नाम के.ए.पी.एस. ट्रेडिंग कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड की कोई कंपनी का अस्तित्व ही नही मिला हाँ उनसे मिलती जुलती कंपनियों के नाम निकलकर आए लेकिन उस कंपनी के पार्टनर के रुप में किसी में रुचि कुमार या कमाल खान का नाम नही मिला। निश्चित रुप से पत्रिका के संपादक या तो किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं या तो उनको इन दोनो से कोई पर्सनल खुन्नस है। हम तो “दृष्टांत” और उसके संपादक को यही सलाह देंगे की बिना सत्यता की पुख्ता जाँच के किसी पर ऐसे आरोप न लगाएं तो बेहतर होगा। सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए ऐसा काम नही होना चाहिए।

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KPS trading company pvt. ltd. से मिलती जुलती कंपनियों के रिकाॅर्ड में भी नही मिली दोनो में से किसी का नाम 

कमाल खान और उनकी पत्नी ने पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखा है जो इस प्रकार है।

 

दृष्टांत पत्रिका के अगस्त अंक में कवर पेज पर मेरी फ़ोटो छाप के मेरे बारे में लिखा गया है. इसमें मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत, तथ्यों से परे, मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और मानहानि करने वाले है. ये आपकी बदनीयती भी जारी करते हैं क्योंकि आपने मेरे ऊपर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने से पहले मेरा पक्ष जानने का कोई प्रयास नहीं किया. हमारे पास ना तो आपके बताये गोमती नगर के दो प्लाट हैं, ना पुरसैनी गांव में कोई ज़मीन है और ना ही हम किसी भी कम्पनी के डायरेक्टर या शेयर होल्डर हैं. मैं पिछले करीब तीन दशकों से पत्रकारिता कर रहा हूं. पिछले 22 साल से एनडीटीवी में हूं और मेरी पत्नी रुचि पिछले 24 साल से ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट हैं और एक प्रतिष्ठित परिवार से सम्बन्ध रखती हैं.

हमारे मीडिया संस्थान हमें इतनी सैलरी देते हैं कि हम दोनों ने मिलके पिछले फायनेंशल ईयर में करीब नब्बे हज़ार रुपये महीना इनकम टैक्स दिया है जो टीडीएस की शक्ल में कम्पनी ने काट के भेजा है. अगर हम नब्बे हज़ार रुपये महीना टैक्स देते हैं तो आप समझ सकते हैं कि हम अपने लिए इससे भी ज़्यादा खरीदने की हैसियत रखते हैं. हमारे ऊपर दृष्टान्त पत्रिका में चार बड़े आरोप लगाए गए है, जिनके बारे में हमारा पक्ष यूं है…

 

(1) आरोप : कि हमारे पास गोमती नगर के विराज खण्ड में प्लाट नम्बर 1/97 और विकल्प खण्ड में प्लाट नम्बर 1/315 है..

मेरा जवाब : ये दोनों प्लाट कभी हमारे पास नहीं थे... अगर ये हमारे प्लाट हैं तो हमारे नाम इनकी रजिस्ट्री निकलवा के हमें कब्ज़ा दिलवा दीजिये। एलडीए से मैंने इन दोनों प्लाट्स के डाक्यूमेंट्स  निकलवाये तो पता चला विराज खण्ड का प्लाट नम्बर 1/97 कमाल खान नहीं बल्कि किन्हीं कलाम खान और असमा कलाम को 30 मार्च 1996 से एलाट है... जबकि 1/315 विकल्प खण्ड किन्हीं मयूरी शर्मा को 2001 से एलाट है…

 

(2) आरोप : कि हमारे पास मोहनलाल गंज के पुरसैनी गांव में काफी ज़मीन है...

हमारा जवाब : इस गाँव मे हम चार दोस्तों ने मिलके चार बीघा खेत खरीदे थे जिसमें मेरे नाम से एक बीघा और रुचि के नाम से एक बीघा खेत थे.. इन्हें करीब 4 साल पहले बेच कर हमने लखनऊ से 36 किलोमीटर दूर मोहनलालगंज के गौरा गांव में खेती की दूसरी ज़मीन खरीदी थी.. अब मेरे या रुचि के नाम से पुरसैनी में कोई ज़मीन नहीं है...पुरसैनी की खतौनी के पेज नम्बर तीन अगर आपने देखा होता तो पता चल जाता कि चार साल पहले ये ज़मीन बेची जा चुकी है..

