Log in

 

updated 6:53 PM UTC, Jan 16, 2018
Headlines:

NRC मामले पर बैकफुट पर केन्द्र सरकार, राजनाथ बोले किसी को नही निकालेंगे

नई दिल्ली। शून्यकाल में टीएमसी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की एनआरसी के माध्यम से किसी को असम से बाहर नही भेजा जाएगा। गौरतलब है कि असम में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में असम में चल रहे नेशनल रजिस्टर आॅफ सिटीजन्स के सर्वे में असम में 1971 के पहले से रह रहे लोगों का नाम ड्राफ्ट किया जा रहा है। जिससे बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों के नाम सामने आ सकें और उनको देश से निकाला जा सके। गुरुवार को संसद में शून्यकाल के दौरान टीएमसी के सांसद सौगत राय ने सरकार पर आरोप लगाते हुए गृहमंत्री से सवाल पूछा की क्या असम से बांग्ला भाषी लोगों को निकालने की साजिश चल रही है..? जिसके जवाब में राजनाथ सिंह ने यह जवाब दिया।

 

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को बताया कि इस अभियान के माध्यम से किसी को जबरन असम से नही निकाला जा रहा है और लोगों को परेशान होने की जरुरत नही है क्योंकि प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है।

 

इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि एनआरसी ड्राइव का उपयोग असम से बंगालियों को निकालने के लिए किया जा रहा है। ममता ने कहा था कि मैं भाजपा को आगाह करती हूं कि आग से खेलें एनआरसी की इस साजिश के साथ लोगों को अपने मूल देश से निकाल दिया जा रहा है। यदि बंगालियों को असम से निष्कासित किया जाता है, तो हम चुप नहीं रहेंगे।



राजनाथ ने कहा, "असम में एनआरसी का काम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हो रहा है अब तक केवल 1.4 करोड़ [1.9 करोड़] लोग पंजीकृत के रूप में दिखाए गए हैं प्रक्रिया अभी भी चल रही है चिंतित होने की जरूरत नहीं है जिनके नाम छोड़ दिए गए हैं, वे न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। यह एक आधारहीन आरोप है कि कुछ लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। "

 

तृणमूल के सदस्य सौगत राय ने शून्यकाल के शुरू होने के तुरंत बाद इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि एनआरसी का उद्देश्य गैरकानूनी रुप से रह रहे आप्रवासियों को बाहर करना है लेकिन हमें डर है कि असम से बंगाली भाषी लोगों को बाहर निकालने की साजिश हो रही है।



वहीं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को कहा था कि पहले एनआरसी ड्राफ्ट में शामिल नहीं किए गए लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि जाति या समुदाय के आधार पर किसी को भी भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को उनकी नागरिकता साबित करने के लिए अवसर मिलेगा। सोनोवाल ने यह भी कहा कि एनआरसी को अंतिम रूप देने के बाद अवैध आप्रवासियों के साथ क्या किया जाए, केंद्र मानवीय आधार पर फैसला लेगा।

 

गौरतलब है कि भाजपा सरकार ने असम में अवैध रुप से बांग्लादेश से आए लोगों को बाहर करने की बात की थी, इन अप्रवासियों में ज्यादातर मुसलमान हैं, 2016 में यह भाजपा का मुख्य चुनावी मुद्दा था। जिसके बाद भाजपा ने  मजबूत बहुमत के साथ चुनाव जीतकर राज्य की अपनी पहली सरकार बनाई और अपने वायदे के तहत एनआरसी रजिस्टर का ड्राफ्ट तैयार करा रही है जिसका पहला ड्राफ्ट जारी हो चुका है।

 

असम में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट जारी,अवैध बांग्लादेशियों को देश से निकालेगी सोनोवाल सरकार

असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए पहले नागरिक एनआरसी प्रारूप को जारी कर दिया गया है। पहले लिस्ट में नागरिकों के रूप में 1.9 लोगों की पहचान कर ली गई है। बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने का प्रयास करने वाले असम के बहुत-प्रत्याशित और नवीनीकृत राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) का पहला हिस्सा, आधी रात को 3.2 करोड़ आवेदकों में से 1.9 करोड लोगों के नाम से जारी किया गया । असम में लाखों लोगों को ये साबित करना है कि उनके माता-पिता 1971 में बांग्लादेश बनने से पहले ही असम में आकर रहने लगे थे।

 

यह अपडेटिंग प्रक्रिया 2015 में शुरू हुई जब असम में पहली बार भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई थी, असम में अवैध रुप से रह रहे आप्रवासियों को वापस भेजने का वायदा बीजेपी ने अपने ऐजेंडे में शामिल किया था।

