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updated 7:30 AM UTC, Oct 17, 2017
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बिहार में 40 सालों से बन रहा बांध उद्घाटन से पहले ध्वस्त

दिल्ली: बिहार के भागलपुर में गंगा पंप के नहर परियोजना के उद्घाटन किए जाने से एक दिन पहले बांध टूट गया। ग़ौरतलब है की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को नहर के बांध का उद्घाटन करने वाले थे जिसे घटना के बाद रद्द कर दिया गया है। जबकि जल संसाधन विभाग ने कथित तौर पर बांध की खराब गुणवत्ता की जांच का आदेश दिया है, इस घटना के बाद राज्य सरकार की ख़ासी किरकिरी हुई है।

 

60 किलोमीटर लंबा बटेश्वरस्थान पंप की नहर गंगा से निकलती है। इस बांध से बिहार में 21,700 हेक्टेयर और झारखंड में 4,000 हेक्टेयर में सिंचाई की जानी थी। 389 करोड़ रूपये की परियोजना, जो 1977 में 13.88 करोड़ रूपये की लागत से शुरू हुई थी, परियोजना लागत को कई बार संशोधित किया गया था और अंत में यह सरकार के साथ 12 उच्च क्षमता वाले जल पंपों को स्थापित करने के लिए तैयार था। आपको बता दें अगर यह 12 पंप एक साथ शुरू हो जाए, तो ये नहर में प्रति सेकंड 260 क्यूसेक पानी छोड़ सकते हैं।

 

बांध के टूटने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है, ना जाने मुख्यमंत्री जी इसपर क्यों चुप रहते हैं।

 

परियोजना में शामिल एक अधिकारी ने कहा, हमने मंगलवार की दोपहर को पांच पंपों की शुरुआत की थी क्योंकि मुख्यमंत्री द्वारा बुधवार को इसे खोला जाना था। लेकिन एनटीपीसी कॉलोनी की ओर बांध का एक छोर अचानक पानी के प्रवाह का दबाव नहीं सह पाया और आसपास के इलाकों में पानी के झड़ने के कारण यह घटना हुई।

 

जब पूछा गया कि खराब गुणवत्ता वाले बांध के काम के लिए कौन जिम्मेदार था तो उन्होंने कहा, जल संसाधन विभाग ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है। यह सामूहिक जिम्मेदारी है।

RJD के घमंड से टूटा गठबंधन! मोदी ने बताई असली वजह

पटना: बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि आरजेडी के अहंकार की वजह से गठबंधन टूटा है। बिहार में बहुमत काम करने एवं विकास के लिए मिला था, गांव के दलित आरजेडी के व्यवहार से परेशान थे। राजनीति से धन इकट्ठा करने वालों का साथ नहीं दे सकते हैं। धर्मनिरपेक्षता के सहारे हमें सत्ता नहीं चाहिए, धर्मनिरपेक्षता भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए नहीं होती है।

नीतीश कुमार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि हमने कांग्रेस को 20 से 40 तक पहुंचाया। लेकिन कांग्रेस ने कभी सहयोग नहीं किया, जनता सबसे बड़ा कोर्ट होता है। सत्ता सेवा के लिए होता है, भोग के लिए नहीं।

 

इससे पहले डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको सत्ता भ्रष्टाचार के लिए नहीं, बल्कि विकास के लिए मिला था, बेनामी संपत्ति बनाने के लिए आपको बहुमत नहीं मिला था। मोदी के इस बयान पर आरजेडी ने जमकर बवाल काटा और मोदी के इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग भी की।

बिहार: हिम्मत होती तो मुझे बर्खास्त करते! तेजस्वी यादव

राकिब हुसैन/पटना: बिहार की विधानसभा मे जम कर हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कडी परीक्षा हो रही है, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता घोषित होने के बाद अपने भाषण के दौरान नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री पर जम कर बरसे साथ ही नीतीश की ओर इशारा करते हुऐ कहा कि अगर “हिम्मत होती तो वो मुझे बर्खास्त करते” पर ऐसा नही किया क्योंकि वो मेरे आत्मविश्वास से डर गए थे।

 

तेजस्वी ने अपने भाषण के शुरु करते ही नीतीश को बॉस के नाम से ही पुकारा, ठीक उसी प्रकार जब गठबंधन के समय बॉस नाम से पुकारा करते थे, तेजस्वी ने आगे बोलते हुऐ कहा कहा कि नीतीश मुझे कभी भी बर्खास्त नहीं कर सकते थे क्योंकि हमारे पास 80 विधायक थे, और कहा उनके इस फैसले से बिहार के लोगो का नुकसान है।

 

 