 

(3) आरोप : कि हम लोग किसी केएपीएस ट्रेडिंग कम्पनी में डायरेक्टर हैं और इसमें हमारा शेयर है...

जवाब : हमे केएपीएस ट्रेडिंग कम्पनी में डायरेक्टरशिप और शेयर होल्डिंग से सम्बंधित कम्पनी के दस्तावेज़ दिला देंगे तो हम इस कम्पनी से डायरेक्टर की हैसियत से अपना पैसा मांग सकेंगे क्योकि इस कम्पनी का नाम हमने आज पहली बार सुना है। हमें पता ही नहीं था कि हम इसमें डायरेक्टर और शेयर होल्डर हैं। आपने अपनी मैग्ज़ीन में पुरसैनी गाँव की ज़मीन की खतौनी छापी है, जिसमें आपने साबित करने की कोशिश की है कि खसरा नम्बर 988 में मैं और रुचि केएपीएस ट्रेडिंग कम्पनी के डायरेक्टर अम्बरीष अग्रवाल के साथ पार्टनर हैं और कम्पनी के डायरेक्टर हैं.. आपने लिखा है कि हमने ये ज़मीन कंपनी के डायरेक्टर अम्बरीष अग्रवाल को दे रखी है.. रेवन्यू रिकॉर्ड में खसरा होता है... खसरा ज़मीन का बहुत बड़ा हिस्सा होता है.. एक ही खसरा नम्बर में कई लोगों की ज़मीन होती है... एक खसरे में अगर बहुत सारे नाम लिखे हैं इसका ये मतलब नहीं कि वो सब पार्टनर हैं... आपने जो खतौनी छापी है वो सिर्फ ये बताती है कि 988 नम्बर के खसरे में कई अलग-अलग लोग ज़मीनों के मालिक हैं.. और, आप बदनीयत नहीं होते तो इसी खतौनी के पेज नम्बर तीन को भी दिखाते जिसमें साफ साफ लिखा है कि ये ज़मीन हमने चार साल पहले किन्हीं और लोगों को बेच दी थी और खरीदने वाले अम्बरीष अग्रवाल या केएपीएस ट्रेडिंग कम्पनी नहीं है.. उस इलाके में अम्बरीष अग्रवाल की ज़मीन होने से आपने हमे उनकी कम्पनी का डायरेक्टर बताया है... कम्पनी के दस्तावेज निकाल के साबित कीजिये कि हम उस कम्पनी के डायरेक्टर हैं और हमारा कम्पनी में शेयर हैं…

 

(4) आरोप: कि हमारे पास मोहनलालगंज में विशाल फार्म हाउस है जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ है..

मेरा जवाब : मैं अपना ये खेत आपकी बताई गई कीमत के एक चौथाई दाम तीन करोड़ में बेचने को तैयार हूं... आप तुरंत बिकवा दें... खरीदने वाले को नौ करोड़ का फायदा हो जाएगा...

पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरे किये गए कार्यों के लिये मुझे पांच नेशनल और एक इंटनेशनल अवार्ड मिला है... मुझे दो बार भारत के राष्ट्रपति ने नेशनल अवार्ड दिए हैं... ऐसे में ये साफ है कि आप अपनी बदनीयती से  मेरी निजी और पेशेगत प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना चाहते हैं.. मेरी पत्नी रुचि इंडिया टीवी में एसोशिएट एडिटर हैं और 24 साल से ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट हैं... उन्होंने देश के सबसे बड़े मीडिया हाउसेस में काम किया है... वो एक सम्मानित प्रतिष्ठित पत्रकार हैं और एक प्रतिष्ठित परिवार से हैं.. आपकी जानकारी के लिए मेरी पत्नी रुचि के पिता की पलामू में बॉक्साइट की दो बहुत बड़ी माइंस थी जिससे एल्युमीनियम बनता था और बिरला की एल्युमीनियम फैक्ट्री को सप्लाई होता था... जब उनके पिता बुजुर्ग हो गए तो उन्होंने अपने पिता से कहा कि आपको अब इस उम्र में भागदौड़ नही करनी चाहिए इसलिए उन्होंने उनकी दोनों माइंस सरकार को सरेंडर करा दी.. अगर उनको यही चिरकुट टाइप बेईमानी करनी होती तो इसके बजाय वो अपने पिता की खाने चला कर उससे बहुत ज़्यादा पैसा कमा लेतीं... आपके तर्क के मुताबिक अगर पत्रकार को अच्छा वेतन पाना, खुशहाल होना या सम्पत्ति खरीदना अपराध है तो फिर पत्रकारों को मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए... क्योकि इतना पैसा तो सभी मीडिया हाउस देते हैं कि पत्रकार झोला लटका के साइकिल पर घूम सके...