 

भारत के रजिस्ट्रार जनरल शैलेश के मुताबिक ऑनलाइन जारी किए गए पहले मसौदे से जिन लोगों के नाम गायब हैं, उन्हें अब तक इंतजार करना होगा। बाकी 1.39 करोड़ आवेदकों के लिए सत्यापन प्रक्रिया अब भी जारी है। जिन लोगों के नाम इस लिस्ट में नही है उनको घबराने की जरुरत नही है अंतिम मसौदे के रिलीज के लिए इंतजार करने के लिए सभी को धीरज रखना चाहिए।पूर्ण मसौदे के रिलीज के लिए कोई समयरेखा तय नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निगरानी की जाने वाली प्रक्रिया में कुछ और महीने लग सकते हैं।

 

वहीं मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि 3 करोड़ 28 लाख लोगों में से 2 करोड़ 24 लाख लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पहले मसौदा रजिस्टर में उनके नाम शामिल किए गए. सोनोवाल ने बताया कि ‘‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक एनआरसी के दो और मसौदे होंगे और पहले प्रकाशन में जिन वास्तविक नागरिकों के नाम शामिल नहीं किए गए, उनके दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें शामिल किया जाएगा.’’ इस दौरान असम की सुरक्षा बढा दी गई है। हलांकि किसी अनहोनी की आशंका को खारिज करते हुए सर्वानंद ने कहा कि इस तरह की कोई आशंका नही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों तक मीडिया द्वारा सही सूचना पहुंचाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर निगाह रखी जा रही है एनआरसी के बारे में गलत सूचना देने वालों पर कडी कार्यवाई की जाएगी।

 

असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने बताया है कि पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी क्योंकि उन लोगों से हिंसा की आशंका थी जिनके नाम गायब हैं। लेकिन हिंसा या अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट सोमवार सुबह तक सूचित नहीं की गई है। राज्य भर से एनआरसी से संबंधित किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है। लेकिन हम कुछ दिनों के लिए जागरूक रहेंगे चूंकि ड्राफ्ट ऑनलाइन जारी किया गया था, इसलिए लोगों को एनआरसी कार्यालयों तक पहुंचने में कुछ दिन लग सकते हैं और शारीरिक रूप से यह सत्यापित करें कि उनके नाम सूची में हैं या नहीं। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बीच डर था कि उनके नाम सूची में शामिल होंगे या नहीं। 31 जनवरी तक ड्राफ्ट के ऑनलाइन और भौतिक सत्यापन के अलावा, आवेदक अपने संदेश को टेक्स्ट संदेश के माध्यम से या 24/7 टोल फ्री हेल्पलाइन पर कॉल कर पाएंगे। पहले ड्राफ्ट का वास्तविक सत्यापन पूरे असम में 4,200 एनआरसी केंद्रों से शुरू हुआ। अपने नाम की जांच करने के लिए इंतजार कर रहे लोगों की लंबी लाइनें सुबह से ही कई केंद्रों में देखी गईं।






अब असम में खुलेगा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्‍ली: असम सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयी 587 एकड़ भूमि पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) असम की स्थापना के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी इस बात की जानकारी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि  कैबिनेट ने शत प्रतिशत परिव्यय के साथ यह मंजूरी दी है।

 

राधा मोहन सिंह ने बताया कि आईएआरआई- असम कृषि शिक्षा में उच्चतर अध्ययन का एक स्नातकोत्तर संस्थान होगा और इसमें खेत फसलों, बागवानी फसलों, कृषि वानिकी, पशु पालन, मात्स्यिकि, कुक्कुट पालन, शुकर पालन, रेशम कीट पालन, शहद उत्पादन आदि जैसे कृषि के सभी क्षेत्रों समेत वे सारी हॉलमार्क पहचान होंगी जो नई दिल्ली के आईएआरआई में है।

 

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि आईएआरआई असम द्वारा पूर्वोत्तर भारत में कृषि क्षेत्र के समग्र और टिकाऊ विकास के लिए उत्पादकता, गुणवत्ता एवं लाभप्रदता बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को बढावा देने तथा रोजगार अवसरों का सृजन करने हेतु गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन विकसित करने, किसान अनुकूल प्रौदोगिकियों के सृजन की दिशा में अपने मिशन में अनुसंधान, शिक्षा विस्तार कार्यक्रमों को आरंभ करने के लिए सभी वर्तमान केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के अनुसंधान एवं विकास संस्थानों तथा निजी क्षेत्र के उद्यमों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत की कृषि चुनौतियों एवं जटिलताओं पर कार्य किया जाएगा।

