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updated 8:08 AM UTC, Apr 24, 2018
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जल है तो कल है यह हमारा कर्तव्य है: अंकिता पाल

अंकिता पाल: हम सभी २२ मार्च को जल दिवस मनाते है पर हमें यहां नहीं पता कि हमारे प्रथवी  में कितना प्रतिशत शुद्ध जल रह गया है। जल दिवस का प्रारंभ 1992 में रियो डी जनेरिया (यू एन सी ई डी) में की गई क्योकी जल को अधिक मात्रा में संग्रह व बचाव किया जाए।

 

नदियों। का 40% पानी सूख चुका है और आशंका है कि आने वाले समय में 60% पानी भी सूख जाएगा। हजारों सालों से बहती नदियों ने बहना बंद कर दिया है अब नदियों में सिर्फ चट्टाने,कंकड़, पत्तर द्देखने को      मिलते है इसलिए लोग सोचते है की जल है तो पेड़ है पर ऐसा नहीं है पेड़ है तो जल है इसलिए हमको अधिक मात्रा में पेड़ पौधे लगाना चाहिए इसलिए हमको नदियों के एक किलो मीटर की चौडई के दोनों तरफ पेड़,पौधे,फल, अनाज और तो और खाने में भी हमको 30 %से भी ज्यादा फलो का सेवन करना चाहिए जिससे हमारा शरीर मजबूत बनेगा और किसानों की पैदावार ज्यादा होगी ।

 

शहरों की बढ़ती आबादी कारण पानी की मांग से काफी दिक्कते खड़ी   हो वो कारण है मुंबई में रोज़ 50 लाख लीटर पानी खर्च हो जाता है और पानी। ना मिलने के कारण 22 लाख लोगों की मौत हो जाती है 97.5% पानी समुद्र। का खारा है और शेष 1.5% पानी बर्फ से ढका है और आने वाले समय में हमारे बच्चे पानी कि एक एक बूंद को खर्च करने में डरे गी इसलिए हमको सोच समझ कर उतना पानी प्रयोग करना चाहिए जितना हमको जरूरत है इसलिए हम सब मिल कर करेगे तो यह काम जल्दी हो  विश्वविद्यालयवर्ष 2011 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम था “शहर के लिये जल: शहरी चुनौती के लिये प्रतिक्रिय।वर्ष 2012 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम था जल और खाद्य सुरक्ष। वर्ष 2013 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम था “जल सहयोग”।वर्ष 2014 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम था “जल और ऊर्जा वर्ष 2015 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम था “जल और दीर्घकालिक विकास”

 

वर्ष 2016 के विश्व जल दिवस उत्सव के लिए विषय होगा "जल और नौकरियाँ"

वर्ष 2017 के विश्व जल दिवस उत्सव के लिए विषय "अपशिष्ट जल" होगा और अब हमारा दो बूंद जिंदगी की ओष कणों की तुलना कवि व शायर न जाने किन-किन रूपों में करते हैं, उनके काव्य जगत् का यह हिस्सा रीता ही रह जाता । लेकिन मानव का यह गुणधर्म है कि जिस वस्तु को वह व्यवहार में लाता है, उसे दूषित कर ही देता है ।शहर के निकट की नदी या झील में उस शहर का सारा गंदा पानी भरा रहता है जिससे  दूषित जल वायु की समस्या भी उत्पन्न हो गई है । जल प्रदूषण के कारण जल के विभिन्न जलजीवों का जीवित रह पाना भी कठिन होता जा रहा है । इसको बचना हमारी जिमेदरी इसमें हमको ही कोई एक्शन लेना होगा जिससे सरकार को सहायता मिले और आसानी से काम हो और हम अपने बच्चो, परिवार,और वातावरण को शुद्ध भी बना सकते है मुझे बस आपके सपोर्ट की जरूरत है इसलिए आज ही संकल्प लेते है जो कल नहीं किया वो आज करे गई इस बात को यही समाप्त करने से पहले आपके सलाह की जरूरत है आप अपनी राय भेजे और जल को बचाए

आप सभी को जल दिवस की हार्दिक बधाई ।

                                                                          अंकिता पाल

                                                               पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग

 

                                                                       कानपुर विश्वविद्यालय

 

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