कमाल खान

Resident Editor, NDTV

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इलाज के दामों की कैपिंग मोदी सरकार का सार्थक कदम-वैदिक

गोरखपुर में हुई बच्चों की हत्या पर सरकार की कितनी ही किरकिरी हुई हो, लेकिन केंद्र सरकार ने घुटनों की शल्य-चिकित्सा में चल रही लूट-पाट को बंद करने का जो निर्णय लिया है, वह सराहनीय है। भारत में लगभग डेढ़ करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्हें अपने घुटने बदलवाने की जरुरत होती है लेकिन मुश्किल से एक-डेढ़ लाख ही बदलवा पाते हैं, क्योंकि यह इलाज जरुरत से ज्यादा मंहगा है। इस पर हजारों नहीं, लाखों रु. खर्च होते हैं। अब सरकार ने ऐसा निर्णय किया है कि जिसके वजह से यह लूटपाट रुकने की पूरी उम्मीद है।

 

पहले यदि घुटना बदलवाने में 100 खर्च होते थे तो अब यह काम 25-30 रु. में ही हो जाएगा। जो यांत्रिक घुटना बाजार में अब तक डेढ़ लाख रु. का मिलता था, वह अब सिर्फ 55 हजार में मिलेगा। टाइटेनियम का जो घुटना ढाई लाख तक में मिलता था, वह अब 67 हजार रु. में मिलेगा। केंसर के रोगियों को लगनेवाले उपकरण की कीमत 5 लाख रु. थी, वह अब 1 लाख 14 हजार रु. में मिलेगा। जो भी डाॅक्टर, अस्पताल या दवा-विक्रेता इससे ज्यादा कीमत वसूलेगा, सरकार उसे कड़ी सजा देगी। जाहिर है कि इस नई व्यवस्था से देश के लाखों गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को विशेष राहत मिलेगी। घुटने का आॅपरेशन ज्यादातर बुजुर्ग लोग ही करवाते हैं। वे मोदी सरकार और स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्ढा को तहे-दिल से आशीर्वाद देंगे।

 

इसके पहले सरकार ने फरवरी 2017 में हृदय की शल्य-चिकित्सा में लगनेवाले उपकरणों की लूट-पाट में जबर्दस्त कटौती की थी। चिकित्सा के अनेक अन्य आयाम भी हैं, जिन पर सरकार की ओर से कठोर कार्रवाई की जरुरत है। लगभग सभी दवाइयों पर सरकार को दाम बांधो नीति लागू करनी चाहिए। किसी भी दवाई के दाम उसकी लागत के दुगुने से ज्यादा नहीं होने चाहिए। निर्माता और विक्रेता यदि इससे ज्यादा मुनाफा कमाने की कोशिश करें तो उन्हें जेल भेजा जाए। आज तो कई दवाइयां 2 रु. की हैं लेकिन वे बिकती हैं, 200 रु. में ! सिर्फ दवाइयों और उपकरणों में चलनेवाली लूट पर प्रतिबंध काफी नहीं है। अस्पतालों की पांच सितारा संस्कृति भी खत्म होनी चाहिए। आप दवा और उपकरण सस्ते कर दीजिए, वे पलंग, डाक्टरों की फीस, अनावश्यक टेस्टों का शुल्क इतना बढ़ा देंगे कि गाड़ी मुड़कर फिर वहीं खड़ी हो जाएगी। सरकार ने इतनी हिम्मत की है तो उसे डाॅक्टरों और अस्पतालों की फीस पर भी दाम बांधों नीति लागू करनी होगी।

 

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक के फेसबुक वाल से साभार

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मूड ऑफ द नेशन-अभी चुनाव हुए तो कांग्रेस की हालत खराब बीजेपी की बल्ले-बल्ले