 

राधामोहन सिंह ने बताया कि मोदी सरकार के आने के बाद प्रधानंमंत्री ने घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर राज्यों के कृषि विकास के लिए असम में आईएआरआई स्थापित किया जाएगा। छ माह पहले असम की नयी सरकार ने धेमाजी में जमीन दी है। कैबिनेट ने आज मंजूरी दे दी है अब निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया।

Breaking- दो से ज्यादा बच्चे पैदा किये तो नही मिलगी नौकरी-सरकार ने किया फैसला

गुवाहाटी। असम की बीजेपी सरकार ने एक ऐसा मसौदा तैयार किया है जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। यह मसौदा असम में सरकारी नौकरी को लेकर है जहाँ सोनोवाल सरकार यह नीति बनाने वाली है जिसे तहत 2 से ज्यादा बच्चे वालों को कभी सरकारी नौकरी नही दी जाएगी।इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग के अधीन होने वाले पंचायत, नगर निकाय और स्वायत्त परिषद चुनावों में भी उम्मीदवार के अगर 2 से ज्यादा बच्चे होंगे तो उसकी उम्वीद्वारी अमान्य होगी।

 

यही नही असम के मंत्री हिमंत विश्वसरमा ने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी इस नीति का पालन करना पडेगा यानि अगर आप सरकारी नौकरी पाने के बाद 2 से अधिक बच्चे पैदा करते हैं तो नौकरी से हाथ धोना पडेगा। उन्होंने बताया कि यह मसौदा जनसंख्या नीति है जिसके तहत मैने यह सुझाव दिया है कि दो से अधिक संतान वाले किसी सरकारी नौकरी के पात्र नहीं होंगे।

 

सरकार की सभी योजनाओं का फायदा लेने के लिए चाहे वो ट्रैक्टर पाने की योजना हो, आवास उपलब्ध कराने की हों या ऐसी किसी भी सरकारी योजनाओं के लिए भी यह द्विसंतान नीति लागू किया जाएगा।

प्रियंका चौपड़ा बनीं असम टूरिज्‍म की ब्रांड एंबेसडर

गुवाहाटी, असम के सर्बानंद सोनोवाल सरकार ने बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चौपड़ा को राज्य का पर्यटन ब्रांड एंबेसडर बनाया है। प्रियंका दो सालों के लिए असम में ट्यूरिज्म ब्रांड एंबेसडर बनायी गई है। बता दें कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा पेशकश अस्वीकार किये जाने के बाद प्रियंका को ये मौका मिला।

राज्य के पर्यटन मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि पहले इसके लिए क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से सम्पर्क किया गया,लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर बाद में प्रियंका चौपड़ा से सम्पर्क होने के बाद उनके नाम पर सहमती बनी। हालांकि हेमंत शर्मा ने सचिन द्वारा अस्वीकार किए जाने का खुलासा नहीं किया।

 

प्रर्यटन मंत्री हेमंत शर्मा ने कहा कि इस डील में कोई लागत नहीं है,सिर्फ शूटिंग और विज्ञापन के लिए पैसे देने होंगे,क्योंकि वो अन्य कामों से समय निकालकर ऐसा करेंगी। साथ ही मंत्री ने कहा कि वह प्रदेश में होने वाले इंटरनेश्नल टूर ऑपरेटर्स कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 24 दिसंबर को गुवाहाटी पहुंच रही हैं।

नई पंचलाईन के साथ असम टूरिज्म का नया लोगो -प्रियंका होंगी ब्रांड एम्बेसडर

असम की भाजपा सरकार ने असम टूरिज्म का नया लोगो लॉन्च किया है इस लोगो का पंचलाइन होगा "awesome Assam" और सरकार प्रियंका चोपडा को असम का ब्रांड एम्बेस्डर बना के असम टूरिज्म को प्रमोट करेगी। इस के लिए असम सरकार के वित्त मंत्री हेमंत विसवा सरमा ने 15 करोड का बजट भी निर्धारित किया है।असम के इस नये लोगो में असम प्रदेश की खासियत एक सींग वाला गैंडे का सींग असम की चायपत्ती और ब्रहम्पुत्र नदी को दिखाया गया है। असम कई मायनों मे देसी और विदेशी पर्यटकों को अपने ओर खींचने में कामयाब रहा है , मगर पब्लिसिटी के आभाव में पर्यटकों की संख्या में बढोत्तरी नही हो पा रही है।सरना ने कहा हम अगले २ नही ने में नये लोगो और नये पंचलाइन के साथ देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कंपेन चलाऐंगे।इसके अलावा एक पर्यटन स्थल के रूप में असम को बढ़ावा देने के लिए एक संभावित मीडिया के रूप में सिनेमा पर नजर गड़ाए हुए, सरमा ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को राज्य के विभिन्न स्थानों में शूटिंग के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। "इतना ही नही असम को फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा जगह बनाने के लिए विशेष प्रचार किया जाएगा