तेजस्वी यादव ने बीजेपी के कई बडे नेताओं और हाल ही मे बने डिप्टी सीएम सुशील मोदी पर अपने हमले का बाण चलाते हुऐ कहा आप किस मुंह से विधान मंडल मे हंस रहे हो। जानकारी के लिए आपको बता दें कि बिहार मे विधानसभा की सीटों की संख्या 243 है जिसमे बहुमत से सरकार बनाने का जो आकड़ा वह 122 है, नीतीश ने यह अपने विश्वासमत का प्रस्ताव रखा है, कुछ ही समय बाद उस पर वोटिंग होना आरम्भ हो जाएगा।

शर्मनाक: 12 हजार मे बेच दो अपनी बीवी- जिलाधिकारी औरंगाबाद

राकिब हुसैन/दिल्ली: बिहार के औरंगाबाद से जिलाधिकारी कंवल तनुज अपने ही एक बयान मे बुरी तरह फस गए है जिसकी चारों ओर आलोचना हो रही है। डीएम कंवल तनुज जम्होर मे  एक सर्वजनिक मंच पर स्वच्छता अभियान को संभोधित करते हुए गांव वालो को यह बताने का प्रर्यतन कर रहे थे कि शौचालय बनाने से घर और गांव दोनों की गरीमा बढती है, तभी एक गांव के निवासी ने अपनी गरीबी के बारे मे बताया तो इस बात पर डीएम महोदय भड़क गए और कह बैठे जाओ अपनी बीवी बेच दो।

 

दरअसल कंवल तनुज शौचालय को लेकर भाषण दे रहे थे कि उसी समय एक व्यक्ति ने अपनी गरीबी को दर्शाया, तो IAS अधिकारी को यह सुनना अच्छा नहीं लगा और अापा खोते हुए बोल पडें कि ऐसा कौन सा आदमी है जो यह बोल दे कि मेरी बीवी की इज्जत ले लो और मुझे 12 हजार रूपये दे दो, मुझे पता है ऐसा एक भी इन्सान नहीं होगा, जाओ देखो जाकर कितनी गरीबी है और अगर यही मानसिकता है तो बेच दो अपनी बीवी को और सरकार से बोल दो कि नहीं बनेगा शौचालय। डीएम ने आगे बोला कि सरकार की इंदिरा आवास योजना का पैसा ले लेते है और उससे अपनी बेटी का विवाह रचा लेते है।

 

कंवल तनुज ने जिस शख्स से बीवी बेचने वाली बात बोली थी वह महादलित जाति से है। भले ही कंवल तनुज का बोलने का मतलब कुछ ओर हो परन्तु अब इस बयान पर विबाद खडा हो गया।

भाजपा जैसे चिल्लर और खटमल का इलाज में जनता की दवाई से करूंगा: लालू प्रसाद यादव

राकिब हुसैन/पटना: पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के 12 ठिकानो पर CBI छापेमारी के बाद शुक्रवार रात रांची से लोटने के बाद वह अपने घर वापस लोटे और मीडिया से बात की। मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि ये भाजपा की साजिश है जो हमें मिटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसे चिल्लर और खटमल का इलाज में जनता की दवाई से करुंगा।

 

हम इनके गुरूर को तोड देगें चाहें इसके लिए फांसी पर क्यों न लटक जाए। 27 अगस्त को पूरे बिहार की जनता और विपक्षी द्ल के नेता गाँधी मैदान में एक जुट होगें साथ ही पूंर्ण रूप से बात को रखेगें। हम बीजेपी को बिहार से तो निकाल चुके हैं, पर अब देश से निकालना हैं।

 

बेबुनियादी मामलों में हमें फसानें की कोशिश की गई हैं। जनता और न्याय मूर्ती पर हमें पूरा भारोसा हैं। मेरे परिवार वालो को भी नही छोड़ा जब कि यह मामला तब का है जब राबडी देवी किसी पद पर नही थी और तेजस्वी भी नाबालिक थे।

सुपर 30 का रिकाॅर्ड इस साल भी कायम 30 में से 30 छात्र IIT JEE में सफल

पटना: गणितज्ञ आनंद कुमार के सुपर 30 ने एक बार फिर से एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि 30 में से 30 उम्मीदवारों ने आईआईटी-जेईई एडवांस्ड परीक्षाओं में सफल हुए है, जिसके परिणाम रविवार को घोषित किए गए थे।गौरतब है कि सुपर 30 पिछले 15 सालों से गरीब व वंचित वर्गों के छात्रों को मुफ्त कोचिंग के साथ रहने खाने जैसी सभी सुविधाएं मुफ्त प्रदान करता है।

 