नयी दिल्ली। बीजेपी के लिए एक बार फिर खुश होने का वक्त है क्योंकि मोदी सरकार के 3 साल पूरा होने के बाद 'आजतक' और इंडिया टुडे ने KARVY इंसाइट लिमिटेड के साथ मिलकर मूड आॅफ नेशन नाम से किए गए सर्वे में जो निकलकर आया है उससे तो यही लगता है। मूड ऑफ द नेशन नाम से किए गए इस सर्वे में इन राज्यों के 97 संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत पड़ने वाले 194 विधानसभा क्षेत्र में कुल 12,178 लोगों की राय पूछी गई, जिनमें 68% लोग ग्रामीण और 32% लोग शहरी इलाकों में रहने वाले थे।



12178 लोगों के सैंपल साइज में किए गए इस सर्वे में बीजेपी की बल्ले बल्ले हो रही है। इस सर्वे के परिणामों के अनुसार अगर अभी चुनाव होते हैं तो एनडीए को बहुमत मिलेगा और काॅग्रेस को कोई खास फायदा नही मिलने वाला। जहाँ बीजेपी की सीटें बढकर 298 हो रही है तो कांग्रेस एक बार फिर मौजूदा समय से 3 सीटें बढकर 47 पर अटक रही है।सर्वे के अनुसार अगर अभी चुनाव हुए तो एनडीए को 42 % तथा यूपीए को 28% वोट मिलेंगेे अन्य वोट 30% रहेगा जो कि यूपीए के वोट से ज्यादा है।

 

यह सर्वे सैंपल साइज के हिसाब से अब तक का सबसे बड़ा ओपिनियन पोल जिसमें देश के 19 राज्यों- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोग शामिल हैं। यह सर्वे में 12 जुलाई से 23 जुलाई के बीच किया गया।

 

33% लोगों ने नरेन्द्र मोदी को बेहतरीन पीएम माना है गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी ने लोकप्रियता के मामले में इंदिरा गाँधी को भी पीछे छोड दिया है इंदिरा गाँधी को जहाँ 17 % लोगों ने पसंद किया तो नेहरु को सिर्फ 8 % लोगों ने पसंद किया। नरेन्द्र मोदी के काम को 63 % लोगो ने शानदार कहा और 23% ने औसत।

 

मोदी सरकार के मंत्रियों की बात करें तो सर्वे के अनुसार अरुण जेटली 28% साथ सबसे ऊपर हैं उसके बाद 26% ऱाजनाथ सिंह तीसरे नंबर पर 21 % सुषमा स्वराज तथा चौथे नंबर पर 14% के साथ नितिन गडकरी हैं।

 

2019 में मोदी का मुकाबला किससे है के सवाल पर लोगों का मत है कि मोदी का मुकाबला 21% लोगों ने कहा कि राहुल गाँधी से है वही 12% लोगों ने सोनिया गाँधी के साथ तथा 07 % लोगो ने केजरीवाल को मुकाबले में रखा।

 

बीजेपी अध्यक्ष के रुप में अमित शाह के काम को 50% लोगो ने शानदार कहा 30 % लोगो ने औसत और 13 % ने खराब कहा। वही काँग्रेस के उपाध्यक्ष के रुप में राहुल गाँधी के काम को 40 % लोगो ने ही शानदार कहा।

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बाढ से इंसान ही नही जंगली जानवर भी परेशान,सडक पर आए हिरन से हुई बाईक सवार की टक्कर

गोण्डा। नेपाल से छोडे गए पानी से तराई इलाके पानी से भर चुके हैं सबसे ज्यादा असर बलरामपुर गोण्डा बहराइच जैसे तराई इलाकों में पडा है। बाढ़ का कहर गोण्डा में जारी है, बाढ़ के पानी के रौद्र रूप से जहां गांव गांव परेशान है वही अब इसका असर जंगल मे रहने वाले जानवरो पर भी दिखने लगा है। जंगली जानवर अब जंगल से निकलकर सड़कों व ऊँचे स्थानों की और रुख करने लगे है।

 