कामाख्या और माजुली का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि इन दोनों जगहों पर तीर्थयात्रियों के आने का कारण धार्मिक और आध्यात्मिक झुकाव है यहाँ पर्यटकों के आने की भारी गुंजाइश है इसलिए राज्य सरकार ने पहले ही कामाख्या मंदिर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 33 करोड़ रुपये का बजट दे दिया है।केन्द्र सरकार ने असम पांच राष्ट्रीय पार्क काजीरंगा, ओरंग, डिब्रू-साइखोवा, मानस और नामेरी के लिए 120 करोड़ रुपये की राशि पहले ही आवंटित कर चुकी है। हेमंत विसवा सरमा ने ये भी बताया कि राज्य सरकार शीर्ष सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, हुडको और एनएचपीसी के संपर्क में है जिससे राज्य सरकार अपने सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करने का आग्रह करेंगी।

 

असम के कोकराझार में आतंकी हमला "काले कपडों" में हैं आतंकी

गुवाहाटी, असम के कोकराझार जिले में शुक्रवार को ग्रेनेड से ब्लास्ट हुआ हमला बालजान मार्केट में किया गया जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई, और कई घायल हैं। हमलावरों ने काले कपड़े पहने पहन रखे थे उन्होंने एके 47 से जमकर फायरिंग और गोलाबारी की।

 

मरने वालों की संख्या और भी बढ सकती है वहीं सुरक्षा बलों ने एक हमलावर को मार गिराया है और एनकाउंटर जारी है। इस हमले को लेकर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात कर मामले की पूरी जानकारी मुहैया करवाई है गृह मंत्रालय भी तुरंत एक्टिव हो गया है।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटोरिक्शा से 7-8  की संख्या में हथियारों से लैस उग्रवादियों ने बाजार में अंधाधुंध गोलाबारी की। इस घटना में NDFB उग्रवादियों के हाथ होने की संभावना है। स्थिति को काबू करने के लिए भारी संक्या में सेना में सुरक्षा बल को घटना स्थल पर भेजा जा रहा है। एक हमलावर के मारे जाने की भी खबर है।

सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्‍व में असम को बेहतर सरकार देंगे- राम माधव

असम  विधासभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन को बड़ी जीत मिली, इस जीत पर भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि यह पूरे देश के लिए एक अहम संदेश है और यह संदेश एक उचित समय पर आया है। माधव ने कहां देशभर में असम के चुनाव के बारे में एक जिज्ञासा थी। परिणाम बहुत महत्वपूर्ण है और यह पूरे देश के लिए एक स्पष्ट संदेश है और यह बिल्कुल सही समय पर आया है।

 बीजेपी नेता राम माधव ने कहा कि सीएम पद के उम्मीदवार सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्‍व में असम को बेहतर सरकार देंगे। असम को विकसित राज्‍य बनाएंगे। हमारी जीत मां कामख्‍या को समर्पित है। हमारी जीत ब्रह्मपुत्र और शंकरदेव को समर्पित है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राम माधव ने कहा कि असम का फैसला कांग्रेस के लिए बड़ी सीख है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश में हर जगह नकारा जा रहा है और उन्हें इससे सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के इस चरण का अपना महत्व है और इसने दिखाया है कि कांग्रेस ने ‘वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मिली हार से कोई सबक नहीं लिया।’ उन्होंने कहा कि लोग अब भी कांग्रेस को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। हमने कांग्रेस-मुक्त भारत का आह्वान किया है और लगता है कि लोगों ने इसे बेहद गंभीरता के साथ लिया है। 

राम माधव ने कहा कि भाजपा सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में असम में सरकार बनाएगी और पार्टी अपने विकास एजेंडे को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारे पार्टी प्रमुख अमित शाही औरहमारे स्थानीय नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण चुनाव जीते।