सुपर 30 संस्थापक ने कहा "मुझे खुशी है कि इस साल सभी 30 उम्मीदवारों ने आईआईटी-जेईई में सफलता प्राप्त की है अब सुपर 30 को एक बहुत जरूरी विस्तार देने का समय आ गया है। अब हम देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों को चुनने के लिए टेस्ट आयोजित करेंगे।जिसका विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। शुरुआत के 15 वर्षों में, सुपर 30 ने 450 उम्मीदवारों में से 396 विद्यार्थियों को आईआईटी में भेजने में कामयाबी हासिल कर ली है।

 

गौैरतलब है कि सुपर 30 के 30 छात्रों जिन्होंने प्रतिष्ठित आईआईटी-जेईई एडवांस 2017 को पास किया है, उनके अभिभावक भूमिहीन किसान, अंडा विक्रेता, बेरोजगार पिता के वारिस हैं। परिणामों के बाद मीडिया के लोगों से बात करते हुए, कुमार ने सुपर 30 की सफलता की कहानी को अपने छात्रों के कड़ी मेहनत और धीरज के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि देश में अपने प्रसिद्ध 'सुपर 30' का विस्तार करने का यह समय है।

 

कई प्रेरणादायक कहानियां हैं जो हर बार की तरह सुपर 30 कोचिंग इंस्टीट्यूट से इस साल भी निकली हैं। चाहे वो बेरोजगार पिता के बेटे केविन हों, या सड़क के अंडा विक्रेता के बेटे अरबाज एक खेत के मजदूर के बेटे अर्जुन या भूमिहीन किसान के बेटे अभिषेक सब की कहानी एक जैसी है, इन सभी ने गरीबी और कष्टों की कड़ी बाधाओं को दूर कर आईआईटी में एडमीशन पाकर जो सफलता पाई है वो उनके जैसे कई अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।

 

केल्विन के पिता दीपक बेरोजगार हैं वह लोगों को योग सिखाता है, लेकिन उनकी कमाई दोनों के लिए पर्याप्त नहीं है। लेकिन दीपक को पता था कि गरीबी के जीवन से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका शिक्षा ही है। आज केल्विन के खुशी के आँसू नही रुक रहे क्योंकि वह गणितज्ञ आनंद कुमार के साथ बैठा है।

 

तो अरबाज के पिता बिहार के बिहारशरीफ़ जिले में अंडे बेचते हैं लेकिन उसने गरीबी से हिम्मत नही हारी उसमें शिक्षा के माध्यम से हमेशा अपने जीवन को बेहतर बनाने की लगन थी अरबाज ने बताया कि "आनंद सर ने मुझे मेरी क्षमताओं के बारे में बताया जिससे मेरे अंदर आत्मविश्वास बढा। और अब, मेरे पिता को खराब मौसम पर अंडे नही बेचने पड़ेगें।

लालू के कहने पर साथ आए अखिलेश और मायावती, यहाँ करेंगे एक साथ रैली

पटना: बिहार में जदयू और कांग्रेस के साथ महागठबंधन कर बीजेपी को रोकने में कामयाब हुए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अब 2019 लोकचुनाव से पहले अखिलेश यादव और मायावती की दोस्ती कराने की तैयारी में हैं। आगामी अगस्त में पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की रैली में मंच साझा कर नयी संभावनाओं की इबारत लिखती नजर आएंगी।

 

राजद की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी मुखिया मायावती ने आगामी 27 अगस्त को पटना में आयोजित होने वाली लालू की रैली में शिरकत पर रजामंदी दे दी है। राजद प्रमुख लालू ने इन दोनों नेताओं को इस रैली में शामिल होने के लिये हाल में फोन भी किया था। सिंह ने बताया कि एसपी संस्थापक मुलायम सिंह यादव को भी रैली में लाने की कोशिशें की जा रही हैं।

 

 

बता दें की सपा और बसपा के एक मंच पर साथ आने को राजनीतिक हलकों में सूबे की राजनीति के एक नये दौर के उभार के रूप में देखा जा रहा है। खासकर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी शिकस्त ने इन दोनों दलों को साथ आने के बारे में सोचने पर मजबूर किया है।

बिहार में नहीं मिली रंगदारी तो लड़की को जिंदा दफना दिया, फिर हुआ कुछ ऐसा...