परेशान जानवर ऊँची जगहों कि तलाश में इधर उधर भाग कर ठिकाना तलाश रहे हैं। ऐसे जानवरों का झुंड का झुंड सडकों पर आ जाता है जिससे जानवर औऱ इंसान आमने सामने आ जाते हैं। इसी जद्दोजहद में एक बाइक सवार व हिरण की बीच सड़क पर जोरदार टक्कर हो गई। बाढ़ से परेशान हिरण कल रात सड़क पार कर ऊँचे स्थान की तलाश कर रहा था, तभी सड़क से गुजर रही एक तेज रफ्तार बाइक की हिरण से टक्कर हो गई, जिसमे हिरण सहित बाइक सवार बुरी तरह से घायल हो गए। जोरदार भिड़ंत की आवाज़ सुनकर सड़क के आसपास के लोग मौके पर दौड़कर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि सड़क पर बाइक सवार व हिरण बुरी तरह से घायल हो पड़े है और कराह रहे है।

 

टक्कर इतनी तेज थी घायल हिरण व बाइक सवार खड़े नही हो पा रहे थे।  लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन किया, मौके पर पहुँची पुलिस ने घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घायल हिरण की जानकारी पुलिस ने फॉरेस्ट विभाग को दी। हिरण को आंख, कान ,पैर व मुँह के पास गहरी चोट लगी है। फॉरैस्ट विभाग के पशु डॉक्टर हिरण का मरहम पट्टी कर इलाज़ कर रहे है। ये घटना तब हुई जब रात में बाइक सवार अपने घर वापस जा रहा था तभी उसके सामने जंगल से निकलकर हिरणों का एक झुंड बीच सड़क पर आ गया।मामला गोण्डा के कर्नलगंज क्षेत्र का है।

बाढ़ के बीच ट्रैक्टर पर सवार होकर निकली बारात, दूल्हे को छोडनी पडी कार

बहराइच। की तीन तहसीलों महसी, कैसरगंज व मोतीपुर के लाखों लोग जहां बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं इन इलाकों में बाढ़ का पानी क्या घर क्या बाहर हर जगह लबालब भरा है प्रशासन नावों के सहारे लोगों को ऊपरी इलाकों में सुरक्षित पहुचाने में जुटा है। लोग जब किसी तरह पेड़ पर छप्पर बैठकर जीवन बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं।इस भीषण आपदा के बावजूद कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने मांगलिक आयोजन भी हर हाल में निपटाने पर आमादा हैं अब जिले के सलमान की ही बात करें जो दूल्हा बनकर इस बाढ़ से बेपरवाह शादी करने निकले हैं घर से कार में बैठकर ससुराल के लिए निकले थे लेकिन जब बाढ़ में जाने से कार वाले ने मना कर दिया तो दूल्हा सलमान ससुराल से आये ट्रैक्टर ट्राली पर ही सवार होकर बारातियों संग चल निकले।इनका कहना है जब तारीख तय हो गई तो शादी करने तो जाना ही था।

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ये नजारा है जिले की महसी तहसील के बौंडी इलाके का बीते दो दिनों के दौरान इस इलाके के 75 फीसद भूभाग पर घाघरा का पानी बाढ़ बनकर तबाही मचा रहा है। बौंडी बाजार थाना, स्कूल समेत पूरे गांव में पानी ही पानी है इतना ही नही इस क्षेत्र के कई गांवों में सम्पर्क पूरी तरह कटा है। लोगों को अपने घर पहुचने के लिए कहीं घुटने से ऊपर तो कहीं कमर से ऊपर पानी मे चलकर अपने घर पहुंचना पड़ रहा है। लेकिन इस सबके बीच इसी इलाके में आज कुछ अलग नजारा देखने को मिला जब बहराइच के सुदूरवर्ती क्षेत्र जरवल कस्बे के सलमान शादी का सेहरा बांधे हुए कार में सवार होकर इसी बाढ़ ग्रस्त इलाके के रतनपुर गांव में शादी रचाने पहुंचे।लेकिन रतनपुर गांव से करीब तीन किलोमीटर पहले से बाढ़ के लबालब भरे पानी ने उनकी कार में ब्रेक लगा दी।

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अब इस भीषण पानी मे दूल्हे सलमान की कार जाए तो जाए कैसे सो उन्होंने वहीं उतरना मुनासिब समझा फिर उनकी ससुराल रतनपुर से ट्रैक्टर ट्राली भेजी गई जिसमें सवार होकर दूल्हा सलमान व उनके साथ बाराती पानी मे ही रवाना हुए। दूल्हा सलमान के मुताबिक पानी कुछ कम हुआ था लेकिन पानी आज और अधिक बढ़ गया। जब शादी की तारीख तय थी तो जाना तो था ही।