Tagged under

PK नही, अब RS का चलेगा जादू ,बीजेपी को मिला नया कंपेन गुरु

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पीके यानी प्रशांत किशोर नहीं आरएस यानि रजत सेठी चलेगा। समय के साथ वस्तुओं और व्यक्तियों में ग्रहों के साथ चक्र चलता रहता है 2014 में भा ज पा जैसी संगठनिक आधार वाले दल को चुनावप्रचार प्रबंधन के लिए प्रबंधन की उच्च शिक्षा प्राप्त प्रशांत किशोर को लाया गया और आशानुरूप परिणाम मिला केन्द्र में सरकार बनने के बाद भारी भरकम पैकेज पर आये पीके की अपेक्षायें बढ गईं और उन्होंने बीजेपी से कुछ एसी डिमांड की जो मोदी सरकार प्रशांत किशोर को दे नही सकी परिणाम स्वरुप महत्वाकांक्षी पीके घर का भेदी लंका ढाए के मुहावरे को चरितार्थ करते हुऐ अन्य बीजेपी विरोधी दलों से जा मिले। अन्य दलों ने भी जल्द ही उन्हे लपक लिया और मोदी के कट्टर प्रतिद्वंद्वी नितीश कुमार ने पीके को भा ज पा से अपने पाले में लाने में सफल हो गये । प्रशांत किशोर ने नितीश कुमार के लिए बिहार में कंपेन किया और बिहार में महागठबंधन की सरकार भी बना दी मगर ये बात भी गौर करने वाली थी कि प्रशांत ने जिसका इलेक्शन कंपेन नही किया उसकी सीटें नितीश की पार्टी से ज्यादा आ गईं यानि कि लालू की पार्टी आरजेडी की जिसे जेडीयू से भी ज्यादा सीटें मिलीं । लेकिन महागठबंधन की जीत में प्रशांत की यह हार दब के रह गई। प्रशांत को भी लगा की सफलता सदैव मेंरे पाले में रहने को मजबूर है। नितीश ने इन्हें एक कुशल प्रबंधक से कैविनेट मिनिस्मेंटर के पद से नवाज दिया ।

मगर अब तक भाजपा ने पीके के बदले असम के लिए रजत सेट्ठी को लगा दिया था। तमाम राजनैतिक विश्लेषकों ने कहा पीके को इतना अनुभव है रजत अभी नये हैं पर उसी समय से अपने लक्ष्य पर जमे रजत ने चुपचाप विना किसी की बात सुने मिशन असम पर लग गये और आज पीके पर आरएस यानि रजत सेट्ठी भारी पड गये। प. बंगाल में भी कमल का खाता खुल गया यानि कोई नाम बर्षों बर्ष नहीं चलता समय के साथ नाम और काम से पहचान बनती है, अब आज रजत एक ऐसा नाम उभर कर आया कि पीके उसकी तपिस में छुपता दिख रहा है।

 अब जहाँ प्रशांत किशोर देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश में डूबी हुई काग्रेस को पटरी पर लाने के लिए तमाम कवायदें करने के बाद भी विधान सभा चुनाव 2017 में सफलता असम्भव नजर आ रही है, वही भारतीय जनता पार्टी को रजत सेठी के रुप में नया हीरा मिल गया है। असम की तर्ज पर यदि उत्तर प्रदेश में  भी रजत सेट्ठी जैसा कुशल प्रबंधन शिल्पी लग गया तो जाति धर्म क्षेत्र के नाम पर चुनाव लडने वाले दलों का सफाया होकर राष्ट्रीय दलों के बीच महान गणतंत्र का डंका बीजेपी बजायेगी और एक बार फिर पीके को आर एस से मुंहकी खानी पडेगी।

-रिपोर्ट श्याम लाल शुक्ल नमामि भारत

सबका आनंद-सर्बानंद, असम में पहली बार भाजपा सरकार

नई दिल्ली , इलेक्शन के बाद के सर्वे की माने तो असम में इस बार भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है, लगभग सभी सर्वे कंपनियों नें बीजेपी की बढत दिखाई है, ABP-NIELSON सर्वे ने जहाँ बीजेपी को 81 सीटें दी हैं तो आजतक के सर्वे में 79-93 सीटें बीजेपी गठबंधन को दी हैं।असम में सी वोटर के मुताबिक कांग्रेस को 41, बीजेपी को 57, एआईयूडीएफ को 18 और अन्य को 10 सीटें मिलने की संभावना। जाहिर है असम में इस बार तरुण गोगई की बिदाई तय है। कांग्रेस के हाथ से असम भी जाता हुआ दिख रहा है।

Subscribe to this RSS feed
loading...

New Delhi

Banner 468 x 60 px