बिहार: 1 लाख कि रंगदारी न देने कि वजह से लडकी को जिन्दा दफना दिया। मामला बिहार के समस्तीपुर जिले का है। यहां के कुछ दंबगों जमीन विवाद के चलते एक लड़की के जमीन में जिंदा दफनाने की कोशिश की। उन्होंने ट्रैक्टर की ट्रॉली में लदी मिट्टी इस लड़की के ऊपर लाकर उड़ेल दी। लड़की का पूरा शरीर मिट्टी से दब गया था सिर्फ उसका सिर दिखाई दे रहा था, जिसके बाद पास के कुछ लोगों ने उसे मिट्टी से बाहर निकाल कर बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरो ने उसे दरभंगा मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया।

लडकी कि माँ का कहना कि दबंगों ने रंगदारी मांगी थी हमने देने से मना कर दिया तो उन्होंने मेरी बेटी को जिन्दा दफ़नाने कि कोसिस की है।

पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान के बाद छानबीन शुरू कर दी। दो लोगों को हिरासत में भी लिया गया है, जिनसे पुलिस पुछताछ कर रही है।

बड़ा खुलासा: जानिए चूहों ने कैसे पी 9 लाख लीटर शराब

पटना: बिहार में जहां पिछले 1 साल से पूरी तरह से शराबबंदी लागू है, वहां अब आम आदमी नहीं बल्कि चूहे शराबी हो गए हैं। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्ण शराबबंदी के फैसले के दौरान राज्य में लाखों लीटर शराब जब्त की गई। अब खबर ये आ रही है कि जब्त की गई शराब की खेप मालखाने में रखे-रखे चूहे गटक गए। करीब 9 लाख लीटर शराब मालखाने से चूहों द्वारा गटके जाने का मामला सामने आया है।

 

बिहार में पूर्ण शराब बंदी के मद्देनजर सघन अभियान के दौरान राज्य में जब्त के बाद पुलिस मालखाने में रखी करीब 9 लाख लीटर से अधिक शराब को चूहों द्वारा गटक जाने का मामला प्रकाश में आया है।

 

 

सूत्रों के अनुसार मीडिया कि रिपोर्ट्स के आधार पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल ने बताया कि पटना क्षेत्र के पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

चंपारण में सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष में गांधी और गांव पर चर्चा

देश भर में मनाए जा रहे चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के दौरान अनोखा कार्यक्रम बिहार के चंपारण में ही आयोजित हुआ। 15 अप्रैल को पूर्वी चंपारण के एक छोटे से गांव फुलवरिया में लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। किसी गांव में लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन अपने-आप में बेहद खास बात थी। फुलवरिया गांव जिले के सुगौली प्रखंड में है और आज़ादी की लड़ाई में इस गांव के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शायद यही वजह है कि गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की।

 

कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे यूपी के पूर्व डीजीपी और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी विभूति नारायण राय ने इस कार्यक्रम को बापू के सपनों का कार्यक्रम बताया। राय ने कहा कि बापू ने गांवों को समृद्ध बनाने के जो रास्ते सुझाए ये कार्यक्रम उसी रास्ते पर एक यात्रा है। श्री राय देश के जाने-माने स्तंभकार और लेखक भी हैं। गांव के लोगों के बीच पहुंचे देश के बड़े लेखक-पत्रकारों में अरविंद मोहन भी शामिल थे। इस मौक़े पर अरविंद मोहन की लिखी तीन किताबों का विमोचन भी हुआ। तीनों किताबें चंपारण सत्याग्रह पर लिखी गईं हैं।

 

चम्पारण सत्याग्रह के सहयोगी और चम्पारण सत्याग्रह की कहानी को सस्ता साहित्य मंडल ने प्रकाशित किया है जबकि प्रयोग चम्पारण ज्ञानपीठ प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। मौके पर अरविंद मोहन ने कहा कि चंपारण के किसानों को एक बार फिर नील की खेती शुरू करनी चाहिए, इस बार ये खेती खुद के मुनाफे के लिए होगी न कि अंग्रेजों के मुनाफे के लिए। वरिष्ठ पत्रकार और प्रभात खबर अखबार के संस्थापक संपादक एस एन विनोद ने चंपारण सत्याग्रह के इतिहास को याद किया। इस मौके पर ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व डायरेक्टर जनरल और देश के जाने-माने कवि लक्ष्मी शंकर बाजपेई ने कहा कि अगर ये कार्यक्रम नहीं होता तो उन्हें सत्याग्रह भूमि पर आने का मौक़ा नहीं मिलता। गांव में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय सांसद डॉ संजय जायसवाल भी शामिल हुए और उन्होंने कहा कि इस किस्म के आयोजन का गांवो में होना निश्चित तौर पर बहुत ही सराहनीय प्रयास है।

 

कार्यक्रम का आयोजन भोर ट्रस्ट नाम की एक संस्था ने किया था। इस मौके पर गांधी की चंपारण यात्रा से जुड़ी एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया। भोर लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजक और वरिष्ठ पत्रकार अनुरंजन झा ने कहा कि चंपारण में गांधी का आंदोलन ये साबित करता है कि जुर्म के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करके भी गुलामी से मुक्ति पाई जा सकती है। समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों और गांधी से जुड़े सवालों का जवाब देने वाले गांव के करीब 50 स्कूली बच्चों को भी सम्मानित किया गया।

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