नेपाल द्वारा रुक-रुक कर छोड़े गए पानी से बाढ़ का कहर जारी

बलरामपुर। भारत नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल श्रावस्ती बहराइच बलरामपुर और सिद्धार्थ नगर के निचले हिस्सों में पड़ोसी राष्ट्र नेपाल द्वारा रुक-रुक कर छोड़े गए पानी से बाढ़ का कहर जारी है जिला प्रशासन बचाव और राहत कार्य दिन रात एक किए हुए हैं वही क्षेत्र के स्वयं सेवी संस्थाएं तथा जनप्रतिनिधि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने निजी संसाधनों से राहत कार्य में सहयोग दे रहे हैं बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के जनपद भ्रमण की सूचना पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य से हटकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और उनके सुरक्षा के इंतजाम में व्यस्त हो गया है

 

जिले में मुख्यमंत्री को लेकर हेलीपैड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए जिला अधिकारी राकेश मिश्रा पुलिस अधीक्षक स्थानीय स्टेडियम परेड ग्राउंड में तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि मुख्यमंत्री बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्य की समीक्षा करेंगे जिससे बाढ़ पीड़ितों को अधिक से अधिक बचाव और राहत कार मिल सके।

 

बाढ़ विभीषिका से जूझ रहे जनपद वासियों को मुख्यमंत्री की समीक्षा से अधिक बचाव और राहत कार्य की आवश्यकता है जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय एवं राजनेता स्वयंसेवी संस्थाएं और जनप्रतिनिधि बखूबी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य को जारी किए हुए हैं जिला प्रशासन एनडीआरएफ और PSC के जवानों के साथ राहत कार्यों का जायजा ले रही है ऐसी दशा में मुख्यमंत्री के आवागमन के चलते जिला प्रशासन का ध्यान बचाओ रहस्य कार से हटकर मुख्यमंत्री के सुरक्षा और समीक्षा को लेकर व्यस्त हो गए हैं जिले के सभी अधिकारी अपने अपने विभागों के कार्यों और तैयारी को लेकर व्यस्त नजर आ रहे हैं वही पुलिस प्रशासन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र हटाकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक रह न जाए इस पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए है वही राहत कार उपेक्षित नजर आ रहा है।

 

सत्ता परिवर्तन के बाद जनपद की विकास कार्यों में  रुकावट के कारण जनपद को राजधानी से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग गोंडा बलरामपुर आवागमन चल रहा है तथा मुख्यालय से उतरौला तहसील को जोड़ने वाला उतरौला बलरामपुर मार्ग आधे अधूरे निर्माण कार्य के चलते तालाबों में तब्दील हो चुके हैं जिसके कारण राज्य परिवहन निगम की बसें इन मार्गों पर अपना संचालन बंद कर चुकी है बलरामपुर तुलसीपुर तथा बलरामपुर गौरा चौराहा तथा बलरामपुर हरिहरगंज ललिया शिवपुरा मार्ग बाढ़ के चलते बंद पड़ा हुआ है जनपद को अन्य जनपदों और राजधानी से जोड़ने का एक एक मात्र साधन भारतीय रेल संचालित हो रही है।

फिर सडकों पर उतरे शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन लगाया जाम

बुलंदशहर । प्रदेशभर के शिक्षामित्र एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सड़को पर हैं। बुलंदशहर में आज तिरंगे को लेकर हजारों शिक्षामित्रों ने कलैक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन कर जाम किया। शिक्षामित्रों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सहायक पद पर समायोजित किये गये शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किया हैं तब से उनका भविष्य अंधकार में हो गया हैं। उनका कहना था कि वे 17 वर्षें से लगातार शिक्षण कार्य कर रहे हैं अब अधिक उम्र हो जाने के कारण उन्हें रोजगार कोई अन्य विकल्प नही रह गया हैं। शिक्षामित्रों ने दावा किया कि उनके सभी शिक्षामित्र स्नातक व बीटीसी की योग्यता रखते हैं। धरना प्रदर्शन और जाम के बाद शिक्षामित्रों ने डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक पद पर बने रहने के लिये नया अध्यादेश लाने तक समान कार्य समान वेतन के आधर पर कार्य करने की मांग की।

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